Saturday, June 13, 2026
Home Blog Page 6

Stock Market: सेंसेक्स 400 अंक उछला और निफ्टी 23300 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Opened: घरेलू शेयर बाजार में आज तेजी आई है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंक उछल गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स 23,300 के ऊपर पहुंच गया।

सुबह 9.28 बजे सेंसेक्स 373.34 अंक यानी 0.51% तेजी के साथ 74,292.10 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 89.60 अंक यानी 0.39% तेजी के साथ 23,331.70 अंक पर पहुंच गया। इस बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 0.2% नीचे 95.54 पर खुला। पिछले सत्र में यह 95.35 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयर तेजी के साथ खुले। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 1.5 फीसदी तेजी आई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, बीईएल, इन्फोसिस, ट्रेंट, एसबीआई, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस में भी तेजी रही। दूसरी ओर, बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, इटरनल, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा और मारुति के शेयरों में गिरावट रही।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • गिफ्ट निफ्टी
    सुबह 7:15 बजे गिफ्ट निफ्टी 23,285 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 46 अंक नीचे था। इससे बाजार में फ्लैट से कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
  • एशियाई बाजार
    बुधवार सुबह एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखे। जापान का निक्केई दबाव में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी फिसला। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
  • वॉल स्ट्रीट का हाल
    अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को मिश्रित कारोबार रहा। डॉऊ जोंस 0.17% बढ़ा। जबकि,एसएंडपी 500 में 0.26% की गिरावट रही और नैस्डैक 0.97% टूट गया।
  • अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
    बाजार की सबसे बड़ी चिंता फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमलों और होर्मुज से जुड़ी घटनाओं ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों पर पड़ सकता है।

इंडियन फूड बिजनेस एक्सपो में हाड़ोती की कचौरी, नमकीन एवं पर्यटन का किया प्रचार

जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक्सपो अभूतपूर्व रहा

कोटा। जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में राजस्थान उद्योग व्यापार महासंघ एवं टीपीएन सोल्यूशंस के संयुक्त तत्वावधान में 5 से 7 जून तक आयोजित तीन दिवसीय इंडियन फूड बिजनेस एक्सपो अभूतपूर्व सफल रहा।

इस आयोजन में होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान एवं कोटा व्यापार महासंघ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए हाड़ोती क्षेत्र की प्रसिद्ध कचौरी, नमकीन एवं यहां के पर्यटन स्थलों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया।

राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद्र बेरवा का स्वागत सम्मान करते हुए।

होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि एक्सपो में हाड़ोती की प्रसिद्ध कचौरी एवं नमकीन के सात से अधिक स्टॉल लगाए गए।

इन स्टॉलों का संचालन कोटा नमकीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जगदीश गांधी एवं उनकी 25 सदस्यीय टीम द्वारा किया गया। स्टॉलों का उद्घाटन राज्य के उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचन्द बेरवा द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुंद आचार्य एवं गोपाल शर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान के नेतृत्व में फेडरेशन की टीम ने आयोजन में भाग लेते हुए हाड़ोती क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से आए आगंतुकों तक पहुंचाई। माहेश्वरी ने बताया कि आयोजन स्थल पर कोटा नमकीन व्यापार समिति द्वारा हाड़ोती की प्रसिद्ध नमकीन एवं कचौरी के पैकेट लगभग 15,000 आगंतुकों को वितरित किए गए।

इस अवसर पर होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खाद्य उद्योग को प्रोत्साहन देने, कृषि उत्पादों के संवर्धन तथा रोजगार सृजन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

एक्सपो में खाद्य उद्योग से जुड़े आधुनिक नवाचारों एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में स्थानीय स्तर पर इस प्रकार का व्यापक फूड एक्सपो पहली बार आयोजित हुआ है।

उन्होंने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान, कोटा डिवीजन के प्रयासों से हाड़ोती क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे आयोजनों में भागीदारी के माध्यम से राजस्थान के पर्यटन स्थलों एवं विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक खाद्य व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

फेडरेशन के संभागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि फेडरेशन भविष्य में हाड़ोती के पर्यटन एवं स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाता रहेगा।

साथ ही हाड़ोती क्षेत्र में भी ऐसे आयोजन कराने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे यहां के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ यहां का चावल, लहसुन, कोटा डोरिया नमकीन, कचौरी, मेथी एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।

उन्होंने एक्सपो में हाड़ोती से भागीदारी निभाने वाले सभी प्रतिनिधियों तथा राजस्थान उद्योग व्यापार महासंघ के चेयरमैन अरुण अग्रवाल, अध्यक्ष जगदीश सोमानी एवं महासचिव जितेंद्र गोयल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

Health: मूंग दाल सभी दालों में बेस्ट, जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स से क्यों है ख़ास

नई दिल्ली। दाल भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा है। लंच से ले कर डिनर तक, लगभग हर घर में एक ना एक बार तो दाल बनती ही है। जैसा कि आप जानते हैं कि दाल बहुत तरह की होती हैं, इन सभी में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

हालांकि अक्सर लोग सवाल करते हैं कि सबसे अच्छी दाल कौन सी होती है। कौन सी ऐसी दाल है, जिसमें सबसे ज्यादा पोषक तत्व मौजूद होते हैं। तो चलिए जानते हैं इस पर हेल्थ एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।

डॉ अभिनव गर्ग ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए लगभग सारी दालों को रेट किया है। उन्होंने बताया है कि कौन सी दाल किस चीज में ज्यादा रिच होती है, या यूं कहें कि कौन सी दाल खाना सबसे फायदेमंद है। आइए जानते हैं-

डॉ अभिनव कहते हैं कि मूंग दाल सभी दालों में सबसे ज्यादा बेस्ट है। इसे दालों की रानी कहा जाना चाहिए। ये सबसे बैलेंस्ड दाल होती है और इसमें प्रोटीन, फाइबर की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है।

डायबिटीज, पोस्ट इलनेस रिकवरी यानी बुखार के बाद और गट हेल्थ के लिए भी ये काफी ज्यादा फायदेमंद होती है। डॉक्टर इसे 10 में से 10 रेट करते हैं।

लाल मसूर की दाल
मसूर की दाल को डॉक्टर 10 में से 9 रेट करते हैं। ये प्रोटीन और फाइबर के अलावा फोलेट, विटामिन बी 12 और आयरन का भी पावरहाउस है। डॉक्टर कहते हैं कि महिलाओं के लिए खासतौर से ये दाल खाना काफी फायदेमंद होता है। वहीं अगर आप चावल के साथ मसूर दाल में थोड़ा सा नींबू निचोड़ कर खाएं, तो विटामिन सी की वजह से आयरन का अवशोषण तीन गुना तक बढ़ जाता है।

चने की दाल
चने की दाल को डॉक्टर 10 में से 8 रेट करते हैं। वो बताते हैं कि ये दाल सबसे ज्यादा फाइबर वाली होती है। इसलिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और गट हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन चने की दाल खाने से कुछ लोगों में पाचन, गैस और ब्लोटिंग की शिकायत हो सकती है। इसलिए हमेशा इसे 4-6 घंटे के लिए भिगोकर रखें, फिर बनाएं।

उड़द दाल को डॉक्टर 10 में से 8 नंबर देते हैं। उड़द दाल में सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है, वहीं इसमें कैल्शियम की मात्रा भी काफी अच्छी होती है। हड्डियों की हेल्थ और मसल रिकवरी के लिए ये काफी फायदेमंद होती है। हालांकि इसे खाने से कई लोगों में पाचन संबंधी इश्यूज हो सकते हैं, इसलिए बेहतर है कि इसे फर्मेंट कर के इडली या डोसा बैटर बनाकर कंज्यूम करें।

राजमा कितना फायदेमंद है जानें
राजमा प्रोटीन और फाइबर रिच होता है। लेकिन इसे पचाना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए इसे 8 घंटे भिगोकर रखने के बाद ही पकाएं और हफ्ते में एक बार सीमित मात्रा में ही कंज्यूम करें। डॉक्टर इसे 10 में से 7 रेट करते हैं।

मिक्स दाल खानी चाहिए या नहीं
मिक्स्ड दालों को डॉक्टर 10 में से 10 रेट करते हैं और न्यूट्रिशन का पावर हाउस बताते हैं। क्योंकि इसमें सभी दालों का पोषण मिल जाता है। आप मूंग, मसूर चना और तूर दाल को 40:25:20:15 के रेशियो में मिक्स कर सकते हैं। इन्हें एक से दो घंटे भीगने दें, फिर हींग, हल्दी, देसी घी डालकर बनाएं; कंप्लीट न्यूट्रिशन मिलेगा।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

Gold Silver Price: सोना फिर से 1.60 लाख रुपये के पार, चांदी स्थिर

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को सोने की कीमतों में 1,500 रुपये का बड़ा उछाल आया। कमजोर अमेरिकी डॉलर और सर्राफा बाजार में बेहतर धारणा के कारण ऐसा हुआ। इस वृद्धि के साथ 10 ग्राम सोने का भाव फिर से 1.60 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाली पीली धातु 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

यह भाव सोमवार के बंद स्तर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें कम होने के बावजूद घरेलू बाजार में यह सुधार देखा गया। विश्लेषकों ने घरेलू कीमतों में वृद्धि का कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर और निवेशकों की नई रुचि को बताया।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी सोने को समर्थन दिया। अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बांड आय में कमी भी इस उछाल की वजह बनी। हालांकि, चांदी की कीमतें 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रहीं।

कीमतों में उछाल क्यों
बाजार धारणा में सुधार ईरान और इजरायल के बीच हमलों को रोकने की सहमति के बाद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्धविराम की दिशा में प्रगति संबंधी टिप्पणियों से भी उम्मीदें बढ़ीं। भू-राजनीतिक तनाव में कमी से ऊर्जा-जनित महंगाई की चिंताएं कम हुईं। इससे हाल की कमजोरी के बाद कीमती धातुओं को समर्थन मिला। हालांकि, यह सुधार सीमित रहा क्योंकि निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण का आकलन करते रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना मामूली रूप से फिसलकर 4,326.78 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि, चांदी 68.28 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर थोड़ी बढ़ी। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि कारोबारी मध्य पूर्व की स्थिति पर अधिक सुराग तलाश रहे हैं। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें भी कम हुईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन और तेहरान से जुड़े एक अच्छे समझौते के आसन्न होने का दावा किया।

Kota Mandi: वायदा तेज रहने से कोटा मंडी में धनिया 200 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 200 रुपये उछल गया। मिलर्स की लिवाली से गेहूं 20 रुपये और सोयाबीन 100 रुपये तेज बिकी। कमजोर उठाव से लहसुन 300 रुपये मंदा बिका।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडीईएक्स पर जून का धनिया वायदा 190 रुपए बढ़कर 12710 रुपये, अगस्त का वायदा 218 रुपये तेज होकर 13100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 60 हजार कट्टे और लहसुन की 13000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2400, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2400 से 2525, बेस्ट टुकड़ी 2520 से 2631, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 3650, धान (1847) 3200 से 3601, धान (1718-1885) 3800 से 4000, धान (पूसा-1) 3000 से 3800, धान (1401-1886) 3600 से 3850, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6850, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6850 से 7671, सरसो 7200 से 7800, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 6800, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5500, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 4400 से 15000, ऊटी लहसुन 16000 से 17000, मैथी 5800 से 6600 धनिया बादामी 11000 से 11500, धनिया ईगल 11500 से 12200, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

बाघिन T-114 का शावक बाघ RVT-7 अब मुकुंदरा में दहाड़ेगा

कोटा। Tiger RVT-7 in Mukundra: राजस्थान के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश का पहला ‘साइंटिफिक टाइगर रीवाइल्डिंग प्रोजेक्ट’ अपनी सफलता के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है।

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में इंसानी देखरेख में पले-बढ़े एक अनाथ बाघ ‘RVT-7’ को खुले जंगल में आजाद करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों की मौजूदगी में इस युवा बाघ को रेडियो कॉलर लगा दिया गया है, जिसके बाद अब अगले सात दिनों के भीतर इसे खुले आसमान के नीचे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।

बाघ ‘RVT-7’ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। यह रणथंभौर की मशहूर बाघिन ‘T-114’ का शावक है। कुछ साल पहले मां (बाघिन T-114) की अचानक मौत के बाद यह और इसकी बहन महज दो से तीन महीने की उम्र में अनाथ हो गए थे। इतने छोटे बच्चों का जंगल में जीवित रहना नामुमकिन था, इसलिए वन विभाग ने इन्हें रेस्क्यू किया और कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क शिफ्ट कर दिया।

अभेड़ा पार्क में इन नन्हे शावकों को करीब 22 महीनों तक विशेष ‘रीवाइल्डिंग ट्रेनिंग’ दी गई। यहां इन्हें सिखाया गया कि इंसानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद शिकार कैसे किया जाता है।

इसके बाद, 5 दिसंबर 2024 को इस नर शावक को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के रामगढ़ महल क्षेत्र में बने 5 हेक्टेयर के बड़े रीवाइल्डिंग एन्क्लोजर में लाया गया और इसे ‘RVT-7’ कोड नाम दिया गया।

पिछले डेढ़ साल से इस बाड़े में उसे चीतल, सांभर और जंगली सूअर जैसे प्राकृतिक शिकार दिए गए, जिससे उसने जंगल में जिंदा रहने के लिए जरूरी शिकार कौशल पूरी तरह विकसित कर लिया।

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने बाघ RVT-7 को ट्रेंकुलाइज किया और उसकी गर्दन पर रेडियो कॉलर फिट किया। इस दौरान पशु चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की और बायोलॉजिकल सैंपल भी लिए।

बाघ पूरी तरह स्वस्थ और फुर्तीला है। रोचक बात यह है कि इस बाघ की बहन को पहले ही कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जा चुका है, जहां वह पूरी तरह से जंगली माहौल में ढल चुकी है।

हर मूवमेंट और सेहत पर रहेगी नजर
अब जैसे ही अगले कुछ दिनों में भाई ‘RVT-7’ को रामगढ़ विषधारी के खुले जंगल में आजाद किया जाएगा, राजस्थान का यह महत्वाकांक्षी रीवाइल्डिंग प्रोजेक्ट शत-प्रतिशत सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा। रेडियो कॉलर की मदद से वन विभाग के अधिकारी खुले जंगल में भी इसकी पल-पल की मूवमेंट और सेहत पर नजर रख सकेंगे। यह प्रोजेक्ट देश में अनाथ हुए वन्यजीवों को दोबारा उनका घर लौटाने की दिशा में एक मिसाल बन गया है।

Stock Market: सेंसेक्स 395 अंक उछल कर 73900 के पार, निफ्टी 23242 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market Closed : मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली है। 30 संवेदी सूचकांक वाला सेंसेक्स 394 अंक या फिर 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73918.76 अंक पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी आज सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन को 0.52 प्रतिशत या फिर 119.10 अंक की तेजी के साथ 23242.10 अंक पर बंद हुआ है।

सेंसेक्स की 30 में 18 कंपनियों के शेयरों की कीमतों में आज तेजी दर्ज की गई है। इंडिगो का शेयर 4 प्रतिशत, एसबीआई का स्टॉक 2.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ है। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस के शेयरों का दाम आज बढ़ा हुआ है।

सत्र के दौरान पीएसयू बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। एसबीआई और आयशर जैसी कंपनियों के शेयरों के भाव करीब दो फीसदी तक मजबूत हुए हैं। विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों (डीआईआई) ने करीब चार लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया 25 पैसे बढ़कर 95.36 (अस्थायी) पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स यानी वीआईएक्स मंगलवार को करीब 9% गिरकर 15.56 पर पहुंच गया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 511 अंकों की उछाल के साथ 74035 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी ने शतक के साथ मंगलवार के कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी 136 अंक ऊपर 23259 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा।

मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 की

पांच सिलेंडर घटाने से सालाना सब्सिडी में 1500 रुपये की कमी आएगी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10.58 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए एलपीजी सब्सिडी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने हर साल सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है। ऐसे में करोड़ों महिलाओं को मिलने वाली सालाना सब्सिडी में करीब 1500 रुपये की कमी आएगी।

पहले उज्ज्वला लाभार्थियों को 9 रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी। इससे उन्हें साल भर में 2,700 रुपये का लाभ मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत सिर्फ 4 रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल वार्षिक लाभ घटकर 1,200 रुपये रह जाएगा।

अब कितने में मिलेगा सिलेंडर
हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद प्रभावी कीमत 642 रुपये प्रति सिलेंडर पड़ेगी। इसके बाद उन्हें बाकी रिफिल मार्केट रेट पर ही खरीदने होंगे।

बता दें वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत पहले लाभार्थियों को वर्ष में 12 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते थे। हालांकि, पिछले साल सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या घटाकर नौ कर गई थी, जिसे अब और भी घटाकर चार कर दिया गया है।

किसे मिलेगी सब्सिडी
सरकार के अनुसार मौजूदा पीएमयूवाई लाभार्थियों को पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

कौन है पात्र
उज्ज्वला योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला हो। गरीब या सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार से संबंधित हो। इसके अलावा परिवार में पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। आधार कार्ड और बैंक खाता जरूरी है।

इसके अलावा एसईसीसी-2011 सूची में शामिल परिवार, अनुसूचित जाति/जनजाति परिवार, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) लाभार्थी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, वनवासी, चाय बागान श्रमिक, द्वीप क्षेत्रों में रहने वाले परिवार और अन्य पात्र गरीब परिवार भी योजना के दायरे में आते हैं।

नया कनेक्शन कैसे लें
नया उज्ज्वला कनेक्शन लेने के लिए पीएमयूवाई पोर्टल पर जाएं। “Apply for New Ujjwala Connection” विकल्प चुनें। इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस में से किसी एक वितरक का चयन करें। मोबाइल नंबर या ईमेल से रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद ई-केवाईसी और डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। अप्लाई करते समय जरूरी दस्तावेज की बात करें तो आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते की डिटेल्स, राशन कार्ड या पात्रता संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर जरूर पास रखें।

सरकार ने 2023 से अब तक का बैंकों से मांगा गोल्ड लोन का हिसाब, जानिए क्यों

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 24% बढ़कर $71.9 अरब के नए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसे देखने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इससे विदेशी मुद्रा बचेगी, चालू खाते का घाटा कम होगा और रुपये पर दबाव कम होगा।

सरकार ने हाल में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से 15 फीसदी कर दिया था। अब सरकार ने बुलियन बैंकों से गोल्ड मेटल लोन और सोने के बदले लोन के बारे में 2023 से अब तक की सारी जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि सरकार सोने को लेकर आने वाले दिनों में और भी कदम उठा सकती है।

ईटी की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने शुक्रवार शाम बैंकों को भेजे गए एक संदेश में गोल्ड मेटल लोन की वैल्यू और वॉल्यूम, ग्राहकों की संख्या, इंटरनेशनल गोल्ड सप्लायर्स, पोर्टफोलियो साइज़, गिरवी रखे गए सोने (कोलेटरल) की मात्रा और उधार लेने वालों की संख्या के बारे में डेटा मांगा है।

एक सीनियर बैंकर ने कहा कि बैंकों को सोमवार तक जानकारी देने को कहा गया था। कुछ मामलों में मंथली आधार पर आंकड़े दिए गए। जून-जुलाई में कारोबार कम रहता है और मई में सोने का इंपोर्ट भी कम हुआ है, इसलिए विकल्पों पर विचार करने का यह अच्छा समय है।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि मंत्रालय के बैंकों से संपर्क करने से कुछ समय पहले ही आरबीआई ने उनसे चालू वर्ष के लिए गोल्ड मेटल लोन का अनुमान लगाने को कहा था।

सोना आयात करने वाले बैंक इंटरनेशनल बैंकों से सोना उधार लेकर जूलर्स को लोन पर देते हैं या फिर कंसाइनमेंट का तरीका अपनाते हैं। इसमें लोकल होलसेल खरीदारों की खास मांगों के आधार पर ग्लोबल बैंकों से सीधे पेमेंट करके सोना मंगाया जाता है।

गोल्ड मेटल लोन को साल 1998 में एक्सपोर्टर्स के लिए शुरू किया गया था। बाद में जूलर्स को भी यह सुविधा दी गई। साल 2013 में इसे एक महीने के लिए रोक दिया गया था। बैंक गोल्ड मेटल लोन के एंड यूज पर कड़ी नजर रखते हैं।

कैसे कम होगा इम्पोर्ट?
एक सूत्र ने कहा कि भले ही कोई बड़ा फैसला न लिया जाए, लेकिन इंडस्ट्री ने सप्लाई बनाए रखते हुए आयात को कम करने के तरीके सुझाए हैं। एक बुलियन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि गोल्ड मेटल लोन के लिए नया सोना इंपोर्ट करने के बजाय बैंक रिफाइन किए गए बार का इस्तेमाल गोल्ड मेटल लोन के लिए कर सकते हैं। इंडस्ट्री के एक सूत्र ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) इम्पोर्टेड सोना खरीदने के बजाय रिफाइंड बार खरीद सकते हैं। इससे इम्पोर्ट कम होगा।

OnePlus की N Series के नए 5G फोन 20 हजार रुपये से कम में होंगे लॉन्च

नई दिल्ली। OnePlus को आमतौर पर प्रीमियम और मिड-रेंज स्मार्टफोन ब्रांड के तौर पर जाना जाता है। कंपनी के फ्लैगशिप फोन लाखों यूजर्स की पसंद हैं, वहीं Nord सीरीज ने भी मिड-रेंज मार्केट में अच्छी पहचान बनाई है। लेकिन अब लगता है कि OnePlus अपनी स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है।

स्मार्टप्रिक्स की एक नई रिपोर्ट के अनुसार कंपनी भारत में एक नई स्मार्टफोन सीरीज लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसे N Series नाम दिया जा सकता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस नई सीरीज के स्मार्टफोन 20,000 रुपये से कम कीमत में लॉन्च हो सकते हैं।

अगर ऐसा होता है तो यह OnePlus की अब तक की सबसे किफायती स्मार्टफोन सीरीज होगी। इससे उन ग्राहकों को भी OnePlus फोन का एक्सपीरियंस मिल सकेगा जो बजट की वजह से कंपनी के फोन नहीं खरीद पाते थे। फिलहाल कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

OnePlus एक बिल्कुल नई स्मार्टफोन लाइनअप पर काम कर रहा है। यह सीरीज Nord ब्रांडिंग से अलग हो सकती है और इसे N Series के नाम से पेश किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि कंपनी केवल एक फोन नहीं बल्कि कई मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, ताकि अलग-अलग बजट वाले ग्राहकों को टारगेट किया जा सके।

अब तक OnePlus के सबसे सस्ते फोन्स Nord CE सीरीज के तहत आते रहे हैं। लेकिन इनकी कीमत भी 20 हजार रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में N Series कंपनी के लिए एक नए ग्राहक तक पहुंचने का जरिया बन सकती है।

जुलाई में हो सकती है लॉन्चिंग
लीक्स के मुताबिक OnePlus इस नई सीरीज को भारत में जुलाई 2026 के दौरान लॉन्च कर सकता है। हालांकि लॉन्च डेट को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में कंपनी की तरफ से टीजर और अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन बाजार में काफी बदलाव आया है। Redmi, Realme, Poco, Lava, Motorola और Samsung जैसे ब्रांड 15,000 से 20,000 रुपये की रेंज में दमदार फीचर्स वाले फोन लॉन्च कर रहे हैं। N Series के जरिए कंपनी इस गैप को भरने की कोशिश कर सकती है।

N Series Nord सीरीज से होगी अलग
नई N Series आने का मतलब यह नहीं है कि Nord सीरीज बंद हो जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार Nord और Nord CE सीरीज मिड-रेंज सेगमेंट में बनी रहेंगी, जबकि N Series एंट्री-लेवल और बजट ग्राहकों को टारगेट करेगी। इस तरह OnePlus के पास हर बजट के लिए अलग स्मार्टफोन पोर्टफोलियो होगा।