Tuesday, July 14, 2026
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भारत में मौज मस्ती के साथ नए साल का आगाज

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत समूचे भारत में लोगों ने पूरे जोशो खरोश और मौज मस्ती के साथ नाच गाकर नए साल का स्वागत किया। इस मौके पर राजधानी दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में नए साल के स्वागत के लिए विभिन्न होटलों और रेस्तरां में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। दिल्ली के कनॉट प्लेस में लोगों की भारी भीड जमा हुई। इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

इस दौरान सडकों पर कई स्थानों पर उत्साही भीड़ नजर आई। मुम्बई में पब में आग की घटना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रेस्तरां और होटल प्रबंधन से विशेष एहतियात बरतने को कहा था। रात के 12 बजते ही लोगों ने आतिशबाजी करके नए साल का स्वागत किया और लोगों को सोशल मीडिया के जरिए न्यू ईयर विश किया। नववर्ष के मौके पर मुम्बई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और बृहन्मुम्बई महानगरपालिका इमारत को रोशनी से सजाया गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सकारात्मक बदलाव के साथ नए साल में पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाने की उम्मीद जताई।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके देशवासियों को नववर्ष की बधाई दी। नये वर्ष की बधाई देने वाले अन्य प्रमुख लोगों में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा, जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, बिहार के राज्यपाल सत्य पाल मलिक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ बी डी मिश्रा और मुख्यमंत्री पेमा खांडू, पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरन बेदी तथा नगालैंड के मुख्यमंत्री टी आर जेलियांग शामिल है।

वहीं, गृह मंत्री राजनाथ सिंह नए साल की शाम रविवार को आईटीबीपी जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 12वीं बटालियन के जवानों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। राजनाथ ने नेलॉन्ग में आईटीबीपी की बा हरी पोस्ट का दौरा भी किया। इस अवसर पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को भी सजाया गया है। इसके साथ ही ओडिशा के पुरी में कलाकार सुदर्शन पटनायक ने रेत की आकृति बनाकर नए साल का स्वागत किया।

कोटा में गीत -संगीत और हास्य के साथ हुआ नए साल का आगाज

कोटा। शहरमें रविवार को न्यू ईयर पार्टी का दौर देर रात तक चलता रहा। युवाओं ने भी पूरे जोश से नए साल 2018 का स्वागत किया। देवली अरब रोड स्थित रिसॉर्ट में न्यू ईयर पार्टी हुई। इसमें सिंगर रविंद्र उपाध्याय और एक्ट्रेस संजना सेन ने देररात तक धूम मचाई। कॉमेडी किंग एहसान कुरैशी और रियाज इंडियन लोगों को खूब गुदगुदाया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्लेबैक सिंगर रविन्द्र उपाध्याय गाने से हुई। फिल्म एक्ट्रेस संजना सेन ने भी पद्मावती के घूमर गीत पर डांस की परफॉर्मेंस दी तो युवा दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। इसके अलावा सेन ने दूसरे गानों पर भी डांस किया। यहां लाफ्टर शो किंग एहसान कुरैशी और रियाज इंडियन ने हंसी के फव्वारों के छोड़े।

उन्होंने अपने अनोखे अंदाज में कई जोक्स सुनाए और दर्शकों को गुदगुदाया। कार्यक्रम के एंकर मीन राहिल थे। प्रोग्राम में केवल कपल और फैमिली के साथ ही एंट्री रही। देर रात तक चले कार्यक्रम में डीजे की धुन पर दर्शक थिरकते रहे।

न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर शहर के रेस्टोरेंट और होटल फुल थे। रात 12 बजे ही सब जगहों से हैप्पी न्यू ईयर का शोर सुनाई देने लगा। शहर में जमकर आतिशबाजी हुई और लोग एक-दूसरे के नए साल की बधाइयां देने लगे। सोशल मीडिया पर शाम से बधाइयों का दौर शुरू हो गया था, जो देररात तक चलता रहा।

दीपक उप्रेती, शैलेंद्र अग्रवाल, संजय दीक्षित बने एसीएस

 जयपुर। राज्य सरकार ने साल के अंतिम दिन 101 आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के प्रमोशन किए। प्रमोशन आदेश एक जनवरी 2018 से प्रभावी होंगे। सरकार ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव दीपक उप्रेती, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव शैलेंद्र अग्रवाल और विभागीय जांच आयुक्त संजय दीक्षित को अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर प्रमोट किया गया है।

केंद्र में तैनात यदुवेंद्र माथुर को अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया। जयपुर आते ही वे एसीएस पद पर तैनात होंगे। प्रमोट हुए अफसरों में 40 आईएएस, 45 आईपीएस और 16 आईएफएस हैं।

गोविंद गुप्ता, सुनील दत्त अमृत कलश अब एडीजी
आईपीएसअफसर गोविंद गुप्ता, सुनील दत्त और अमृत कलश को एडीजी के तौर पर प्रमोट किया गया है। आईपीएस लता मनोज कुमार, उमेश चन्द्र दत्ता और नवज्योति गोगोई को आईजी पद पर प्रमोशन दिया गया है।

न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया में आतिशबाजी के साथ हुआ नए साल का आगाज

नई दिल्ली। नए साल 2018 का आगाज हो चुका है। भारतीय समय के मुताबिक, शाम 4.30 बजे न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में (लोकल टाइम रात 12 बजे) न्यू ईयर का जश्न शुरु हुआ।

इस मौके पर पारंपरिक अंदाज में शानदार आतिशबाजी की गई। इसके बाद नई आशा और उमंग के साथ लोगों ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, साउथ कोरिया, जापान में भी साल 2018 का जोरदार स्वागत किया।

भारत समेत दुनियाभर में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लोग एक दूसरे को मैजेस भेजकर नए साल की बधाई दे रहे हैं। बता दें कि न्यूजीलैंड का टाइम भारत से 7.30 घंटे आगे है। इसीलिए हर बार सबसे पहले नए साल जश्न यहीं शुरू होता है।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में नए साल के जश्न का नजारा।

– न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी लोगों ने नए साल का स्वागत किया। इस दौरान लोकल टाइम के मुताबिक रविवार आधी रात को सिडनी के ओपेरा हाउस एंड हार्बर ब्रिज पर आतिशबाजी हुई।

– साउथ कोरिया के सियोल, जापान के टोक्यो, इंडोनेशिया, सिंगापुर समेत कई देशों में लोगों ने आतिशबाजी और गुब्बारे छोड़कर नए साल का जश्न मनाया।

पद्मावती’: पूर्व राजपरिवार ने सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल

‘जयपुर। सीबीएफसी भले ही संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्ममावती को U/A सर्टिफिकेट देने के लिए तैयार हो गया हो, लेकिन इसपर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह ने सीबीएफसी के फैसले पर आपत्ति जताई है।

विश्वराज सिंह ने सेंसर बोर्ड को गैरजिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, ‘बोर्ड ने पैनल के लिए हमें बुलाया था। हमारे पास कुछ सवाल थे। इसके बाद हमें पता चला कि किसी और पैनल ने फिल्म को देखकर मंजूरी दे दी है। फिल्म को हमारी सहमति के बिना ही मंजूरी दे दी गई है। सेंसर बोर्ड ने यह बहुत ही गैरजिम्मेदाराना काम किया है।’

उन्होंने फिल्म के नाम बदलने के फैसले को महज दिखावटी बताया है। उनका मानना है कि इससे तथ्य नहीं बदलेंगे। विश्वराज सिंह ने कहा,’ यह बात साफ है कि फिल्म मेरे परिवार के बारे में है। ऊपरी बदलाव कर देने से यह तथ्य नहीं बदलेगा कि फिल्म में वास्तविक जगहों और पूर्वजों को दिखाया गया है। फिल्म में किरदारों के नाम भी वही हैं।’

विश्वराज ने यह भी कहा है कि सेंसर बोर्ड की कथनी और करनी में अंतर है। इससे वह भी देश के इतिहास, नायक और मेरे परिवार के लोगों के बारे में झूठी कहानी का प्रचार करने वालों में से ही एक बन जाता है। गौरतलब है कि शनिवार को सेंसर बोर्ड ने पांच बदलावों के साथ फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने के लिए मंजूरी दे दी थी।

प्रभु ने खुदरा कारोबार के लिए समान नीति बनाने का भरोसा दिलाया

नयी दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने देश में खुदरा व्यापार के लिए एक समान नीति बनाने का भरोसा दिलाया है। खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज जारी बयान में कहा कि खुदरा कारोबारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई एक बैठक में प्रभु ने यह आासन दिया है।

कैट ने इस दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों पर आरोप लगाया कि ये कंपनियां सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एफडीआई नीति का खुला उल्लंघन करते हुए सीधे उपभोक्ताओं को सामान बेच रही हैं। नीति के अनुसार ये कंपनियां केवल बिजनेस टू बिजनेस ही व्यापार कर सकती हैं। अपने पोर्टल पर ये कंपनियां भारी छूट देकर कीमतें प्रभावित करती हैं जो अवैद्य है।

कैट ने कहा कि प्रभु ने कहा कि खुदरा कारोबार में किसी को भी अनुचित प्रक्रिया अपनाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने आासन दिया कि इस मुद्दे को सुलझााने के लिए वह शीघ्र ही एक बैठक बुलाएंगे।

कैट द्वारा देश में खुदरा व्यापार के लिए एक व्यापार नीति बनाने की मांग का समर्थन करते हुए प्रभु ने इसे एक दूरगामी कदम बताया। उन्होंने आासन दिया कि जल्दी ही इस बारे में एक नीति बनायी जाएगी।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खण्डेलवाल ने इन कंपनियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि नीति का उल्लंघन करना इन कंपनियों की आदत है। मीडिया में बड़े पैमाने पर विग्यापन देना सीधे तौर पर उपभोक्ता और उत्पाद की कीमतों को प्रभावित करना है और बाजार पर अपना एकाधिकार स्थापित करना है।

नए साल में भी एनपीए के सफाई अभियान में लगा रहेगा रिजर्व बैंक

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए 2018 समाप्त हो रहे साल 2017 तरह ही रह सकता है। केंद्रीय बैंक को नए साल में भी नीतिगत दरें और कम करने की मांग करने वालों का शोर सुनाई देता रहेगा।

आरबीआई को मुद्रास्फीति काबू में रखने के लिए बराबर सतर्क रहना होगा और यह आलोचना आगे भी झेलनी पड़ती रहेगी कि केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि की जरूरत के लिए कुछ नहीं कर रहा।

इनके अलावा बैंकिंग क्षेत्र का एनपीए अभी भी बहुत अधिक रहने की वजह से उसे 2018 में भी इसकी सफाई के अभियान में जुटे रहना होगा। दूसरे शब्दों में कहे तो भारतीय रिजर्व बैंक को लोकोक्तियों का उल्लू बने रहना चाहिए- जैसा कि आरबीआई के वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल ने कुछ साल पहले कहा था जब वह एक डेप्युटी-गवर्नर थे।

उन्होंने कहा था, ‘उल्लू पारंपरिक रूप से बुद्धि का प्रतीक है, इस लिए हम न तो कबूतर (न ही बाज) बल्कि हम उल्लू हैं और जब दूसरे लोग आराम कर रहे होते हैं तो हम चौकीदारी रहे होते हैं।’

देश के बैंकिंग क्षेत्र में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) यानी वसूल नहीं हो रहे कर्ज का अनुपात सितंबर तिमाही में 10.2 प्रतिशत बढ़कर खतरे के स्तर पर पहुंच गया और अगले साल इसी तिमाही में इसके बढ़कर 11 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

समाधान के नए उपकरणों विशेषकर कर्ज शोधन एवं दिवालिया संहिता को अभी तक सीमित सफलता मिली है और इसे आगे बढ़ाने के लिए अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

आरबीआई उन 40 बड़े खातों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो 10,000 अरब रुपये के सकल एनपीए के 40 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार माना गया है।

एनपीए के विरुद्ध कार्रवाई में केंद्रीय बैंक को फिलहाल जिंदल स्टील ऐंड पावर और विडियोकॉन इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख कर्ज खातों को लेकर बैंकों से विवाद का सामना करना पड़ेगा। बैंक इन कंपनियों को दिए गए कर्ज को मानकों पर एनपीए नहीं बल्कि ठीक-ठाक खाता मानने पर जोर दे रहे हैं।

मुद्रास्फीति को साधने में आरबीआई और उसके तहत गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के लिए यह साल मिश्रित परिणाम भरा रहा। समिति का यह पहला साल है।

2017 में प्रमुख रीपो दर दो बार 0.25 प्रतिशत घटाई गई, जिसके चलते यह 6 साल के निचले स्तर 6 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि आखिरी तिमाही में मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ी और मार्च 2018 तक इसके चार प्रतिशत से ऊपर जाने की आशंका है।

आरबीआई ने सकल घरेलू वर्धित (जीवीए) की वृद्धि दर के लक्ष्य को पूरे साल के लिए 7.4 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है और आगामी मार्च तिमाही में इसके सुधरकर 7.5 प्रतिशत होने की उम्मीद जताई गई थी।

एनपीए की मार जूझ रहे बैंकों को मजूबत करने के लिए सरकार ने सार्वजनिक बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ के रीकैपिटलाइजेशन कार्यक्रम की घोषणा की थी और इसके लिए वह आरबीआई के साथ काम कर रही है।

इसके अलावा राजकोषीय घाटा दूसरा क्षेत्र है, जिस पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। देश का राजकोषीय घाटा 8 महीने में तय अनुमान से आगे निकल गया है। नवंबर महीने में राजकोषीय घाटा पूरे साल के अनुमान से आगे निकलकर 112 प्रतिशत हो गया है।

जरूरतमंद बच्चों के लिए कोटा में खुला स्टेशनरी बैंक

कोटा। समाज में जरूरतमंद गरीब बच्चों को स्कूलों में पुस्तकें एवं स्टेशनरी सामग्री नहीं मिलने से वे आगे की पढ़ाई को छोड़ देते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए नववर्ष में कोटा में सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चौरिटेबल ट्रस्ट ने स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर स्टेशनरी बैंक की स्थापना की। रविवार को कोटा राज परिवार की युवरानी कल्पना देवी ने इसके पोस्टर का विमोचन किया।

कल्पना देवी ने इस बैंक में स्टेशनरी सामग्री का सहयोग करते हुए कहा कि स्टेशनरी बैंक जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहेगा क्योंकि अच्छी शिक्षा के लिए बच्चे को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते हैं। उन्हें कॉपी-किताब के साथ पेन, पेंसिल, रबर, स्केल, बॉक्स, बेग, ज्योमेट्री बॉक्स आदि उपलब्ध कराना जरुरी है।

स्टेशनरी बैंक में यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, स्काउट गाइड, चाइल्डलाइन, नेहरु युवा केंद्र संगठन, वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड, नेशनल यूथ अवार्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय युवा योजना एवं एक्विटास बैंक सहयोग करेंगे।

गरीब बच्चों को मिलेंगे स्टडी किट : स्टेशनरी बैंक की प्रोजेक्ट डायरेक्टर एवं ट्रस्टी निधि प्रजापति ने बताया कि यह प्रोजेक्ट जल्द ही देशभर में शुरू किया जायेगा। इसमें अन्य संस्थाओं का सहयोग लिया जायेगा। प्रत्येक स्कूल एवं कॉलेज से विद्यार्थियों के लिए उपयोगी स्टेशनरी सामान एकत्रित करने के लिए प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर बनाए जाएंगे।

वे पहले ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में सर्वे करेंगे। फिर अप्रैल एवं जुलाई माह में जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी सेट जिसमें कॉपियाँ, किताबें, पेन पेंसिल, रबर, स्केल के साथ ज्यॉमेट्री बॉक्स आदि वितरित किये जायेंगे।

आखर अलख आन्दोलन : प्रोजेक्ट संयोजक नीतू मेहता भटनागर ने बताया कि एकत्रित सामग्री को आखर अलख आन्दोलन के तहत विद्यार्थियों को बांटने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ाने के लिए अनुभवी शिक्षकों की निःशुल्क सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर कोशिश संस्था के निदेशक पंकज शर्मा, यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष महेंद्र माहेश्वरी व सचिव यज्ञदत्त हाडा, चाइल्ड लाइन के सिटी समन्वयक अमर लाल, वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड की जिलाध्यक्ष सुमन माहेश्वरी, कल्चर समन्वयक तारा श्रेष्ठा व शोभा कंवर, सोसाइटी हैज ईव की रीना खंडेलवाल, प्रियंका मारोठिया, आरजू खान, अंजनी राजपूत, हनी सक्सेना, श्रुति अग्रवाल, पलक श्रेष्ठा व दीपिका प्रजापति मौजूद रहीं।

जेईई-मेन 2018 में आवेदन का आज अंतिम दिन

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  • अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए देश में 248 तथा विदेशों में 10 परीक्षा केंद्र बनाए
  • जेईई-मेन वेबसाइट पर निःशुल्क सेम्पल पेपर व मॉक टेस्ट सुविधा उपलब्ध

अरविंद, कोटा। जेईई-मेन,2018 में ऑनलाइन आवेदन करने का आज 1 जनवरी अंतिम दिन है। 1 दिसंबर से एक माह में 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन करवाया। विद्यार्थी जेईई-मेन वेबसाइट पर 2 जनवरी तक फीस जमा करवा सकते हैं। 2 मार्च से परीक्षार्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।

संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेब) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के अनुसार, जेईई-मेन की पेन-पेपर परीक्षा (ऑफलाइन) 8 अप्रैल को तथा कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (ऑनलाइन परीक्षा) 14 एवं 15 अप्रैल को दो पारियों में होगी। अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा भारत सहित 10 अन्य देशों श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, सिंगापुर, बहरीन, दुबई, मस्कट, रियाद, कतर व शरजाह में होगी।

जेईई-मेन वेबसाइट पर परीक्षार्थियों को सेम्पल पेपर एवं मॉक टेस्ट सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई, जिससे ग्रामीण परीक्षार्थियो को बहुत मदद मिली। इस वर्ष 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद 8 अप्रैल को जेईई-मेन का ऑफलाइन पेपर देंगे।

इस वर्ष केवल प्रवेश परीक्षा देने के लिए 12वीं बोर्ड में 75 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता नहीं रखी गई। गत वर्ष जेईई-मेन,2017 में 11,22,381 परीक्षार्थियों ने पेपर दिया था, जिसमें से 2,21,427 एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई हुए थे।

35 हजार से अधिक सीटों के लिए परीक्षा
संस्थान                                             सीटें
31 एनआईटी –                                17,868
24 त्रिपल आईटी-                                3433
21 केंद्र वित्त पोषित संस्थान-                    3919
19 अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थान-            10,000
कुल सीटें –                                     35,220
(स्टेट रैंक से राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश की सीटें अतिरिक्त)

जेईई-मेन,2018 की ऑल इंडिया रैंक से राष्ट्रीय स्तर पर 31 एनआईटी, 24 ट्रिपल आईटी, 21 गवर्नमेंट वित्त पोषित संस्थानों तथा 19 अन्य उच्च तकनीकी संस्थानों की 35,220 से अधिक बीटेक व बीआर्क सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।

इस वर्ष मध्यप्रदेश, हरियाणा, उडीसा, उत्तराखंड व नागालैंड के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में जेईई-मेन सिस्टम से प्रवेश दिए जाएंगे। वहां स्टेट प्रवेश परीक्षा अलग से नहीं होगी।

जिन विद्यार्थियों ने इन राज्यों में 2017 में राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा दी है, वे जेईई-मेन,2018 देकर रैंक सुधार सकते हैं। रैंक सुधारने के लिए अधिकतम तीन अवसर मिलेंगे।

जेईई-मेन,2018 का पेपर-1 ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में होगा, जबकि बीआर्क के लिए पेपर-2 केवल ऑनलाइन होगा। 3 घंटे के पेपर-1 में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स तीनां विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

जबकि पेपर-2 में मैथ्स, एप्टीट्यूट टेस्ट व ड्राइंग टेस्ट पर आधारित प्रश्न होंगे। जेईई-मेन में शीर्ष रैंक से चयनित 2.24 लाख परीक्षार्थी 20 मई को ऑनलाइन जेईई-एडवांस्ड,2018 देंगे।

यहाँ से करे ऑनलाइन आवेदन

तत्काल टिकटों की बुकिंग में होता है खेल, सीबीआई जांच

नई दिल्ली। अकसर ट्रेन टिकट की तत्काल बुकिंग के लिए लोग परेशान रहते हैं और महज कुछ सेंकडों में ही टिकट खत्म हो जाने की शिकायतें मिलती हैं। कई बार ऐसा बहुत अधिक मांग के चलते होता है, लेकिन तत्काल टिकटों की हेराफेरी एक बड़ा नेटवर्क भी ऐक्टिव है।

ट्रैवल एजेंट्स की ओर से ऐसे ऑनलाइन सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो तत्काल बुकिंग के सिस्टम में सेंध लगाने का काम करते हैं। फिलहाल देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई इनके खिलाफ पड़ताल करने में जुटी है।

सीबीआई सूत्रों ने रविवार को बताया कि उसने अपने ही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अरेस्ट किया है, जिसने खुद इसी तरह का सिस्टम डिवेलप कर लिया था। अब एजेंसी ऐसे ट्रैवल एजेंट्स की तलाश में है, जो तत्काल टिकटों की हेराफेरी के काम में लगे हुए हैं।

एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि उसके अपने प्रोग्रामर अजय गर्ग की तरह ही कई अन्य लोगों ने भी इस तरह के सॉफ्टवेयर्स तैयार किए हैं। इन सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल रेलवे के टिकट सिस्टम की गति को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इससे बुकिंग की प्रक्रिया तेज हो जाती है और एक साथ तमाम टिकट एजेंट्स बुक कर लेते हैं।

सूत्रों ने बताया कि अजय गर्ग की ओर से तैयार ‘neo’सॉफ्टवेयर ऐसे ही अन्य सॉफ्टवेयर्स के सरीखा ही है। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, ‘ऐसे सभी सॉफ्टवेयर अब हमारे राडार पर हैं। हम इनकी जांच कर रहे हैं और इनके ऑपरेशन कोई गड़बड़ी पाई गई तो जल्दी ही ऐक्शन लिया जा सकता है।’

सूत्रों ने बताया कि एजेंट्स की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर्स को ‘ऑटो फिल’ सिस्टम के तहत इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए टिकट लेने वाले लोगों की डिटेल एजेंट्स तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होने से पहले ही भर देते हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन सॉफ्टवेयर्स के चलते पीएनआर जनरेट करने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इससे एजेंट आईआरसीटीसी के कैप्चा को बाईपास कर मल्टिपल आईडी से लॉग इन करते हैं और एक साथ तमाम टिकट बुक कर लेते हैं।