Tuesday, July 14, 2026
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7.5 लाख भारतीयों को अब नहीं छोड़ना पड़ेगा US, क्यों जानिए

वॉशिंगटन/नई दिल्ली।. अमेरिका में काम कर रहे साढ़े सात लाख से ज्यादा भारतीयों के लिए मंगलवार को राहत भरी खबर आई। डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अपनी H-1B वीजा एक्सटेंशन पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं कर रहा है।

इसका मतलब यह हुआ कि ये साढे़ सात लाख इंडियन प्रोफेशनल्स आगे भी वहां नौकरियां करते रहेंगे और उन्हेें भारत नहीं लौटना होगा। दरअसल, ट्रम्प ने प्रेसिडेंट बनने के बाद ‘buy american-hire american’ पॉलिसी का एलान किया था।

इसके मुताबिक, वहां की कंपनियों के लिए इस तरह के रूल्स बनाए जाने थे कि वो ज्यादा से ज्यादा अमेरिकियों को ही जॉब्स दें। इसी टारगेट को हासिल करने के लिए H-1B वीजा एक्सटेंशन पॉलिसी में बदलाव किए जाने वाले थे।

अब अमेरिका छोड़ने की जरूरत नहीं
– न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी अथॉरिटीज के हवाले से कहा- ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन H-1B वीजा एक्सटेंशन पॉलिसी में ऐसा कोई बदलाव करने नहीं जा रहा है जिसकी वजह से ये वीजा रखने वालों को देश छोड़ना पड़े।

– यह एलान यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेस यानी USCIS ने किया है। बता दें कि USCIS के हवाले से ही कई दिनों से इस तरह की खबरें आ रहीं थीं कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन H-1B वीजा एक्सटेंशन पॉलिसी में बड़े बदलाव करने जा रहा है। जाहिर है कि अगर ये बदलाव होते तो भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता।

– एक अफसर ने कहा- H-1B वीजा होल्डर्स से जुड़े मामलों में ऐसा कोई रेग्युलेट्री चेंज नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से ये वीजा रखने वालों को देश छोड़ना पड़े। अमेरिका में इससे जुड़ी एक कानून की धारा (104 C) है।

दूसरे बदलाव मुमकिन- USCIS के एक अफसर जोनाथन विदिंगटन ने कहा- हम प्रेसिडेंट ट्रम्प की Buy American, Hire American पॉलिसी को लागू करने के लिए दूसरे बदलाव कर रहे हैं। इसमें इम्प्लॉईमेंट बेस्ड वीजा प्रोग्राम्स भी शामिल है।

– यह मामला तब और बढ़ा जब पिछले हफ्ते यूएस की न्यूज एजेंसी मैक्लाची ने खबर दी कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन H-1B वीजा एक्सटेंशन पॉलिसी में बड़े बदलाव करने जा रहा है। एजेंसी ने कहा था कि इन बदलावों को सबसे ज्यादा असर इंडियन आईटी प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा।

नए रूल्स का क्या असर होता?
– ट्रम्प सरकार के नए कदम से वो हजारों विदेशी वर्कर जिनके पास H-1B है, तब तक काम नहीं कर पाते, जब तक उनकी ग्रीन कार्ड एप्लिकेशन पेंडिंग रहती।
– 2016 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि प्रेसिडेंट बनने पर वो ‘अमेरिकी ही खरीदो और अमेरिकियों को ही नौकरी दो’ की नीति पर काम करेंगे।

एक्सपर्ट ने उठाए थे सवाल
– लियोन फ्रेस्को ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान जस्टिस डिपार्टमेंट में अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के नए रूल पर उन्होंने कहा था- यह उन लोगों के लिए खतरनाक होगा जो करीब 10 साल से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। उनके बच्चे अमेरिकी हैं और उनका यहां घर है।
– फ्रेस्को ने कहा था, करीब 10 लाख लोग ऐसे हैं, जिनके पास H1-B वीजा है और जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर भारतीय हैं।

क्या है H-1B वीजा?
– H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी थ्योरिटिकल या टेक्निकल एक्सपर्ट्स को अपने यहां रख सकती हैं।
– H-1B वीजा के तहत टेक्नोलॉजी कंपनियां हर साल हजारों इम्प्लॉइज की भर्ती करती हैं।
– USCIS जनरल कैटेगरी में 65 हजार फॉरेन इम्प्लॉइज और हायर एजुकेशन (मास्टर्स डिग्री या उससे ज्यादा) के लिए 20 हजार स्टूडेंट्स को एच-1बी वीजा जारी करता है।
– अप्रैल 2017 में यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (USCIS) ने 1 लाख 99 हजार H-1B पिटीशन रिसीव किया।
– अमेरिका ने 2015 में 1 लाख 72 हजार 748 वीजा जारी किए, यानी 103% ज्यादा। ये स्टूडेंट्स यूएस के किसी संस्थान में पढ़े हुए होने चाहिए। इनके सब्जेक्ट साइंस, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और मैथ्स होने चाहिए।

सेंसेक्‍स में नजर आया मजबूती का रुख

नई दिल्ली। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में इजाफे का रुख नजर आया और खबर लिखे जाने के दौरान सेंसेक्‍स 0.29 प्रतिशत के सा‍थ 100.56 अंक बढ़कर 34,453.35 पर आ गया।

दूसरी ओर नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) में भी यही रुख रहा और इसका सूचकांक 0.28 प्रतिशत यानी 29.45 अंक उठकर 10,653.05 पर पहुंच गया।

सोमवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 198.94 अंक का इजाफा हुआ था और यह 0.58 प्रतिशत बढ़कर 34,352.79 के स्‍तर पर बंद हुआ।

वहीं, नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने भी कल के कारोबार में बढ़त बनाई थी और यह 64.75 अंक या 0.61 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,623.60 के स्‍तर पर बंद हुआ।

धनिए का उत्पादन इस बार अच्छा होने की उम्मीद

रामगंजमंडी। किसानों को इस बार धनिए का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद है। अच्छा उत्पादन होने से अगली बार धनिया का रकबा बढऩे की उम्मीद भी किसान जता रहे हैं। धनिया की महफूज फसल को देखकर किसान हर्षित हैं। अब धनिए की फसल में आए सफेद फूल हरी डोडियों में तब्दील हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रामगंजमंडी क्षेत्र में गत वर्ष 12 हजार हैक्टेयर भूमि में धनिया की बुआई हुई थी। इस बार बुआई का औसत साढ़े छह हजार हैक्टेयर पर आकर टिक गया है। किसान सामान्य धनिए की पैदावार के प्रति ज्यादा उत्सुकता दिखाते हैं लेकिन इस बार उनकी मानसिकता में परिर्वतन का सबसे बड़ा कारण धनिए के न्यनूतम स्तर पर पहुंचे भावों ने बदल दिया।

शुरुआती दौर में छह हजार रुपए क्विंटल बिकने वाला धनिया बुआई के समय 3600 रुपए क्विंटल तक आया तो किसानों का रुझान चने की बुआई के प्रति बढ़ा। कई किसानों ने सरसों की बुआई के प्रति उत्सुकता दिखाई। अभी खेतों में खड़ी सरसों में पीले फूल आ रहे हैं तो कहीं खेतों में धनिए के सफेद फूल की चादर बिद गई है।

जानकारों के अनुसार मंडी में तीन किस्म का धनिया आता है। इसमें सर्वाधिक बादामी होता है। रंगदार व बेस्ट रंगदार धनिया भी किसान लाते हैं। किसी क्षेत्र में डोडियां आते समय बारिश होती है तो हरी डोडियों वाला धनिया बादामी हो जाता है। हल्की बारिश की मार वाला धनिया रंगदार की श्रेणी में आता है।

सबसे महफूज रहने वाला धनिया बेस्ट रंगदार के नाम से पहचान बनाता है। सर्वाधिक दाम बेस्ट रंगदार के मिलते हैं। मौसम की अनुकूलता से इस बार रंगदार व बेस्ट रंगदार धनिया ज्यादा आने की संभावना है। एेसे में किसानों को अच्छे भाव मिलेंगे।

धनिया को सबसे नाजुक फसल माना जाता है। ज्यादा सर्दी इस फसल को बर्दाश्त नहीं होती। शीतलहर चलने व मौसम नहीं खुलने पर इसके पौधों के झुलसने का डर रहता है। गर्मी ज्यादा होने पर रोग का खतरा रहता है। फूल आने के समय बारिश होने पर फूल खिरने व लोंगिया रोग की संभावना बनती है। इससे उत्पादन प्रभावित होता है।

फूलों के डोडियों में तब्दील होते समय मावठ गिरने से डोडियों के बदरंग होने का खतरा रहता है। फसल की कटाई व उसे तैयार होने तक मौसम की अनुकूलता इस फसल के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहती है।

कृषि पर्यवेक्षक चौखे सिंह शेखावत का कहना है कि धनिया का रकबा गत वर्ष की तुलना में चाहे रामगंजमंडी क्षेत्र में आधा ही हो लेकिन अनुकूल मौसम से फसल को फायदा है। गत वर्ष बारिश के तुरंत बाद धनिया में लोंगिया रोग लगा था। इस बार एेसा कोई रोग देखने में नही आया है।

48 घंटे तक राजस्थान के 8 शहरों में रहेगा शीतलहर का असर

जयपुर/कोटा /सीकर/सिरोही। राजस्थान में सर्दी का कहर जारी है। 8 शहरोंं को अगले दो दिन और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश के सबसे ठंडे कस्बे फतेहपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान शून्य से नीचे रहा और न्यूनतम तापमान माइनस 1.8 डिग्री दर्ज किया। माउंट आबू दो डिग्री की गिरावट के बाद तापमान शून्य पर दर्ज किया गया। जयपुर का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री रिकार्ड किया गया।

कोटा में एक जनवरी के बाद से ही न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही चल रहा है। सुबह और शाम को गलन का अहसास होता है। न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री से लुढ़ककर 8.3 डिग्री पर आ गया। सुबह की आर्द्रता का प्रतिशत 73 शाम का 29 प्रतिशत दर्ज किया गया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आने वाले वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहेगा। अधिकतम तापमान 25 डिग्री तक पहुंच सकता है। आसमान साफ रहेगा। कोहरे की संभावना नहीं है।

जयपुर जिले के सभी स्कूल सुबह 10 बजे के बाद ही खुलेंगे
जयपुर कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन ने जिले के सभी सरकारी, प्राइवेट और सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों का समय बदल दिया है। आदेश की पालना नहीं करने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

अब 15 की जगह 20 स्टूडेंट्स पर होगा एक टीचर : एआईसीटीई

कोटा। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) साल 2018-19 के सेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने जा रहा है। अब आईआईटी और एनआईटी सिस्टम की तरह फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए तीन सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा।

10 प्रतिशत रख सकेंगे बाहर की फैकल्टी
अब इंजीनियरिंग कॉलेज पदों के अनुरूप 10 प्रतिशत ही बाहरी फैकल्टी रख सकेंगे। यह फैकल्टी इंडस्ट्री मैनेजमेंट फील्ड की रहेगी। पहले यह प्रतिशत 20 तक का था। इसमें भी बदलाव कर दिया गया है। शहर क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए 2.5 एकड़ की जगह 1.5 एकड़ ग्रामीण क्षेत्र में 7.5 एकड़ की जगह 4 एकड़ जमीन की ही जरूरत रहेगी।

इन तीन सप्ताह में उनको इंजीनियरिंग के साथ-साथ कॉलेज के माहौल स्कोप के बारे में बताया जाएगा। हर सेमेस्टर में उनको किस प्रकार की पढ़ाई करनी है और कैसे कोर्स कवर करना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके पीछे मकसद है कि स्टूडेंट्स को पहले इंजीनियरिंग स्टडी फ्रेंडली बनाया जाए।

इसका उल्लेख एआईसीटीई की ओर से जारी अप्रूवल प्रोसेस हैंडबुक 2018-19 में किया गया है। अगले सेशन में इन नियमों के मुताबिक ही नए कॉलेजों को मान्यता जारी होगी। एआईसीटीई ने एक और परिवर्तन करते हुए स्टूडेंट्स टीचर्स रेशो में भी बदलाव किया है। पहले 15 स्टूडेंट्स पर एक टीचर होना जरूरी था।

अब यह रेशो बढ़ाकर 20 स्टूडेंट्स पर एक शिक्षक का कर दिया गया है। दरअसल, एआईसीटीई के मापदंडों के अनुसार स्टूडेंट्स टीचर्स रेशो को कायम कर पाने में कॉलेजों को परेशानी हो रही थी। क्वालिफाइड टीचर्स ही नहीं मिल पा रहे थे। इसी प्रकार इंजीनियरिंग कॉलेज के महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी लगाने के भी आदेश हैंडबुक में दिया गया है।

“कांटा लगा” गाने पर शेफाली के डांस से झूमे युवा

कोटा। कांटा लगा गाने पर जैसे ही शेफाली जरीवाला ने डांस की प्रस्तुति दी तो लोग उनके साथ झूमने लगे। वहीं, सिंगर महेश मोयाल ने भी गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। यह नजारा सोमवार की रात बूंदी रोड स्थित मेनाल रेजिडेंसी में दिखा।

यहां ब्यूटी पार्लर एसोसिएशन की ओर से आयोजित ब्यूटी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कैटवॉक किया। यहां देशभर से आए प्रमुख मेकअप आर्टिस्ट ने मेकअप की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। शेफाली जरीवाला का डांस शुरू होते ही युवा खुद को नाचने से रोक नहीं पाए।

यहां सिंगर सुभि त्रिवेदी ने लगन लगी…और चुरा लिया है तुमने जो दिल को…. गाने गाए। रिदम डांस ग्रुप म्यूजिकल बैंड ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान एंकर के रूप में आईपीएल एंकर खुशबू कपूर के साथ राहिल खान मंच पर मौजूद रहे।

कार्यक्रम के सहयोगी अशफाक मंसूरी ने बताया कि ब्यूटी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हाड़ौती भर से ब्यूटीशियन कोटा पहुंची। कार्यक्रम में प्रमुख ब्यूटीशियन जया पालोद, मीनाक्षी तोलानी, अजित बचास, चेतना ओझा, गुंजन मेहता, रोशन खातून, हिना बजाज, मीनाक्षी मेनावत ने ब्यूटीशियन को मेकअप की बारीकियों के बारे में बताया।

राजस्थान ब्राइडल एंड हेयर अवाॅर्ड में बॉलीवुड डांसर शेफाली जरीवाला ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता फिरोजा हुसैन विजेता रहीं। उन्हें शेफाली जरीवाला ने 31 हजार रुपए, ट्रॉफी सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर जेस्मीन खान को 21 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर माया यादव को 11 हजार, ट्रॉफी सर्टिफिकेट भेंट किया गया। इस दौरान अशफाक मंसूरी द्वारा डिजाइन की गई ड्रेसेज को पहनकर मॉडल्स ने कैटवाॅक किया।

बैंकिंग सेवाएं 20 जनवरी से हो जाएंगी महंगी

मुंबई । सड़क पर चलते हुए ध्यान रखें। किसी बैंक के सामने से गुजरने पर भी आप पर चार्ज लगाया जा सकता है।’ कुछ महीने पहले तक भेजे गए इस तरह के चुटकुले वाकई सच होते नजर आ रहे हैं। 20 जनवरी से किसी बैंक शाखा में जाना आपको भारी पड़ सकता है। सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक शाखाओं में दी जाने वाली उन तमाम सेवाओं के लिए शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहे हैं जो अब तक मुफ्त हैं।

कुछ सुविधाओं के लिए शुल्क की समीक्षा होगी। इन सुविधाओं में पैसा निकालने, जमा करने, मोबाइल नंबर बदलवाने, केवाईसी, पता बदलवाने, नेट बैंकिंग और चेक बुक के लिए आवेदन करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। जिस शाखा में आपका खाता है, उससे इतर किसी दूसरी शाखा में जाकर बैंकिंग सेवा लेने पर भी अलग से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क पर फीसद का जीएसटी भी लगेगा। यह शुल्क आपके खाते से काट लिया जाएगा।

बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस तरह के कदम की पुष्टि की है। अधिकारी का कहना है कि नए शुल्कों को लेकर आंतरिक आदेश मिल चुके हैं। नाम नहीं बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ‘हम रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों का पालन करते हैं।

नियमों के अनुसार संबंधित बैंक का बोर्ड सभी मानकों को जांचकर सेवाओं पर लगाए जाने वाले शुल्क का फैसला लेता है। बोर्ड से मुहर लगने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाता है।’ इस कदम से देशभर के खाताधारक प्रभावित होंगे। हालांकि बैंकरों ने इस कदम को सही बताया है।

उनका कहना है कि खाताधारक अगर अपनी होम ब्रांच के अतिरिक्त किसी अन्य ब्रांच से बैंकिंग सेवाएं लेता है तो शुल्क लगना चाहिए। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘इस कदम से ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा। समय के साथ-साथ चेक और डिमांड ड्राफ्ट भी अप्रासंगिक हो जाएंगे।’ एटीएम और क्यॉस्क मशीनों से पासबुक अपडेशन और पैसों का लेनदेन अब भी निशुल्क किया जा सकेगा।

राजस्थान में नहीं रिलीज होगी ‘पद्मावत’, गृह मंत्री कटारिया

जयपुर। संजय लीला भंसाली के महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट, फिल्म पद्मावत को भले ही सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ पास कर दिया हो, लेकिन राजस्थान में फिल्म के लिए रास्ते अब भी नहीं खुले हैं। राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने साफ किया है कि फिल्म पद्मावत राजस्थान में रिलीज नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आदेश दिया था कि फिल्म को राज्य में तब तक रिलीज न किया जाए, जब तक इसमें आवश्यक बदलाव न कर दिए जाएं। उन्होंने कहा था कि सरकार चाहती है कि फिल्म के रिलीज होने से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

राजस्थान के गृहमंत्री ने बताया, ‘मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पिछले आदेश के अनुपालन में फिल्म पद्मावत को राज्य में नहीं रिलीज किया जाएगा।’ हालांकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) ने फिल्म के नाम सहित कुछ बदलाव के साथ फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दे दी है। इसके बावजूद राज्य की वसुंधरा राजे सरकार ने फिल्म को रिलीज करने की इजाजत नहीं दी है।

फिल्म के खिलाफ राजस्थान में राजपूत समाज के संगठन करणी सेना ने मोर्चा खोल रखा है। करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ने फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को चेतावनी भी दी थी। फिल्म को राजस्थान सहित कई अन्य सरकारों ने भी रिलीज की इजाजत नहीं दी थी।

सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने एक इंटरव्यू में साफ किया था कि फिल्म को पांच बदलावों के साथ रिलीज करने की मंजूरी दी गई है। पद्मावती नाम पर विवाद के बाद अब 25 जनवरी को संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत (बदला हुआ नाम) रिलीज होने जा रही है।

 

आधार लीक: पत्रकार पर FIR की खबरों का सरकार ने किया खंडन

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नई दिल्ली। आधार डेटा लीक का खुलासा करने वाली पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की खबरों से UIDAI की काफी आलोचना हो रही थी। जिसके बाद केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को ट्वीट कर साफ किया कि एफआईआर अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है और सरकार प्रेस की आजादी के लिए प्रतिबद्ध है।

रविशंकर प्रसाद के ट्वीट को कोट करते हुए यूआईडीएआई (यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने भी अब ट्वीट कर पूरे मामले पर सफाई दी है। UIDAI ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया, ‘UIDAI प्रेस की आजादी के लिए प्रतिबद्ध है। हम अखबार और खबर लिखने वाली पत्रकार से बात करेंगे, जिससे असली दोषियों तक पहुंचा जा सके।

इसके साथ ही अगर अखबार और उनके पत्रकार के पास कोई सुझाव हो तो वे हमारे साथ साझा कर सकते हैं।’रवि शंकर प्रसाद ने भी पूरे मामले पर सफाई दी थी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सरकार प्रेस की आजादी के साथ ही आधार की सुरक्षा और सुचिता के लिए प्रतिबद्ध है।

एफआईआर अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है। मैंने UIDAI से अखबार और उनके पत्रकार की असली दोषिय़ों को पकड़ने में हर संभव मदद लेने को कहा है।’ इससे पहले अफवाह थी कि आधार डेटा लीक की खबर छापने वाली पत्रकार के खिलाफ UIDAI ने एफआईआर दर्ज कराई है। जिसके बाद चारों तरफ सरकार की आलोचना हो रही थी।

एडिटर्स गिल्ड ने एफआईआर दर्ज करवाने के फैसले को अनुचित, अन्यायपूर्ण और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया था।दरअसल आधार की सुरक्षा में चूक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई थी।

एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्होंने वॉट्सऐप के जरिए सर्विस देने वाले एक ट्रेडर से 100 करोड़ आधार की जानकारी खरीदी।

मोदी 10 को अर्थशास्त्रियों, क्षेत्र के विशेषग्यों के साथ करेंगे बैठक

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी को प्रमुख अर्थशास्त्रियों और क्षेत्र के विशेषग्यों के साथ नीति आयोग में बैठक करेंगे। बैठक में उन उपायों पर विचार किया जाएगा जो आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा रोजगार सृजन के लिये किये जा सकते हैं।

यह बैठक बजट पेश किये जाने से पहले हो रही है। वित्त मंत्री अरूण जेटली एक फरवरी को बजट पेश करेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार बैठक में उपाध्यक्ष और नीति आयोग के सदस्य तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के सदस्य, अर्थशास्त्री तथा क्षेत्र के विशेषग्य शामिल होंगे।

यह बैठक केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के राष्ट्रीय आय के बारे में ताजा अनुमान के बाद हो रही है। इसके अनुसार देश की वृद्धि दर चालू विा वर्ष में चार साल के न्यूनतम स्तर पर 6.5 प्रतिशत रहेगी।

मोदी की अगुवाई वाली सरकार में वृद्धि दर का यह आंकड़ा सबसे कम है। वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहेगी, जो इससे पूर्व वर्ष में 8 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2014-15 में 7.5 प्रतिशत थी।