Thursday, July 16, 2026
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प्रसून जोशी नहीं आएंगे जयपुर लिटरेचर फेस्ट में

जयपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) के अध्यक्ष प्रसून जोशी इस साल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का हिस्सा नहीं बनेंगे। कई दिनों से कयास चल रहे थे कि करणी सेना के विरोध को देखते हुए प्रसून जोशी का सेशन कैंसल किया जा सकता है। प्रसून ने खुद लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत न करने की पुष्टि की। उन्होंने ये भी कहा कि फिल्म को सर्टिफिकेट सुझावों के आधार पर ही लिया गया है।

शामिल न हो पाने का दुख रहेगा
प्रसून ने कहा, “मैं इस बार Jlf में हिस्सा नहीं ले पा रहा हूं। मुझे इस साल साहित्य और कविता प्रेमियों के साथ Jlf में चर्चा और विचार विमर्श न कर पाने का दुख रहेगा, पर मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण साहित्य प्रेमियों, आयोजकों और वहां आए अन्य लेखकों को कोई भी असुविधा हो और आयोजन अपनी मूल भावना से भटक जाए।”

 रही बात फिल्म से जुड़े विवादों की, यहां मैं कहना चाहता हूं कि फिल्म पद्मावत को नियमों के अंतर्गत सुझावों को शामिल करते हुए, सकारात्मक सोच के साथ, भावनाओं का सम्मान करते हुए ही सर्टिफिकेट दिया गया है।”अब थोड़ा विश्वास भी रखना होगा।

विश्वास एक दूसरे पर भी और हमारी स्वयं की बनाई प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर भी विवादों की जगह विचार विमर्श को लेनी होगी, ताकि भविष्य में हमें इस सीमा तक जाने की आवश्यकता न पड़े।”
‘मैं और वो’ पर होनी थी चर्चा

28 जनवरी को JLF में प्रसून जोशी का सेशन ‘मैं और वो’ अनु सिंह चौधरी के साथ रखा गया था, जिसे कैंसल कर दिया गया। ये सेशन जेएलएफ के फ्रंट लॉन में होना था।

पद्मावत को लेकर क्या आपत्ति थी?
राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का कहना था कि ​फिल्म में रानी पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची।

फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं। हालांकि, भंसाली पहले ही साफ कर चुके थे कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

कौन थीं रानी पद्मावती?
पद्मावती चित्तौड़ की महारानी थीं। उन्हें पद्मिनी भी कहा जाता है। वे राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने जौहर किया था।

स्क्रीन पर उंगली रखते ही मिलेगी रेल यात्रियों को जानकारी

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नई दिल्ली । अब से रेलवे यात्रियों को किसी भी जानकारी का पता करने के लिए पूछताछ केंद्र जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रेलवे अपने यात्रियों के लिए नई सुविधा लेकर आया है। रेलवे ने अपनी तरह का पहला टच स्क्रीन किऑस्क लॉन्च किया है।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू किए गए एकल पूछताछ केंद्र में यात्रियों को सभी सवालों का उत्तर मिल जाएगा। इसमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने स्टेशन पर रेल यात्री गाइड किऑस्क लॉन्च किया। इसे दिल्ली डिवीजन ने तैयार किया है।

प्रणाली में 40 इंच के 3डी डिजिटाइज्ड रेलवे स्टेशन मैप के साथ टच स्क्रीन किऑस्क शामिल है। यह उपकरण स्क्रीन पर टच करते ही यात्री की मदद करेगा। लोहानी ने कहा, ‘अगले दो महीने में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस तरह के 15 किऑस्क उपलब्ध कराए जाएंगे। बाद में भारतीय रेलवे के बड़े रेल स्टेशनों पर यह प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी।’

पद्मावत ने की दो दिन में 50 करोड़ की कमाई, विरोध बेअसर

मुंबई।  करणी सेना समेत कई और संगठनों के विरोध प्रदर्शन का फिल्म ‘पद्मावत’ की कमाई पर कोई खास नहीं पड़ा है और संजय लीला भंसाली की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ‘पद्मावत’ ने 2 दिन में ही 50 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

फिल्म ने पहले दिन जहां 16-17 करोड़ रुपये कमाए थे वहीं, दूसरे दिन यानी 26 जनवरी को ‘पद्मावत’ का देशभर का कलेक्शन करीब 32 करोड़ के आसपास रहा। तो वहीं पेड प्रीव्यूज से फिल्म को करीब 4 करोड़ की कमाई हुई थी। ऐसे में कुल मिलाकर देखें तो ‘पद्मावत’ ने 2 दिन में 50 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है।

गुरुवार 25 जनवरी को जिस दिन ‘पद्मावत’ रिलीज हुई थी उसकी तुलना में 26 जनवरी शुक्रवार का दिन ज्यादा शांतिपूर्ण रहा और नैशनल हॉलिडे की वजह से फिल्म को ज्यादा दर्शक मिले। साथ ही फिल्म पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन ज्यादा स्क्रीन्स पर दिखायी गई।

26 जनवरी के दिन बेंगलुरु में ‘पद्मावत’ को फुल डे मिला जिससे पहले दिन की तुलना में फिल्म को 65 प्रतिशत की ग्रोथ मिली। हालांकि फिल्म ने दूसरे दिन करीब 20 से 22 प्रतिशत का बिजनेस खोया जिसका मतलब है कि फिल्म दूसरे दिन 40 करोड़ का बिजनस कर सकती थी लेकिन देशभर में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की वजह से अब भी कुछ लोग ‘पद्मावत’ देखने से बच रहे हैं।

‘पद्मावत’ की कमाई के मामले में मुंबई सर्किट का बिजनस सबसे अच्छा रहा। गुजरात को छोड़कर अकेले मुंबई में फिल्म ने 11 करोड़ का बिजनेस किया है। इसका मतलब है कि मुंबई में ‘पद्मावत’ की कमाई ‘बाहुबली 2’ के बराबर है। उम्मीद की जा रही है कि वीकेंड पर फिल्म और ज्यादा रफ्तार पकड़ेगी और सोमवार तक 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर जाएगी।

वॉट्सऐप और वीचैट कैसे करते हैं कमाई, जानिए

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नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि आपको फ्री में चैट, ऑडियो और विडियो कॉल करवाने वाली वॉट्सऐप जैसी ऐप्स पैसे कैसे कमाती हैं? भारत में वॉट्सऐप यूज करने वाले लोगों को शायद नहीं पता होगा कि मेसेजिंग ऐप्स केवल बात करने के लिए नहीं है। मेसेजिंग ऐप्स डिजिटल पेमेंट्स, ऑनलाइन शॉपिंग और कॉन्टेंट उपलब्ध कराने जैसी सर्विसेज भी देती हैं।

मेसेजिंग ऐप्स क्या कर सकती हैं इसे समझने के लिए सबसे बेहतरीन उदाहरण है चीन का WeChat। वीचैट के करीब 90 करोड़ मासिक ऐक्टिव यूजर्स हैं। वीचैट के जरिए वे मेसेजिंग के साथ-साथ ग्रॉसरी खरीद सकते हैं, कैब बुक कर सकते हैं, ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर सकते हैं, यही नहीं रेस्ट्रॉन्ट्स में ऑफलाइन पेमेंट्स भी कर सकते हैं, इतना सब करने के लिए आपको किसी दूसरी ऐप पर जाना भी नहीं होगा।

ऐसी सर्विसेज यूजर को ऐप से जोड़े रखती हैं और कंपनी के लिए बेहतर रेवेन्यू मॉडल बनाती हैं। चीन के बाहर वीचैट को टक्कर देने वाले वॉट्सऐप, फेसबुक मेसेंजर, स्काइप, वाइबर और लाइन अभी ऐसी सर्विसेज देने के मामले में पीछे हैं, हालांकि कुछ ने इसकी तरफ कदम बढ़ा दिए हैं।

वॉट्सऐप
वॉट्सऐप 130 करोड़ मासिक ऐक्टिव यूजर्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा मेसेजिंग ऐप है। वॉट्सऐप भारत में पिछले हफ्ते ही अपना बिजनस ऐप लॉन्च किया है। एक प्रवक्ता ने बताया, ‘रिसर्च से हमें पता चला कि लोग वॉट्सऐप बिजनस के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। हम वॉट्सऐप के जरिए बिजनस करना और आसान बनाना चाहते थे।’

वॉट्सऐप ने अभी तो सर्विस फ्री रखी हैं, लेकिन बिजनस के लिए ऐनालिटिक्स जैसे नए फीचर्स जोड़ने के बाद फी चुकानी पड़ सकती है। कंपनी का बड़ा अजेंडा ऐक्टिव यूजर्स जोड़ने का है जो ऐप पर ज्यादा समय बिताएं और रेवेन्यू मॉडल को मजबूती मिल सके।

रिसर्च फर्म कन्वर्जेंस कैटलिस्ट के फाउंडर जयंत कोला ने बताया, ‘हर टेक्नॉलजी कंपनी कन्ज्यूमर से एंगेजमेंट बनाए रखना चाहती है और ऐप पर बिताए गए समय को बढ़ाना चाहती है। इसे देखते हुए ये कंपनियां अपना विस्तार कर रही हैं और केवल मेसेजिंग ऐप बनकर नहीं रहना चाहतीं।’ वॉट्सऐप भी भारत में पेमेंट्स शुरू करना चाहता है। मेसेजिंग ऐप्स यूजर्स से जुड़ाव बढ़ाना चाहती हैं क्योंकि उन्हें पता है उनकी जगह कोई और आसानी से ले सकता है।

बढ़ते यूजर्स
वॉट्सऐप के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है। इंटरनेट और स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ना मेसेजिंग ऐप्स के लिए अवसर है। वीचैट, लाइन, वाइबर और अन्य मेसेजिंग ऐप्स फेसबुक मेसेंजर और वॉट्सऐप जैसा यूजर बेस नहीं बना पाए हैं।

ओवम के मुताबिक, भारत में मेसेजिंग ऐप्स यूजर्स की संख्या 2020 तक 32 करोड़ पहुंच जाएगी, यह अभी 23 करोड़ के करीब है। इसमें वॉट्सऐप का हिस्सा 20 करोड़ के आसपास है। हालांकि भारत में चैट यूजर्स की ग्रोथ लगातार बढ़ रही है और इंटरनेट, स्मार्टफोन्स के बढ़ने से और बढ़ेगी। फेसबुक मेसेंजर और वॉट्सऐप के मालिकाना हक वाले फेसबुक के मुताबिक, 2017 में विडियो चैट और वॉइट कॉल में काफी तेजी आई है।

देसी हाइक
देसी मेसेजिंग ऐप हाइक के 10 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं जिसमें से 90 प्रतिशत भारतीय हैं। हाइक चैट के अलावा पेमेंट्स और अन्य सर्विसेज को बिना इंटरनेट के भी उपलब्ध कराएगा। हाइक के फाउंडर कवीन मित्तल ने बताया, ‘हम भारत के वीचैट बनना चाहते हैं।’

कंपनी को 175 मिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिली है। हाइक मेसेजिंग ऐप से आगे बढ़ते हुए सरकारी सर्विसेज जैसे आधार, गैस बुकिंग, बीमा, पीएफ, पेंशन स्कीम्स को 12 स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा हाइक ट्रेन की समयसारिणी भी लोगों तक पहुंचाएगा, जिसे रोजाना लाखों भारतीयों को जरूरत पड़ती है।

निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स राहत देगी सरकार

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नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर द्वारा निवेश को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार बजट में टैक्स राहत देने पर गौर कर रही है। अब आम चुनाव को एक साल से भी कम रह गए हैं, इस स्थिति में सरकार के लिए रोजगार के मौके पैदा करना जरूरी हो गया है। 

मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद इस उम्मीद से सड़कों, रेलमार्गों और सिंचाई योजनाओं पर काफी खर्च किया था कि इससे आर्थिक गतिविधि रफ्तार पकड़ेगी लेकिन रोजगार के अवसर पैदा करने में सरकारी निवेश कारगर साबित नहीं हो पाया।

ज्यादा से ज्यादा जॉब के अवसर पैदा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत को समझते हुए वित्त मंत्रालय और पीएमओ कई विकल्पों पर गौर कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने भी कुछ सुझाव दिए हैं जिनमें एक ‘निवेश भत्ता’ शामिल है। इसके तहत प्लांट और मशीनरी में ताजा निवेश के लिए टैक्स लाभ देने का प्रावधान है।

2013 में भी निजी निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से दो सालों की अवधि के लिए प्लांट और मशीनरी में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को टैक्स लाभ ऑफर किया गया था। इसके तहत खरीदी गई नए ऐसेट्स की लागत पर 15 फीसदी टैक्स डिडक्शन देना था, लेकिन योजना के किसी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ एहतियाती उपाय किए गए और स्कीम की अवधि को बढ़ाकर मार्च 2017 कर दिया गया था।

निवेश की सीमा को 100 करोड़ रुपये से घटाकर 25 करोड़ रुपये कर दिया गया था। अब प्रभु और उनके मंत्रालय ने भी इसी तरह के प्रस्ताव की वकालत की है। लेकिन अब सरकार दो या तीन साल नहीं बल्कि लंबे समय के लिए टैक्स राहत देना चाहती है ताकि अगले कुछ सालों के लिए निश्चितता की स्थिति रहे और उद्योग जगत उसके अनुसार अपनी योजना बना सके।

इस मोर्चे पर सरकार क्या कदम उठाती है, वह तो अगले हफ्ते बजट पेश होने के बाद ही पता चलेगा लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि सिर्फ टैक्स राहत से कोई फायदा नहीं होगा। एक टैक्स कंसल्टेंट ने बताया, ‘कई सेक्टरों की बहुत सी कंपनियां बड़े पैमाने पर बैड डेट यानी डूबे हुए कर्ज की समस्या का सामना कर रही हैं, ऐसे में सिर्फ टैक्स राहत से निवेश की स्थिति में सुधार होने की कोई उम्मीद नहीं है।’

ई-वे बिल आज से लागू , ये फॉर्म आएंगे काम

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नई दिल्ली। आज से देश भर में ई-वे बिल लागू हो गया है। अब 15 दिन का ई-वे बिल का ट्रायल रन खत्म हो गया है। ऐसे में कारोबारियों को सभी कन्फ्यूजन को दूर रखते हुए इसके लिए तैयार होना होगा। ये जानना जरूरी हो जाता है कि ई-वे बिल में कितने फॉर्म हैं। इसे कैसे बनाना और कैंसल करना है। ई-वे बिल कैसे काम करेगा।

सरकार ने ई-वे बिल में चार तरह के फॉर्म बनाए हैं।  एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भिजवाने के लिए ई-वे बिल ही ट्रांजिट पास के तौर पर काम करेगा। ई-वे बिल पूरे देश  में मान्य होगा। अब देश भर में 50 हजार रुपए से अधिक के माल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होगा।

ट्रॉयल रन में रोजाना बने 2 लाख ई-वे बिल
ई-वे बिल के ट्रायल रन में 34 राज्यों में रोजाना 2 लाख ई-वे बिल बनाए गए। जीएसटीएन के अधिकारियों के मुताबिक सिस्टम रोजाना 42 लाख से 45 लाख बिल रोजाना बनाएगा। अभी तक करीब 3.5 लाख जीएसटी पेयर्स ने ई-वे बिल की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसके अलावा 4,000 लोगों नें ई-वे बिल की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया है जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।

 ई-वे बिल-1
 ई-वे बिल-1 गुड्स के लिए है। यानी डीलर, कारोबारी, एक्सपोर्टर, ट्रेडर जो 50 हजार रुपए का स्टॉक एक राज्य से दूसरे राज्य में भेज रहे हैं, उन्हें ई-वे बिल-1 भरना होगा। ये ई-वे बिल सबके लिए एक है जो कोई भी भर सकता है।
 
ई-वे बिल-2
ई-वे बिल-2 ट्रासपोटर्स को भरनी है। कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल, ई-वे बिल-2 फॉर्म के जरिए भरा जाएगा। कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल में एक ही व्हीकल में अलग-अलग डीलर्स, प्रोडक्ट का सामान भेजने पर कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल बनेगा। ये कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल ज्यादातर ट्रांसपोर्टर्स को भरना होगा। ट्रांसपोर्टर्स अगल-अगल डीलर्स के लिए एक कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल बना सकता है।
 
 ई-वे बिल-3
 ई-वे बिल-3 वैरिफिकेशन फॉर्म है जिसे जीएसटी अधिकारी भरेंगे। इस फॉर्म में प्रोडक्ट ले जा रहे है व्हीकल की जानकारी जैसे व्हीकल नंबर, ट्रांसपोर्टर और डीलर का नाम और नंबर होगा। इसके अलावा इसमें प्रोडक्ट की जानकारी होगी। ये फॉर्म डीलर, ट्रांसपोर्टर और जीएसटी अधिकारी कोई भी चेक कर सकता है।

ई-वे बिल-4
ई-वे बिल-4 डिटेन्शन फॉर्म है। यानी अगर एक जीएसटी अधिकारी ने अगर 50 ट्रक को वैरिफाई किया है और उसमें से अगर 4 में अधिकारी को कुछ गढ़बढ़ लगता है, तो वह उन व्हीकल और प्रोडक्ट को जब्त कर लेगा।

अधिकारी जिन भी ट्रक या प्रोडक्ट को जब्त करता है, वह उसकी जानकारी ई-वे बिल-4 में भरेगा। ई-वे बिल-4 में भरी जानकारी ट्रांसपोर्टर, डीलर, कारोबारी, एक्सपोर्टर, ट्रेडर ऑनलाइन स्वयं भी चेक कर सकते हैं कि उनके कौनसे ट्रक जीएसटी अधिकारी ने जब्त कर लिए हैं।
 
एसएमएस पर बन जाएगा ई-वे बिल
कारोबारियों और ट्रांसपोटर्स को कोई भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर जाने की जरूर नहीं होगी। ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिकली स्वयं कारोबारी निकाल पाएंगे। कारोबारी ऑफलाइन भी एसएमएस के जरिए ई-वे बिन बनवा सकेंगे।

जिन कारोबारियों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है और उन्हें एक दिन में ज्यादा ई-वे बिल जनरेट नहीं करने हैं, वह एसएमएस सर्विस से ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए कारोबारियों को अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। इसी नबंर से एसएसएस के जरिए ई-वे बिल की रिक्वेस्ट डिटेल देकर जनरेट कर सकते हैं।

यहां करना होगा लॉग इन
कारोबारियों को ई-वे बिल बनाने के लिए http://164.100.80.111/ewbnat2 पर क्लिक करना होगा। वहां अपना जीएसटी का यूजर आईडी पासवर्ड भरें। उसके बाद अपना ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। अगर आपने ई-वे बिल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा। इसके लिए ई-वे बिल रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा और अपना जीएसटीआईएन नंबर भरना होगा। इससे अपना पासवर्ड जनरेट हो जाएगा।
 

800 युवाओं ने निकाली भारत माता पदयात्रा

कोटा। 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर युवाओं में देशभक्ति जागृत करने के लिए हिन्दू युवा संगठन, सकतपुरा द्वारा तृतीय विशाल भारत माता पदयात्रा निकाली गई। शुक्रवार सुबह कोटा बैराज के पास मुर्डिया स्थल पर सैकड़ों युवा हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के जयकारे लगाते हुए इकट्ठा हुए।

सबसे पहले यहां सामूहिक राष्ट्रगान हुआ। फिर पदयात्रा में सबसे आगे 8 मीटर लम्बा तिरंगा हाथों में लिए युवा पदयात्रा पर निकले। जिसमे 800 से अधिक युवाओं ने ‘वंदे मातरम’, ‘जय जवान, जय किसान’ का उदघोष करते हुए सकतपुरा, बजरंगपुरा एवम चम्बल कॉलोनी में लगभग 2 किमी लंबी पदयात्रा की।

सभी युवाओं के सहयोग से निकाली गई पदयात्रा में 200 से अधिक बच्चों व बुजुर्गों में भी भाग लिया।सकतपुरा में नागरिकों में पदयात्रियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। युवाओं ने संकल्प किया कि देशभक्ति के हर कार्य मे वे नाम, पद व फोटो से दूर रहकर जन-जागरूकता पैदा करेंगे।

गणतंत्र दिवस पर कोटा में डॉ. राशि सक्सेना समेत 77 प्रतिभाएं सम्मानित

कोटा। गणतंत्र दिवस का जिला स्तरीय मुख्य समारोह उम्मेदसिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने ध्वजारोहण किया। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में परेड़, सामुहिक व्यायाम, नृत्‍य प्रस्‍तुति जैसे अनेक कार्यक्रमों में लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस मौके पर उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 77 प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

इसमें डॉ. राशि सक्सेना, विमल जैन, आशीष जैन, अरुंधती चौधरी, लश्कारा गण्डोक, देवेन्द्र सिंह चौहान, मनोज जैन आदिनाथ, कविता परिहार, सफीना अंसारी, मृगेश कुमार गुप्ता, प्रयाग विजय, कैलाश बाई, प्रमोद यादव, तन्मय तिवारी, पीयूषा न्याति, सुरेन्द्र अग्रवाल, प्रकाश धारीवाल, आदित्य जैन, प्रकाशवीर नाथानी, चेतन पाण्डे, ओम प्रकाश सुवालका, राकेश कुमार अग्रहरी, अमृतेश कुमार, रौनक सिंह, रविकान्त सासना, राजेश शर्मा, लव शर्मा को सम्मानित किया गया।

अमित शर्मा, राशिद खान, कैलाशचंद नंदवाना, राजेन्द्र कुमार बैरागी, डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, सत्यनारायण पालीवाल, जनकराज मीना, रामबिलास मीना, रमेशचंद जैन, प्रदीपकुमार यादव, विनोद कुमार निमोदिया, यशपाल दत्तात्रेय, रिंकल गुप्ता, बाबूलाल महावर, भुवनेश नावरिया, सतीश कुमार मीना, मानंकवर मीणा, हरिनारायण पंकज, बनेसिंह, चंद्रशेखर चौरसिया, पंकज सोनी, देवेन्द्र कुमार शर्मा अर्जुन कुमार, ललित किशोर नागर को सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में मोईद्दीन, आशीष विजय, रजनीश मेहरा, अरविन्द गुप्ता, इन्द्रराज गोचर, अशोक विजय, मोहन प्रकाश, कमलेश, फिरोज खान, सुजाता कुमारी, राजेन्द्र कुमार, कालूलाल सेन, प्रेम एच, मोहनलाल, रमेश, अवधेश कुमार, अब्दुल हफीज, कविता जाट, रौनक सिंह, राकेश वर्मा, अब्दुल अजीज पठान, बनवारी यदुवंशी, सुआलाल पहाडिय़ा भी शामिल है।

प्रदेश भर में उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया 69वां गणतंत्र दिवस 

जयपुर। राज्यपाल कल्याण सिंह ने शुक्रवार को भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम मेें आयोजित राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में झण्डारोहण किया। लोगों से खचाखच भरे स्टेडियम में राज्यपाल सिंह ने खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने भरतपुर के जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। 

 सिंह ने विभिन्न टुकडियों द्वारा प्रस्तुत मार्चपास्ट की सलामी ली। समारोह में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मौजूदगी में हाडीरानी महिला बटालियन, 14वीं बटालियन आरएसी, पंजाब पुलिस, जिला पुलिस भरतपुर, जीआरपी, एसडीआरएफ और ईआरटी, करागृह, बॉर्डर होमगार्ड, अरबन होमगार्ड भरतपुर, एनसीसी, शारीरिक प्रशिक्षण, एसपीसी और स्काउट गाइड के एक-एक प्लाटून ने परेड में भाग लिया। परेड में आर्मी बैण्ड ने भी भाग लिया। परेड का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रोबेशन) आरपीए, जयपुर श्मृदुल कच्छावा ने किया। 

स्टेडियम में भरतपुर शहर के विभिन्न विद्यालयों के 1200 छात्र-छात्राओं और 120 लोक कलाकारों ने कोरियोग्राफर श्री भानू भारती के नेतृत्व में सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण किया। ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा‘, ‘सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नजर न हम पे डालो सबसे आगे होंगे हिन्दुस्तानी‘ और ‘अरूण यह मधुमय देश हमारा‘ जैसी राष्ट्रभक्ति की स्वरलहरियों से लोहागढ़ स्टेडियम गूंज उठा।

कलाकारों ने विभिन्न नृत्य मुद्राओं में आकर्षक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों द्वारा पेश कालबेलिया, घूमर, मयूर नृत्य, डांडिया, तेलंगाना नृत्य, बंगाली जनजाति नृत्य की बेहतर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेन्ट्रल पुलिस बैण्ड द्वारा बैण्ड वादन किया गया।

राज्यपाल  कल्याण सिंह के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में लोहागढ़ स्टेडियम पहुंचने पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अगवानी की। इस मौके पर मुख्य सचिव  एन सी गोयल सहित बडी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण मौजूद थे।

राज्यपाल सिंह ने शुक्रवार को यहां लोहागढ़ स्टेडियम में राष्ट्रपति पुलिस पदक, राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक, पिस्टल मय प्रशंसा पत्र और योग्यता प्रमाण पत्र से अधिकारियों और कर्मचारियों को नवाजा।

राष्ट्रपति पुलिस पदक- महानिरीक्षक पुलिस (सुरक्षा) (हाल सेवानिवृत) गुरूचरण राय, प्लाटून कमाण्डर चतुर्थ बटालियन आरएसी चैनपुरा (हाल सेवानिवृत) सुण्डा राम। राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा, सराहनीय सेवा पदक- लीडिंग फायरमैन नागरिक सुरक्षा आत्माराम, सैक्टर वार्डन नागरिक सुरक्षा युनस खान।

पिस्टल मय प्रशंसा पत्र-  उपमहानिरीक्षक एटीएस  विकास कुमार, अति. पुलिस अधीक्षक एसओजी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़, पुलिस निरीक्षक कनीज फातिमा, कानि. वीरमदेव।

अजमेर
जिला स्तरीय समारोह पटेल मैदान में आयोजित हुआ। समारोह में संभागीय आयुक्त श्री हनुमान सहाय मीना ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। जिले में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं तथा कार्य करने वाले 129 व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

बीकानेर
डॉ. करणीसिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त श्री अनिल गुप्ता ने झण्डारोहण कर, परेड का निरीक्षण किया व मार्चपास्ट की सलामी ली।  संभागीय आयुक्त ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 42 प्रतिभाओं को सम्मानित किया। 
            
कोटा
जिला स्तरीय मुख्य समारोह महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम मेंं आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने  जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों एवं उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 77 प्रतिभाओं को मुख्य अतिथि द्वारा प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उदयपुर
महाराणा भूपाल स्टेडियम पर संभागीय आयुक्त  भवानी सिंह देथा ने समारोह में विभिन्न उपलब्धियों के लिये 81 विशिष्ट व्यक्तियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जोधपुर
संभागीय आयुक्त डॉ. रविकुमार सुरपुर ने गणतंत्र दिवस पर शुक्रवार को उम्मेद राजकीय स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में संभागीय आयुक्त ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 65 व्यक्तियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।  अलवर, बाड़मेर,बांसवाड़ा,भीलवाड़ा, बून्दी, चूरू, दौसा, डूंगरपुर समेत सभी जिलों में भी गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया।

NEET: अब सभी के लिए एक जैसे क्वेस्चन पेपर

नई दिल्ली। अब मेडिकल कोर्सों जैसे एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिल के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के पेपर एक जैसे होंगे। अब तक क्षेत्रीय भाषाओं में पेपर के अलग सेट होते थे लेकिन गुरुवार को सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अब सभी के लिए इस साल से एक ही सेट होगा। उसे ही अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा।

छात्रों का आरोप था कि नीट 2017 के लिए क्षेत्रीय भाषाओं के क्वेस्चन पेपर्स इंग्लिश और हिंदी के मुकाबले ज्यादा मुश्किल थे। एग्जाम को रद्द करने के लिए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की थीं।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया था कि क्षेत्रीय भाषाओं में कुछ सवाल गलत थे जिससे प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने का उनका चांस कम हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सीबीएसई के इस कदम को अतार्कित बताया जिसके बाद सीबीएसई को यह फैसला लेना पड़ा।

जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एस.अब्दुल नजीर की बेंच के सामने सीबीएसई के वकील तारा चंद्र शर्मा ने बताया कि सभी छात्रों के लिए एक ही क्वेस्चन पेपर होगा और क्षेत्रीय भाषाओं का चयन करने वाले छात्रों को इसका अनुवाद मुहैया कराया जाएगा। छात्रों को 10 भाषाओं में परीक्षा देने की अनुमति है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर अलग-अलग क्वेस्चन पेपर्स मुहैया कराए जाएंगे तो समानता नहीं होगी। कोर्ट ने सीबीएसई से एक ही क्वेस्चन पेपर को अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद कराने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने कहा था, ‘यह एक अतार्किक प्रक्रिया है। जब छात्रों के क्वेस्चन पेपर अलग होंगे तो आप उनकी क्षमताओं का मूल्यांकन कैसे करेंगे? अलग-अलग क्वेस्चन पेपर्स की कोई जरूरत नहीं है। हिंदी, इंग्लिश और अन्य भाषाओं में एक ही क्वेस्चन पेपर होने चाहिए।’