Tuesday, July 14, 2026
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रजनीकांत ने लॉन्च की अपनी वेबसाइट, राजनीति में जुड़ने की अपील

नई दिल्ली।. तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने सोमवार को अपनी एक वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया। ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करके उन्होंने इसका एलान किया। इसका मकसद लोगों को अपने साथ जोड़ना है। इस वेबसाइट पर लोग अपना नाम और वोटर आईडी नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

बता दें कि रविवार को रजनीकांत ने राजनीति में आने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वे सभी 234 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे।वीडियो में क्या कहा रजनीकांत ने?

– वीडियो में रजनीकांत ने लोगों से उनसे जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैंने अपने फैन्स और वॉलंटियर्स से जुड़ने के लिए rajinimandram.org नाम की वेबसाइट बनाई है। जो भी लोग राजनीति में बदलाव देखना चाहते हैं वो अपने नाम और वोटर आईडी नंबर के साथ खुद को वेबसाइट पर रजिस्टर करें।”

करप्शन से लड़ने की जरूरत’
– अपनी छोटी सी स्पीच में रजनीकांत ने कहा, “सिस्टम को बदलने और करप्शन से लड़ने की जरूरत है।”
– “डेमोक्रेसी के नाम पर पॉलिटीशियन्स हमसे हमारे पैसे और जमीन छीन रहे हैं। ऐसे वक्त में अगर मैं पॉलिटिक्स में नहीं आया तो ये मेरे लिए शर्म की बात होगी, क्योंकि लोगों ने मुझे हमेशा अपना प्यार दिया है। ये सिनेमा नहीं है, ये सच्चाई है।”

तमिल पॉलिटिक्स में रहा फिल्म स्टार्स का दबदबा
– बता दें कि तमिलनाडु की पॉलिटिक्स के हमेशा से फिल्म स्टार्स का दबदबा रहा है।
– पिछले 60 सालों में राज्य में सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री रहे एम करुणानिधी, एमजी रामचंद्रन और जयललिता तीनों ही फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखते थे।

कमल-अमिताभ ने किया था रजनी का स्वागत
– रजनीकांत के राजनीति में आने के एलान का अमिताभ और कमल हासन ने स्वागत किया था।
– अमिताभ ने ट्वीट में लिखा था, ”मेरे प्यारे दोस्त और साथी रजनीकांत ने राजनीति में आने का फैसला किया है। कामयाबी के लिए मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।”
– साउथ एक्टर कमल हासन ने ट्वीट किया, ”मैं रजनी भाई की सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और राजनीति में जाने का स्वागत करता हूं।”

BJP सांसद ने कहा था- राजनीति में रजनी अनपढ़
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने रजनीकांत के लिए रविवार को कहा था, ”उन्होंने सिर्फ एलान किया है कि वो राजनीति में आ रहे हैं। उनके पास ना कोई जानकारी है और ना दस्तावेज। वह अनपढ़ हैं। यह सिर्फ मीडिया प्रचार है। तमिलनाडु के लोग काफी समझदार हैं।”

जीएसटी रिटर्न में गलतियां सुधारने के नियम किए आसान

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नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने जीएसटी के तहत कंपनियों और कारोबारियों को अपने मासिक रिटर्न जीएसटीआर-3 बी में गलतियों को दुरस्त करने और टैक्स देनदारी को समायोजित करने की अनुमति दे दी है। इससे कारोबारी सही रिटर्न बिना जुर्माने के डर के जमा करा सकेंगे।

इस छूट से कंपनियों-कारोबारियों को गलती को ठीक करने के बाद टैक्स क्रेडिट के लिए दावा करने का मौका मिलेगा। उनसे शुरुआत में जीएसटी देनदारी की गणना के दौरान इस तरह की गलतियां हुई हैं। देश में 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियों को उचित तरीके से टैक्स देनदारी का आकलन करने में दिक्कत आ रही थी।

उद्योग संगठन इस बारे में नियमों में ढील की मांग कर रहे थे और साथ ही अनुपालन के नियमों को सरल करने की मांग कर रहे थे। इससे कंपनियों को ऑनलाइन टैक्स रिटर्न दाखिल करने की नई प्रणाली को अपनाने में आसानी होगी।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने हाल में फील्ड अधिकारी को भेजे पत्र में कहा था कि जीएसटीआर-3बी में पिछले महीनों के अलग-अलग आंकड़ों को रिपोर्ट करने का प्रावधान नहीं है। इन आंकड़ों को शुद्ध आधार पर चालू महीने के मूल्य के साथ उचित टेबल में डाला जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि आउटपुट टैक्स देनदारी या इनपुट टैक्स क्रेडिट में समायोजन करते समय जीएसटीआर-3बी में किसी तरह की नकारात्मक प्रविष्टियां नहीं हो सकतीं। जीएसटीआर-3बी को कारोबारियों को प्रत्येक महीने के 20वें दिन दाखिल करना होता है। इसमें पिछले महीने में दिए गए टैक्स का ब्यौरा होता है।

ईवाई इंडिया के भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि इस सर्कुलर से उन कारोबारियों को राहत मिलेगी जो अपने जीएसटी रिटर्न फॉर्म में बदलाव करने में परेशानी झेल रहे थे।

नए साल में बढ़ेगी जीडीपी, कच्चा तेल, महंगाई दे सकते हैं झटका

नई दिल्ली। नोटबंदी और जीएसटी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था में आया गतिरोध धीरे-धीरे दूर हो रहा है और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 2018 में जीडीपी की दर फिर से रफ्तार पकड़ेगी। हालांकि अर्थव्यवस्था के ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों में क्रूड ऑइल के दाम और बढ़ती महंगाई ब्रेक लगा सकती है।

बहुत से लोगों का मानना है कि 2017 को भूल जाना ही बेहतर है क्योंकि इस साल नोटबंदी और जीएसटी की वजह से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। एक अनुमान के हिसाब से जीडीपी में 2 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। यह 2016-17 के 152.51 लाख करोड़ रुपये के जीडीपी के हिसाब से 3.05 लाख करोड़ रुपये बैठता है।

हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि बुरा समय अब बीत चुका है और सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में 9 प्रतिशत से नीचे आने बाद से लगातार पांच तिमाहियों तक जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट आई और यह 2017-18 की पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गई।

हालांकि जुलाई-सितंबर की तिमाही में यह बढ़कर 6.3 प्रतिशत रही। जीडीपी की वृद्धि दर के अलावा निर्यात के मोर्चे पर उत्साहजनक नतीजे दिख रहे हैं। एक्सपोर्ट्स में ग्रोथ दर्ज की गई है और इंपोर्ट्स की ग्रोथ में कमी आई है। मोदी सरकार ने 8 नवंबर, 2016 को बड़े मूल्य के नोट बंद करने के फैसले के बाद 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू कर दिया है।

इसके अलावा बैंकरप्सी ऐंड इंसॉल्वेंसी कानून जैसे और सुधार भी किए हैं। साथ ही सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने की घोषणा की है जिससे उनके बही खाते को सुधारा जा सके और कृषि क्षेत्र की आमदनी बढ़ाने पर काम किया जा सके।

बीते साल नवंबर में मूडीज ने भारत की सॉवरन रेटिंग को सुधार कर स्थिर परिदृश्य के साथ बीएए2 किया है। विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग (ईज ऑफ डूइंग बिजनस) में भारत की स्थिति 30 पायदान सुधरी है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने अपनी आर्थिक परिदृश्य 2018 रिपोर्ट में कहा है कि जीडीपी के लिए बुरा समय बीत चुका है।

हमारा अनुमान है कि अगली चार से छह तिमाहियों में वृद्धि दर सामान्य हो जाएगी। नोमूरा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च तिमाही में जोरदार सुधार की उम्मीद है। 2018 में जीडीपी की वृद्धि दर करीब 7.5 प्रतिशत रहेगी।

हालांकि, बहुत से विश्लेषकों का मानना है कि भारत की वृद्धि दर को फिर से 7.5 प्रतिशत पर पहुंचने में कुछ साल लगेंगे। मार्च, 2016 में समाप्त साल में वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही थी। इसकी वजह यह है कि निजी निवेश में सुधार में समय लगेगा।

कच्चे तेल की कीमतों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पिछले तीन माह में कच्चे तेल के दाम 28 प्रतिशत बढ़कर 52.3 डॉलर प्रति बैरल से 67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। मुद्रास्फीति के भी तय दायरे से ऊपर रहने की संभावना है। कच्चे तेल के ऊंचे दाम भी मुद्रास्फीति को बढ़ाएंगे।

स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे 33 हजार करोड़

नई दिल्ली।  साल 2018 के पहले दिन ही घरेलू स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंक, आईटी, ऑटो, एफएममीजी और मेटल शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 244 अंक गिरकर 33,813 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 95 अंक लुढ़ककर 10,435 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के क्रम में निवेशकों के 33,305 करोड़ रुपए डूब गए।

हैवीवेट शेयरों रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, मारुति, एसबीआई, एचडीएफसी, ओएनजीसी, एचयूएल में कमजोरी से मार्केट में गिरावट गहरी हो गई। जिससे सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 335 अंक टूट गया। वहीं निफ्टी ऊपर से 115 अंक फिसल गया। आज के कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी रही।

निफ्टी पर 40 शेयर्स गिरे
– कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली हावी होने से निफ्टी50 पर 40 शेयर्स गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 10 शेयर्स में बढ़त दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तेजी इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में 1.75 फीसदी रही। इसके अलावा कोल इंडिया, सिप्ला, सन फार्मा, आईओसी, विप्रो, एलएंडटी, पावरग्रिड, लूपिन, गेल 1.50-0.03 फीसदी तक बढ़े।

– गिरनेवाले शेयर्स में भारती इंफ्राटेल, टीसीएस, इंडसइंड बैंक, बीपीसीएल, बोश लिमिटेड, टाटा मोटर्स, एचयूएल, ओएनजीसी, वेदांता, एचसीएल टेक 2.32-1.53 फीसदी तक गिरे।

ऑयल इंडिया ने खोजे हाइड्रोकार्बन के दो भंडार, शेयर बढ़े
ऑयल इंडिया ने अपर असम बेसिन में हाइड्रोकार्बन के दो भंडार खोजे हैं। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, साउथ चंद्रमरी-5 और हुकानगुड़ी-2 से ऑयल इंडिया की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इस खबर से सोमवार के कारोबार में ऑयल इंडिया के शेयरों में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर स्टॉक 1.27 फीसदी बढ़कर 376.95 के हाई पर पहुंच गया।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
– लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीददारी दिखी। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में रिलायंस पावर, वर्लपूल, टाटा पावर, रिलायंस इंफ्रा, नैटको फार्मा, अडानी पावर 20.70-2.40 फीसदी तक बढ़े।
– वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.26 फीसदी बढ़ा है। 
 
सेक्टरल इंडेक्स में सिर्फ रियल्टी इंडेक्स बढ़े
– एनएसई पर सेक्टरल इंडेक्स में सिर्फ निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में बढ़त रही। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.23 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
– हालांकि बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.87 फीसदी टूटकर 25,318.10 अंक पर बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो इंडेक्स 0.99 फीसदी, एफएमसीजी 0.62 फीसदी, आईटी 0.86 फीसदी, मेटल 0.53 फीसदी और फार्मा इंडेक्स 0.02 फीसदी तक गिरकर बंद हुए।
– वहीं बीएसई कंज्यूमर डुरेबल्स, कैपिटल गुड्स और पावर इंडेक्स में तेजी रही।बीएसई कंज्यूमर डुरेबल्स, कैपिटल गुड्स और पावर इंडेक्स में तेजी रही।
 
FPI ने दिसंबर में इक्विटी से निकाले 5,900 करोड़
फॉरेन इन्वेस्टर्स ने दिसंबर महीने अब तक घरेलू स्टॉक मार्केट में 5,900 करोड़ रुपए की निकासी की है। फिस्कल डेफिसिट बढ़ने और क्रूड की कीमतों में तेजी से एफपीआई ने मार्केट से पैसे निकाले हैं। इसके साथ साल 2017 में घरेलू स्टॉक मार्केट में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) का नेट इन्वेस्टमेंट 51,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा।

SBI ने बेस रेट 0.30% घटाया, कम होगी EMI

नई दिल्‍ली। स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने कस्टमर्स के लिए बेस रेट में 0.30% की कटौती की है। अब होम लोन के लिए यह 8.95% से घटकर 8.65% हो गया है। नई दरें 1 जनवरी से लागू हो गईं। बैंक के इस फैसले से अप्रैल, 2016 से पहले होम, ऑटो या पर्सनल लोन लेने वाले कस्टमर्स को फायदा होगा।

 एक अनुमान के मुताबिक, 30 लाख के लोन पर हर महीने करीब 575 रुपए ईएमआई कम हो सकती है। बता दें कि एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट) पर लोन लेने वालों की ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा।
 
MCLR पर लोन लिया है तो फायदा नहीं मिलेगा
कटौती का फायदा एसबीआई के सिर्फ उन्हीं कस्टमर्स को मिलेगा, जिन्होंने बेस रेट पर लोन लिया हुआ है। क्योंकि 1 अप्रैल, 2016 के बाद से सभी बैंक एमसीएलआर पर ही लोन दे रहे हैं। बता दें कि इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) तय करने के लिए रिजर्व बैंक ने MCLR की शुरुआत की थी।
 
होम लोन पर कितना होगा फायदा?
– अगर किसी ने 30 लाख रुपए का होम लोन बेस रेट पर 20 साल के लिए लिया है तो ब्‍याज दर 0.30 फीसदी घटेगी। इससे हर महीने करीब 575 रुपए ईएमआई कम होगी।  

लोन (रु. में)    बेस रेट     साल   ईएमआई 
30 लाख         8.95 %   20   26,895.38 रु.
30 लाख         8.65%    20   26,320.21 रु.
अब EMI में बचत                        575.17 रु.
(नोट- बेस रेट पर होम लोन सिर्फ आंकलन के आधार है। कस्‍टमर के होम लोन की असली ब्‍याज दर अलग हो सकती है)
 
ऑटो लोन पर कितनी बचत? 
– अगर 5 लाख रुपए का कार लोन 5 साल के लिए लिया है तो इसमें ब्‍याज दर 0.30 फीसदी कम होगी। ऐसे में ईएमआई करीब 73 रुपए घटेगी।  
लोन         ब्‍याज दर    साल     ईएमआई 
5 लाख रु.    9.65%     5   10,537.62 रु.
5 लाख रु.    9.35%     5   10,464.32 रु.
अब ईएमआई में बचत                   73.3 रु.
 
 बेस रेट और MCLR में क्या अंतर है? 
 बेस रेट: वह मिनिमम इंटरेस्‍ट रेट है, जिस पर बैंक कस्‍टमर्स को लोन दे सकते हैं। रिजर्व बैंक इसे मॉनिटर करता है कि कोई भी बैंक बेस रेट से कम पर लोन न दे पाए। एक अनुमान के मुताबिक, अभी

एसबीआई के 50-60% लोन बेस रेट पर ही हैं।  
MCLR: लोन का इंटरेस्‍ट रेट तय करने के लिए आरबीआई ने अप्रैल 2016 से इसकी शुरुआत की। एमसीएलआर के तहत बैंक ब्याज दर तय कर सकते हैं, जो लोन चुकाने के लिए बाकी सालों पर

CAT 2017: 7 जनवरी को आएगा रिजल्ट, ऐसे करें चेक

नई दिल्ली। कॉमन ऐडमिशन टेस्ट (सीएटी) 2017 के रिजल्ट को जनवरी 2018 के दूसरे हफ्ते में आने की उम्मीद है। वैसे रिजल्ट की डेट अभी कन्फर्म नहीं हुई है लेकिन अनुमान है कि 7 जनवरी को रिजल्ट आएगा।

टॉप इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट या आईआईएम्स में इसके स्कोर के आधार पर दाखिला होता है। रिजल्ट की घोषणा होने के बाद प्रत्येक यूनिवर्सिटी कट ऑफ लिस्ट जारी करेगी जिसके आधार पर दाखिला होगा।

रिजल्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

रिजल्ट ऐसे करें चेक 
1. कैट की ऑफिशल वेबसाइट iimcat.ac.in खोलें
2. ‘Download Scorecard for CAT 2017’ पर क्लिक करें
3. अपना कैट 2017 रजिस्टर्ड यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें और View/Download Application Form/Score Card पर क्लिक करें
4. अब ‘Score Card’लिंक पर क्लिक करें
5. स्क्रीन पर आपका रिजल्ट आ जाएगा

शराब की दुकान के पास दूध काउंटर लगाकर नशा छोड़ने की अपील

कोटा। राजस्थान वैश्य युवा महासम्मेलन के आव्हान पर रविवार को अंग्रेजी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दादाबाड़ी रोड़ पर शराब की दुकान के निकट ही गरमा गरम दूध का काउंटर लगा कर लोगों को नशे से दूर रहने का आव्हान किया। शराब की दुकान पा जाने कुछ लोग तो ठिठक गए और उल्टे कदम लौट गए।

नगर विकास न्यास के अध्यक्ष राम कुमार मेंहता ने कहा कि हमारी संस्कृति शराब के सेवन से नया साल मनाने की नहीं है। भारतीय नव वर्ष तो चैत्र माह में आता है। भारतीय जनता पार्टी के शहर जिला अध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने कहा कि बाजार वादी व्यवस्था ने नव वर्ष को शराब के व्यापार से जोड़ कर लोगों में गलत लत पैदा कर रहे है। वैश्य युवा महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश विजय ने बताया कि 500 लीटर से अधिक दूध का कुल्हड़ में वितरण किया गया।

इन्होंने पिलाया दूध : इस अवसर विधायक संदीप शर्मा, नागरिक बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला ,अग्रवाल समाज के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल,पीपी गुप्ता, जगदीश अग्रवाल, संजय गोयल,भाजपा के महामंत्री अमित शर्मा,विजयवर्गीय नव युवक मण्डल के अध्यक्ष रघु नंदन विजय,राम बाबू गुप्ता,योगेश गुप्ता ,सुनील पोकरा विजय,एडवोकेट संजीव आदि गणमान्य लोगों ने राहगीरों को रोक कर दूध पिलाया। मंच संचालन राकेश विजयवर्गीय एवं घनश्याम ओझा ने किया।

नए साल की शुरुआत तेजी के साथ, सेंसेक्स 34000 और निफ्टी 10500 के पार

नई दिल्ली। नए वर्ष के पहले दिन शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों का सेंसेक्स 34,075 अंकों पर खुला। हालांकि नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 10,530 अंकों पर खुलने के बाद अगले ही मिनट 11.40 अंक गिर गया।

9 बजकर 16 मिनट पर सेंसेक्स 11.14 अंकों की बढ़त के साथ 34067.97 अंकों पर कारोबार कर रहा था तो निफ्टी 0.11% टूटकर 10519.30 पर आ गिरा। नव वर्ष के प्रथम सत्र की शुरुआत में शेयर बाजार में आम तौर पर सकारात्मक रुख देखा गया जहां 576 शेयरों में मजबूती देखी गई जबकि 178 शेयर टूटते दिखे। हालांकि 2,878 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।

सोमवार के शुरुआती कारोबार में टॉप गेनर्स में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एलऐंडटी, हीरो मोटोकॉर्प और गेल जैसी कंपनियों के शेयर शामिल रहे जबकि विप्रो और इन्फोसिस के शेयरों में गिरावट देखी गई। उधर, मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये का भाव शुक्रवार को 63.87 प्रति डॉलर के मुकाबले सोमवार को चढ़कर 63.84 प्रति डॉलर हो गया।

स्कीम की आड़ में GST की चोरी कर रहे कारोबारी

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नई दिल्ली। सरकार को संदेह है कि छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिए लाई गई कंपोजिशन स्कीम का दुरुपयोग करके हर तिमाही औसतन 2 लाख रुपये का कम टर्नओवर दिखाया जा रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में करीब 10 लाख एंटिटीज ने जीएसटी के लिए कंपोजिशन स्कीम का चयन किया।

इसके तहत सिर्फ टर्नओवर के डीटेल्स बताने होते हैं और सामान्य दर से टैक्स भरना होता है। इनमें करीब 6 लाख एंटिटीज ने 25 दिसंबर तक रिटर्न्स फाइल किए। लेकिन, इन एंटिटीज से एक तिमाही में प्राप्त कुल राशि 251 रुपये तक पहुंच गई। इस आधार पर इनका सालाना टर्नओवर 8 लाख रुपये का होता है।

इस आंकड़े से सरकारी तंत्र हैरान है क्योंकि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना 20 लाख रुपये के टर्नओवर की दरकार होती है। एक तरफ जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी परवान चढ़ रहा है तो दूसरी ओर 15 लाख एंटिटीज ने खुद को कंपोजिशन स्कीम का भी हकदार बता दिया।

अब अधिकारियों को आशंका सता रही है कि कई स्तर पर दी जा रही राहतों के कारण सिस्टम से टैक्स रेवेन्यू को बट्टा लग रहा है। पहचान गुप्त रखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया, ‘हम मौजूदा 1 करोड़ की ऊपरी सीमा को बढ़ाने की सोच रहे थे।

लेकिन अब हम यह विचार कर रहे हैं कि औसतन 8 लाख रुपये के सालाना डेक्लरेशन के मद्देनजर इसकी जरूरत क्या है।’ नवंबर महीने में जीएसटी काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम का कैप बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा था।

इन चौंकानेवाले आंकड़ों से वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को इस स्कीम की आड़ में इनकम टैक्स के तहत अनुमानित टैक्स पेमेंट में गड़बड़ी की भी आशंका सता रही है और वे इसकी जांच करने की जरूरत महसूस करने लगे हैं।

दरअसल, संबंधित स्कीम की तहत सालाना आय की सीमा दोगुनी कर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, औसत सालाना आया 18 लाख रुपये होती है जो अधिकारियों के मुताबिक यह असली आमदनी से कम है।

राजनीति में शुरू होगी रजनीकांत की नई पारी

चेन्नई। तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने असमंजस की स्थिति को समाप्त करते हुए राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह खुद की पार्टी बनाएंगे जो अगले विधानसभा चुनावों में राज्य की सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रशंसकों की जोरदार तालियों के बीच 67 वर्षीय सुपरस्टार ने कहा, मैं निश्चित रूप से राजनीति में प्रवेश कर रहा हूं। 

राजनीति में ईमानदारी और सुशासन के विचार के साथ आए रजनीकांत ने कहा, सब कुछ बदलना होगा और एक ऐसी आध्यात्मिक राजनीति की शुरूआत करने की जरूरत है जिसमें पारदर्शिता हो और किसी जाति या धर्म का कोई रंग नहीं हो। उन्होंने कहा, यही मेरा उद्देश्य और इच्छा है।

रजनीकांत ने कहा कि वह भाई भतीजावाद या मेज के नीचे से लेन-देन को सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे स्वयंसेवकों की जरूरत है जो निगरानी करेंगे और जो अपने स्वार्थ के लिए किसी अधिकारी, मंत्री, सांसद या विधायकों के पास नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, मैं तो निगरानी करने वाले इस तरह के लोगों का केवल एक प्रतिनिधि हूं।

अभिनेता ने कहा कि उनका पहला काम राज्यभर में प्रशंसकों के मौजूदा पंजीकृत और गैर पंजीकृत क्लबों को व्यवस्थित करना होगा। बतौर अभिनेता, वह जानते हैं कि पार्टी की शुरूआत करना, सत्ता में आना और शासन चलाना कोई साधारण काम नहीं है। यह समुद्र में से मोती निकालने की तरह है।

उन्होंने कहा, यह केवल ईश्वर के आशीर्वाद और लोगों के पूर्ण समर्थन से ही संभव हो सका है। उन्होंने धर्मग्रंथ के हवाले से कहा, युद्ध लड़ो, यदि तुम जीत गए तो राज्य में शासन करोगे, यदि मर गए तो स्वर्ग में जाओगे। यदि बिना युद्ध लड़े मरे तो वे आपको कायर कहेंगे। इस अवसर पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन और कमल हासन समेत कई हस्तियों ने रजनीकांत को शुभकामनाएं दी।