Tuesday, July 14, 2026
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बर्ड वाचिंग के लिए अच्छा विकल्प सावनभादो डैम

कोटा। सर्द मौसम के दौरान बर्ड वॉचिंग की संभावना बढ़ रही है। विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षी कई इलाकों में बर्ड वाचर्स को आकर्षित कर रहे हैं। मुकंदरा रिजर्व के सावनभादो डैम का वेटलैंड बार हैडेड गूज पक्षियों को रास रहा है। इस इलाके में अभी 200 से ज्यादा ये पक्षी देखे जा रहे हैं।

हाड़ौती नैचुरलिस्ट सोसायटी के सचिव आरएस तोमर नेबताया कि यह पक्षी सेंट्रल एशिया तिब्बत से एवरेस्ट को क्राॅस करके यहां आता है और फरवरी तक प्रवास करता है। मुकंदरा रिजर्व के इलाके में आने से सावनभादो डैम पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस कारण डैम में शांत वातावरण रहता है, जो देसी-विदेशी पक्षियों को रास रहा है। इस साल बार हैडेड गूज के साथ ही कॉमन क्रेन, रूडी शैलडक, तीन प्रकार के कॉरमोरेंट , ब्लेक स्ट्राेर्क, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड बड़ी संख्या में डेम के वेटलैंड में प्रवास कर रहे हैं।

सिर पर दो काली धारियों के कारण नाम पड़ा बार हैडेड गूज
लंबीउड़ान भरने वाले इस पक्षी के सिर पर दो काली धारियां होती हैं, इसलिए इसका नाम बार हैडेड गूज पड़ा। इन्हें छिछले पानी का वेटलैंड पसंद है। फीडिंग में काई घास के बीज खाते हैं और इन्हें झुंड में रहना पसंद है। ये हमेशा ग्रुप में ही उड़ते हैं। इनका रंग लाइट ग्रे होता है और पैर चोंच ऑरेंज कलर की होती है।

12 राज्यों में फसल पर कीटों का हमला, 20 फीसदी तक नुकसान

औरंगाबाद। जून से सितंबर 2017 में अनियमित मानसून की बारिश और मौसम परिवर्तन के कारण 12 राज्यों में फसल पर कीटों तथा रोगों का हमला हुआ है। इस कारण सोयाबीन, गन्ने और कपास जैसी अहम फसलों में 20से 25 फीसदी तक की कमी आने का खतरा है। कैश क्राॅप पर कीटों के इस हमले से किसानों को ज्यादा नुकसान सहना पड़ रहा है।

इस बारे में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के ऑल इंडिया नेटवर्क प्रोजेक्ट आॅन व्हाइट ग्रब के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. पांडुरंग मोहिते बताते हैं कि इस साल जून से सितंबर तक बारिश हुई। लेकिन बािरश का पैटर्न कुछ अलग था। जून के पहले आधे भाग में अच्छी बारिश हुई। लेकिन दूसरे भाग में मानसून ने ब्रेक ले लिया।

जुलाई में भी यह लंबा ब्रेक जारी रहा। फिर अगस्त में कम अवधि में धुअांधार बारिश हुई। फिर ब्रेक गया। सितंबर में भी मानसून का यही पैटर्न देखने को मिला।  इस वजह से कीट तथा रोगों के लिए पोषक वातावरण बना रहा। फिर अक्टूबर गर्म रहा। नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड ज्यादा नहीं पड़ी। यही कारण है कि फसलों पर कीट और रोग का असर बढ़ता गया।

राज्यों में ऐसे रहे हालात
-महाराष्ट्र में कपास पर पिंक बाल वर्म का हमला देखा गया है। कपास का उत्पादन 20 से 40 प्रतिशत तक कम रहा। वहीं गन्ना, सोयाबीन, प्याज, धान, मूंगफली की फसल पर वाइट ग्रब (होमनी इल्ली कीड़े) के हमले से इन फसलों का उत्पादन 25% घटेगा।
-महाराष्ट्र, गुजरात, तामिलनाडु में टमाटर, बैंगन, मिर्च पर पत्ता खाने वाले सूंडी कीट से नुकसान हुआ है। उपज 20 से 25% घटी है।
-छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में गन्ने को होमनी कीड़ा लग गया। गन्ने का 20 फीसदी उत्पादन घट सकता है। दोनों राज्य की कम उपजाऊ जमीन (लोफर्टाइल) परटर्माइट कीट देखने में रहे हैं।
-राजस्थान में सोयाबीन पर टोबैको कैटरपिलर और बाजरा पर एअर हेड कैटरपिलर का हमला है। उत्पादन 15 से 20% कम हुआ।
-आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में कपास पिंक बाल वर्म और धान ब्राउन प्लान्ट हॉपर की चपेट में। उत्पादन में 30 से 35% की कमी आई है।
-पश्चिम बंगाल में गेंहू की फसल पर व्हीट रस्ट का हमला हुआ। इससे फसल को 15 से 20 प्रतिशत का नुकासान हो सकता है

महाराष्ट्र के परभणी स्थित वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चान्सलर डॉ. बी वेंकटेश्वरलू कहते हैं- भारत तथा दुनियाभर की रिसर्च यही बताती हैं कि क्लाइमेट चेंज से फसलों पर रोग और कीट का हमला बढ़ता है। उमस तथा तापमान में अचानक बदलाव के कारण कीटों की संख्या काफी बढ़ती है। इन्हें खत्म करना मुश्किल होता है।

कपास पर लगने वाले व्हाइट फ्लाई और बाल वार्म्स कीट और सोयाबीन के पत्ते खाने वाली सुंडी कीट मौसम परिवर्तन के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं। यानी अनियमित, बेमौसम बारिश में यह कीट तेजी से फैलता है।

इस बात से कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा भी इत्तेफाक रखते हैं। वे कहते हैं कि कीट से किसानों का नुकसान हुआ है, यह सच है। लेकिन कीटों के हमले के लिए केवल मौसम परिवर्तन ही नहीं अन्य भी कई कारण जिम्मेदार हैं। इसके अन्य तथ्य भी जानना चाहिए।

सोयाबीन उपज तक घट सकती है 25% 
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब में फसलों पर होमनी इल्ली कीड़े का हमला हुआ है। इस हमले के कारण गन्ने की खरीफ उपज भी 20 फीसदी घटी है। सोयाबीन, टमाटर, मिर्च की उपज में भी 25 फीसदी तक कमी रही है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सोयाबीन पर पत्तों से रस चूसने वाला कीट नजर आया। इससे इसकी प्रति एकड़ उपज में 25 फीसदी से 30 फीसदी की कमी देखी जा रही है।

सेबी ने एमसीएक्स के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ निर्देश लिया वापस

नयी दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और नियामक बोर्ड सेबी ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX)के सात पूर्व अधिकारियों के खिलाफ दिये अपने निर्देश को वापस ले लिया है। उनके खिलाफ भेदिया कारोबार के उल्लंघन का मामला स्थापित नहीं हो सका।

सेबी ने अपने अंतिम आदेश में सात लोगों के खिलाफ दिये गये पूर्ववर्ती निर्देश को वापस ले लिया। इन सात लोगों में एक्सचेंज के दो पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ श्रीकांत जवालगेकर और जोसेफ मैसी भी शामिल हैं।

श्रीकांत की पत्नी आशा जवालगेकर, एनएसईएल की पूर्व सीईओ अंजनी साहा, पूर्व निदेशक पारस अजमेरा, तेजल शाह और महमूद वैद के खिलाफ भी दिये गये निर्देश वापस लिये गये हैं।

सेबी ने पिछले सप्ताह अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि एमसीएक्स के शेयरों में भेदिया करोबार के जरिए इन व्यक्तियों समेत 13 लोगों ने अपनी कुल मिला कर 125 करोड़ रुपये की संभावित हानि टाल दी।

इनमें एमसीएक्स की प्रवर्तक कंपनी फाइनेशियल टेक्नोलाजीज इंडिया लि एफटीआईएल के पूर्व प्रवर्तक व कुछ शीर्ष अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पूर्व प्रवर्तकों में एफटीआईएल के संस्थापक जिगनेश शाह के कुछ रिश्तेदार हैं।

आरोप था कि लोगों को एफटीआईएल समूह की कंपनी एनएसईएल में धांधलियों का पहले से पता था और उन्होंने इसी आधार पर एमसीएक्स के सौदे किए थे।

कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स से बढ़ेगी फसलों की उत्पादकता

नई दिल्ली। देश भर में सॉइल हेल्थ कार्ड (एसएचसी) बांटने के अभियान का पहला चरण लगभग पूरा होने वाला है। ऐसे में सरकार ने मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर किसानों को कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स (विशेष रूप से तैयार किए गए खाद) उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है।

इस योजना के तहत चावल, मक्का, गन्ना और आलू की फसलों के लिए पांच राज्यों के 126 जिलों में एसएचसी डेटा के आधार पर 18 तरीके के कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स किसानों को मुहैया कराए जाएंगे। कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स का लाभ पाने वाले पांच राज्य उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र होंगे।

बता दें कि सरकार की इस योजना का लक्ष्य फसलों की लागत को कम कर उत्पादकता को बढ़ाना है। हालांकि इस योजना को आखिरी मंजूरी मिलना अभी बाकी है। सरकार के करीबी एक सूत्र ने बताया, ‘यह योजना अभी मंजूरी के आखिरी चरण में है। इसे लेकर जल्द ही अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।’

कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स का सिद्धांत (मिट्टी की गुणवत्ता की बुनियाद पर) पेड़-पौधों के पोषण पर केंद्रित होता है। इस बारे में एक अधिकारी ने कहा, ‘अब एसएचसी होने की वहज से हमारे पास लगभग सभी तरह की मिट्टी की पोषकता के बारे में जानकारी मौजूद है।

ऐसे में (मिट्टी की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर तैयार किए गए) कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स फसलों की लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में किसानों की मदद करेंगे।’ सूत्रों के मुताबिक 126 जिलों में कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर्स उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नागार्जुन और इंडो-गल्फ फर्टिलाइजर सहित तीन खाद निर्माताओं के नामों पर विचार किया है।

लालू को जेल के बाद अब परिवार पर कसेगा बेनामी संपत्ति का शिकंजा

नई दिल्ली। सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार देते हुए उन्हें 3.5 साल की सजा सुना दी है। इस बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू के परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में विस्तृत डॉजिएर तैयार कर लिया है यानी आरजेडी सुप्रीमो की मुसीबतें अभी खत्म नहीं हुई हैं।

बेनामी संपत्ति के मामले में आयकर विभाग ने बिहार के पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी दो बहनों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की है। तेजस्वी और उनकी बहनों के खिलाफ दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में अघोषित आय से 40 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने का मामला चल रहा है।

आयकर विभाग ने इस संपत्ति को पहले ही अटैच कर लिया है और फिलहाल वह संबंधित प्राधिकरण की ओर से पुष्टि का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। बेनामी ऐक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर तेजस्वी या उनकी बहनों को 7 साल तक की जेल और बाजार में प्रॉपर्टी के मार्केट रेट का 25 फीसदी तक जुर्माने के रूप में चुकाना पड़ सकता है।

कैद के साथ ही दोषी ठहराए गए नेता पर 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक लग जाएगी। 40 करोड़ रुपये की इस संपत्ति को 2007 में खरीदा गया था, जब लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। उस वक्त इस संपत्ति को एबी एक्सपोर्ट्स के नाम पर खरीदा गया था।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक शेल कंपनी के डायरेक्टर्स ने महज 4 लाख रुपये में 2010-11 में कंपनी के सारे राइट्स और शेयरहोल्डिंग्स को तेजस्वी यादव के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था। आयकर अधिकारियों ने डॉजिएर में आधा दर्जन से ज्यादा गवाहों के बयानों को शामिल किया है।

इन रेकॉर्डेड बयानों को सबूतों के तौर पर अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी की ओर से अदालत में कहा जाएगा कि गवाहों के मुताबिक इस संपत्ति से लाभ उठाने वाले लोगों में लालू प्रसाद के तीन बच्चे थे।

इनसॉल्वेंसी प्रॉसेस से गुजर रही कंपनियों को CBDT ने दी राहत

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नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स का सामना कर रही कंपनियों को मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (एमएटी) पर राहत दी है। डिपार्टमेंट ने शनिवार को ऐसी कंपनियों के लिए एमएटी के नॉर्म्स को लचीला कर दिया है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 115जेबी के तहत पिछले घाटे को घटाने के बाद प्रॉफिट या मूल्यह्रास जो भी कम हो, पर एमएटी लगाया जाता है।
 
एमएटी पर लचीले किए नॉर्म
डिपार्टमेंट ने कहा, ‘ऐसी कंपनी जिसके खिलाफ आईबीसी के अंतर्गत कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्युशन प्रोसेस की एप्लीकेशन स्वीकार कर ली गई है, वह एसेसमेंट ईयर 2018-19 (वित्त वर्ष 2017-18) से एक्ट के सेक्शन 115जेबी के अंतर्गत एमएटी लगाने के उद्देश्य से प्रॉफिट बुक करने के लिए कुल लॉस (मूल्यह्रास सहित) को आगे फॉरवर्ड करने की मंजूरी होगी।’
 
कंपनियों की दिक्कतें होंगी कम
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने कहा कि ऐसी कंपनियों के सामने आने वाली वास्तविक दिक्कतों को न्यूनतम करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है। डिफॉल्ट करने वाली ऐसी कंपनियों के लेंडर्स ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोडके अंतर्गत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से संपर्क किया है।

सुस्त मांग से सोना फिर सस्ता, चांदी स्थिर

नई दिल्ली । शनिवार के कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतें 50 रुपए गिरकर 30,450 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई हैं।

सोने की कीमतों में यह गिरावट कमजोर वैश्विक संकेतों और स्थानीय ज्वैलरी की ओर से के चलते देखने को मिली है। हालांकि चांदी के भाव 40,000 प्रतिकिलोग्राम पर बरकरार रहे हैं।

बुलियन ट्रेडर्स का कहना है कि विदेशों में कमजोर रुख के अलावा घरेलू बाजार में घरेलू ज्वैलर्स की मांग में आई गिरावट सोने की कीमत में गिरावट की प्रमुख वजह रही है।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में बीते दिन सोना 0.24 फीसद की गिरावट के साथ 1,318.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.23 फीसद 0.23 फीसद की गिरावट के साथ 17.16 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 50 रुपए गिरकर 30,450 रुपए और 30,300 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

गुरुवार को सोने की कीमतों में 135 रुपए की तेजी देखने को मिली है। वहीं गिन्नी के भाव 24,700 रुपए प्रति पीस आठ ग्राम पर बरकरार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत भी 40,000 रुपए प्रति किलोग्राम रही है।

कोटा सर्राफा
चांदी 39500 रुपये प्रति किलो। 
सोना केटबरी 30400 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35460 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30550 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35630 रुपये प्रति तोला।

चारा घोटाला: लालू यादव को साढे़ तीन साल की सजा

रांची। चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने लालू पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बड़ी बात यह है कि लालू समेत सभी दोषियों को जमानत नहीं मिलेगी।

इसके लिए उन्हें उच्च अदालत में जाना होगा। देवघर कोषागार से अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपये निकालने के मामले में यह बड़ा फैसला आया है। विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए लालू समेत सभी 16 दोषियों ने रांची की बिरसा मुंडा जेल में एक साथ बैठकर जज का फैसला सुना।

मामले में दोषी ठहराए गए फूल चंद्र, महेश प्रसाद, बी. जूलियस, राजाराम, राजेंद्र प्रसाद, सुनील कुमार, सुधीर कुमार और सुशील कुमार को भी 3.5 साल की सजा सुनाई गई है।

गौरतलब है कि पिछले साल 24 दिसंबर को सीबीआई जज ने 1990-1994 के बीच देवघर के सरकारी कोषागार से 89.27 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था।

अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया था। सजा का फैसला 3 जनवरी को ही आना था पर तारीख एक-एक दिन कर टलती जा रही थी।

सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा देने की मांग की थी जबकि लालू के वकील ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की अपील की थी।

पिछले तीन दिन से कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू और जज के बीच बातचीत के कई प्रसंग सामने आए थे। CBI की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह ने कहा था कि लालू के लोगों की ओर से उनके पास कई फोन आए थे।

जज ने लालू प्रसाद यादव से कहा था कि, ‘आपके लिए मेरे पास कई लोगों ने सिफारिशें की हैं, लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं केवल कानून का पालन करूंगा।’

इससे पहले लालू के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि, ‘लालू डायबीटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और वह गुरुवार को लगभग बेहोश हो गए थे।’

कोर्ट ने जिन आरोपियों को चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया है, उनमें लालू प्रसाद यादव के अलावा आरके राणा, जगदीश शर्मा, तीन आईएएस अधिकारी तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह, पशुपालन विभाग के तत्कालीन सचिव बेक जूलियस एवं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी महेश प्रसाद भी शामिल हैं।

लालू ने जेल से भेजा संदेश, तेजस्वी बोले- पार्टी एकजुट
सजा का फैसला आने से पहले ही आरजेडी की ओर से बुलाई गई बैठक में विधायक समेत पार्टी के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में लालू यादव की चिट्ठी नेताओं में बांटी गई। तेजस्वी यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि फैसला आने के बाद लालू यादव ने जेल से खत लिखा था जो वह जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं। 

तेजस्वी यादव ने बीजेपी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को हमेशा से लालू प्रसाद का डर था, उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।

तेजस्वी ने कहा कि ऐसे समय में हमारी पार्टी एकजुट है और हम मिलकर संघर्ष करेंगे। बिखराव की झूठी खबर फैलाई जा रही है।  तेजस्वी ने कहा कि हमारे पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है, हम फैसले के खिलाफ उच्च अदालत जाएंगे।

इस बीच, लालू के बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा, ‘हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि उन्हें (लालू यादव) बेल मिल जाएगी। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।’

JDU ने कहा, ऐतिहासिक फैसला
लालू यादव को 3.5 साल की जेल के फैसले पर जेडीयू के नेता के. सी. त्यागी ने कहा, ‘हम फैसले का सम्मान करते हैं। बिहार की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। इसके साथ ही एक अध्याय समाप्त हो गया है।’

जानें क्या है पूरा मामला?
जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले का खुलासा हुआ था। तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा।

इस दौरान ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे पता चला कि 1990 के दशक में ऐसी कंपनियों को सरकारी कोषागार से चारा आपूर्ति के नाम पर पैसे जारी किए गए, जो थी ही नहीं।

रांची में सीबीआई कोर्ट ने 1990 से 1994 के बीच देवघर ट्रेजरी से फर्जी तरीके से 89.27 लाख निकालने से जुड़े केस में लालू को सजा सुनाई गई है। कोर्ट दिसंबर में ही लालू समेत 16 लोगों को दोषी ठहरा चुका था।

1996 में पटना उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले में जांच के आदेश दिए थे। देवघर ट्रेजरी केस में 1997 में 38 लोगों पर चार्जशीट दाखिल हुई। इनमें 11 की मौत हो चुकी है, जबकि 3 सरकारी गवाह बन गए। 2 ने गुनाह कबूल कर लिया था।

जिन आरोपियों को अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया था, उनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, तीन आईएएस अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

घिसटते आए और मुस्कुराहट लेकर लौटे दिव्यांग

कोटा। दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अनुभव का शपथ ग्रहण समारोह एवं दिव्यांग सम्बल समारोह शनिवार को दोपहर आयोजित किया गया।

आरोग्य नगर स्थित जैन जन उपयोगी भवन में कार्यक्रम में ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसमुख गांधी,विधायक संदीप शर्मा एवं सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष अजय बाकलीवाल के आतिथ्य में 15 दिव्यांगों को ट्राई साईकिलें एवं व्हील चेयर भेंट दी गई। दिव्यांग घिसटने हुए और चेहरे पर मुस्कान लेकर लौटे।

कार्यक्रम से पूर्व जैन सोशल ग्रुप अनुभव के दंपत्ति सदस्यों एवं नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष प्रकाश ठौरा,सचिव एसके दोषी की कार्यकारिणी को ग्रुप के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष दिनेश दोषी ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर हंसमुख गांधी ने कहा कि वरिष्ठ दंपत्ति सदस्य अपने अनुभवों से ग्रुप को प्रकाशमान करें।

गांधी ने कहा कि ग्र्र्रुपों के माध्यम से हमें जैनत्व को कायम रखते हुए क्लब संस्कृति को अंगीकार करना है। जैनत्व पर कायम रहते हुए मनारंजन के साथ पर्यटन भी करें साथ ही पंचकल्याणक तथा परोपकार के काम भी करेंगे। जैन होने की छाप बरकार रहे तथा आंतरिक व बाहरी स्वच्छता भी कायम रहे। समाज सेवा से हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ता है।

विधायक संदीप शर्मा ने ग्रुप द्वारा दिव्यांगों की सहायता की सराहना की तथा जैन जन उपयोगी भवन में बनने वाले अर्हम वेलफेयर चिकित्सा केंद्र के लिए विधायक कोष से 5 लाख की मदद की घोषणा की। अजय बाकलीवाल ने सांबेधन में कहा कि 60 अधिक उम्र में सेवा कार्यो से ऊर्जा का संचार कर रहा।

जैन सोशल ग्रुप अनुभव परोपकार के काम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने अर्हम वेलफेयर चिकित्सा केंद्र की कार्ययोजना को विस्तार से बताया। बाकलीवाल ने बताया कि आगामी चातुर्मास विशुद्धमति माता जी का होगा जिसमें जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होंगे।

फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेके जैन एवं सुरेंद्र जैन ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप की महिलाआें ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत नाटिका के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। हंसमुख गांधी ने समाज के लोगों को 13- 14 जनवरी को भोपाल में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचने का आव्हान किया।

ठोरा ने अपनी कार्ययोजना को विस्तार से बताया। इस अवसर पर राम संरक्षक राजमल पाटोदी,महावीर प्रसाद जैन,तलण्डी जैन मंदिर के अध्यक्ष सुरेश चांदवाड़ आदि वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया।

ग्वार गम एक साल में 44% बढ़ा, 2018 में मिल सकता है 25% रिटर्न

नई दिल्ली। साल 2017 में ग्वार गम में निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है। एक्सपोर्ट में इजाफा होने से पिछले एक साल में ग्वार गम के भाव में 44 फीसदी तेजी रही है। ग्वार गम एक्सपोर्ट ओरिएंटेड कमोडिटी है और एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने से कीमतें बढ़ती हैं।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल भी ग्वार गम की कीमतों को सपोर्ट मिलता दिख रहा है। इसकी कीमत 12,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती है। फिलहाल एनसीडीई पर ग्वार गम की कीमत 9200 रुपए क्विंटल है।

अप्रैल-नवंबर में 42% बढ़ा एक्सपोर्ट
– फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में अप्रैल से नवंबर के बीच ग्वार गम का एक्सपोर्ट 42 फीसदी बढ़कर 3.21 लाख टन रहा है। 2016-17 में समान अवधि के दौरान ग्वार गम का एक्सपोर्ट 2.26 लाख टन था। एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेलवपमेंट अथॉरिटी (एपीईडीए) के अनुसार, अमेरिका में डिमांड में इजाफा से ग्वार गम एक्सपोर्ट्स को सपोर्ट मिला है। 
 
 एक साल में 44% बढ़ा भाव
– एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता का कहना है कि खासतौर से अमेरिका में ऑयल रिग्स में बढ़ोतरी से ग्वार गम की डिमांड बढ़ी है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलास है। 2017 में अमेरिका में ऑयल रिग्स की संख्या 41 फीसदी बढ़त 747 हो गई है।

इससे 2017 में ग्वार गम की कीमत 43.76 फीसदी बढ़ी। बता दें कि ऑयल रिग्स में ग्वार गम की खपत ज्यादा होती है। ग्वारगम की कीमतें अभी भी स्टेबल बनी हुई हैं। पिछले 3 माह में इसमें 15 फीसदी तक तेजी आई है। 
 
 इन फैक्टर्स का मिलेगा सपोर्ट
 1. अमेरिका का क्रूड प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि साल 2018 में ग्वार गम का आउटलुक पॉजिटिव है। ओपेक देशों और रूस द्वारा क्रूड प्रोडक्शन में कटौती से क्रूड की कीमतें 68 डॉलर के पार हो गई है।

वहीं इस साल अमेरिका ने क्रूड प्रोडक्शन जारी रखने का फैसला किया। क्रूड प्रोडक्शन बढ़ने पर अमेरिका से ग्वार गम की डिमांड बढ़ेगी, जिससे असर इसकी कीमतों पर होगा।
 
2. फूड इंडस्ट्री से डिमांड बढ़ने की उम्मीद
केडिया के मुताबिक, फूड इंडस्टी में लगातार ग्रोथ देखने को मिल रही है। फूड इंडस्ट्री में खासकर चॉकलेट मेंकिंग में ग्वार गम का ज्यादा इस्तेमाल होता है। देश में चॉकलेट की डिमांड बढ़ने से ग्वार गम की खपत बढ़ेगी। मांग में इजाफा से ग्वार गम की कीमतों में तेजी आएगी।