Thursday, July 16, 2026
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बेटों की चाह में देश में पैदा हुईं 2.1 करोड़ ‘अनचाही’ लड़कियां

नई दिल्ली। एक अदद लड़के की चाहत में देश में 2.1 करोड़ ‘अनचाही’ लड़कियां पैदा हुईं। इकनॉमिक सर्वे 2017-18 में यह बात कही गई है। सर्वे के अनुसार यह अनुमानित आंकड़ा उन लड़कियों का है, जो बेटे की चाह के बावजूद पैदा हुई हैं या जब अभिभावकों ने अपनी इच्छा के अनुसार बेटों की संख्या होने पर बच्चा पैदा नहीं करना चाहा था।

यही नहीं 6.3 करोड़ ‘गायब’ बेटियों का आंकड़ा भी इकॉनमिक सर्वे में दिया गया है। कहने का अर्थ यह है कि गर्भ में बेटी होने के कारण 6.3 करोड़ भ्रूण हत्या कराए गए। हर साल करीब 20 लाख ऐसी बेटियां गायब हो जाती हैं। इकनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि देश के कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है।

इसमें सुझाव दिया गया है कि देश को लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कोशिशें करनी चाहिए, जिससे लैंगिक परिणामों के लिहाज से भी भारत की रैंकिंग में सुधार हो सके। सर्वे के मुताबिक, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनस में रैंकिंग बढ़ाने की कोशिशों की तरह ही लैंगिक स्थिति में सुधार के लिए भी कदम बढ़ाने चाहिए।’

इसमें कहा गया है कि लैंगिक परिणामों के खराब होने के पीछे समाज की सोच, लड़कों को अधिक पसंद करने के कारण ‘गायब’ महिलाओं या ‘अनचाही’ लड़कियां जैसे कारण हैं। भारतीय समाज को इस तरह के चलनों को बदलने का निश्चय करना चाहिए।

रोजगार में घट गई महिलाओं की हिस्सेदारी
देश की वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 2005-06 में 36 पर्सेंट थी, जो 2015-16 में घटकर 24 पर्सेंट रह गई। सर्वे में कहा गया है कि शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण है।

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और सुकन्या समृद्धि जैसी सरकार की प्रमुख योजनाओं के साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को मातृत्व के लिए 26 सप्ताह का अवकाश देना और 50 से अधिक एंप्लॉयीज वाली फर्मों में क्रेच की सुविधा अनिवार्य करना इस दिशा में उठाए गए कदम हैं।

सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े बदलाव के लिए महिलाओं की भागीदारी के साथ एक ऐग्रिकल्चरल पॉलिसी लाने का भी सुझाव दिया गया है। इसका मकसद महिला किसानों को कर्ज, टेक्नॉलजी और ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सर्वे में कहा गया है कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए महिलाओं किसानों को सशक्त बनाना महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही इसमें बताया गया है कि कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।

सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा टूटा, निफ्टी 11,050 के नीचे फिसला

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों कमजोर शुरुआत के बाद घरेलू शेयर बाजार में गिरावट बढ़ गई है। हैवीवेट टीसीएस, आईटीसी, इंफोसिस, आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, मारुति और एचडीएफसी में कमजोरी से बाजार में गिरावट गहरी हो गई है। सेंसेक्स 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। वहीं निफ्टी 11,100 के नीचे फिसल गया है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। फिलहाल सेंसेक्स 248 अंक गिरकर 36,035 अंक पर और निफ्टी 82 अंक टूटकर 11,048 अंक पर कारोबार कर रहा है।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयर गिरे
– लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.33 फीसदी टूटा है।
– वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.63 फीसदी की कमजोरी आई है।

ऑटो को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स टूटे
– सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी 0.28 फीसदी की तेजी आई है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा निफ्टी आईटी में 0.21 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.01 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.62 फीसदी और निफ्टी फार्मा में 0.47 फीसदी की कमजोरी आई है।
– हालांकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.03 फीसदी की हल्की बढ़त दिख रही है।
– वहीं बीएसई कैपिटल गुड्स और पावर इंडेक्स में भी गिरावट का रुख है, जबकि कंज्यूमर डुरेबल्स और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में तेजी नजर आ रही है।

TCS फिर बनी देश की मोस्ट वैल्युड कंपनी, RIL को छोड़ा पीछे
– देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस एक बार फिर देश की मोस्ट वैल्युड कंपनी बन गई है। सोमवार के कारोबार में टीसीएस ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल की।
– टीसीएस का मार्केट 6.11 लाख करोड़ रुपए रहा। वहीं आरआईएल का मार्केट कैप 6.10 लाख करोड़ रुपए रहा। मार्केट कैप के हिसाब से टीसीएस देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई।

एशियाई बाजारों में कमजोरी
अमेरिकी बाजारों में गिरावट से मंगलवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। हालांकि सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.24 फीसदी की मजबूती के साथ 10,940 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 152 अंक की गिरावट के साथ 23,447 अंक पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 48 अंक गिरकर 32,919 अंक पर कारोबार कर रहा है।
कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 0.91 फीसदी की बढ़त के साथ 2598 अंक पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्स 59 अंक टूटकर 11,162 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.37 फीसदी की गिरावट है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.09 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।

FII और डीआईआई रहे खरीददार
– सोमवार के कारोबार में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) के मुकाबले फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा खरीददारी की। डीआईआई ने जहां 90.08 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं एफआईआई ने 291.86 करोड़ रुपए बाजार में निवेश किए।

अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद
– सोमवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। ब्याज दरें और महंगाई बढ़ने के डर से बाजार पर दबाव दिखा। सोमवार के कारोबार में डाओ जोंस 177 अंक गिरावट के साथ 26,439 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 39 अंक गिरकर 7,466 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 19 अंक लुढ़ककर 2,854 अंक पर बंद हुआ।
– फेडरल रिजर्व की दो दिन की बैठक आज से शुरू होगी। वहीं अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2014 के बाद सबसे उच्च स्तर पर पहुंचे हैं। साथ ही कई हफ्तों के बाद डॉलर में मजबूती लौटती दिखाई दी है। इस बीच गोल्डमैन सैक्स ने अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका जताई है।

टैक्स अफसरों के पासवर्ड चुरा 4 करोड़ का रिफंड लिया

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जयपुर। सेल्स टैक्स विभाग के अफसरों के लॉग-इन आईडी व पासवर्ड चुराकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नीरज सोनी ने 4 करोड़ रु. अलग-अलग खातों में रिफंड करा लिए। आरोपी इंजीनियर इसी विभाग में ऑनलाइन डाटाबेस संभालने वाली कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का ही है।

उसने जयपुर जोन से 1.88 करोड़, अलवर से 1.30 करोड़ व भरतपुर से करीब 73 लाख रु. रिफंड कराए। ज्ञातव्य है कि सरकारी महकमों में वहां के कर्मचारियों और अफसरों द्वारा हेराफेरी का यह पहला मामला नहीं है। कोटा में भी ऐसा हो चुका है। जिसमें रिफंड की लाखों रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई थी। 

जेईई एडवांस के लिए सीबीएसई स्कूलों में मिलेगी की सुविधा

कोटा।  ऑनलाइन जेईई एडवांस के लिए सीबीएसई स्कूल स्टूडेंट्स को मॉक टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। मानव संसाधन मंत्रालय ने इस संबंध में सीबीएसई के चेयरमैन को पत्र लिखा है। इसमें सीबीएसई स्कूल को अपनी लैब तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं। 19 हजार 500 स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

ऑनलाइन मॉक टेस्ट आईआईटी कानपुर की ओर से तैयार किया जाएगा। स्टूडेंट्स 1 से 15 मई तक यह टेस्ट दे सकेंगे। उधर, एडवांस का सेंटर खोलने के समर्थन में भाजपा की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिला कार्यसमिति सदस्य इरशाद अली ने बताया कि 500 से अधिक स्टूडेंट्स व आमजन ने साइन करके कोटा में सेंटर खुलने की मांग की।

किसानों को तेज धूप से गेहूं की फसल कम होने की आशंका

कोटा। मौसम बदलने के साथ ही तेज धूप गर्मी का एहसास करा रही है। इस बदलाव से किसान चिंतित हैं। किसान संगठनों का कहना है कि यह मौसम रबी सीजन की फसलों की उत्पादकता को प्रभावित करेगा। इससे फसलें 15 दिन पहले पक जाएगी, लेकिन दाना भी उम्मीद से कम होगा।

हालांकि कृषि विस्तार संयुक्त निदेशक पीके गुप्ता ने ऐसे आशंकाओं को नकारा रहे हैं। सीएडी कृषि विस्तार परियोजना के संयुक्त निदेशक बलवंत सिंह ने कहा है कि मौसम में तेजी हैं। ऐसी स्थिति सप्ताहभर और रही तो 5 से 10 फीसदी प्रोडक्शन प्रभावित होगा।

गेहूं में बालियां जल्दी निकल आएगी। जिससे फसल पकाव 15 दिन पूर्व होगा। जो दाना बनने की स्थिति में हैं वह उसके पतले रहने की संभावना रहेगी।हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने कहा कि सुबह शाम की ठंड फसलों की बढ़वार के लिए कारगर है। लेकिन 8 फरवरी तक मौसम वर्तमान जैसा बना रहा, तो प्रति बीघा गेहूं की फसल में प्रति  क्विंटल का उत्पादन घट सकता है।

भारतीय किसान संघ के प्रदेश सहमंत्री जगदीश शर्मा ने कहा कि अधिकतम तापमान 25 डिग्री की बजाय 27 डिग्री बना हुआ हैं। ऐसे मौसम में 20 फीसदी से ज्यादा गेहूं का प्रोडक्शन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे ही भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकुट नागर ने बताया कि रबी सीजन की फसलें सरसों को छोड़कर गेहूं, धनिया, चना, मैथी, लहसुन सभी बढ़वार व पकाव की स्थिति में हैं। लेकिन किसानों को मौसम का साथ नहीं मिल रहा है।

पिछले चार दिन में यह रहा दिन का तापमान
26 जनवरी 27.2 डिग्री 
27 जनवरी 25.9 डिग्री 
28 जनवरी 26.3 डिग्री 
29 जनवरी 27.0 डिग्री

दक्षिण कोरिया से सोना आयात पर हट सकती है पाबंदी

मुंबई। केंद्र सरकार दक्षिण कोरिया से सोने गहने व अन्य आयटम के आयात पर रोक हटानेे पर विचार कर रही है। इसके मद्देनजर वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने इस मसले पर चर्चा के लिए ज्वैलरी ट्रेड बॉडी जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) और बुलियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ बैठक बुलाई है।

केंद्र सरकार ने आपसी वाणिज्यिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 2010 में दक्षिण कोरिया के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी अनुबंध किया था। सरकार ने पिछले साल आभूषण उद्योग संगठनों की शिकायतों पर दक्षिण कोरिया से सोने के गहनों व अन्य आयटमों पर रोक लगा दी थी।

वाणिज्य मंत्रालय से संबद्ध जीजेईपीसी ने इसके पीछे यह दलील दी गई थी कि कुछ व्यापारी ज्वैलरी और सोने की दूसरी चीजों के आयात में एफटीए का दुरुपयोग कर रहे हैं। जबकि सरकार सोना आयात पर 10 फीसदी कस्टम्स ड्यूटी लगाती है।

काबिलेगौर है कि एफटीए के चलते दक्षिण कोरिया के खिलाफ एकतरफा बैन जारी नहीं रह सकता, इसलिए सरकार यह जानना चाहती है कि कैसे दक्षिण कोरिया से सोने की ज्वैलरी व अन्य आयटम के आयात की इजाजत दोबारा देने पर विचार किया जा सकता है।

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन 10 आसियान देशों के नेताओं की मेजबानी की थी, जिनके साथ उसकी मुक्त व्यापार संधि है। मुक्त व्यापार संधि (एफटीए व सीईपीए) में एक दूसरे के यहां उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर या जीरो रेट पर द्विपक्षीय कारोबार की इजाजत होती है।

उधर, बुलियन फेडरेशन यह नहीं चाहता कि दक्षिण कोरिया से सोना आयात पर पूरी तरह पाबंदी हो। संगठन ने कहा है कि वह दक्षिण कोरिया या दूसरे आसियान देशों से ज्वैलरी या दूसरे आर्टिकल्स के तौर पर सोना आयात के पूरी तरह हक में नहीं हैं।

आयात की अनुमति से पहले हमें यह देखना होगा कि ऐसे आयात से घरेलू व्यापार में किसी तरह की गड़बड़ी होने से कैसे रोका जा सकता है। एक उपाय यह हो सकता है कि ऐसे आयात की बी2बी बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाए और उसे उसी हालत में एंड कस्टमर्स को बेचना जरूरी कर दिया जाए।

किसी भी बी2बी सेल पर ट्रेडर को जीएसटी क्रेडिट नहीं दिया जाए। जीजेईपीसी के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि हम एफटीए या ऐसे एग्रीमेंट्स के जरिए ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं, लेकिन इसके चलते होने वाली कारोबारी स्थितियों में बदलाव से मैन्युफैक्चरर्स और रोजगार संभावनाओं पर कोई असर नहीं होना चाहिए।

शेयरों की तेजी से फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक

नई दिल्ली/कोटा । कमजोर वैश्विक रुख, शेयरों की तेजी और स्थानीय कारोबारियों की मांग घटने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना सोमवार को 80 रुपये टूटकर 31,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं की मांग घटने से चांदी भी 200 रुपये के नुकसान से 40,450 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

राजधानी में सोना 99.9 फीसदी और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 80 रुपये टूटकर क्रमश: 31,120 रुपये और 30,970 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। शनिवार को बहुमूल्य धातु कीमतों में 250 रुपये की गिरावट आई थी। गिन्नी के भाव 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे।

चांदी तैयार भी 200 रुपये टूटकर 40,450 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 80 रुपये के नुकसान से 39,880 रुपये प्रति किलोग्राम रह गए। चांदी सिक्का 1,000 रुपये टूटकर लिवाल 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाल 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर आ गया।

शेयरों की तेजी से भी फीका पड़ा सोना
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख, स्थानीय सर्राफा कारोबारियों तथा फुटकर विक्रेताओं की कमजोर मांग से सोने की कीमतों में गिरावट आई। इसके अलावा निवेशक लगातार रिकॉर्ड बना रहे शेयर बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं, इससे भी लिवाली गतिविधियां प्रभावित हुईं।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.20 प्रतिशत टूटकर 1,346.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी 0.23 प्रतिशत के नुकसान से 17.34 डॉलर प्रति औंस रही।

कोटा सर्राफा 
चांदी 40100 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 31050 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36220 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 31200 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36400 रुपये प्रति तोला। 

पहले वीकेंड पर पद्मावत ने कमाए 110 करोड़

मुंबई। संजय लीला भंसाली की सबसे विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ अपने पहले वीकेंड पर 100 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी है। ‘पद्मावत’ ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है और इस फिल्म की कुल कमाई की बात करें तो पहले वीकेंड पर फिल्म ने 110 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है।

बॉक्स ऑफिस की रिपोर्ट की मानें तो फिल्म ने कुल मिलाकर 30 करोड़ रुपए की कमाई की है। यह आंकड़ा पहले दिन के पेड प्रिव्यू को मिलाकर बताया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा तब है जब फिल्म कई जगहों पर प्रदर्शित नहीं हो सकी है और ऐसा होता तो वास्तविक आंकड़ा 145 करोड़ को छू रहा होता।

फिल्म ने बुधवार को जहां पेड प्रिव्यू के साथ करीब 4.25 करोड़ का बिज़नस किया, वहीं गुरुवार को फिल्म ने 17.75 करोड़ की कमाई की। नैशनल हॉलिडे फिल्म के लिए शानदार रहा और शुक्रवार को फिल्म ने 31 करोड़ की कमाई की। इसके बाद ‘पद्मावत’ ने शनिवार को 27.50 करोड़ की कमाई और रविवार की कमाई की रफ्तार और बढ़ी। फिल्म ने रविवार को 30 करोड़ का आंकड़ा पार कर कुल मिलाकर 110 करोड़ की कमाई कर डाली। कमाई का आंकड़ा इस प्रकार है –

  • बुधवार- करीब 4,25,00,000 करोड़ रुपए
  • गुरुवार- करीब 17,75,00,000 करोड़ रुपए
  • शुक्रवार- करीब 31,00,00,000 करोड़ रुपए
  • शनिवार- करीब 27,50,00,000 करोड़ रुपए
  • रविवार- करीब 30,00000 करोड़ रुपए
  • कुल कमाई- 1,10,00,00,000 करोड़ रुपए

क्या कहानी है
फिल्म की कहानी मलिक मोहम्मद जायसी की 1540 में लिखी पद्मावत पर आधारित है, जो राजपूत महारानी रानी पद्मावती के शौर्य और वीरता की गाथा कहती है। पद्मावती मेवाड़ के राजा रावल रतन सिंह की पत्नी हैं और बेहद खूबसूरत होने के अलावा बुद्धिमान, साहसी और बहुत अच्छी धनुर्धर भी हैं।

1303 में अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती की इन्हीं खूबियों के चलते उनसे इस कदर प्रभावित होता है कि चित्तौड़ के किले पर हमला बोल देता है। फिल्म के अंत में महाराज रावल रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच तलवारबाजी के सीन में रतन सिंह अपने उसूलों, आदर्शों और युद्ध के नियमों का पालन करते हुए खिलजी को निहत्था कर देते हैं, लेकिन पद्मावती को पाने की चाहत में खिलजी धोखे से रतन सिंह को यह कहकर मार डालता है कि जंग का एक ही उसूल होता है, जीत।

इकोनॉमिक सर्वे से बाजार में उछाल, सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद

नई दिल्ली। इकोनॉमिक सर्वे में वित्‍त वर्ष 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इकोनॉमिक सर्वे में जीडीपी ग्रोथ अनुमान में बढ़ोतरी से सोमवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इकोनॉमिक सर्वे पेश होने के चलते बाजार में तेजी देखने को मिली।

हैवीवेट शेयरों मारुति, एचडीएफसी, टीसीएस, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस में बढ़त से मार्केट को सपोर्ट मिला। जिससे सेंसेक्स 233 अंक की उछाल के साथ 36,283 अंक पर और निफ्टी 61 अंकर बढ़कर 11,130 अंक पर बंद हुआ। वहीं कारोबार में बढ़त से सेंसेक्स और निफ्टी पिछले रिकॉर्ड स्तर को तोड़ने में कामयाब रहे। सेंसेक्स जहां 36,443.98 प्वाइंट्स के ऑलटाइम हाई पर पहुंचा। वहीं निफ्टी ने 11,171.55 प्वाइंट्स के नए स्तर को छुआ।

 क्यों आई बाजार में तेजी
– फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि इकोनॉमिक सर्वे के पहले निवेशकों के सेंटीमेंट्स में सुधार से मार्केट में शानदार तेजी देखने को मिल रही है।
– वहीं तीसरे क्वार्ट में कॉरपोरेट्स अर्निंग बेहतर रहने और ग्लोबल मार्केट का परफॉर्मेंस अच्छा रहने से मार्केट को सपोर्ट मिला है।
– आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में खरीददारी से बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।
– एशियाई बाजारों में तेजी से घरेलू शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई है।
– एफआईआई का डोमेस्टिक मार्केट में बढ़ता इनफ्लो भी बाजार में बढ़त की एक वजह है। गुरुवार के कारोबार में एफआईआई ने 937.31 करोड़ रुपए खरीददारी की थी।
 
मारुति में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी
– तीसरी तिमाही में मुनाफा बढ़ने से सोमवार के कारोबार में मारुति के शेयर में 3.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इस दौरान कंपनी को 1799 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। तीसरी तिमाही में अच्छे नतीजे से बीएसई पर शेयर 2 फीसदी की बढ़त के साथ 9466 रुपए पर खुला था। वहीं 25 जनवरी को स्टॉक 9277.20 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। कारोबार में बढ़त से शेयर 3.58 फीसदी चढ़कर 9609.95 रुपए पर पहुंच गया, जो इंट्रा-डे का हाई है।
 
न्यूजेन सॉफ्टवेयर का शेयर 3.3% प्रीमियम पर लिस्ट
– आईटी सेक्टर की कंपनी न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का शेयर बीएसई पर 3.26 फीसदी प्रीमियम के साथ 253 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं एनएसई पर शेयर 3.71 फीसदी प्रीमियम के साथ 254.10 रुपए पर लिस्ट हुआ। आईपीओ के जरिए कंपनी ने 424 करोड़ रुपए जुटाए हैं।
 
L&T का मार्केट कैप 2 लाख करोड़ के पार
– कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो 2 लाख करोड़ क्लब वाली कंपनियों में शामिल हो गई। दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2018 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी होने से पहले सोमवार को शेयर 1441 रुपए के हाई पर पहुंच गया। स्टॉक में 2 फीसदी की बढ़त से कंपनी का मार्केट 2 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया।
 
मिडकैप औऱ स्मॉलकैप इंडेक्स टूटे
– लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी दिखी। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.73 फीसदी गिरकर 17710 अंक पर बंद हुआ।
– वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.10 फीसदी की गिरावट के साथ 19129 अंक पर बंद हुआ।

ऑटो-आईटी इंडेक्स बढ़े, फार्मा-पीएसयू बैंक फिसले
– सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो और आईठी इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.48 फीसदी बढ़ा, जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.95 फीसदी की बढ़त रही।
– वहीं बैंक निफ्टी में 0.19 फीसदी, निफ्टी फाइनेंस सर्विसेज में 0.88 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.14 फीसदी तेजी आई।
– हालांकि निफ्टी फार्मा इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.10 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.57 फीसदी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
 
FII रहे खरीददार, डीआईआई ने की बिकवाली
– गुरुवार के कारोबार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजार में 937.31 करोड़ रुपए खरीददारी की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 965.67 करोड़ रुपए की बिकवाली की।