Saturday, July 11, 2026
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कोटा में फूड फेस्टिवल आज से, 30 स्टॉल्स पर मिलेंगे पराठे, दाल-बाटी और चूरमा

कोटा। किशोर सागर तालाब आर्ट गैलेरी रोड पर शनिवार से मेट्रो सिटी की तर्ज पर शहरवासियों के लिए दो दिवसीय फूड फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जाएगा।

परिंदों का सफर और पर्यटन विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम 19 नवंबर तक लगेगा। इसमें शहर की 30 से अधिक स्टॉल्स होंगी। इसमें शहरवासियों को टोल फ्री पराठे, दाल बाटी चूरमा, तवा आईसक्रीम से लेकर राजस्थानी विंटर थाली, 10 प्रकार की चाय, 15 तरह के बर्गर की स्टाल्स लगेंगी।

यहां होटेलियर से लेकर कुकिंग कक्षाओं, कैफे, रेस्टोरेंट, कुकिंग क्लासेज द्वारा बनाए जाने वाले नए फूड शो का मौका भी मिलेगा।परिंदों के सफर संस्थापक सारांश रामावत ने बताया कि बड़े शहरों की तर्ज पर अब कोटा के प्रमुख कैफे संचालक यहां अपने अपने आयटम का प्रमोशन करेंगे। उन्होंने बताया कि महिलाओं को यहां रेसिपी की भी जानकारी मिलेंगी।

संस्थापक रामावत ने बताया कि यहां विभिन्न व्यंजन सहित अन्य आयटम होंगे। इसके अलावा इवैंट के मुख्य आकर्षक राजस्थानी लुक राजस्थानी थीम पर बना सेल्फी प्वाइंट भी रहेगा। सहसंस्थापक हर्षिता सुमन ने बताया की कार्यक्रम का उद्‌घाटन शनिवार दोपहर 2 बजे से होगा जो रात्रि 10 बजे तक चलेगा।

इस दौरान बैंड प्रस्तुति, काव्य पाठ, किड्स शो सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। 19 नवंबर को दोपहर 12 से 4 बजे तक हेल्दी बेबी शो, फैंसी ड्रेस, शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक लोक सतरंगी कार्यक्रम होंगे। फेस्टीवल में फोटाेग्राफी से लेकर हैंड मेड आयटम सहित अन्य का डिस्प्ले होगा

तीन स्टोन कारोबारियों के यहां 50 करोड़ की अघोषित आय उजागर

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3 करोड़ की ज्वैलरी, 1 करोड़ नकदी भी बरामद, 3 दिन तक चली कार्रवाई

कोटा। जिले के तीन स्टोन कारोबारियों के यहां आयकर छापे में शुक्रवार को 50 करोड़ रुपए की अघोषित उजागर हुई है।  साथ ही 3 करोड़ रुपए की ज्वैलरी, 1 करोड़ रुपए की नकदी भी मिली है, जिन्हें विभाग ने सीज किया है।

आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग उदयपुर के एडिशनल निदेशक एम रघुवीर ने बताया कि विभाग ने तीनों कारोबारियों के यहां से व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। आयकर विभाग दस्तावेजों की जांच करेगा। आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई बुधवार सुबह से शुरू हुई थी जो शुक्रवार को तीन दिन में पूरी हुई। 

विभाग की अलग-अलग टीमों ने कोटा स्टोन का कारोबार करने वाली बनास स्टोन, गुडविल स्टोन गोल्डन स्टोन फर्म के  ऑफिसों पर छापे मारे थे। इस दौरान उनके पार्टनर से भी पूछताछ की गई। तीन दिन तक कोटा, रामगंजमंडी, सुकेत, नयागांव, चेचट, झालावाड़, टोंक, उदयपुर और जयपुर में संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई चली।

विभाग की टीम ने शुक्रवार को व्यापारियों के बैंक खातों लॉकर्स की जानकारी जुटाई । साथ ही व्यापारियोंं के यहां पर मिली हिसाब की पर्चियों कोडवर्ड में लिखे गए हिसाब-किताब की भी जांच की गई। व्यापारियों की फैक्ट्रियों स्टॉक में भी जांच की गई। 

विदेशी छात्र सीधे JEE-ADVANCED देंगे जबकि भारतीय JEE-MAINS से चुने जाएंगे

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  • जेईई-एडवांस्ड,2018 का पोस्टर जारी।
  • जेईई-मेन में शीर्ष रैंक से चयनित हांगे 2.24 लाख भारतीय विद्यार्थी, जबकि विदेशी छात्र सीधे जेईई-एडवांस्ड दे सकेंगे।
  • प्रत्येक कोर्स में 10 फीसदी सीटों पर विदेशी छात्रों को एडमिशन।

अरविंद, कोटा। आईआईटी कानपुर ने देश के 23 आईआईटी में दाखिले के लिए 20 मई,2018 को होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा,उच्च (जेईई-एडवांस्ड) का पोस्टर अधिकृत वेबसाइट www.jeeadv.ac.in पर जारी कर दिया। इसमें विदेशी स्टूडेंट जिन्होंने 12वीं बोर्ड या समकक्ष परीक्षा पास की है, वे सीधे जेईई-एडवांस्ड परीक्षा दे सकेंगे। उनके लिए जेईई-मेन देना अनिवार्य नही होगा।

इसके अनुसार, जेईई-एडवांस्ड,2018 परीक्षा भारत के 120 शहरों सहित 6 अन्य देशों में अदीस अबाब (इथोपिया), कोलम्बो (श्रीलंका), ढाका (बांग्लादेश), काठमांडु (नेपाल) तथा दुबई (यूएई) व सिंगापुर में कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में होगी। भारतीय विद्यार्थियों के लिए 5 पात्रताएं अनिवार्य होंगी जबकि विदेशी छात्रों को 4 पात्रताएं पूरी करनी होंगी। पोस्टर के अनुसार, सभी आईआईटी के प्रत्येक कोर्स में 10 प्रतिशत सीटें विदेशों से चयनित स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।

देश के 9 पुराने प्रीमियर आईआईटी संस्थानों तथा 14 नए आईआईटी जोधपुर, इंदौर, मंडी, गांधीनगर, भिलाई, भुवनेश्वर, धारवाड़, जम्मू, पालक्काड़, पटना, रोपड़, तिरूपति व गोवा में बीटेक, बीआर्क, इंटीग्रेटेड मास्टर्स तथा ड्यूल डिग्री प्रोग्राम की 11,000 से अधिक सीटों के लिए 2.24 लाख परीक्षार्थियों के बीच कड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।

इससे पहले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए वेबसाइट पर फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ्स का विस्तृत सिलेबस जारी कर दिया गया। गौरतलब है कि जेईई-मेन,2017 से शीर्ष रैंक वाले 2.20 लाख परीक्षार्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया लेकिन उनमें से 1.59,540 ने ही एडवांस्ड परीक्षा दी थी, जिसमें 50,455 काउंसलिंग के लिए क्वालिफाई हुए थे। 2017 में आईआईटी की 10,988 सीटों में से अंतिम काउंसलिंग के बाद 121 रिक्त रह गई थीं।

ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड, (जेब) के अनुसार, आईआईटी,कानपुर द्वारा जेईई-एडवांस्ड,2018 में देश के 7 आईआईटी जोन से जुडे़ 120 शहरों में कम्प्यूटर युक्त परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। 20 मई को पेपर-1 सुबह 9 से 12 बजे तथा पेपर-2 दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा।

ये हैं पांच अनिवार्य पात्रताएं-

  • अभ्यर्थी जेईई-मेन,2018 के शीर्ष 2.24 लाख विद्यार्थियों में चयनित हो।
  • अभ्यर्थी का जन्म 1 अक्टूबर,1993 या उसके बाद हुआ हो। रिजर्व केटेगरी व दिव्यांग को अधिकतम उम्र सीमा में 5 वर्ष की छूट रहेगी।
  • अभ्यर्थी 2016 में जेईई-एडवांस्ड या उससे पहले शामिल नही हुआ हो।
  • 2017 या 2018 में पहली बार 12वीं बोर्ड परीक्षा दी हो।
  • उसने पहले किसी आईआईटी में एडमिशन नहीं लिया हो।

आईआईटी में दाखिले के लिए कोई एक शर्त अनिवार्य
1- 12वीं बोर्ड या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम 75 फीसदी तथा आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 65 फीसदी हों।
2- अभ्यर्थी 12वीं बोर्ड या समकक्ष परीक्षा में केटेगरी के अनुसार, टॉप-20 परसेंटाइल में हो।

परीक्षा शुल्क पर भी जीएसटी की मार
सूत्रों ने बताया कि अप्रैल,2018 के चौथे सप्ताह में जेईई-एडवांस्ड के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ होंगे। जिसमें सभी श्रेणी के परीक्षार्थियों को निर्धारित पंजीयन शुल्क के साथ जीएसटी भी देना होगा।

अभिभावकों ने मांग की कि ऑनलाइन परीक्षा का पंजीयन शुल्क पहले से अधिक लिया जा रहा है, ऐसे में जीएसटी का अतिरिक्त भार देश के 2.24 लाख विद्यार्थियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को इसमें छूट दी जानी चाहिए।

केटेगरी पंजीयन शुल्क (जीएसटी अतिरिक्त)
सामान्य वर्ग 2600 रू
गर्ल्स एवं रिजर्व श्रेणी – 1300 रू
विदेशी परीक्षार्थियों का शुल्क :
सार्क देशों के लिए – 160 यूएस डॉलर
गैर सार्क देशों के लिए- 300 यूएस डॉलर

सेंसर बोर्ड ने फिल्मकारों को वापस की ‘पद्मावती’, जानें पूरा मामला

मुंबई। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने संजय लीला भंसाली निर्देशित ‘पद्मावती’ को फिल्मकारों के पास वापस भेज दिया है क्योंकि प्रमाणन के लिए आवेदन अधूरा था।

सीबीएफसी के अनुसार मुद्दा सुलझाने के बाद बोर्ड के पास फिल्म भेजे जाने पर तय मानदंडों के मुताबिक एक बार फिर इसकी समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि फिल्म को लेकर कई राजपूत समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
      
सीबीएफसी में एक सूत्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘प्रमाणन के लिए फिल्म को पिछले सप्ताह भेजा गया था। जैसा कि आमतौर पर करते हैं, हमने दस्तावेजों की जांच की। फिल्मकारों को यह बता दिया गया है कि उनका आवेदन अधूरा है। उन्हें इसे दूर करना होगा और फिर इसे ठीक कर वापस भेजना होगा, जिसके बाद हम उसे फिर से देखेंगे।’
  
सूत्र ने बताया, ‘कमियों को ठीक करने के बाद जब वे (फिल्मकार) हमारे पास इसे भेजेंगे तो हम एक बार इसकी जांच करेंगे और फिल्म के लिए प्रमाणन की बारी आने पर इसकी भी जांच जाएगी।’

बहरहाल किस आधार पर आवेदन में कमी निकाली गई जिसके कारण इसे संशोधन के लिए फिल्मकारों को वापस भेजा गया, इस बारे में सूत्र ने विस्तत जानकारी देने से इनकार कर दिया।

फिल्म की स्क्रीनिंग की तारीख के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने बताया, हमारे पास एक बार फिल्म आ जाए फिर इसे देखने के बाद हम निर्णय लेंगे। कोई अपवाद ( पद्मावती मामले में) नहीं होगा।  
      
वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के सीओओ अजित एंधेरे ने इन रिपोर्ट की पुष्टि की। उन्होंने भी यही बताया कि यह सच है। लेकिन सीबीएफसी के साथ फिल्म का कुछ मामूली तकनीकी मुद्दा है। फिल्म देखने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता।  

गजक वालों की डिमांड से तिल्ली बढ़िया 500 रुपए क्विंटल तेज

कोटा. भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को माल की कुल आवक 1लाख की रहीं। लहसुन की आवक 6000 हजार कट्टे,  धान की आवक 70 हजार बोरी की रहीं। आवक बढ़ने से धान पूसा -1 50 रुपए प्रति क्विंटल, सुगन्धा में 25 रुपए प्रति क्विंटल मन्दा रहा और गजक वालों की डिमांड से तिल्ली बढ़िया 500 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा।

गेहूं मिल 1550से 1570 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1750 रुपए प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2000 से 2350 पूसा 1 2200 से 2550 पूसा-4 (1121) 2500 से 3061धान (1509) 2000 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2200 से 2721 सरसो 3200 से 3500 तिल्ली 5700 से 7400 रुपए प्रति क्विंटल।

मैथी 2000 से 2600 धनिया बादामी 3400 से 3850 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 3600 उडद 2400 से 3650 चना 4000से 4600 चना काबुली 7000 से 10500 रुपए प्रति क्विंटल।

चना पेपसी 4500 से 4800 चना मौसमी 4500 से 5000 मसूर 3000 से 3300 रुपए प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3350 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000  रुपए प्रति क्विंटल। लहसुन 800 रू से 3600 रुपए प्रति क्विंटल।। 

कोटा सर्राफा   
चांदी 40000 रुपए प्रति किलोग्राम
सोना केटबरी 30450 रुपए प्रति 10 ग्राम, सोना 35520 रुपए प्रति तोला
सोना शुद्ध 30600 रुपए प्रति 10 ग्राम, सोना 35700 रुपए प्रति तोला

मूडीज का रेटिंग सुधार, शेयर बाजार में भी बहार

नई दिल्ली। ग्लोबल रेटिंग्स एजेंसी मूडीज ने 13 साल बाद भारत की रेटिंग में सुधार का ऐलान किया है। इससे मोदी सरकार की बांछें खिल गई हैं क्योंकि मूडीज ने अपने बयान में नोटबंदी और जीएसटी की जमकर तारीफ कर दी है। उधर, इस खबर से शेयर बाजार भी झूम उठा है।

सरकार ने मूडीज के ताजा फैसले को स्वागत योग्य बताया तो निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार पर टूट पड़े हैं।प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा, ‘मूडीज का मानना है कि मोदी सरकार के सुधार व्यावसायिक माहौल सुधारेंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे, विदेशी एवं घरेलू निवेश में तेजी लाएंगे और आखिरकार मजबूत एवं टिकाऊ विकास को प्रोत्साहन देंगे।’

इधर, रेवेन्यू सेक्रटरी (वित्त सचिव) हसमुख अधिया का कहना है कि निवेशकों ने सरकार के सुधारों का समर्थन पहले ही कर दिया था। अधिया ने ट्वीट किया, ‘लॉन्ग टर्म रिफॉर्म्स और फिस्कल कन्सॉलिडेशन के लिए सरकार ने जो रास्ता चुना उसका निवेशक उसका समर्थन कर चुके हैं। अब रेटिंग एजेंसी ने भी इसकी औपचारिक तौर पर पुष्टि कर दी है जो स्वागतयोग्य है।’

मूडीज रेटिंग का असर, बाजार की बंपर शुरुआत : वहीं, मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा कि रेटिंग में सुधार का ऐलान तो सही है, लेकिन इसमें बहुत देर हो गई। उन्होंने कहा, ‘यह स्वागतयोग्य है, लेकिन हमें लगता है कि इसमें बहुत देर हो गई। यह जीएसटी, बैंकरप्ट्सी और अन्य सुधारों को लेकर सरकार के कदमों पर मुहर लगाने जैसा है।’

भारत की रेटिंग सुधरने की पर शेयर बाजार ने भी शानदार प्रतिक्रिया दी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेसेंक्स शुक्रवार को 400 अंकों की उछाल लगाते हुए 33,388 पर शुरुआत की, वहीं निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

गौरतलब है कि अमेरिकी रेटिंग्स एजेंसी मूडीज ने शुक्रवार को भारत की सॉवरन क्रेडिट रेटिंग्स को एक पायदान ऊपर कर दिया। एजेंसी ने स्टेबल आउटलुक देते हुए भारत की रेटिंग ‘Baa2’ कर दी। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत सरकार के स्थानीय और विदेशी मुद्रा जारी करनेवाली रेटिंग्स ‘Baa2’ से बढ़ाकर ‘Baa3’ कर दी और रेटिंग आउटलुक को स्थिर से बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया।

कोटा में प्लास्टिक इंडस्ट्रीज का हब बनाना संभव – बिरला

  • प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी गांधी नगर में 7 से 12 फरवरी-18 तक
  • कोटा में जुटे देश के प्रमुख प्लास्टिक उद्यमी

कोटा। कोटा बूंदी के लोकसभा सदस्य सांसद ओम बिरला ने कहा है कि कोटा में प्लास्टिक इंडस्ट्रीज का हब बनाया जा सकता है। यहाँ प्लास्टिक इंडस्ट्रीज की अपर सम्भवना है। इसके लिए केंद्र से बात करेंगे।

बिरला गुरुवार रात्रि को राजीव नगर के एक होटल में प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन के प्रिव्यू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले हमें लगता था कि पर्यावरण की अतिचिंता करने वाले विकास में बाधक है,लेकिन अब जिस तरीके से पर्यावरणीय संकट आया है उससे स्पष्ट है कि पर्यावरण चिंतक विकास में बाधक नहीं अपितु सहायक है। उनका सोच देश के हित में रहा है।

बिरला ने कहा कि दुनिया में आज पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता है। जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बहुत बढ़ा है।प्लास्टिक सौ प्रतिशत रिसाईकिल किया जाता है।बिरला ने कहा कि हाड़ौती के उद्यमी शेखावाटी के समान देश में व्यापार करने नहीं निकले,  क्योंकि यहां पानी का वरदान होने के कारण रोटी की समस्या नहीं रही। कृषि का भरपूर विकास हुआ। प्लास्टिक इंडस्ट्रीज विकास का बड़ा हिस्सा है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी 7 से 12 फरवरी को गांधी नगर में
फाउंडेशन के नेशनल प्रमोशन कमेटी के चेयरमेन सीवी जैन ने बताया कि अगले वर्ष 2018 में 7 से 12 फरवरी तक गांधीनगर में विश्व की तीसरी बड़ी एवं एशिया की नम्बर वन प्रदर्शनी एक लाख 25 हजार स्क्वायर मीटर क्षैत्र में लगेगी जिसमें प्लास्टिक के उत्पादों को विश्व स्तर का मंच प्रदान किया जाएगा।

प्रदर्शनी में 2000 उद्यमी होंगे जिनमें से 600 देश के बाहर के होंगे। 2 लाख से अधिक दर्शक इसे देखेंगे और प्लास्टिक पुर्नचक्रण से बने उत्पादों को देखेंगे। जैन ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन प्लास्टिक से शुरू होता है और उसी से खत्म होता है।प्लास्टिक पर्यावरण का मित्र है यही बताना प्रदर्शनी का उद्देश्य है।

आज के दौर में प्लास्टिक के उपयोग से कारें कम वजन की बन रहीं है जिससे इंर्धन कम खर्च हो रहा है। हवाई जहाज भी कम ईंधन काम में लेने लगा है। प्लास्टिक फर्नीचर के कारण लकड़ी का इस्तेमाल घटा है और जंगलों को बचाने में मदद मिलती है।

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में काम कर रहे फाउंडेशन की एनवायरमेंट कमेटी के चेयरमेन अतुल कानूगो ने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट को दुबारा उपयोग में लेकर रिसाईकिल के लिए उद्यमी आग आ रहे हैं लेकिन प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की शर्तें बाधक है। प्रदूषण नियंत्राण मण्डल को उद्यमियों के मन से भय को दूर करना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षैत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक रिसाईक्लिर्स अपना आवेदन विभाग में ऑनलाईन करें उसकी सुविधा उपलब्ध हैं। विभाग किसी उद्यमी को परेशान करने की नीसत नहीं रखता। नियमों का उल्लंघन न हो इसका जरूर घ्यान रखा ध्यान रखा जाता है।

जयुपर से राजस्थान प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय धानुका ने स्वागत भाषण में बताया कि प्लास्टिक उद्योगों के विकास की काफी संभावना है।ऐसासिएशन से राजस्थान के सभी उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है। कोटा में महेश यादव को जिम्मेदारी दी गई है।

नेशनल प्रमोशन कमेटी के को चेयरमेन श्रवण कुमार शर्मा एवं कोषाध्यक्ष संजय शर्मा ने भी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर विचार व्यक्त किए। कोटा लघु उद्योग काउंसिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती ने प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के नियमों को बड़ी बाधा बताते हुए इनके निदान की बात कही।

कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा,प्रो. कपिलदेव शर्मा,कोटा एनवारमेंटल सेनीटेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. सुसेन राज, सचिव एवं पर्यावरणविद् बृजेश विजयवर्गीय,अशीष अग्रवाल , उद्यमी राजेंद्र अग्रवाल, आर्किटेक्ट ज्ञानचंद जैन, साइंस क्लासेज की स्नेह पारीख,आदि प्रमुख लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। एसोसिएशन के महासचिव गिरधर गोपाल गुप्ता ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

50 और डिफॉल्टर कंपनियों की लिस्ट जारी करेगा RBI

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक मोटा कर्ज लेने वाली लगभग 50 कंपनियों की नई लिस्ट जारी कर सकता है, जो कर्ज चुकाने में हीलाहवाली कर रही हैं या जिनके कर्ज को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स की कैटिगरी में जल्द डाला जा सकता है।

फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि आरबीआई इन अकाउंट्स के बारे में रेजॉलूशन का कोई रास्ता निकालने या कर्जदारों के खिलाफ बैंकरप्सी की कार्यवाही शुरू करने के लिए बैंकों के सामने 31 मार्च की डेडलाइन तय कर सकता है।

ये उन 41 अकाउंट्स से अलग हैं, जिनकी पहचान आरबीआई पहले ही कर चुका है और जिनमें से कई के बारे में बैंकों ने बैंकरप्सी की कार्यवाही शुरू कर दी है। सरकारी बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन पर चर्चा के दौरान ऐसे अकाउंट्स की नई लिस्ट की बात सामने आई।

अधिकारी ने बताया कि आरबीआई की ओर से चिह्नित इन एसेट्स को 2.1 लाख करोड़ रुपये के बैंक रीकैपिटलाइजेशन प्लान में शामिल किया गया था, लिहाजा बैंकों की कैपिटल रिक्वायरमेंट का जो अंदाजा लगाया गया था, रकम उससे ज्यादा नहीं बढ़ेगी।

हालांकि इन अकाउंट्स को एनपीए के रूप में दर्ज करने से बैंकों की प्रॉफिटैबिलिटी घटेगी क्योंकि उन्हें ऐसे अकाउंट्स के बदले ज्यादा प्रोविजनिंग करनी होगी।

अधिकारी ने कहा, ‘रीकैपिटलाइजेशन स्कीम की औपचारिकताओं पर आरबीआई से हमारी बातचीत चल रही है और इस बात पर भी गौर किया जा रहा है कि इन मामलों में बैंकों की प्रोविजनिंग संबंधी जरूरत बढ़ सकती है।’ उन्होंने इन अकाउंट्स का ब्योरा नहीं दिया। आरबीआई ने कॉमेंट के लिए भेजी गई ईमेल का जवाब नहीं दिया।

जून के अंत में सरकारी बैंकों के 7.33 लाख करोड़ रुपये बतौर एनपीए फंसे हुए थे। इसके चलते कर्ज देने की उनकी क्षमता प्रभावित हो रही है। संदिग्ध अकाउंट्स के लिए बड़ी प्रोविजनिंग के कारण कई बैंकों को बड़ा घाटा भी दर्ज करना पड़ा है।

एक बैंक एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘अगली लिस्ट उन अकाउंट्स की होगी, जिन्हें किसी कंसोर्शियम के अधिकतर लेंडर्स ने एसएमए-2 कैटिगरी में डाल दिया है।’ इस क्लासिफिकेशन का मतलब यह है कि लोन रीपेमेंट में 60 से 90 दिनों की देर हुई।

आरबीआई ने जिन 41 अकाउंट्स की पहचान की है, उनमें से अधिकतर को लेंडर्स ने बैड लोन के रूप में क्लासिफाई कर लिया है और समयबद्ध हल निकालने के कदम उठा लिए हैं।

मई में आरबीआई ने 12 स्ट्रेस्ड अकाउंट्स की पहचान की थी। इनमें से हर एक में 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज बकाया था। कुल मिलाकर इनमें फंसी रकम बैंकों के टोटल एनपीए का 25 पर्सेंट थी। आरबीआई ने इन अकाउंट्स का मामला बैंकरप्सी लॉ के तहत हल करने के लिए भेजा था।

15 जून के एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा था कि जिन अकाउंट्स को इनसॉल्वेंसी लॉ के तहत रेजॉलूशन के लिए चुना गया है, उनके लिए बैंकों को बकाया कर्ज के सिक्यॉर्ड हिस्से के कम से कम 50 पर्सेंट के लिए प्रोविजनिंग करनी होगी और अनसिक्यॉर्ड हिस्से के लिए अलग से 100 पर्सेंट प्रोविजनिंग करनी होगी।

बिग बोस : इस हफ्ते हिना होंगी घर से बाहर, जानें क्या है मामला

नई दिल्ली। टीवी का पॉपुलर शो बिग बॉस 11 में कब क्या हो जाए कुछ पता नहीं चलता। अब देखिए इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए बेनाफ्शा, सपना और हिना नॉमिनेट हुए थे। जिसमें से बेनाफ्शा का बाहर जाना तय माना जा रहा था, लेकिन हुआ इसके उल्टा और हिना अब घर से बाहर जा रही हैं। जी हां, इस हफ्ते हिना घर से बाहर होंगी।

हिना को घर से निकालकर कुछ दिनों के लिए सीक्रेट रूम में रखा जाएगा, जहां से वह पूरे घर का हाल देख पाएंगी। हिना सीक्रेट रूम में जाकर देखेंगी कि उनके घर से बाहर होने के बाद लोग उनके बारे में क्या कहते हैं।  वैसे मजा तो तब आएगा जब हिना सीक्रेट रूम से बाहर आएंगी। तब तो हंगामा होना लाज़मी है।

बिग बॉस के घर में चल रहा लव ड्रामा दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। वैसे तो बिग बॉस के घर में कई लव बर्ड्स आए और चले गए, पर सभी ने अपने हदों में रहकर ही प्यार किया। लेकिन इस बार के सीजन में आए पुनीश और बंदगी मे सारी हदे पार कर दी हैं। जी हां, आए दिन घर के अंदर वह कुछ ऐसा कर देते है, जिसकी वजह से वह चर्चा में बने रहते हैं।

घर में उन दोनों को इस हरकत का कोई फर्क पड़ रहा हो या नहीं पड़ रहा हो, लेकिन घर के बाहर उनकी फैमिली को पुनीश और बंदगी की इन हरकतों के कारण काफी कुछ सहना पड़ रहा है।  बता दें कि इस हफ्ते पुनीश और बंदगी ने सारी हदें पार करते हुए रात के अंधेरे में बाथरुम में बंद कर लिया।

इस हरकत के बाद बंदगी के घर वालों ने मीडिया वालों को एक बुरी खबर सुनाते हुए कहा कि, ‘बंदगी के लैंडलॉर्ड नहीं चाहते कि शो से बाहर आने के बाद वह उनके घर में रहें। इसलिए उन्होंने बंदगी के दोस्तों को फोन करके यह बोला कि अब बंदगी उस घर में नहीं रह सकती और जैसे ही वह शो से बाहर आएंगे उन्हें घर खाली करना होगा।’

सरकार ने दालों के निर्यात से पाबंदी हटाई

नई दिल्ली। खुले बाजार में दालों की गिरती कीमतों के बीच सरकार ने गुरुवार को सभी तरह की दालों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध समाप्त कर दिए। इस व्यवस्था से किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर लाभ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिंमंडल की बैठक यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी प्रकार के दलहनों का निर्यात खोले जाने से किसानों को उनकी कृषि उपज के लिए लाभकारी दाम मिल सकेंगे। इससे उन्होंने बुवाई के रकबे को बढ़ाने में प्रोत्साहन मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने सभी प्रकार की दलहनों के निर्यात पर लगी रोक हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।  इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसानों को अपने उत्पादों का विपणन करने के कई तरह के विकल्प प्राप्त हो सके। दलहनों का निर्यात, दलहनों के अतिरिक्त उत्पादन के लिए एक वैकल्पिक बाजार प्रदान करेगा।

 इससे देश और निर्यातकों को उनका निर्यात बाजार फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव की अगुवाई वाली समिति को दलहन निर्यात एवं आयात नीति की समीक्षा करने के लिए अधिकत किया गया।

उन्हें मात्रात्मक प्रतिबंध, पूर्व पंजीकरण और घरेलू उत्पादन एवं मांग के आधार पर आयात शुल्क में बदलाव, स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय कीमतें तथा वैश्विक व्यापार के आकार जैसे उपायों उप विचार करने को कहा गया।