Saturday, July 11, 2026
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24 घंटे में बिका 1660 अरब का सामान, अलीबाबा ने बनाया रिकॉर्ड

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बीजिंग। चीन की ई कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 24 घंटे में 25.4 अरब डॉलर (1660 अरब रुपये) का सामान बेचकर नया रिकॉर्ड कायम किया है।

कंपनी के शनिवार को सालाना सिंगल डे आयोजन के दौरान यह रिकॉर्ड तोड़ बिक्री की।  दुनिया के 87 देशों की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) इस कमाई से कम है।

अलीबाबा ने कहा कि भारी छूट और कैशबैक की आकर्षक पेशकश के साथ 13 घंटों में ही उपभोक्ताओं ने 18 अरब डॉलर (1177 अरब रुपये) का सामान खरीद डाला।

यहां तक कि पहले दो मिनट में ही ग्राहक 65 अरब रुपये की बुकिंग कर चुके थे और रात 12 बजे यह आंकड़ा 25.4 अरब डॉलर पर आकर रुका, जो पिछले साल से 40 फीसदी ज्यादा कमाई है।

ई-मार्केटर रिटेल के अनुसार, यह धरती पर किसी एक दिन में उत्पादों की सबसे ज्यादा बिक्री की रिकॉर्ड है, जो मध्यम वर्ग की बढ़ती खपत संकेत है।

ई-मार्केटर रिटेल के अनुसार, दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां अलीबाबा की इस महासेल के जरिये ग्राहकों को लुभाती हैं। इस बार 40 फीसदी गैर चीनी कंपनियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि धीरे-धीरे सिंगल्स डे की महासेल चीन के बाहर के लोगों को भी आकर्षित करने लगी है।

क्या है सिंगल्स डे
चीन में अनौपचारिक तौर पर 11 नवंबर यानी 11/11 को सिंगल्स डे के तौर पर मनाया जाता है, जो कुआंरे लोगों को समर्पित दिन है।

अलीबाबा ने इसी सिंगल्स डे परंपरा को 2009 से भारी छूट के साथ भुनाना शुरू किया था। अमेरिका में इसी तरह साल में ब्लैक फ्राइडे को कंपनियां भारी खरीदारी की पेशकश करती हैं। 

एसी कोच में डर्टी ब्लैंकेट से मिलेगी निजात, रेलवे ने शुरू किया प्रोजेक्ट

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नई दिल्ली। ट्रेन के यात्रियों को अब गंदे व मोटा कंबल ओढ़ने की मजबूरी नहीं होगी। यात्रियों को अब विमान के यात्रियों की तरह एसी कंबल (लोई जैसा) ओढ़ने को दिया जाएगा। दरअसल अब ट्रेनों में भी यात्रियों के शरीर के तापमान के अनुसार ही कूलिंग होगी।

प्रयोग के तौर पर ट्रेन में थर्मल कंफर्ट कंट्रोलर सेंसर एक्यूपमेंट लगाया जा रहा है। यह एक्यूपमेंट एयरकंडीशन को कट-इन-कट-आऊट कर तापमान को नियंत्रित करेगा। रेलवे ने वातानुकूलित कोच में अनियंत्रित वातानुकूलित को नियंत्रित करने वाले यंत्र का इजाद कर लिया है।

थर्मल कंफर्ट कंट्रोलर सेंसर एक्यूपमेंट तापमान को तो नियंत्रित करेगा ही साथ ही ह्यूमिडिटी (आद्रता) को भी कंट्रोल करेगा। इसके साथ ही यव्ह मशीन यात्रियों के शरीर के तापमान, एयर वेलोसिटी व शरीर के मेटाबोलिक रेट को सेंस करेगा।

यह सेंसर मानक 24 डिग्री सेल्सियस तापमान को बरकार करने के लिए एसी को मॉनीटर करेगा। इसका फायदा यह होगा कि ज्यादा कूलिंग व कम कूलिंग की समस्या से यात्रियों को नहीं जूझना पड़ेगा। 

उत्तर रेलवे के चीफ मेकेनिकल इंजीनियर (सीएमई) अरूण अरोड़ के अनुसार बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट थर्मल कंफर्ट सेंसर रीवा एक्सप्रेस व जम्मूतवी एक्सप्रेस में प्रयोग किया जा रहा है। यह सेंसर एसी टू कोच में तो सफल साबित हो रहा है, एसी थ्री में अभी ठीक से काम नहीं कर रहे है।

इंजीनियरिंग विभाग एसी थ्री वाले कोच में भी इस सेंसर को बेहतर कर रहा है। दोनों ट्रेन के 13 कोच में प्रयोग सफल साबित दिखाई पड़ रहा है। कमियों को दूर कर इस तरह के सेंसर सभी ट्रेनों में लगाया जाएगा।

बता दें कि इस सेंसर के सफल प्रयोग से यात्रियों को दो-दो महीने के अंतराल पर धुलाई होने वाले मोटे कंबल से मुक्ति मिल जाएगी। इसके जगह पर रेलवे भी विमानों की तरह पतला शॉल देना शुरू कर देगा। पतले शॉल की धुलाई भी आसान होगी। 

जीएसटी के बाद लागत एवं प्रबन्ध लेखाकारों की भूमिका और बढ़ गई – बिरला

कोटा चेप्टर ऑफ कॉस्ट एकाउन्टेन्ट्स का मेम्बर्स मीट एवं सम्मान समारोह

कोटा। सांसद ओम बिरला ने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिपेक्ष्य में जीएसटी के आने के बाद प्रोफेशनल वाणिज्य विशेषज्ञों विशेष  तौर पर लागत एवं प्रबन्ध लेखाकारों की भूमिका और बढ गई हैं।

मुख्य अतिथि ने बताया कि मेक इन इण्डिया के सपने और डिजिटल इण्डिया को साकार बनाने में लागत एंव प्रबन्धकीय लेखाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

वे रविवार को दी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउन्टेन्ट्स ऑफ इण्डिया, कोटा चेप्टर में सीएमए मेम्बर्स मीट एवं सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। सीएमए संस्थान के उत्तर क्षैत्रीय परिषद के चेयरमेन सीएमए सुनिल सिंह ने वर्तमान परिपेक्ष्य में सीएमए सदस्यों द्वारा लागत लेखा क्षैत्र में प्रेक्टिस एवं करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि सीएमए रवि साहनी ने सीएमए कोर्स के साथ सर्टिफिकेट इन एकाउन्टिंग टेक्निशयन कोर्स (केट कोर्स) की में जीएसटी में करियर की अपार संभावनाओं के बारें मे बताया।   विशिष्ट अतिथि सीएमए राजेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि कोटा में सीएमए कोर्स में विद्यार्थियों के प्रवेश व कॅरियर की अपार संभावनाऐं है।

जयपुर चेप्टर के चेयरमेन विशिष्ट अतिथि सीएमए राकेश यादव ने बताया कि वर्तमान परिपेक्ष्य में राजस्थान में सीएमए पास विद्यार्थियों को करियर की अपार संभावनाऐं है।माह अक्टूबर में जयपुर चेप्टर में करीब 200 पदों हेतु सीएमए पास विद्यार्थियों के इन्टरव्यू लिए गये थे ।

जिसमें अच्छे प्लेसमेन्ट हुये।  सीएमए आरजी वर्मा ने बताया कि 1987 से अब तक सीएमए कोटा चेप्टर ने वट वृक्ष का रूप धारण कर लिया है। यह सब कोटा चेप्टर के सदस्यों की टीम भावना का परिणाम है।

इस मौके पर सीएमए संस्थान के उत्तर क्षैत्रीय परिषद के चेयरमेन सीएमए सुनिल सिंह को गेस्ट ऑफ ऑनर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सीएमए संस्थान के उत्तर क्षैत्रीय परिषद के पूर्व चेयरमेन सीएमए रवि साहनी, कोषाध्यक्ष सीएमए राजेन्द्र सिंह भाटी,जयपुर चेप्टर के चेयरमेन सीएमए राकेश यादव एवं कोटा चेप्टर के फाउन्डर एवं पेट्रन सीएमए आरजी वर्मा तथा बडी संख्या में सीएमए संस्थान के विभिन्न चेप्टर्स के सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सीएमए जय बंसल, सचिव कोटा चेप्टर ने किया।

इनका किया सम्मान
कार्यक्रम में उत्तर क्षैत्रीय परिषद के चेयरमेन सीएमए सुनिल सिंह एवं कोटा चेप्टर चेयरमेन सीएमए एन.एन मित्तल ने मुख्य अतिथि ओम बिरला का, कोटा चेप्टर की स्थापना से लेकर अभी तक के सभी कार्यकारिणी सदस्यों, फेकल्टीज ,फाईनल एवं इन्टर उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सीएमए अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्वारा शॉल ओढाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया। साथ ही फाउन्डेशन कोर्स में कोटा सेन्टर से प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

देश में इस्लामिक बैंकिंग की जरूरत नहीं: आरबीआई

नई दिल्ली । एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश में इस्लामी बैंकिंग की शुरूआत करने वाले प्रस्ताव पर हामी नहीं भरी है।

एक आरटीआई के जवाब में केंद्रीय बैंक ने कहा कि सभी नागरिकों तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने के “व्यापक और समान अवसर” पर विचार करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया है।

आरटीआई में दिए गए जवाब में कहा गया, “इस्लामिक या शरिया बैंकिंग ब्याज रहित सिद्धांतों पर आधारित एक वित्तीय प्रणाली है, क्योंकि इस्लाम में ब्याज की मनाही है। भारत में इस्लामी बैंकिंग की शुरूआत के मुद्दे पर आरबीआई और भारत सरकार की ओर से जांच की गई।”

केंद्रीय बैंक ने कहा, “इस संदर्भ में, सभी नागरिकों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने के लिए व्यापक और समान अवसरों की उपलब्धता को मद्देनजर रखते हुए यह तय किया गया है कि इस प्रस्ताव को आगे न बढ़ाया जाए।”

आरटीआई में आरबीआई से क्या पूछा गया: इस आरटीआई में भारतीय रिजर्व बैंक को भारत में इस्लामिक या ‘ब्याज-मुक्त’ बैंकिंग की शुरूआत के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देने के लिए कहा गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को जन धन योजना लॉन्च की थी। यह वित्तीय समावेशन के तहत पूरे देश को लाने के लिए उठाया गया एक राष्ट्रीय मिशन था।

साल 2008 के आखिर में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की अध्यक्षता में वित्तीय क्षेत्र में सुधारों के लिए एक समिति का गठन किया गया था, जिसने देश में ब्याज मुक्त बैंकिंग के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने पर बल दिया था।

दो टैक्स स्लैब्स में सिमट जाएगा जीएसटी, राज्य सरकारों का दबाव

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नई दिल्ली। केंद्र और राज्य सरकारें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बदलावों को लेकर चर्चा करती रही हैं, खासकर टॉप ब्रैकिट के टैक्स की। लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि अगस्त में अनुमान से ज्यादा टैक्स जमा होने की वजह से ही आखिरकार इस दिशा में आगे बढ़ने की हिम्मत मिली और टॉप टैक्स स्लैब के 175 से ज्यादा आइटम्स सस्ते कर दिए गए।

ज्यादा टैक्स कलेक्शन से मिला रेट कट का हौसला
लेनदेन न्यूज़ को बताया कि राज्यों की नजर जुलाई महीने के 17,000 करोड़ रुपये के टैक्स घाटे पर थी। हालांकि अगस्त तक यह घाटा 7000 करोड़ रुपये तक आ गिरा और ऑटोमोबिल्स, एअरेटिड ड्रिंक्स तथा तंबाकू पर लगाए गए सेस से करीब 8,000 करोड़ रुपये जमा हो गए तो मंत्रियों को सांस लेने की थोड़ी जगह मिली और रेट कट के लिए आगे बढ़ने का हौसला।

दो टैक्स स्लैब्स में सिमट जाएगा जीएसटी?
लेनदेन न्यूज़ ने जिन मंत्रियों से बात की उन्होंने कहा कि अगले दौर के बदलाव के बारे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि रूपरेखा पूरी तरह स्पष्ट है। अगले कुछ महीनों में जब जीएसटी काउंसिल की मीटिंग होगी तो टॉप ब्रैकिट में बाकी बचे 50 आइटम्स को भी 28% के टैक्स स्लैब से निकाल लिया जाएगा।

बड़ी बात यह है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली शुक्रवार को इस मुद्दे पर बात करने से बचते दिखे, लेकिन अधिकतर राज्यों की चाहत है कि जीएसटी के स्लैब्स जल्द-से-जल्द घटकर तीन रह जाएं।

सूत्रों ने कहा कि गुवाहाटी में जीएसटी काउंसिल मीटिंग के दौरान कुछ राज्यों ने जीएसटी को धीरे-धीरे मात्र दो स्लैब्स तक समेटने पर जोर दिया क्योंकि वे इसे नई टैक्स व्यवस्था को सही से लागू करने का साफ-सुथरा और आसान तरीका मानते हैं।

12% और 18% का स्टैंडर्ड
जब जीएसटी की कल्पना की गई तो योजना एक या ज्यादा-से-ज्यादा दो टैक्स रेट की थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से सरकार को चार टैक्स स्लैब्स तय करने पड़े। इसकी विपक्ष और एक्सपर्ट्स ने खूब आलोचना की।

सूत्रों ने यह कहते हुए दो दरों वाले जीएसटी सिस्टम को लेकर कोई अनुमान जताने से इनकार कर दिया कि यह प्रस्ताव अब भी ‘चर्चा के दौर में’ है और ऐसा करने में अभी वक्त लगेगा।

तत्काल तो यही है कि जीएसटी रेट स्ट्रक्चर में अगले दौर के बदलाव के तहत 18% वाले आइटम्स की लिस्ट छोटी की जाएगी और धीरे-धीरे 12% और 18% के दो स्टैंडर्ड रेट्स तक जीएसटी को सीमित कर दिया जाएगा।

केंद्र का डर
दरअसल, टैक्स स्लैब्स में कटौती को लेकर केंद्र सरकार में डर का भाव है कि इससे रेवेन्यू घट जाएगा। यही कारण है कि 28% प्रतिशत वाली लिस्ट को छोटा करने का फैसला लेने में गुवाहाटी मीटिंग तक का वक्त लग गया।

केंद्र सरकार ने टॉप ब्रैकिटवाले अधिकतर आइटम्स को सस्ता करने का फैसला तभी लिया जब बीजेपी का दबाव पड़ा और अगस्त में अनुमान से ज्यादा रेवेन्यू हासिल हो गया।

बीजेपी और चुनाव का दबाव
बीजेपी के नेतृत्व वाले राज्यों के वित्त मंत्रियों ने माना कि ऊंची टैक्स दर से जीएसटी की छवि खराब हुई और लोगों के मन में इस नई व्यवस्था के प्रति गलत धारणा बनने लगी कि इससे सामान महंगे हो गए हैं।

मंत्री ने कहा, ‘ऊपर से ऐसा लगा कि टैक्स रेट बहुत ज्यादा है जबकि हकीकत में पहले कुछ प्रॉडक्ट्स पर वैट और सर्विस टैक्स जोड़कर ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा था।’

विपक्ष गुजरात चुनाव में जीएसटी पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने रेट कट का फैसला ले लिया जबकि इससे टैक्स कलेक्शन में 20,000 करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है।

2030 तक देश में 55 नए एयरपोर्ट की जरूरत

मुंबई। देश में मुंबई, दिल्ली और चेन्नै जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या का भारी दबाव है तो अगरतला, देहरादून, गुवाहाटी, जयपुर, कोझिकोड, लखनऊ, पुणे, श्रीनगर और त्रिची जैसे छोटे एयरपोर्ट भी अपनी क्षमता से अधिक यात्रियों को संभाल रहे हैं।

संभावना है कि भारतीय एयरपोर्ट सिस्टम वित्त वर्ष 2022 तक अधिकतम संरचनात्मक क्षमता को पार कर जाएगा और यदि नए एयरपोर्ट प्रॉजेक्ट्स में देरी हुई तो यह पहले भी हो सकता है।

सभी संभव ढांचागत और ऑपरेशनल सुधार के बाद अधिकतम यात्रियों को संभालने की एयरपोर्ट की क्षमता को अधिकतम संरचनात्मक क्षमता कहते हैं। इसके बाद एक मात्र विकल्प है अलग-अलग जगहों पर नए एयरपोर्ट बनाना।

एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आगमन/प्रस्थान के लिए समय और पार्किंग का स्थान हासिल करना है। भारतीय विमानन कंपनियां अगले 5 साल में 350-400 नए विमान लाएंगी।

CAPA रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इन विमानों को भी कहीं उड़ाया जाएगा। मेट्रो शहरों के एयरपोर्ट्स के अति व्यस्त होने की वजह से एयरलाइंस कंपनियों को अगले 3 साल में टियर-2 शहरों पर फोकस करना होगा।’

इसके अलावा पार्किंग की समस्या है। कंपनियां A320 और B737 जैसे विमानों को रात में कहां पार्क करेंगी? रातभर के लिए पार्किंग स्पेस पाना अभी ही एयरलाइंस कंपनियों के लिए चुनौती है। अगले 5 साल में इतने नए विमान आने से यह समस्या और भी बढ़ेगी।

सीएपीए-साउथ एशिया के सीईओ और डायरेक्टर कपिल कौल इसे ‘निकटतम संकट की स्थिति’ बताते हैं। उन्होंने कहा, ‘इतने बड़े एयरपोर्ट ढांचा विकास के वास्तविक प्लान को तैयार करने के लिए कुछ सालों का समय लगेगा।

संकट जैसी स्थिति में भी भारत का बर्ताव अनौपचारिक और अपर्याप्त है। 2030 तक 5-6 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को संभालने के लिए नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की जरूरत है।’ 2030 तक भारत में 55 नए एयरपोर्ट्स की आवश्यकता है।

इसके लिए करीब 150,000-200,000 एकड़ जमीन की चाहिए। इस पर करीब 36-45 अरब डॉलर निवेश की आवश्यकता है।

पिछले 3 सालों में घरेलू यात्रियों की संख्या 18.9 फीसदी की गति से बढ़ी और 6.1 करोड़ से 10.3 करोड़ हो चुकी है। भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा घरेलू बाजार है।

SMS भेजकर आम आदमी को जागरूक करेगा आरबीआई

मुंबई। रिजर्व बैंक धोखेबाजों के फर्जीवाड़े और जालसाजी से लोगों को बचाने के लिए बड़ा अभियान छेड़ेगा। केंद्रीय बैंक ‘सुनो आरबीआई क्या कहता है’ अभियान के तहत एसएमएस भेजकर आम आदमी को जागरूक करेगा। 

रिजर्व बैंक ने बैंकिंग, बीमा, शेयर बाजार और चिट फंड योजनाओं में बढ़ते फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी को लेकर यह कदम उठाया है। पिछले कुछ सालों में मोबाइल कॉल, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने और ठगने की घटनाएं बढ़ी हैं।

रिजर्व बैंक ने कहा कि भारत का केंद्रीय बैंक जल्द ही एक जनजागरण अभियान शुरू करेगा। इसमें एसएमएस के माध्यम से लोगों को उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न बैंकिंग कानूनों के प्रति जागरूक करेगा। रिजर्व बैंक ‘आरबीआई से’ (आरबीआई कहे) पहचान के साथ यह संदेश भेजेगा।

केंद्रीय बैंक पहली बार लोगों को जागरूक करने के लिए उसी माध्यम का उपयोग कर रहा है जिसका उपयोग धोखेबाज ठगने के लिए करते हैं।
     
मिस्ड कॉल देकर फर्जी कॉलों का पता लगाएं
रिजर्व बैंक के अनुसार, लोग 8691960000 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर फर्जी कॉलों या ई मेल की सच्चाई जान सकते हैं। इसमें आईवीआर सिस्टम के जरिये मदद की जाएगी। इस पर आम आदमी को निवेश के सुरक्षित विकल्पों की जानकारी के साथ चिट फंड के जोखिम को लेकर सावधान किया जाएगा। 

हिम्मत है तो दूसरे धर्म पर भी फिल्म बनाकर दिखाएं-राजावत

पद्मावती का विरोध करते हुए कहा-प्रदर्शित नहीं होने देंगे फिल्म

कोटा।अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले लाडपुरा से भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत ने शनिवार को एक बार फिर बयान दिया।

पद्मावती फिल्म का कड़ा विरोध करते हुए राजावत ने कहा कि यदि किसी फिल्म निर्माता में हिम्मत है तो दूसरे धर्मों पर भी फिल्म बनाकर बताएं, हिंदू धर्म की सहिष्णुता का नाजायज फायदा नहीं उठाएं।

उन्होंने कहा कि पद्मावती केवल राजपूत समाज बल्कि पूरे हिंदू समाज के लिए शौर्य और बलिदान की प्रतीक हैं। उन्हें इस तरह दर्शाया जाना राजस्थान की आन-बान-शान और मेवाड़ के गौरव का घोर अपमान है।

यदि निर्माता को रानी पद्मावती पर फिल्म ही बनानी थी तो उनके 16 हजार रानियों के साथ जौहर करने पर फिल्म बनाते, जिसे देखकर वर्तमान पीढ़ी के भी रोंगटे खड़े हो जाते।

लेकिन, निर्माता ने वास्तविक तथ्यों को तोड़ मरोड़कर उपन्यास पर आधारित फिल्म बनाकर राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को चुनौती दी है। इसलिए राज्य में हिंदू समाज इस फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने देगा।

पद्मावती हिंदू समाज के स्वाभिमान की प्रतीक
राजावत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे राज्य में हालात खराब हों, इससे पहले राजस्थान में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दें। विधायक ने कहा कि राजस्थान की वीरता, पराक्रम और शौर्य के इतिहास को पढ़कर ही देश-विदेश के करीब 2 करोड़ पर्यटक हर साल राजस्थान आते हैं। रानी पद्मावती हिंदू समाज के स्वाभिमान की प्रतीक हैं।

फिल्म पद्मावती विवाद : राजपूत संगठनों की चित्तौड़ किला बंद की धमकी

  • आमेर में जयपुर टूरिस्ट गाइड ने किया प्रदर्शन,
  • नकवी ने कहा- फिल्म को फिल्म की तरह देखो
  • गोयल बोले- कहानी सामने आने के बाद विरोध करना चाहिए

जयपुर/चित्तौड़गढ़।
फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजपूत समाज और घराने फिल्म को इतिहास के साथ खिलवाड़ और रानी पद्मिनी का अपमान बता रहे हैं। जगह-जगह प्रदर्शन के साथ सेंसर बोर्ड को लेटर लिखे जा रहे हैं। भाजपा के दो केंद्रीय मंत्रियों ने बयान देकर नई बहस छेड़ दी है।

हज कमेटी के सम्मान समारोह में बांदीकुई आए नकवी ने कहा ‘मेरा तो यही रुख है कि फिल्म को फिल्म की तरह देखो और समझो’। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय सांख्यिकी राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि जनता को कहानी सामने आने के बाद विरोध करना चाहिए।

उधर, चित्तौड़गढ़ में फिल्म के विरोध में दूसरे दिन शनिवार को भी दुर्ग के पहले दरवाजे पाडनपोल के पास सर्व समाज के बैनर तले धरना जारी रहा। धरने के साथ ही जौहर भवन में हुई बैठक में 16 नवंबर तक फिल्म के बैन नहीं करने पर 17 नवंबर को किला बंद कर उसमें पर्यटकों की आवाजाही रोक देने की चेतावनी दी है।

थप्पड़ तो ट्रेलर था: गोगामेड़ी
सुखदेव गोगामेड़ी ने कहा कि भंसाली को थप्पड़ तो सर्व समाज का उनके प्रति आक्रोश का एक ट्रेलर था। फिल्म रिलीज हुई तो इस विरोध की बाकी फिल्म भी भंसाली को देखने को मिल जाएगी।

किले में शूटिंग से पहले पढ़ेंगे स्क्रिप्ट
विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह के पुत्र देवायुष सिंह ने फिल्म को रोकने के लिए सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा है। फिल्म की शूटिंग राजस्थान में ही हुआ, तब किसी ने विरोध क्यों नहीं किया, इस सवाल पर सिंह ने कहा कि हम इस बात पर सहमति बनाएंगे कि ऐतिहासिक फिल्मों की शूटिंग से पहले उसकी स्क्रिप्ट पूरी पढ़ी जाए।

आवक बढ़ने से धान 50 रुपये गिरा, सोयाबीन मंदा, उडद तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक1लाख की रहीं। धान की आवक 70 हजार बोरी की रहीं। कमजोर उठाव और आवक बढ़ने से धान 50 सोयाबीन 25 रुपये प्रति क्विंटल मंदा, आवक की कमी से उडद 150 गेहू 20 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा । 

गेहूं मिल 1550 से 1590 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1750 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2000 से 2350 पूसा- 1 2200 से 2500 पूसा-4 (1121) 2500 से 2925 धान (1509) 2000 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2200 से 2715 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली 5000 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी 2000 से 2600 धनिया बादामी 3400 से 3850 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3850 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

चना 4000से 4700 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 ग्वार 2500 से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 800 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल ।।