नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव करने का फैसला किया है। अगले साल से यह परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर (ओएमआर शीट) पैटर्न के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
जब नीट-यूजी जैसी विशाल परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी, तो लाखों अभ्यर्थियों को एक साथ सुरक्षित वातावरण में परीक्षा दिलाने के लिए देशभर में पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता होगी। इसी चुनौती से निपटने और देशभर में एक संतुलित परीक्षा नेटवर्क तैयार करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने हाथ मिलाया है।
इसके तहत एआईसीटीई ने अपने से मान्यता प्राप्त सभी सरकारी तकनीकी विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और प्रबंधन विभागों से उनके बुनियादी ढांचे का पूरा ब्योरा मांगा है।
15 सितंबर तक संस्थानों को जमा करना होगा ब्योरा
एआईसीटीई ने सभी पात्र सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को एक निर्धारित प्रारूप में 15 सितंबर तक अपनी उपलब्ध सुविधाओं की सही और पूर्ण जानकारी जमा करने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों द्वारा दी जाने वाली रिपोर्ट संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित होनी चाहिए। संस्थानों से मुख्य रूप से ये जानकारियां मांगी गई हैं-
- कंप्यूटर संसाधन: संस्थान में उपलब्ध और पूरी तरह चालू स्थिति वाले कंप्यूटरों की सटीक संख्या।
- आईटी ढांचा व नेटवर्क: कंप्यूटर लैब की स्थिति, नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी।
- बिजली बैकअप: निर्बाध बिजली की आपूर्ति, जनरेटर और यूपीएस (UPS) पावर बैकअप की क्षमता।
- सुरक्षा इंतजाम: परिसर और लैब्स में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की कवरेज व अन्य सुरक्षा मानक।
- खाली स्थान: केंद्र विकसित करने के लिए उपलब्ध खाली या अनुपयोगी जगह की पूरी डिटेल्स।
सरकारी संस्थानों में बनेंगे स्टैंडर्ड परीक्षा केंद्र
संस्थानों से प्राप्त जानकारी को एआईसीटीई द्वारा एनटीए के साथ साझा किया जाएगा। इसके आधार पर एनटीए उन सरकारी संस्थानों का मूल्यांकन करेगी जिन्हें भविष्य में मानक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। इससे न केवल दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अपने नजदीकी सरकारी कॉलेज में ही सुरक्षित परीक्षा केंद्र की सुविधा मिलेगी, बल्कि निजी केंद्रों पर निर्भरता कम होने से फर्जीवाड़े और अव्यवस्था पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी।

