जयपुर। Ban on foreign travel of ministers: राजस्थान सरकार ने मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है और साथ ही सभी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल गवर्नेंस और सरकारी खर्च में कमी लाने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन की बचत और अनावश्यक सरकारी खर्चों में कटौती करने की अपील के बाद ये फैसला लिया है।
वित्त विभाग ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है जिसमें वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन, ट्रांसपोर्ट, सरकारी खर्च में कटौती और पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री अपने गाड़ियों के काफिले में कटौती करेंगे और इसी तरह मंत्री और निगमों, बोर्ड और आयोगों आदि के प्रमुख भी अपने काफिले में कटौती करेंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार-पूलिंग को प्राथमिकता देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
सर्कुलर में कहा गया है कि सरकारी कामकाज के लिए भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदे जाएंगे और मौजूद पेट्रोल-डीजल वाहन को चरणबद्ध तरीके से ईवी में तब्दील किया जाएगा। पहले चरण में उन अधिकारियों के लिए केवल ईवी खरीदे जाएंगे, जिनका अधिकांश कामकाज शहर के भीतर ही होता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग
डिजिटल गर्वनेंस को बढ़ावा देने के लिए भजनलाल सरकार ने फैसला किया है कि विभाग जितना संभव हो सके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग रखें। इसके साथ ही दफ्तरों में ई-ऑफिस और ई-फाइल्स का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। कागजी पत्राचार के बजाय ‘राज-काज पोर्टल को तवज्जो दी जाए। वहीं जितना संभव हो ‘कर्मयोगी पोर्टल’ का इस्तेमाल कर ट्रेनिंग प्रोग्राम को ऑनलाइन रखा जाए।
सोलर पैनल को बढ़ावा
सुर्कुलर में ऊर्जा विभाग को पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल को बढ़ावा देना जबकि कृषि विभाग को प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही यूरिया के उपयोग में कमी और उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान पहला राज्य नहीं
आपको बता दें कि राजस्थान पहला राज्य नहीं है जिसने पीएम मोदी की अपील के बाद ये निर्देश जारी किए हैं इससे पहले भी अन्य बीजेपी शासित राज्य भी लगभग इसी तरह के निर्देश जारी कर चुके हैं। सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। इन निर्देशों को लागू करवाने की जिम्मेदारी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की होगी।

