Monday, May 11, 2026
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कोटा डेयरी में चेयरमैन राठौड़ ने किया एक करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

कोटा। कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. में बुधवार को विकास की नई इबारत लिखी गई, जब कोटा डेयरी परिसर में विभिन्न विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण किया गया। संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने फीता काटकर इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

डेयरी के प्रबंध संचालक दिलखुश मीणा ने बताया कि लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण अध्यक्ष राठौड़ ने किया।

इन कार्यों में प्रशासनिक भवन परिसर में लेखा शाखा का विस्तार, डेयरी संयंत्र परिसर में दुग्ध उत्पाद भवन, आधुनिक प्रयोगशाला एवं एगमार्क भवन का निर्माण तथा डेयरी डॉक के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।

इस अवसर पर अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ होना समय की आवश्यकता है। इन विकास कार्यों से न केवल दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि संघ किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे, जिससे क्षेत्र के दुग्ध व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिल सकें।

भारत के भू भाग पर रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू: मुरलीधर

कोटा। भारत विश्व को आदिकाल से ही ज्ञान और दिशा देने का कार्य करता रहा है। क्योंकि हिंदुत्व सदियों से प्रकृति पूजक एवं प्रकृति का संरक्षक रहा है।

यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़ प्रांत प्रचारक मुरलीधर ने महावीर नगर तृतीय स्थित स्वामी विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय मे चल रहे क्षेत्रीय प्रधानाचार्य वर्ग में अपने उद्बोधन में कहीं।

प्रांत प्रचारक ने बताया कि हिंदुत्व, ज्ञान और विवेक का संगम है। इसलिए हिंदुत्व एक वैश्विक धर्म है किंतु अन्य पंथ एवं पूजा पद्धति में अपने विचारों से भ्रम पैदा कर भारतीय धर्म को नीचा दिखाने का प्रयत्न किया है।

लुटेरों, आक्रांताओं ने लंबे समय तक के गुलामी काल में भारत देश की मूल छवि को कमजोर करने का प्रयत्न किया है। नई पीढ़ी के लोग राष्ट्रीयता पर भ्रमित कर दिए गए, एवं सेकुलर जैसे शब्द पैदा किए गए, जो संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। भारत के भू भाग पर रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है, जो जड़ चेतन में ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति करता है।

नदियों, पहाड़ों की पूजा करता है। विद्यालय प्रधानाचार्य एवं वर्ग सह प्रबंध प्रमुख महेश शर्मा ने बताया कि प्रारंभ में मंचस्थ अतिथियों ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। फिर एकल गीत प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविंद कुमार, वर्ग के पालक एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भरतराम कुम्हार, वर्ग संयोजक नवीन कुमार झा, जोधपुर प्रांत निरीक्षक भगवत दान, वर्ग प्रबंध प्रमुख सतीश कुमार गौतम, प्रशिक्षक टोली के अधिकारी व प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

पॉलीथिन का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा

सामुदायिक सेवा सप्ताह के तहत पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

कोटा। श्री गिरधर गोपाल राजमल सर्राफ चैरिटेबल ट्रस्ट एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट एंड गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के ग्रुप, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सामुदायिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत पॉलीथिन उन्मूलन विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पॉलीथिन के दुष्प्रभावों से अवगत कराना रहा। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के मुखिया संजय गोयल ने की जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रवीण कुमार शर्मा ने किया।

मुख्य वक्ता प्रकाश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पॉलीथिन का बढ़ता उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पॉलीथिन नष्ट नहीं होता और भूमि की उर्वरता को प्रभावित करता है, साथ ही जल स्रोतों को भी प्रदूषित करता है।

उन्होंने सभी से अपील की कि वे पॉलीथिन का उपयोग बंद कर कपड़े या जूट के थैलों को अपनाएं। उन्होंने स्काउट-गाइड के सदस्यों को इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अध्यक्षता कर रहे संजय गोयल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से बड़े बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दियाl

कार्यक्रम का सफल संचालन कर रहे प्रवीण कुमार शर्मा ने भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ आदतें अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्काउट-गाइड सदस्यों ने पॉलीथिन का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। संगोष्ठी में पॉलीथिन के दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई और वैकल्पिक उपायों पर भी प्रकाश डाला l कार्यक्रम ने सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने और पॉलीथिन मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया।

श्रीमद् भागवत कथा कॉमर्स कॉलेज के मैदान में कल से, शोभायात्रा आज

नर्मदेश्वर स्थापना, विवाह महोत्सव, प्राण प्रतिष्ठा एवं पंच कुंडीय महायज्ञ शुरू

कोटा। श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति विज्ञान नगर के तत्वावधान में भगवान नर्मदेश्वर स्थापना, शिव-पार्वती विवाह महोत्सव और भव्य पंच कुण्डीय महायज्ञ के साथ-साथ श्रीमद् भागवत के मूल पाठ एवं श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार से विनायक स्थापना के साथ भक्तिपूर्ण माहौल में हो गया है।

समिति के महंत पं. अशोक तिवारी ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि यह 10 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 15 मई तक निरंतर चलेगा।

उन्होंने बताया कि ​महोत्सव के दूसरे दिन, गुरुवार को दोपहर 2 बजे पीएनटी कॉलोनी से एक विशाल भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में 3001 महिलाऐं पारंपरिक वेशभूषा में अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर सम्मिलित होंगी।

यात्रा का मार्ग पीएनटी कॉलोनी से प्रारंभ होकर कॉमर्स कॉलेज होते हुए जनता डेयरी के सामने स्थित श्री मंगलमय चमत्कारी धाम मंदिर पर संपन्न होगा। शोभायात्रा में बैंड बाजे, ढोल ताशे दल, ध्वज, धार्मिक झांकियां एवं संत महात्मा उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि ​श्रीमद् भागवत कथा का वाचन देश के सुप्रसिद्ध कथाव्यास भगवत भास्कर कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज के द्वारा कॉमर्स कॉलेज के मैदान में किया जाएगा। इस दौरान 12 मई को शाम 6 बजे भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। बारात में भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होकर निकलेंगे।

साथ ही, भगवान विष्णु गरुड़ पर और माता लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति और हनुमान जी की झाँकियाँ बग्घियों में सजेंगी। बारात में सप्त ऋषि मंडल, अघोरी दल, ढोल-ताशा दल और बैंड-बाजे शामिल होंगे। वहीं 13 मई को गोधूलि बेला में शाम 6:30 बजे दिव्य शिव-पार्वती विवाह संपन्न कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 15 मई 2026 को मंदिर परिसर में एक विशाल आम भंडारा आयोजित किया जाएगा। जहाँ हज़ारों श्रद्धालुओं के लिए “प्रभु इच्छा तक” भोजन की व्यवस्था रहेगी। समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और यातायात के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

यह रहेगा कथा का समय

  • 8 से 9 मई: दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक।
  • ​10 मई: शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक।
  • ​11 से 14 मई: दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में धनिया 200 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को धनिया 200 रुपये उछल गया। मिलर्स की मांग से सोयाबीन 50 रुपये और सरसों 100 रुपये तेज बिकी। आवक की कमी से चना 25 रुपये और मक्का 100 रुपये तेज बिकी।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार मई का धनिया वायदा 98 रुपये तेज होकर 12844 रुपये, जून का वायदा 128 रुपये उछल कर 12984 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब ढाई लाख कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2400 से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2525 से 2630, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4100, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6500, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6500 से 6750, सरसों 6400 से 7301, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5270, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 2500 से 15000, मैथी नयी 5800 से 6650, धनिया बादामी 11000 से 11500, धनिया ईगल 11500 से 12300, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

तमिलनाडु में विजय ने बिना बहुमत के पेश किया सरकार बनाने का दावा

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने राज्य में सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उसमें 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, राज्यपाल अभी तक टीवीके के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पार्टी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं।

ऐसे समझें बहुमत का गणित
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। इस चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस पार्टी ने टीवीके को अपना समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस के पास विधानसभा में 5 सीटें हैं।

कांग्रेस के समर्थन के बाद विजय की पार्टी टीवीके के गठबंधन की संख्या 234 सदस्यीय विधानसभा में 113 तक पहुंच गई है। क्योंकि विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर ही जीत हासिल की थी। ऐसे में अब उनको एक सीट छोड़नी होगी।

इसके बाद टीवीके का आंकड़ा 112 विधायकों का ही रह जाता है। अब 118 के बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए पार्टी को कम से कम छह और विधायकों की आवश्यकता होगी। इसे लेकर विजय ने वीसीके, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?
विधानसभा चुनाव में डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं। अन्य दलों में पीएमके को 4 और आईयूएमएल को 2 सीटें मिली हैं। सीपीआई, वीसीके और सीपीआईएम को भी 2-2 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके के खाते में 1-1 सीट आई है। टीवीके सबसे ज्यादा 108 सीटें मिली हैं।

कब होगा शपथ ग्रहण?
राज्यपाल से मुलाकात के बाद अब सरकार गठन की औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, विजय 7 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। विजय के राजनीति में आने और पहली बार में ही इतनी बड़ी जीत दर्ज करने से राज्य के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

कांग्रेस ने डीएमके से तोड़ा पुराना नाता
कांग्रेस ने लंबे समय से सहयोगी रही डीएमके से नाता तोड़कर सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके को अपना समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस ने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय के समर्थन मांगने के बाद यह फैसला लिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए पार्टी मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में पटाखे फोड़े।

स्पीकर बिरला ने ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब को भूखंड आवंटन पर दिलाया भरोसा

कोटा। ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने बुधवार को अध्यक्ष सुनील माथुर के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर क्लब के लिए लंबित पड़े भूखंड आवंटन एवं पत्रकार आवासीय योजना के भूखंड की लाटरी शीघ्र निकालने के लिए आग्रह किया।

अध्यक्ष सुनील माथुर एवं महासचिव अनिल भारद्वाज ने आरके पुरम स्थित संस्थागत भूखंड आवंटन की लंबित प्रक्रिया पर चर्चा की, इस पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विस्तार पूर्वक पूरे मामले की जानकारी लेते हुए अतिशीघ्र भूखंड आवंटन का विश्वास दिलाया।

साथ ही उन्हे रियायती दर पर भूखंड देने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि वह इस संदर्भ में सरकार से वार्ता कर समस्या का समाधान करवाने का पूरा प्रयास करेंगे।

साथ ही चन्द्रेसल आवासीय योजना में पत्रकारों को दिए जाने वाले भूखंड में जो व्यवधान आ रहा है, उस विषय पर भी पूरी बात को गंभीरता से सुना और इस मामले का भी शीघ्र निस्तारण की बात कही।

ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब के पत्रकारों ने शहर के ज्वलंत मुद्दों व विकास पर भी चर्चा की। इसके साथ ही पत्रकारों को आ रही अन्य समस्याओं से भी बिरला को अवगत कराया।

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत शर्मा, उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य संजय वर्मा, लेखराज शर्मा, रुबीना काजी, पवन आहूजा, केएल जैन, सुबोध जैन, श्याम रोहिडा व कय्यूम अली भी उपस्थित रहे।

कुराड़ में बदहाल सफाई व्यवस्था पर ऊर्जा मंत्री नागर ने जताई कड़ी नाराजगी

कनवास/कोटा। राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बुधवार को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के सघन दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के कुराड़, बंबोरी और बंबूली सहित विभिन्न गांवों का भ्रमण कर वहां चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का धरातलीय निरीक्षण किया।

मंत्री नागर ने बंबूली से सुहाना ग्रेवल सड़क, बंबूली से थूमडा ग्रेवल सड़क और बंबूली से कुराड़ के बीच बन रही मिसिंग लिंक सड़क के कार्यों की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान जब मंत्री हीरालाल नागर कुराड़ गांव पहुंचे, तो वहां जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों और बदहाल सफाई व्यवस्था को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। सड़कों के किनारे उगी झाड़-झंखाड़, जाम पड़ी नालियां और बिखरे हुए कचरे को देख मंत्री ने तत्काल मौके से ही विकास अधिकारी (BDO) को फोन लगाकर फटकार लगाई।

उन्होंने निर्देश दिए कि गांव में सफाई व्यवस्था का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए और यह सुनिश्चित हो कि कचरा केवल निर्धारित ‘कचरा पॉइंट’ पर ही डाला जाए।

मंत्री नागर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो पशुपालक या ग्रामीण सड़कों पर गोबर और कचरा डालकर गंदगी फैला रहे हैं, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किए जाएं।

उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई कार्य में बाधा डालने वालों या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस का सहयोग लिया जाए। मंत्री ने कहा कि यदि समझाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्तियों को धारा 151 के तहत पाबंद किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

गांव की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था पर चिंता जताते हुए ऊर्जा मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को 5 दिन का समय दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले पांच दिनों के भीतर पूरे गांव की सफाई हो जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो नालियां लंबे समय से जाम हैं या जिनमें झाड़ियां उग आई हैं, उनकी सफाई के लिए आवश्यकतानुसार मशीनों का उपयोग किया जाए ताकि जल निकासी सुचारू हो सके। मंत्री नागर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प को पूरा करने में सहयोग करें और अपने आसपास सफाई बनाए रखें। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।

ग्राम रथ के माध्यम से योजनाओं का प्रचार
ग्राम बंबोरी में आयोजित ‘ग्राम रथ’ कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने रथ को हरी झंडी दिखाई और ग्रामीणों को राजस्थान सरकार की जनहितकारी एवं विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आह्वान किया कि ग्रामीण जागरूक बनकर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

दोहरीकरण चलते कोटा-मन्दसौर की चार गाड़ियां आंशिक रूप से प्रभावित

कोटा। रतलाम मंडल के रतलाम–नीमच खंड में दलौदा से मन्दसौर स्टेशन के मध्य दोहरीकरण कार्य  के कारण रेल प्रशासन द्वारा कोटा मंडल से संचालित होने वाली 4 गाड़ियों को शॉर्ट टर्मिनेट एवं शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा।

  1. गाड़ी सं. 19816 कोटा-मन्दसौर इंटरसिटी एक्सप्रेस को दिनांक 06.05.2026 से 08.05.2026 तक नीमच स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। यह गाड़ी नीमच से आगे मन्दसौर तक निरस्त रहेगी।
  2. गाड़ी सं. 19815 मन्दसौर-कोटा इंटरसिटी एक्सप्रेस को दिनांक 06.05.2026 से 08.05.2026 तक नीमच स्टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा। यह गाड़ी मन्दसौर से नीमच के मध्य निरस्त रहेगी।
  3. गाड़ी सं. 59833 कोटा-मन्दसौर पैसेंजर को दिनांक 07.05.2026 को नीमच स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। यह गाड़ी नीमच से आगे मन्दसौर तक निरस्त रहेगी।
  4. गाड़ी सं. 59834 मन्दसौर-कोटा पैसेंजर को दिनांक 07.05.2026 को नीमच स्टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा। यह गाड़ी मन्दसौर से नीमच के मध्य निरस्त रहेगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है है कि यात्रा से पूर्व गाड़ी की अद्यतन स्थिति की जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस ऐप के माध्यम से अवश्य प्राप्त करें।

अप्रैल में सर्विस सेक्टर में जोरदार तेजी, PMI 5 महीने के टॉप पर

नई दिल्ली। Services PMI India: सर्विस सेक्टर की ग्रोथ को लेकर बड़ा बूस्ट देखने को मिला है। बुधवार को जारी HSBC इंडिया सर्विसेज PMI के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, ई-कॉमर्स गतिविधियों में तेजी और नए ऑर्डर्स में सुधार के चलते अप्रैल में भारत की सर्विस सेक्टर की गतिविधियां पांच महीनों टॉप पर पहुंच गईं। सीजनली एडजस्टेड इंडेक्स मार्च के 57.5 के 14 महीने के निचले स्तर से बढ़कर अप्रैल में 58.8 पर पहुंच गया।

सर्वे के मुताबिक, यह दमदार ग्रोथ मजबूत घरेलू मांग, नए ऑर्डर्स, प्रतिस्पर्धी कीमतों और ई-कॉमर्स गतिविधियों में तेजी के चलते हुई, जबकि पश्चिम एशिया युद्ध के चलते निर्यात ग्रोथ कमजोर रही और लागत का दबाव ऊंचा बना रहा।

HSBC की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा, “भारत का सर्विसेज PMI अप्रैल में बढ़कर पांच महीने के टॉप 58.8 पर पहुंच गया। गतिविधियों और नए ऑर्डर्स में मजबूती आई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर्स में नरमी रही। इससे संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच मांग विदेशी बाजारों से घरेलू उपभोक्ताओं की ओर शिफ्ट हो रही है।

इनपुट लागत महंगाई में कुछ कमी आई, लेकिन यह अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जबकि आउटपुट प्राइस महंगाई सीमित रही। इसका मतलब है कि कुछ कंपनियां बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डालने के बजाय खुद वहन कर रही हैं। भारत का कंपोजिट PMI भी मार्च के 57.0 से बढ़कर अप्रैल में 58.2 हो गया, जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों क्षेत्रों में नई मजबूती का संकेत देता है।”

घरेलू मांग ने कमजोर निर्यात की भरपाई की
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स की जगह घरेलू सप्लायर्स की ओर बढ़ते रुझान ने अप्रैल में ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को बढ़ावा दिया। हालांकि भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग कमजोर रही। सीजनली एडजस्टेड न्यू एक्सपोर्ट बिजनेस इंडेक्स पांच अंकों से अधिक गिरकर एक साल से ज्यादा समय के दूसरे सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कंपनियों ने इस गिरावट के लिए पश्चिम एशिया संघर्ष और कमजोर इनबाउंड टूरिज्म को जिम्मेदार ठहराया।

लागत दबाव में हल्की राहत
सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने अप्रैल में ऑपरेटिंग खर्च में तेज बढ़ोतरी दर्ज की। हालांकि मार्च के मुकाबले इनपुट लागत महंगाई में कमी आई, लेकिन यह नवंबर 2024 के बाद सबसे ऊंचे स्तरों में बनी रही। खाद्य पदार्थों, विशेषकर खाद्य तेल, अंडे, गैस की कमी, मांस और सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के साथ गैस और श्रम लागत बढ़ने से कुल खर्च बढ़ा।

लागत बढ़ने के बावजूद कंपनियों ने इसका केवल एक हिस्सा ही ग्राहकों पर डाला। आउटपुट चार्ज तीन महीनों की सबसे धीमी गति से बढ़े, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ कंपनियां बढ़ी हुई लागत खुद वहन कर रही हैं। इनपुट और आउटपुट कीमतों में सबसे ज्यादा महंगाई उपभोक्ता सेवाओं, ट्रांसपोर्ट, सूचना और संचार क्षेत्रों में देखी गई।

हालांकि सर्विस सेक्टर की कंपनियां भविष्य को लेकर पॉजिटिव रहीं, लेकिन मार्च के मुकाबले कुल कारोबारी भरोसे में कुछ कमजोरी आई। सर्वे में शामिल कंपनियों ने पश्चिम एशिया संघर्ष और लगातार ऊंची लागत को भविष्य के लिए प्रमुख जोखिम बताया।

नए कारोबार से हायरिंग में तेजी
नए कारोबार में मजबूती के चलते वित्त वर्ष की पहली तिमाही की शुरुआत में भर्ती गतिविधियों में तेजी आई। काम का दबाव बढ़ने के कारण कंपनियों ने शॉर्ट-टर्म स्टाफ और जूनियर लेवल कर्मचारियों की नियुक्तियां बढ़ाईं। सर्वे में शामिल सेवा अर्थव्यवस्था के सभी चार प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा। लगातार भर्ती के चलते चार महीनों में पहली बार लंबित काम के बोझ में कमी आई, हालांकि इसकी रफ्तार सीमित रही।

कंपोजिट PMI में भी मजबूती
HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मार्च के 57.0 से बढ़कर अप्रैल में 58.2 पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों क्षेत्रों में सुधार के कारण निजी क्षेत्र का उत्पादन तेजी से बढ़ा। कंपोजिट स्तर पर इनपुट कीमतों की महंगाई मार्च से कम हुई, लेकिन अगस्त 2023 के बाद यह अब भी दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर रही। वहीं बिक्री कीमतों में वृद्धि तीन महीनों की सबसे धीमी गति से हुई।