Wednesday, July 15, 2026
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अब बिटकॉइन की तर्ज पर जीयो कॉइन ला रहे हैं मुकेश अंबानी?

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नई दिल्ली। क्या मुकेश अंबानी की टु-डु लिस्ट में अगली बारी क्रिप्टोकरंसी की है? एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो इन्फोकॉम खुद की क्रिप्टोकरंसी जियो कॉइन लाने की योजना पर काम कर रहा है।  50 सदस्यों का एक दल ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी पर काम कर रहा है। यह टीम मुकेश के बड़े बेटे आकाश अंबानी की देखरेख में काम कर रही है।

यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब साउथ कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों और इन्हें मान्यता देनेवाले बैंकों पर सरकार की कठोर कार्रवाई करने के बाद दुनियाभर में बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

दक्षिण कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों पर ताले जड़ने की तैयारी से क्रिप्टोकरंसी की दुनिया में मांग का सबसे बड़ा स्रोत सूख जाने का डर है। गौरतलब है कि दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी की खपत में अकेले 20 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण कोरिया का है।

ब्लूमबर्ग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत 12 प्रतिशत गिरकर 12,801 डॉलर पर आ गई। बाद में 6 प्रतिशत तक सुधार आया। वहीं, रिपल 14 प्रतिशत जबकि इथेरियम 4 प्रतिशत टूट गई।

दरअसल, दुनियाभर की सरकारें डिजिटल करंसीज के बढ़ते दाम से लोगों में इसके प्रति बढ़ती दीवानगी से चौकन्ना हो गई हैं। लोगों से लेकर वॉल स्ट्रीट बैंक्स तक को क्रिप्टोकरंसीज आकर्षित कर रही है।

भारत में भी वित्त मंत्री अरुण जेटली और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी चेतावनी दे दी है कि लोग बिटकॉइन का लेनदेन अपने रिस्क पर करें। सरकार का कहना है कि देश में बिटकॉइन समेत कोई भी क्रिप्टोकरंसी मान्य मुद्रा नहीं है।

वहीं, रिजर्व बैंक ने कई बार कहा कि क्रिप्टोकरंसी बनाना, इसकी ट्रेडिंग करना या पेमेंट में इसका इस्तेमाल करना किसी केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत नहीं है। वित्त मंत्रालय ने बिटकॉइन ट्रेडिंग को पोंजी स्कीम जैसा बता दिया।

इसरो का अंतरि‍क्ष में शतक, भेजा 100वां सैटेलाइट

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नई दि‍ल्‍ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को अंतरिक्ष में शतक लगा कर विश्व में एक नया इतिहास रच दिया। इसरो ने अपना 100वां सैटेलाइन अंतरि‍क्ष भेज दि‍या। यह लॉन्‍चिंग सुबह 9.28 पर श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से हुई।

इसरो ने बताया कि 44.4 मीटर लंबे राकेट PSLV-C40 से लांच होने वाले इन उपग्रहों में कार्टोसैट- 2, भारत का एक नैनो सैटेलाइट, एक माइक्रो सैटेलाइट और 28 विदेशी उपग्रह शामिल हैं। विदेशी उपग्रहों में कनाडा, फिनलैंड, कोरिया, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका के  25 नैनो और तीन माइक्रो सैटेलाइट शामिल हैं। 

31 सैटेलाइट का प्रक्षेपण 
इन सभी 31 सैटेलाइट का वजन 1323 किलोग्राम है। सभी सैटेलाइट को लांच करने की व्यवस्था इसरो और उसकी व्यवसायिक शाखा अंतरिक्ष कारपोरेशन लिमिटेड ने संभाली है। इसरो और एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच हुए व्यापारिक समझौतों के तहत इन 28 अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों को प्रक्षेपित किया जाएगा। यह 100वां उपग्रह कार्टोसेट -2 श्रृंखला का तीसरा उपग्रह होगा। 
 
2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है PSLV-C 40 
कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय सह यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, पांच दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं। आपको बता दें कि‍ चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक अभि‍यान फेल हो गया था।  PSLV-C 40, 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है। 
 
देश के लिए नए साल का तोहफा: किरण राव
सभी सैटेलाइट्स की कामयाब लॉन्चिंग के बाद इसरो के चेयरमैन एएस किरण राव ने कहा, “पीएसएलवी की पिछली लॉन्चिंग में दिक्कतें आई थीं, आज यह साबित हो गया कि हमने उन्हें ठीक तरह से समझा और दूर किया। देश को नए साल का यह तोहफा देकर खुशी हुई।”

बता दें कि 31 अगस्त को इसरो का लॉन्चिंग मिशन फेल हो गया था। तब उसने पीएसएलवी-सी39 के जरिए बैकअप नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच सैटेलाइट लॉन्च किया था। यह तकनीकी खामी की वजह से आखिरी स्टेज में नाकाम हो गया था।
 
इसरो ने 47 साल में लॉन्‍च किए 278 सैटेलाइट्स 
इसरो ने 47 साल में 25 देशों के 278 सैटेलाइट्स लॉन्च किए हैं। वहीं, अमेरिका ने 72 साल में 1369 और रूस ने 80 साल में 1492 सैटेलाइट्स लॉन्‍च किए हैं। 10 साल में दुनिया में हुई लॉन्चिंग की 38 फीसदी भारत की ओर से हुई है।

भारत के पीएसएलवी रॉकेट की एक लॉन्चिंग करीब 100 करोड़ रुपए की होती है। रूस के रॉकेट की कीमत 455 करोड़ और अमेरिका, चीन व यूरोप के रॉकेट की एक उड़ान की लागत 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
 
पहली कोशिश में सफल रहा था मिशन मंगल  
स्‍पेस के लिए जापान, जर्मनी, इटली, चीन का बजट भारत से ज्यादा हैं। इसरो के पास 16 हजार साइंटिस्ट हैं। नासा के पास 17500 और रूस के पास 23800 हैं। भारत ने पहली कोशिश में ही मंगल मिशन कामयाब कर लिया था। जबकि अमेरिका 5 बार और रूस 8 बार में सफल हो पाए थे।

काउंटडाउन 52 की जगह 28 घंटे का कर लिया है। इसरो के डायरेक्टर एम अन्नादुरै के मुताबिक, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग इस साल के पहले क्वार्टर में करने का प्लान है। इस मिशन के साथ ऑर्बिटर और लैंडर भी भेजे जाएंगे। इसका इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फाइनल स्टेज में है। 

पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से सेंसेक्स औऱ निफ्टी रिकॉर्ड नए स्तर पर

नई दिल्ली। पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत रिकॉर्ड स्तर पर हुई। तीसरी तिमाही में कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद से शुक्रवार को सेंसेक्स औऱ निफ्टी रिकॉर्ड नए स्तर पर खुले।

सेंसेंक्स 75 अंक बढ़कर 34,59 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 31 अंक की तेजी के साथ 10,683 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में तेजी से सेंसेक्स ने 34638.42 के रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।

 पिछले रिकॉर्ड हाई स्तर
– 12 जनवरी को सेंसेक्स ने 34638.42 के रिकॉर्ड नई ऊंचाई को छुआ। वहीं 10,690.25 प्वाइंट्स तक पहुंचा।
– 11 जनवरी को निफ्टी ने 10,664.60 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
– 09 जनवरी को सेंसेक्स ने ऊंचाई का नया स्तर 34565.63 प्वाइंट्स को छुआ।
– 08 जनवरी को सेंसेक्स ने 34487.52 प्वाइंट्स का स्‍तर छुआ, वहीं निफ्टी 10,631.20 के हाई तक गया था।
– 5 जनवरी 2018 को सेंसेक्स 34,175 और निफ्टी 10,566.10 प्वाइंट्स तक गया था।
 
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी
– लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों खरीददारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.38 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में सन टीवी, फेडरल बैंक, एमफैसिस, टाटा ग्लोबल, एबीएफआरएल, एमआरपीएल, वॉकहार्ट फार्मा, भारत फोर्ज, टोरेंट पावर, नैटको फार्मा, टोरेंट फार्मा 0.90-2.37 फीसदी तक बढ़े।

– वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.71 फीसदी मजबूत हुआ है। कारोबार में स्मॉलकैप इंडेक्स ने 20130.86 का हाई बनाया। स्मॉलकैप शेयरों में केईआई, डुकॉन, उत्तम स्टील, मोरपेन लैब 6.46-11.85 फीसदी तक उछले।

 रुपए की मजबूत शुरुआत
सप्ताह के पांचवें और आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपए की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। आज के कारोबार में रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 63.60 के स्तर पर खुला। गुरुवार को रुपया 63.66 के स्तर पर बंद हुआ था।

एसजीएक्स निफ्टी पहली बार 10,700 के पार 
अमेरिकी बाजारों में मजबूती से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ साथ कारोबार हो रहा है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.34 फीसदी बढ़कर 10,694 अंक पर कारोबार कर रहा है। एसजीएक्स निफ्टी पहली बार 10,700 के पार निकलने में कामयाब हुआ है। कारोबार के दौरान एसजीएक्स निफ्टी ने 10,709 का ऑलटाइम हाई बनाया।

जापान का बाजार निक्केई 13 अंक की गिरावट के साथ 23,697 अं पर कारोबार कर रहा है। वहीं हैंग सेंग 157 अंक की बढ़त के साथ 31,280 अंक पर कारोबार कर रहा है। कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.02 फीसदी की कमजोरी के साथ 2487 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 81 अंक चढ़कर 10,891 अंक पर कारोबार कर रहा है।

शंघाई कम्पोजिट की चाल सपाट है और 4 अंक की बढ़त के साथ 3430 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स 0.25 फीसदी की उछाल के साथ 3521 अंक पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद
गुरुवार को अमेरिकी बाजार ने ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाया। डाओ जोंस 206 अंक की उछाल के साथ 25,575 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 58 अंक बढ़कर 7,212 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 19 अंक की तेजी के साथ 2,768 अंक पर बंद हुआ।

“स्पाइस मीट” 23-24 फरवरी को जयपुर में, देश भर के ट्रेडर्स भाग लेंगे

कोटा। फेडरेशन ऑफ़ इंडियन स्पाइस स्टेकहोल्डर्स की ओर से 23 एवं 24 फरवरी को जयपुर में स्पाइस ट्रेडर्स एवं एक्सपोर्ट्स की “स्पाइस मीट”आयोजित की जाएगी। जिसमें देश भर के स्पाइस ट्रेडर्स भाग लेंगे। इस दौरान क्रॉप सर्वे प्रेजेंटेशन भी दिया जायेगा। यह जानकारी गुरुवार को भामाशाह भवन में आयोजित व्यापारियों की बैठक में फेडरशन के अश्विनी भाई नायक ने दी।

उन्होंने संस्था  की ओर से हाडोती के समस्त व्यापारियों को “स्पाइस मीट” में भागीदारी करने का आवाहन किया।  नायक ने संस्था का परिचय देते हुवे मसाला व्यापार से जुडी परेशानियों का विस्तृत खाका पेश किया। संस्था की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होंने व्यापारियों से जुड़ने का अपील की। इस मौके पर उन्होंने में कोचीन में स्थापित स्पाइस बोर्ड में बदलाव का भी सुझाव दिया। 

राजकोट से आए भरत भाई ने धनिया के आगामी उत्पादन और भविष्य की तेजी-मंदी पर चर्चा की। अन्त में सुरेश खंडेलवाल ने सभी सह्भागियो को धन्यवाद देते हुए बैठक का समापन किया। व्यापार दूत के संचालक मुकेश भाटिया ने बैठक का संचालन किया। 

बजरी नहीं मिलने से राजस्थान में 500 हाउसिंग प्रोजेक्ट अटके

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जयपुर। सुप्रीम कोर्ट की ओर से पिछले साल नवंबर में बजरी खनन पर रोक के बाद प्रदेश में भवन निर्माण कार्य लगभग ठप हो गया है। रियल एस्टेट क्षेत्र में ही 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट का काम रुकने से करीब पांच लाख निर्माण श्रमिकों के रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। डवलपर्स संगठन क्रेडाई राजस्थान ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

डवलपर्स का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का हल नहीं निकला तो, रियल एस्टेट क्षेत्र मुश्किल में फंस जाएगा। इन प्रोजेक्ट्स में बिल्डर्स का 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का लगा हुआ है। काम लेट होने से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी और रेरा की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बजरी खनन पर रोक के बाद 500 से अधिक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बंद होने से लाखों श्रमिकों की नौकरियों चली गई। बिल्डर्स मकान का पजेशन देने में देरी हो रही है।

कर्ज के ब्याज का बोझ बढ़ रहा है। क्रेडाई राजस्थान ने रेरा अधिकारियों से भी मांग की है कि जितने दिन तक बजरी खनन पर रोक रहती है, प्रोजेक्ट कंप्लीशन के लिए उतने दिनों का स्वतः एक्सटेंशन मिले।

किसानों को खनन के निजी पट्टों से राहत संभव
क्रेडाई के मुताबिक राज्य सरकार नदी किनारे जिन किसानों की जमीन हैं, उनको बजरी खनन के निजी पट्टे जारी करे तो बजरी की समस्या कम हो सकती है। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी और भवन निर्माण का काम तेज हो सकेगा। इसके अलावा बजरी खनन करने वालों की मिली भगत पर रोक लगेगी।

सस्ते मकानों के प्रोजेक्ट्स पर भी असर : बजरी खनन पर रोक से मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बन रहे लाखों मकानों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। जबकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी चाहती है कि गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के घर का सपना पूरा हो।

सिटीजन फीडबैक: राजस्थान में कोटा पहले स्थान पर

कोटा। स्वच्छता सर्वे होना और उसका रिजल्ट आना तो अभी बाकी है, लेकिन इस सर्वे के पहले सिटीजन फीडबैक में कोटा ने टॉप-10 में जगह बना ली। पिछले 6 दिन में 5692 शहरवासियों ने मोबाइल एप व लिंक के जरिए फीडबैक दिया। इस सर्वे में देश के 4200 शहर भाग ले रहे हैं। इस संख्या के आधार पर कोटा देश में छठे और प्रदेश में पहले स्थान पर आया है।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छता सर्वे में शहरवासियों के लिए प्रश्नोत्तरी बनाई है। इसके 1400 अंक रखे गए हैं। यदि शहरवासियों द्वारा इस सिटीजन फीडबैक में सकारात्मक जवाब दिए जाते हैं तो कोटा शहर को 1400 अंक मिलेंगे। इसमें जितने अधिक से अधिक लोग भाग लेंगे कोटा की स्थिति उतनी ही बेहतर होगी।

नगर निगम ने इसका जिम्मा प्रशिक्षु आईएएस एवं रामपुरा जोन के उपायुक्त जसमीत सिंह संधु को दिया है। निगम द्वारा भी कर्मचारियों व अधिकारियों को लगाकर फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका परिणाम ये रहा कि राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, अजमेर व डूंगरपुर को पीछे छोड़कर कोटा पहले स्थान पर आ गया।

वहीं, 4200 शहरों में छठे स्थान पर पहुंच गया। स्वच्छता एप डाउनलोड करने में 10 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों की सूची में कोटा प्रदेश में दूसरे व देश में 34 वें स्थान पर है।

शिकायतों को दूर करने में अभी काफी पीछे
स्वच्छता एप पर शहरवासियों की शिकायतों का समाधान करने के लिए कोटा नगर निगम अभी भी विशेष प्रयास नहीं कर रहा है। जबकि, प्रत्येक शिकायत को दूर करने में नगर निगम को 2 अंक मिलेंगे। इन शिकायतों का समाधान करने के लिए नगर निगम ने शुरू से कोई अलग से विंग स्थापित नहीं की।

पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लगे एक्सईएन संजीव बाहेती को इसका जिम्मा दिया गया था। उन्होंने कुछ शिकायतों को दूर किया, लेकिन अभी भी करीब 300 से अधिक शिकायतें पेंडिंग हैं। 15 दिन पहले स्वच्छता एप पर डाली गई कई शिकायतों का समाधान आज तक नहीं हो पाया।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर घोटाला, एसीबी ने की छापेमारी

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कोटा/सांगोद।  महिला एवं बाल विकास विभाग में खरीदे गए फर्नीचर में कोटा में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर कोटा एसीबी की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार को जिलेभर में अलग-अलग सीडीपीओ के अधीन संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर छापेमारी की तो इस बात का खुलासा हुआ।

पता चला कि फर्नीचर का वजन टेंडर शर्तों से कम है और उनकी थिकनेस भी मानकों के अनुरूप नहीं थी। एसीबी ने गुरुवार शाम को ही अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी। एसीबी कोटा के एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने कोटा शहर में घोड़े वाले बाबा बस्ती, खेड़ली फाटक व स्टेशन क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों व ऑफिसों में रखा फर्नीचर चेक किया।

वहीं स्पेशल यूनिट के एएसपी अरुण माच्या ने किशनपुरा तकिया में दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इसी तरह सीआई अजीत बागड़ोलिया ने सांगोद, सीआई हरी सिंह मीणा ने चेचट तथा सीआई रमेश आर्य की टीम ने सुल्तानपुर क्षेत्रों में जांच की। पता चला कि टेबल का वजन 22 किलो होना चाहिए था, जो 18 से 19 किलो तक निकला।

कुर्सियों का वजन 7 किलो के मुकाबले 5 से 6 किलो ही मिला। आलमारी के वजन में भी 2 किलो का घपला मिला। इनका वजन 38 किलो निर्धारित था, जो 36 किलो ही मिला। एसीबी अधिकारियों ने उक्त फर्नीचर की थिकनेस भी मापी, जिसमें कमी निकली। इस कार्रवाई के लिए आईटीआई से स्पेशल टीम का सहयोग लिया गया।

वजन करने के लिए कांटे, थिकनेस मापने के लिए इंचटेप समेत अन्य उपकरण भी साथ थे। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि हमें सैंपल के तौर पर सामग्री जब्त करने को कहा गया था, उसी के तहत प्रत्येक टीम ने रैंडमली दो-दो जगह पहुंचकर फर्नीचर की जांच की।

इसमें एक भी जगह फर्नीचर उस क्वालिटी का नहीं मिला, जैसा जयपुर के स्तर पर टेंडर हुआ था। हालांकि यह पूरा मामला एसीबी मुख्यालय देख रहा है, इसलिए स्थानीय स्तर पर अधिकारी आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले एसीबी ने दौसा समेत अन्य जिलों में इसी तरह की कार्रवाई की थी। 

स्वच्छता के लिए ब्रांड एम्बेसडर माहेश्वरी की क्या है योजना, देखिए वीडियो

कोटा। केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम ने कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी एवं एनजीओ डॉ. हेमलता गाँधी को स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेडसर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद शहर की साफ-सफाई को लेकर उनके विजन के बारे में जानने के लिए हमारे चैनल LD NEWS  ने कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी से बात की। 

उन्होंने बताया कि जनजागृति द्वारा नगर निगम एवं वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर छोटे-छोटे गली मोहल्लों तक जायेंगे और गंदगी से ग्रसित गली मोहल्लों एवं बाजारों को इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एक सूचना तंत्र की स्थापना करेंगे।साथ ही शहर की सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से स्वच्छता मिशन को आगे बढ़ाएंगे।

जो संस्थाएं स्वच्छ भारत अभियान में उन्हें सहयोग करेंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। महासंघ के महासचिव एवं भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एम्बेसडर माहेश्वरी उनकी योजना को किस तरह क्रियान्वित करेंगे, पूरी जानकारी के लिए देखिए यह वीडियो –

भारत में लॉन्च हुई दुनिया की सबसे तेज एसयूवी, जानें खूबियां

लैंबॉर्गिनी ने भारत में आज अपनी चर्चित एसयूवी उरुस को लॉन्च कर दिया। इसे दुनिया की सबसे तेज एसयूवी कहा जा रहा है। आइए, जानते हैं क्या है इसकी कीमत और खूबियां…ग्लोबल लॉन्चिंग यानी 4 जनवरी के ठीक 38 दिन बाद लैंबॉर्गिनी ने उरुस को भारत में लॉन्च कर दिया है।

इसकी खास बात है कि देश में आते ही इसकी पहली लॉट बिक गई। इस गाड़ी की लैंबॉर्गिनी ने एक्स-शोरूम कीमत तीन करोड़ रुपए रखी है। इसमें 4.0 लीटर वी8 इंजन दिया गया है। यह इंजन आॅटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस है।इंजन 641 हॉर्सपावर का अधिकतम आउटपुट और 850 न्यूटन मीटर का मैक्सिमम टॉर्क जेनरेट करता है।

भारत में इस गाड़ी की केवल 25 यूनिट्स ही बेची जाएंगी। यानी भारत में फिलहाल 25 लोगों को ही यह मिल सकती है।लैंबॉर्गिनी की यह एसयूवी 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड महज 3.6 सेकंड्स में पकड़ सकती है। 200 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ने में इसको 12.8 सेकंड्स लगते हैं।

Lamborghini Urus उन सेलेक्टिव गाड़ियों में से एक है जो कि ग्लोबल लॉन्च के महज कुछ ही दिनों बाद भारत में लॉन्च कर दी गई है। अमूमन गाड़ियों को ग्लोबल लॉन्च के कई महीनों या वर्षों बाद भारत में लॉन्च किया जाता है।इस 5 सीटर गाड़ी को लैंबॉर्गिनी ने एमएलबी प्लैटफॉर्म पर बनाया है।

इसी पर बेंटले बेंटाएगा, पोर्शे काएन, आउडी क्यू7 आदि कारें बनाई गईं हैं।इस गाड़ी की टॉप स्पीड 305 किलोमीटर प्रति घंटा है। उरुस में एलईडी हेडलैम्प्स, एलईडी टेललाइट्स के साथ ही कई अन्य लग्जरी फीचर्स दिए हैं।आल वील ड्राइव सिस्टम से लैस इस गाड़ी में आॅफ रोडिंग के लिए अडैप्टिव एयर सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है। इससे गाड़ी का संतुलन बना रहता है।

टीसीएस को थर्ड क्वार्टर में 6,531 करोड़ रुपए का प्रॉफिट

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नई दिल्ली। टाटा कंसल्टैंसी लिमिटेड का दिसंबर, 2017 में समाप्त क्वार्टर के दौरान प्रॉफिट 1.3 फीसदी बढ़कर 6,531 करोड़ रुपए हो गया, जबकि सितंबर क्वार्टर के दौरान यह आंकड़ा 6,446 करोड़ रुपए रहा था। कंपनी अपने तिमाही नतीजे जारी करते हुए 7 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड देने का एलान भी किया।
 
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी का कुल रेवेन्यू 1.1 फीसदी बढ़कर 30,904 करोड़ रुपए हो गया, जबकि सितंबर, 2017 में समाप्त क्वार्टर के दौरान उसका रेवेन्यू 30,541 करोड़ रुपए रहा था। गुरुवार को टीसीएस का शेयर 0.67 फीसदी गिरकर 2,788 रुपए पर बंद हुआ था।