संसार में भगवान महावीर के दर्शन से ही सुरक्षित रह सकती है मानवता

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प्रशांत जैन लिखित पुस्तक ‘महावीर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक’ का विमोचन

कोटा। आईआईटीयन लेखक प्रशांत जैन द्वारा लिखित पुस्तक “महावीर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक” का विमोचन समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। समारोह में क्षेत्र के कईं गणमान्य प्रबुद्धजनों एवं अतिथियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर बीएल वर्मा ने पुस्तक के प्रति अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें शाश्वत सिद्धांतों की बहुत सुंदर और प्रासंगिक विवेचना की गई है। समाज को प्रगति पथ पर आगे ले जाने में “जीओ और जीने दो” की भावना एक वैश्विक शांति का महामंत्र बन सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित सकल जैन समाज कोटा की संघ संयोजिका रेखा हिंगड़ ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति का मन दुखी न हो, यही जीवन का सबसे बड़ा सिद्धांत है। उन्होंने समाज में संवेदनशीलता और करुणा की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सुसंस्कृत बनाने और अपनी समृद्ध परंपरा एवं संस्कृति को महत्व देने के संस्कार दिए जाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की तमाम समस्याओं का समाधान केवल शांति और अहिंसा के मार्ग पर ही संभव है। आज के समय में सिद्धांतों को जीवन में उतारकर हिंसा व आतंकवाद जैसी समस्याओं को दूर करने की दिशा में गंभीर पहल होनी चाहिए।

इसके साथ ही, आईपीएस अधिकारी प्रवीण जैन ने कहा कि मूल सिद्धांतों के अभाव में तकनीक का अति-उपयोग और हिंसा पूरे विश्व को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी एक दृष्टिकोण पूर्णतः सत्य नहीं हो सकता, इसलिए हमें अनेकांत और सहअस्तित्व के भाव को अपनाना होगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महावीर स्वामी के दर्शन को अपनाकर ही यह धरती और मानवता सुरक्षित रह सकती है। अहिंसा, करुणा और मैत्री का यह पावन दर्शन ही विश्व को विश्व-बंधुत्व की दिशा में ले जा सकता है।

पुस्तक के लेखक प्रशांत जैन ने बताया कि उनकी यह पुस्तक “शाश्वत सिद्धांतों से आधुनिक युग के लिए मार्गदर्शन” के विचार पर आधारित है। इसमें आधुनिक मानव के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शन है, जो ज्ञान, नैतिकता और तकनीक के समन्वय से एक बेहतर मानवता, बेहतर समाज और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।