Saturday, July 11, 2026
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“सलीम-अनारकली” की तरह नकली है ‘पद्मावती’ की कहानी -जावेदअख्तर

नई दिल्ली। मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर ‘पद्मावती’ की कहानी को ऐतिहासिक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि इसकी कहानी उतनी ही नकली है, जितनी सलीम अनारकली की। इसका इतिहास में कहीं भी उल्लेख नहीं है।
 
उन्होंने सलाह दी है कि अगर लोगों को वाकई इतिहास में अधिक रुचि ही है, तो इन फिल्मों की बजाए गंभीर किताबों से समझाना चाहिए।
 
साहित्य सेशन में कही ये बातें… एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मैं इतिहासकार तो हूं नहीं, मैं तो जो मान्य इतिहासकार हैं उनको पढ़कर आपको ये बात बता सकता हूं।”
 
एक टीवी डिबेट का हवाला देते हुए जावेद अखतर ने कहा, “टीवी पर इतिहास के एक प्रोफेसर को सुन रहा था। वो बता रहे थे कि ‘पद्मावती’ की रचना और अलाउद्दीन खिलजी के समय में काफी फर्फ था।
 
जायसी ने जिस वक्त इसे लिखा और खिलजी के शासनकाल में करीब 200 से 250 साल का फर्क था। इतने साल में जब तक कि जायसी ने पद्मावती नहीं लिखी, कहीं रानी पद्मावती का जिक्र ही नहीं है।”
 
जोधा भी नहीं थी हकीकत में…
जावेद अख्तर ने कहा, ‘उस दौर (अलाउद्दीन के) में इतिहास बहुत लिखा गया। उस जमाने के सारे रिकॉर्ड भी मौजूद हैं, लेकिन कहीं पद्मावती का नाम नहीं है। अब मिसाल के तौर पर जोधा-अकबर पिक्चर बन गई।

जोधाबाई ‘मुगल-ए-आजम’ में भी थीं। तथ्य है कि जोधाबाई, अकबर की पत्नी नहीं थी, अब वो किस्सा महशूर हो गया। मगर हकीकत में अकबर की पत्नी का नाम जोधाबाई नहीं था, कहानियां बन जाती हैं उसमें क्या है।’

नई पीढ़ी को इतिहास की सलाह देते हुए जावेद साहब ने कहा, “फिल्मों को इतिहास मत समझिए और इतिहास को भी फिल्म से मत समझिए।

हां, आप गौर से फिल्में देखिए और आनंद लिजिए, इतिहास में रुचि है, तो गंभीरता से इतिहास पढ़िए, तमाम इतिहासकार हैं उन्हें आप पढ़ सकते हैं।”

मांग घटने से सस्ता हुआ सोना, जानिए अब कितने का हुआ 10 ग्राम गोल्ड

औद्योगिक इकाइयों की कमजोर डिमांड से चांदी 175 रुपए गिरकर 40,400 रुपए किलोग्राम पर पहुंच गई  

नई दिल्ली/कोटा । शनिवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। आज सोना 80 रुपए गिरकर 30,450 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पर पहुंच गया है। इस गिरावट की प्रमुख वजह कमजोर वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से कमजोर मांग को माना जा रहा है।

चांदी की कीमतों में भी सोने की ही तरह गिरावट देखने को मिली है। चांदी 175 रुपए गिरकर 40,400 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। इस गिरावट की वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर कमजोर उठान को माना जा रहा है।

कमजोर वैश्विक संकेत के अलावा स्थानीय आभूषण निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं की ओर से कम हुई मांग के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में शुक्रवार के कारोबार में सोना 0.75 फीसद गिरकर 1,274.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.53 फीसद गिरकर 16.86 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई थी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 80 रुपए गिरकर क्रमश: 30,450 रुपए और 30,300 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। आपको बता दें कि शुक्रवार को सोना 80 रुपए मजबूत हुआ था।
हालांकि गिन्नी के भाव, हालांकि, 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

चांदी 175 रुपये की गिरावट के साथ 40400 रुपये और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 160 रुपये घटकर 39500 के स्तर पर आ गया है। चांदी के सिक्कों के भाव 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 40100 रुपये प्रति किलोग्राम 
सोना केटबरी 30350 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35400 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35570 रुपये प्रति तोला।

कन्ज्यूमर्स पर बोझ डालने की जुगत में जुटे रेस्तरां मालिक!

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नई दिल्ली/गुवाहाटी। जीएसटी (गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स) काउंसिल ने शुक्रवार को रेस्तरां में खाने पर टैक्स घटा दिया। इसके बाद आपका बिल 5 से 6 पर्सेंट सस्ता हो जाएगा। काउंसिल ने सभी रेस्तरां में खाने पर 18 की जगह 5 पर्सेंट टैक्स लगाने का फैसला किया है।

इस फैसले से 1 करोड़ या उससे ज्यादा रेवेन्यू वाले रेस्तरां इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं ले पाएंगे। जीएसटी काउंसिल का मानना है कि रेस्तरां इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा कन्ज्यूममर्स को पास नहीं कर रहे थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘क्योंकि वे कन्ज्यूमर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं दे रहे थे, इसलिए वे भी इस लाभ के अधिकारी नहीं हैं।’

रेस्तरां मालिक काउंसिल के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस फैसले के बाद मैन्यु प्राइस में 6 पर्सेंट का इजाफा हो सकता है, क्योंकि सरकार ने इनपुट टैक्स क्रेडिट को वापस ले लिया है।

यदि रेस्तरां मालिकों ने इस बोझ को कन्ज्यूमर्स पर डालने का फैसला किया तो जिस आइटम की कीमत 500 रुपये है, उसके लिए 530 रुपये देने होंगे। वैसे अब तक 18 पर्सेंट की दर से 90 रुपये के टैक्स के मुकाबले अब 500 रुपये के आइटम पर नई दर से टैक्स घटकर 26.50 रुपये हो जाएगा।

इसके बाद कन्ज्यूमर्स को 500 रुपये के आइटम के लिए 590 रुपये की जगह 556.50 रुपये देने होंगे। इसमें 26.50 रुपये टैक्स के अलावा मैन्यु में 6 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। हालांकि कुछ रेस्तरां मालिक इस फैसले का स्वागत भी कर रहे हैं।

जूबिलेंट फूड वर्क्स के चेयरमैन हरी भाटिया ने बताया कि इस फैसले के बाद कन्ज्यूमर्स के लिए बाहर खाना या बाहर से खाना ऑर्डर करना ज्यादा किफायती हो जाएगा। इसके बाद ऑर्गेनाइज्ड रेस्तरां सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ भी देखने को मिल सकती है। कुछ रेस्तरां मालिकों की इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया है।

उनका कहना है कि कन्ज्यूमर्स को इस वजह से थोड़ा फायदा मिल सकता है, लेकिन रेस्तरां मालिकों को इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। नैशनल रेस्तरां असोसिएशन ऑफ इंडिया के वाइस चेयरमैन और बीअर कैफे के सीईओ राहुल सिंह ने बताया, ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट का फैसला वापस लेना जीएसटी के बताए गए फायदों के खिलाफ है।

इसके बाद आइटम की कीमत में 10 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसे रेस्तरां कन्ज्यूमर्स को चुकाने के लिए कहेंगे। इसलिए ग्राहकों को इस फैसले का आंशिक लाभ मिल सकता है, लेकिन यह बड़ा फायदा नहीं होगा।’

महिन्द्रा एक्सयूवी-500 पेट्रोल जल्द लॉन्च होगी

नई दिल्ली। भारत में जब से डीज़ल कारों ने बैन का सामना किया है तब से लगभग हर कार कंपनियों ने पेट्रोल इंजन वाली कारों पर अपना पूरा ध्यान देना शुरू कर दिया है।

इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब महिन्द्रा ने जल्द ही अपनी लोकप्रिय एसयूवी एक्सयूवी500 का पेट्रोल वेरिएंट उतारने का ऐलान किया है। जानकारी मिली है कि पेट्रोल वेरिएंट को जी9 नाम से उतारा जाएगा।

महिन्द्रा एक्सयूवी500 जी9 में 2.2 लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 140 पीएस की पावर और 320 एनएम का टॉर्क देगा। लॉन्चिंग के समय यह इंजन 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होगा, आने वाले समय में इस में मैनुअल गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलेगा।

एक्सयूवी500 जी9 की टक्कर टोयोटा इनोवा क्रिस्टापेट्रोल से होगी। क्रिस्टा में 2.7 लीटर का पेट्रोल इंजन लगा है, जो 164 पीएस की पावर और 245 एनएम का टॉर्क देता है।

एक्सयूवी500 जी9 में टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम और दो एयरबैग मिलेंगे। कंफर्ट चाहने वालों को यह थोड़ा निराश कर सकती है, इस में लैदर सीटें और स्टाइलिश अलॉय व्हील नहीं मिलेंगे।

कीमत के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है, इनोवा क्रिस्टा से टक्कर को देखते हुए कहा जा रहा है कि इसकी कीमत 14 लाख रूपए से 16 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) के बीच हो सकती है।

गर्ल्स हॉस्टल के खाली कमरों में मिले लाखों के हीरे-घड़ियां

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चेन्नई। तमिलनाडु में आयकर विभाग के अधिकारी तब हैरान रह गए जब उन्हें तिरुवरूर जिले के एक महिला कॉलेज के हॉस्टल की तलाशी के दौरान अलमारियों से हीरे के कीमती गहने और रोलेक्स की घड़ियां मिलीं।

एआईएडीएमके सदस्य वीके शशिकला और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी संपत्ति की जानकारी जुटाने के क्रम में ही आईटी विभाग की टीम यहां पहुंची थी।

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने अब तक 6 करोड़ रुपये कैश, करीब 2.4 करोड़ रुपये कीमत का 8.5 किलोग्राम सोना और 1200 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनके सोर्स की कोई जानकारी नहीं दी जा सकी है।

इसी क्रम में शशिकला के भाई वी धीवाहरन के सेंगमाला थय्यर एजुकेशनल ट्रस्ट के महिला कॉलेज पर की एक रेड में हॉस्टल में छुपाकर रखी गई संपत्ति मिली है।

सूत्रों के मुताबिक, खाली पड़े हॉस्टल के कमरों में हीरे के गहनों से लेकर रोलेक्स की महंगी घड़ियां तक मिली हैं, विभाग उनकी कीमत का आकलन कर रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि आयकर विभाग को हॉस्टल में कीमती सामान होने की भनक कॉलेज से प्रतिबंधित किए गए 12 प्रदर्शनकारियों से लगी।

वे कह रहे थे कि आईटी के अधिकारी धीवाहरन को फंसाने के लिए कॉलेज में कीमती सामान रख सकते हैं। बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

अब तक 188 में से 50 कैम्पस में शुक्रवार को जांच की गई और ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ के तहत शनिवार को भी कई जगहों पर आईटी विभाग छापेमारी करेगा।

बिना UAN के भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं अपना PF बैलेंस

नई दिल्ली। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपका पीएफ खाता जरूर खुला हुआ होगा। इस खाते में आपके नियोक्ता की ओर से कुछ हिस्सा मासिक आधार पर आपकी सैलरी में से काटकर जमा कराया जाता है।

अगर आप कई सालों से नौकरी कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आपके पीएफ खाते में अब तक कितना रूपया जमा हो चुका है तो आप यह ऑनलाइन माध्यम से चेक कर सकते हैं। अगर आपके पास यूएएन नंबर भी नहीं है तब भी आप जान सकते हैं कि आपका नियोक्ता अब तक आपके पीएफ खाते में कितनी रकम जमा करा चुका है।

हम आपको उन पांच तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने पीएफ अकाउंट को ट्रैक कर सकते हैं….यूएएन की मदद से अपने पीएफ खाते को करें ट्रैक: यूनीवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को ईपीएफओ की ओर से साल 2014 में लॉन्च किया गया था। यूएएन के लिए एक पोर्टल बनाया गया जिसकी मदद से सब्सक्राइबर्स काफी सारे फायदे उठा सकते हैं।

इस पोर्टल पर कर्मचारियों को बस अपना अकाउंट लॉग इन करना होता है जिसके लिए उन्हें अपना UAN नंबर और उसका पासवर्ड एंटर कराना होगा। अकाउंट ओपन होते ही वो अपनी पासबुक को देख सकते हैं, जिसमें नियोक्ता की ओर से अलग-अलग मदों में जमा की गई राशि को देखा जा सकता है। मसलन पेंशन खाता और पीएफ खाता।

बिना UAN चेक करें अपना पीएफ बैलेंस: अगर आप यूएएन नंबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है, यूएएन नंबर न होने की सूरत में भी आप अपने पीएफ को मॉनीटर कर सकते हैं। आपको सिर्फ अपना पीएफ अकाउंट नंबर पता होना चाहिए, इसे आप आसानी से अपनी पे-स्लिप से जान सकते हैं।

जब आप ऑनलाइन माध्यम से सभी जरूरी जानकारियों के साथ फॉर्म को भरकर सबमिट कर देंगे तो आपको एसएमएस के माध्यम से आपके पीएफ अकाउंट की जानकारी दे दी जाएगी। इस सुविधा का तभी इस्तेमाल करें जब आपके पास यूएएन नंबर न हो।

EPF मोबाइल एप के जरिए: यह एप एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद आपको मेंबर, नियोक्ता और पेंशनर में से किसी एक ऑप्शन को चुनना होगा। अगर आप कर्मचारी हैं तो आपको मेंबर पर टैप करना होगा।

इसके बाद अपना यूएएन नंबर और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर अपना पीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं। एक बात पर जरूर ध्यान दें कि इस एप को डाउनलोड करने से पहले अपना यूएएन (UAN ) एक्टिवेट कर लें। ईपीएफओ अपने सभी कर्मचारियों को यूएएन नंबर देता है, इसे आप अपने नियोक्ता से ले सकते हैं।

आपको बता दें कि अगर आप मौजूदा समय में कहीं भी काम नहीं कर रहे हैं लेकिन आपके पास ऑपरेटिव EPF एकाउंट है तो आप ईपीएफओ की वेबसाइट पर (Know your UAN status) पर क्लिक करके यूएएन जनरेट कर सकते हैं। इनऑपरेटिव अकाउंट (इस्तेमाल में न लाए जाने वाले) वे होते हैं जिनमें तीन साल से कोई राशि जमा नहीं की गई होती।

मिस्ड कॉल सर्विस के जरिए: आप 011-22901406 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपने बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मिस्ड कॉल देते ही आपके रजिस्टर्ड नंबर पर ईपीएफओ की तरफ से एक एसएमएस आएगा इसमें आपका यूएएन, नाम और जन्म तिथि और आखिरी योगदान दिया होगा। लेकिन इससे आपको अपना बैंलेस नहीं पता लगेगा।

इसके लिए आपको अपना UAN KYC डॉक्यूमेंट्स बैंक एकाउंट डीटेल्स, PAN या फिर आधार के जरिए सीड करना पड़ेगा। फिलहाल अथॉरिटी नियोक्ता की ओर से यह काम कर देता है। एक बार आपका UAN KYC से सीड हो जाएगा तो जब भी आप मिस्ड कॉल देंगे, ईपीएफओ आपको आपके सबसे आखिरी ईपीएफ बैलेंस की जानकारी दे देगा।

एसएमएस सर्विस के जरिए: अगर आपका UAN एक्टिवेट नहीं हुआ है तो आप 77382-99899 पर एसएमएस कर सकते हैं। टाइप करें EPFOHO स्पेस देकर ACT या UAN, आपका 22 अंकों का पीएफ नंबर। एक्टिवेट होने के बाद इसी नंबर पर आप एसएमएस भेजकर अपना एकाउंट बैलेंस चेक कर सकते हैं।

अगर आप जानकारी अंग्रेजी में चाहते हैं तो EPFOHO स्पेस UAN स्पेस ENG टाइप करें। आप इस एसएमएस को 10 भारतीय भाषाओं में प्राप्त कर सकते हैं। इन सर्विसेज के तहत ईपीएफओ ईपीएफ एकाउंट्स को ज्यादा यूजर फ्रैंडली बनाने की कोशिश कर रहे है।

जीएसटी काउन्सिल ने 213 वस्तुओं पर घटाया टैक्स, जानिए क्या हुआ सस्ता

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नई दिल्ली। जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए 213 वस्तुओं पर टैक्स घटाने का फैसला किया। इसमें सबसे बड़ा ऐलान 28 प्रतिशत की अधिकतम टैक्स दर से 178 वस्तुओं को 18 प्रतिशत पर लाने का रहा। इसे आम जनता और उद्योगों के लिए बजट के पहले बहार माना जा रहा है। 

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक में ये निर्णय किए गए। जेटली ने बैठक के बाद कहा कि उच्चतम टैक्स स्लैब की 228 वस्तुओं से रोजमर्रा के इस्तेमाल से जुड़ी 178 को 18 प्रतिशत की श्रेणी में लाया गया है।

यह जीएसटी लागू होने के चार माह में सबसे बड़ा बदलाव है। यह घोषणा इस मायने में अहम है कि मंत्रिसमूह ने 165 वस्तुओं को ही 28 से 18 फीसदी में लाने की सिफारिश की थी, लेकिन परिषद ने 12 अन्य वस्तुओं पर टैक्स घटाने पर मुहर लगाई।  
 क्या सस्ता हुआ क्या महंगा :

इन पर दरें 28 से 18% हुईं
28 से 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब में फर्नीचर, बिजली के सामान, बक्से, बैग, टॉयलेट क्लीनर, लैंप, पंखा, पंप, कुकर, स्टोव सूटकेस, डिटर्जेंट, सौंदर्य उत्पाद, शेविंग-ऑफ्टर शेविंग उत्पाद शू पॉलिश, न्यूट्रिशन पाउडर, डियोड्रेंट, चॉकलेट, न्यूट्रिशन पाउडर जैसी आम उपभोग की वस्तुएं होंगी।

वॉश बेसिन, नल टोटी,शॉवर, पाइप जैसी सैनिटरी उत्पाद भी सस्ते होंगे। बिजली के कई सामान, प्लाईवुड, मशीनरी, मेडिकल उपकरण, फ्लोरिंग पर भी 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा। निर्माण क्षेत्र में इस्तेमाल वाले ग्रेनाइट, फ्लोरिंग और मार्बल पर भी कर 28 से 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि रंग रोगन और सीमेंट को 28 प्रतिशत कर दायरे में ही रखा गया है।  

एसी-फ्रिज, वॉशिंग मशीन पर 28% टैक्स 
अधिकतम टैक्स स्लैब में अब पान मसाला, सॉफ्ट ड्रिंक, तंबाकू, सिगरेट समेत सिर्फ 50 वस्तुएं ही रहेंगी। सीमेंट, पेंट और एयर कंडीशनर, परफ्यूम, वैक्यूम क्लीनर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन भी इस श्रेणी में बने रहेंगे। कार, दोपहिया वाहन और विमान भी इस दायरे में होंगे। 

 इन पर दरें 28 से 12% हुईं
पत्थर तोड़ने वाले स्टोन क्रशर और टैंक व अन्य युद्धक वाहनों पर जीएसटी दरें 16 फीसदी तक घटा दी गई हैं।

इन वस्तुओं पर 18 से घटकर 12% कर
कंडेंश्ड मिल्क, शुगर क्यूब्स, पास्ता, डायबिटिक फूड, छपाई स्याही, हैंड बैग, शॉपिंग बैग, कृषि में इस्तेमाल कुछ मशीनें, सिलाई मशीनें, बांस से बने फर्नीचर आदि। 

इन पर 18 से 5% पहुंचा जीएसटी
रेवड़ी, तिल रेवड़ी, खाजा, चटनी पाउडर, फ्लाई ऐश आदि

12 नहीं 5% जीएसटी
सूखा नारियल, इडली, दोसा, मछली पकड़ने का जाल और हुक, तैयार चमड़े, फ्लाई ऐश से बनी ईंट आदि।

इन पर जीएसटी 5% से 0% 
ग्वार के खाद्य पदार्थ, स्वीट पोटैटो सहित कुछ सूखी सब्जियां, फ्रोजेन या सूखी मछली, खांडसारी सुगर। 

लाख की चूड़ियां सस्ती
जीएसटी परिषद ने एयरक्राफ्ट इंजिन पर जीएसटी दर 28 और 18 से घटाकर 5% कर दी हैं। इसके अलावा एयरक्राफ्ट टायर पर जीएसटी 28 से 5% कर दी गई है। इसी तरह लाख की चूड़ियों पर 3% जीएसटी को भी खत्म कर शून्य कर दिया गया है।

रेस्तरां का बिल भी सस्ता होगा
जीएसटी परिषद ने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए एसी रेस्तरां में सेवा कर घटाने का फैसला किया है। यहां जीएसटी की दरों को 18 से घटाकर 5 फीसदी करने का फैसला किया गया है। हालांकि फाइव स्टार होटलों को इस पर छूट नहीं दी गई है।

इन चीजों पर राहत नहीं
माना जा रहा है कि परिषद पेंट, सीमेंट, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और तंबाकू जैसे सामानों पर जीएसटी दरों में कोई राहत नहीं देगी।

उद्योग जगत ने किया जीएसटी घटाने का स्वागत, सीमेंट उद्योग निराश

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नई दिल्ली। उद्योग और व्यापार जगत ने विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की दरें घटाए जाने के फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जाहिर कि है इससे उपभोक्ताओं और उद्योग धंधा करने वालों को राहत मिलेगी, बाजार में मांग बढ़ेगी और कर व्यवस्था के सरल होने से इकाइयां इसको अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगी।

उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, ‘एकमुश्त टैक्स योजना के तहत कारोबार की सीमा को ऊंचा करने से छोटे व्यवसायियों को बड़ी राहत होगी।’ उन्होंने कहा कि आज के परिवर्तनों के परिणाम अगले एक-दो महीनों में देखने को मिलेंगे।

असंगठित क्षेत्र के खुदरा व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स असोसिएशन (कैट) ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ताओं और कारोबारियों को दी गई राहत पासा पलटने वाली है, इससे टैक्स प्रणाली आसान होगी और इकाइयां इसको अपनाने को प्रोत्साहित होंगी।

वहीं, सीमेंट उद्योग से जुड़े संगठन ने जीएसटी परिषद द्वारा इस उद्योग को 28 प्रतिशत की उच्चतम दर के स्लैब में बनाए रखने पर निराशा जाहिर की है। सीमेंट मैन्युफ्रैक्चर्स असोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र चौकसी ने कहा कि सीमेंट को विलासिता वस्तुओं पर लगने वाले कर के दायरे में रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।

संगठन का कहना है कि सीमेंट स्वच्छ भारत और सबके लिए मकान और बुनियादी ढांचा के निर्माण जैसी विभिन्न प्रकार की सरकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण सामग्री है। एंजेल ब्रोकिंग के फंड मैनेजर मयुरेश जोशी ने गुवाहटी में आज संपन्न हुई जीएसटी परिषद के निर्णय को मोटे तौर पर उम्मीद के अनुरूप बताया।

उन्होंने कहा कि रियायतों से सरकारी राजस्व को सालाना 20,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है, लेकिन सरकार को यह भी उम्मीद है कि बेहतर अनुपालन से इसकी भरपाई हो जाएगी।

फर्जी तरीके से हर माह उठाई 5 लाख की पेंशन, 672 को नोटिस

बाड़मेर और अलवर जिले में सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए की चपत

बालोतरा। उपकोष कार्यालय पचपदरा में बुजुर्गों के नाम पर उठने वाली पेंशन में लाखों रुपए का गबन सामने आया है। ठेकेदार फर्म की ओर से लगाए गए कंप्यूटर ऑपरेटर अलग-अलग गांवों में सक्रिय उसके गुर्गों ने फर्जी तरीके से काल्पनिक पीपीओ नंबर दर्ज किए कार्यालय की मुहर और फर्जी हस्ताक्षर कर करीब एक हजार से अधिक अपात्र लोगों को ऑनलाइन पेंशनर्स बना दिया।

यह मिलीभगत करीब वर्ष 2014 से चल रही है। इन फर्जी पेंशनर्स के खातों में बकायदा हर महीने पांच सौ रुपए जमा हो रहे हैं। मामला खुला तो उप कोष कार्यालय की ओर से पचपदरा पुलिस थाने में गबन का मामला दर्ज करवाया गया है। साथ ही फर्जी तरीके से पेंशनर्स बने 672 लोगों को नोटिस जारी कर उनके द्वारा उठाई गई पेंशन की राशि पुन: राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

नए सॉफ्टवेयर के लिए नया ऑपरेटर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत पेंशनर्स को उनके बैंक खातों मनी ऑर्डर से पेंशन दी जाती है। सॉफ्टवेयर बदलने से नए सॉफ्टवेयर में डाटा फीडिंग किया जा रहा है। ऑपरेटर प्रवीण कुमार को इसी फीडिंग कार्य में लगाया गया था।

पचपदरा थाने में मुकदमा
उपकोषअधिकारी पचपदरा देवीलाल सुथार ने प्रवीण कुमार निवासी आदर्श कॉलोनी समदड़ी निविदादाता फर्म देवाराम चौधरी, सचिव रेडी संस्थान बालोतरा, उम्मेदसिंह निवासी चारलाई खुर्द  मंजू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शास्त्री कॉलोनी बालोतरा के खिलाफ पचपदरा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।