मुम्बई। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा अगस्त 2026 में 84.50 करोड़ लीटर एथनॉल की खरीद की गई और 980 अरब लीटर मिश्रित पेट्रोल तैयार किया गया। आखिरकार सरकार ने वाहन मालिकों की मर्जी के खिलाफ जाकर पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर ही लिया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में ओएमसी द्वारा अगस्त 2026 तक कुल 8.95 अरब लीटर एथनॉल की खरीद की गई और 9.38 अरब लीटर का मिश्रण तैयार किया गया। इस तरह समीक्षाधीन अवधि में भी 20 प्रतिशत मिश्रण के लक्ष्य को बरकरार रखा गया।
उल्लेखनीय है कि सरकार पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण की प्रक्रिया को नियमित रूप से जारी रखना चाहती है क्योंकि इससे क्रूड खनिज तेल के आयात पर निर्भरता घटाने तथा उस पर खर्च होने वाली राशि में कटौती लाने में सहायता मिलती है, देश में हरित ऊर्जा का प्रचार-प्रसार बढ़ता है और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को समर्थन मिलता है।
2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए ओएमसी ने 10.50 अरब लीटर एथनॉल की आपूर्ति का आर्डर जारी किया है और डिस्टीलर्स द्वारा उसे प्रत्येक माह इसकी सप्लाई की जा रही है। इसमें सर्वाधिक अंश मक्का से निर्मित एथनॉल का है।
इसके अलावा गन्ना जूस एवं सीरप, बी-हैवी शीरा, सी-हैवी शीरा, भारतीय खाद्य निगम 20 अधिशेष चावल एवं अन्य क्षतिग्रस्त अनाज आदि से भी बड़े पैमाने पर एथनॉल का उत्पादन किया जा रहा है।

