नई दिल्ली। Retail inflation: जुलाई में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़ी है। यह बढ़कर 4.45% हो गई है। जून में यह 4.38% थी। ऐसा खाने-पीने की चीजों की कीमतें ज्यादा रहने और कुल मिलाकर कीमतों पर दबाव बढ़ने की वजह से हुआ। सरकार के बुधवार को जारी आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई।
लेटेस्ट कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) का आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मीडियम-टर्म महंगाई लक्ष्य से ऊपर रहा। लंबे समय तक कम रहने के बाद जून में महंगाई दर सेंट्रल बैंक के लक्ष्य से ऊपर चली गई थी।
क्या है RBI का टारगेट
- RBI को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक की पांच साल की अवधि के लिए खुदरा महंगाई दर को 4% पर बनाए रखने का काम सौंपा गया है। इसके लिए टॉलरेंस रेंज 2% से 6% रखी गई है।
- 5-7 अगस्त को रॉयटर्स के 40 अर्थशास्त्रियों के पोल में अनुमान लगाया गया था कि खुदरा महंगाई दर जून के 4.38% से बढ़कर जुलाई में 4.50% हो जाएगी।
- जुलाई की महंगाई दर का आंकड़ा उस समय के बाद सबसे ज्यादा रहा है जब भारत ने इस साल की शुरुआत में नए बेस ईयर और अपडेटेड कंजम्पशन बास्केट के साथ अपनी संशोधित CPI सीरीज अपनाई थी।
खाने-पीने की चीजों की महंगाई
कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) से मापी जाने वाली खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर जून के 5.32% से बढ़कर जुलाई में 5.52% हो गई। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 5.79% रही। वहीं, शहरी इलाकों में यह कम यानी 5.05% थी।
- खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर में बढ़ोतरी कई अहम चीजों में देखी गई।
- जुलाई में प्याज की महंगाई दर जून के 4.73% से बढ़कर 22.54% हो गई।
- वहीं, लहसुन की महंगाई दर 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई।
- अदरक की महंगाई दर जून के 50.41% से बढ़कर 83.62% हो गई।

