Thursday, July 23, 2026
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521 सांसदों में से 430 करोड़पति, लिस्ट में सबसे ज्यादा भाजपा नेता

नई दिल्ली।देश में करोड़पति सांसदों की लिस्ट दिन प्रतिदिन लंबी होती जा रही है। एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा 521 सांसदों में से 430 यानी 83 फीसदी सांसद करोड़पति हैं। अगर पार्टी वाइज बात करें, तो इस लिस्ट में भाजपा सबसे आगे हैं। भाजपा के 267 सांसदों में से 227 सांसद यानी 85 प्रतिशत करोड़पति हैं, जबकि कांग्रेस के 45 सासंदो में से 29 सांसद करोड़पति हैं।

कांग्रेस के 5 में से 4 सांसद करोड़पति
अगर सीधे शब्दों में कहें, तो कांग्रेस के हर 5 में से 4 सांसद करोड़पति हैं। वहीं भाजपा के 13 में से 11 सांसद करोड़पति हैं। AIDMK के 37 सांसदों में से 22 सांसद (65%) करोड़पति हैं। मतलब तीन में से 5 में से 3 सांसद करोड़पति हैं।

पार्टी वाइज करोड़पति सांसदों की लिस्ट
तेुलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) -100%
शिरोमणइ अकाली दल -100%
वाईएसआरसीपी -100%
आरजेडी -100%
जेडी (एस) -100%
जेडी(यू)-100%
शिव सेना -94%
टीआरएस-90%
एनसीपी-86%
समाजवादी पार्टी- 86%
भाजपा-85%
लोक जनशक्ति पार्टी-83%
कांग्रेस-82%
एआईएडीएमके- 78%
आप पार्टी-75%
बीजेडी- 72%
एआईयूडीएफ -67%
आईएनडी-67%
एआईटीसी-65%
जेएमएम- 50%
सीपीआई(एम)-33%

32 सांसद 50 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक
देश के कुल सांसदों में से 32 सांसद ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति 50 करोड़ रुपए से ज्यादा है। राजस्थान की सीकर लोकसभा सीट से सांसद भाजपा नेता सुमेधा नंद सरस्वती महज 34 हजार रुपए की संपत्ति रखने वाली सांसद हैं। वहीं इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल की जरग्राम सीट से सांसद उमा सरन 4 लाख रुपए की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

96 सांसदों पर कर्ज 1 करोड़ रुपए से ज्यादा
देश के कुल सांसदों में से 96 सांसदों पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की लायबिलिटी यानी लोन है। इसमें आंध्र प्रदेश की वियवाड़ी सीट से टीडीपी के सांसद श्रीनिवास पर 120 करोड़ रुपए की देनदारी है। वहीं महाराष्ट्र की मुंबई नार्थ सेंट्रल सीट की बीजेपी की सांसद पूनम महाजन पर 108 करोड़ रुपए देनदारी है, जबकि पंजाब की भटिंडा सीट से हरसिमरत कौर पर 108 रुपए का बकाया है।

आ गया गोल्ड में निवेश करने का सही समय!

मुंबई।अमेरिका में साल 2007 के बाद पहली बार यील्ड कर्व नीचे की ओर मुड़ गया है, जिसे देखते हुए इन्वेस्टर्स गोल्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं। यील्ड कर्व में बदलाव को मंदी का संकेत माना जा रहा है और अनिश्चितता के समय गोल्ड निवेश का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

मोतीलाल ओसवाल के असोसिएट डायरेक्टर (कमोडिटीज) किशोर नार्ने ने कहा, ‘यह एक व्यापक आर्थिक सुस्ती है। साथ ही यील्ड कर्व भी अब नीचे की ओर मुड़ गया है। ऐसे में यह गोल्ड खरीदने के लिए सही संकेत है।

महंगा होगा सोना
नार्ने को अगले एक साल में गोल्ड की घरेलू कीमतों के 38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐनालिस्टों का कहना है कि 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड के रेट के तीन महीने के रेट से भी कम होने से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा बढ़ गया है और इस लिहाज से गोल्ड ज्यादा आकर्षक बन गया है।

अमेरिका में आर्थिक मंदी का डर
नार्ने ने कहा कि पिछले तीन हफ्ते से गोल्ड की कीमतें चढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि डॉलर कमजोर हो रहा है और ब्रेग्जिट को लेकर अनिश्चितता के अलावा ग्लोबल ग्रोथ में सुस्ती के डर के कारण इन्वेस्टमेंट डिमांड बढ़ रही है।

पिछले हफ्ते के अमेरिकी डेटा के मुताबिक, वहां मार्च में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि अप्रत्याशित रूप से सुस्त रही है और पूरे यूरोजोन में बिजनस उम्मीद से कम रहा है। यह ग्लोबल ग्रोथ के लिए बढ़ती चिंता की ओर इशारा करता है।

वेल्थ मैनेजर्स की सलाह
पिछले पांच सालों में गोल्ड से रिटर्न कम मिलने और इक्विटी मार्केट्स से ज्यादा रिटर्न को देखते हुए कई निवेशकों ने गोल्ड से किनारा किया है। गोल्ड पर पिछले पांच सालों में रिटर्न लगभग फ्लैट या थोड़ा ज्यादा रहा है। वहीं एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स ने इस दौरान 11.37 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। वेल्थ मैनेजर्स का मानना है कि इन्वेस्टर्स को अपने पोर्टफोलियो का 5 से 10 पर्सेंट हिस्सा गोल्ड में निवेश करना चाहिए।

गोल्ड ETF और सॉवरन गोल्ड बॉन्ड
प्लान अहेड वेल्थ अडवाइजर्स के फाउंडर विशाल धवन ने बताया, ‘अमेरिका ने ब्याज दरों को यथावत बनाए रखने का फैसला किया है, जिसका मतलब है कि अर्थव्यवस्था थोड़ी धीमी पड़ रही है। ऐसे समय में गोल्ड को पोर्टफोलियो में शामिल करना जरूरी हो जाता है।’

उन्होंने ज्यादा रिस्क नहीं लेने वाले इन्वेस्टर्स को कम-से-कम अगले तीन महीनों के लिए अपने पोर्टफोलियो का 10 पर्सेंट हिस्सा गोल्ड में निवेश करने की सलाह दी है। गोल्ड में निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ या सरकार की ओर से जारी सॉवरन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प हैं।

ETF से बढ़िया सॉवरन बॉन्ड
सॉवरन गोल्ड बॉन्ड ईटीएफ से बेहतर माने जाते हैं क्योंकि बॉन्ड पर 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी मिलता है। गोल्ड ईटीएफ से जो रिटर्न मिलता है, उसमें से एक्सपेंस रेशियो काट लिया जाता है। सॉवरन गोल्ड बॉन्ड की मियाद आठ साल की होती है, इसमें पांच साल का लॉक-इन होता है। हालांकि इनकी खरीद-फरोख्त स्टॉक एक्सचेंज पर हो सकती है। इनकी लिक्विडिटी कम होती है, लिहाजा इनमें से कुछ डिस्काउंट पर अवेलेबल हो सकते हैं।

शुरुआती कारोबार में 100 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी 11,455 पर

नई दिल्ली। आईटी और टेक कंपनियों समेत सभी सेक्टरों में छाई लिवाली के दम पर भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 28 मार्च 2019 को बढ़त के साथ खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 36 अंकों की तेजी के साथ 38169 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 10 अंकों की तेजी के साथ 11,455 अंकों पर खुला। सुबह 9.28 बजे सेंसेक्स 115 अंकों की तेजी के साथ 38,248 अंकों पर और निफ्टी 37 अंकों की तेजी के साथ 11,482 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

आईटी और टेक कंपनियों में छाई लिवाली
सेंसेक्स में सुबह के कारोबार सत्र में आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों में लिवाली का माहौल रहा। इस कारण आईटी कंपनियों के शेयर 229 अंक चढ़कर 15,239 और टेक कंपनियों के शेयर 104 अंक चढ़कर 7580 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं। आईटी में Subex, जेनटेक, एचसीएल इंफोसिस जैसी प्रमुख कंपनियों में तेजी का माहौल बना हुआ है। सेंसेक्स-निफ्टी में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी का माहौल बना हुआ है।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
सेंसेक्स में मैग्मा, आरसीएफ, जूबिलेंट लाइफ साइंसेज, कल्पतरू पावर, अवंती फीड्स के शेयरों में तेजी का माहौल है। निफ्टी में यस बैंक, इंड्सइंड बैंक, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
सेंसेक्स में आरकॉम, जेट एयरवेज, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, टीआईआई इंडिया, आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों में मंदी का माहौल है। निफ्टी में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, आयशर मोटर्स के शेयरों में मंदी का माहौल है।

Netflix और Amazon Prime Video केबल टीवी पर भारी

नई दिल्ली । पिछले कुछ सालों से जिस तरह से ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग यूजर्स की संख्या बढ़ रही है वह केबल टीवी और डीटीएस सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए चुनौती पैदा कर रहे हैं। अमेरिकी मोशन पिक्चर एसोसिएशन (MPAA) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं जैसे कि Netflix और Amazon Prime Video के केबल टीवी से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हो गए हैं।

MPAA के थिएटरिकल एंड होम एंटरटेनमेंट मार्केट इन्वायरोमेंट (THEME) की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस जैसे कि Netflix, Amazon Prime Video और Hulu के इस समय 613.3 मिलियम ग्लोबल यूजर्स हो गए हैं।

ऑनलाइन वीडियो देखने वाले यूजर्स की संख्या पिछले साल के मुकाबले 131.2 मिलियन बढ़ी है। ऐसा पहली बार हुआ है कि ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग करने वाले यूजर्स की संख्या केबल टीवी देखने वाले यूजर्स से ज्यादा पहुंच गई है।

पिछले साल केबल टीवी देखने वाले यूजर्स की संख्या 556 मिलियन है जो कि 2017 के मुकाबले 2 फीसद कम है। हालांकि, यूजर्स की कमी होने के बाद भी केबल टीवी के रिवेन्यू में 6.2 अमेरिकी डॉलर की बढ़ोत्तरी हुई है जो कि पिछले साल 118 अमेरिकी डॉलर थी।

इसके पीछे यह भी वजह है कि कई केबल टीवी यूजर्स ने भी ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस को सब्सक्राइब करके रखा है। ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा प्रदान करने वाले प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स के हिसाब से प्रोग्राम को कैटेगोराइज्ड कर रहे हैं।

इसकी वजह से केबल टीवी यूजर्स का झुकाव ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की तरफ हो रहा है। हालांकि, अभी भी ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आने वाले समय में इनके यूजर्स की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

पेट्रोल और डीजल हुए सस्ते, जानिए आपके शहर के दाम

नई दिल्ली। मार्च का महीना खत्म होने को है और इस महीने पेट्रोल और डीजल के दामों में कभी कमी तो कभी तेजी नजर आई। पहले हफ्ते में तेजी के बाद डीजल के दामों में आती कमी और महंगा होता पेट्रोल लोगों को हैरान कर रहा था। इसी कड़ी में महीने के आखिरी सप्ताह में भी पेट्रोल और डीजल के दामों का कुछ ऐसा ही हाल है।

मंगलवार और बुधवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोईं बदलाव ना होने के बाद आज तेल की कीमतों में कटौती हुई है। आज पेट्रोल जहां 5 पैसे सस्ता हुआ है वहीं डीजल के दाम 10 पैसे कम हुए हैं।

इसके बाद राजधानी में आज पेट्रोल 72.81 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 66.39 रुपए लीटर मिल रहा है। मुंबई की बात करें तो आज यहां पेट्रोल 78.43 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 69.54 रुपए लीटर मिल रहा है।

चेन्नई में पेट्रोल 75.62 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 70.15 रुपए लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 74.88 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 68.18 रुपए लीटर बिक रहा है।

1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी ये पांच चीजें, क्या आप जानना चाहेंगे

नई दिल्ली।एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है। ऐसे में आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ने वाला है। आपकी राेजाना की जरूरत की कई चीजें महंगी होने जा रही हैं। इसमें कारों से लेकर काेरोनरी स्टेंट तक शामिल है। आप भी जान लीजिए 1 अप्रैल से आपको कौन-कौन सी चीजें खरीदने के लिए अधिक पैसे चुकाने होंगे।

महंगी हो जाएंगी कारें
1 अप्रैल से कार खरीदना महंगा हो जाएगा। दरअसल, Tata Motors, Jaguar Land Rover India और Toyota Kirloskar Motors ने कार की कीमतों में बढ़ाेतरी का ऐलान किया है। टाटा मोटर्स की कारों के दाम में 25,000 रुपए तक इजाफा हो सकता है। टाटा मोटर्स के जिन मॉडल की कीमतों में इजाफा हो सकता है उनमें Tiago, Hexa, Tigor, Nixon और Harrier प्रमुख हैं। वहीं जगुआर लैंड रोवर इंडिया (जेएलआर) चुनिंदा मॉडलों की कीमत में 4 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेगी।

कार चलाना भी हो जाएगा महंगा
1 अप्रैल से वाहनों में इस्तेमाल होने वाली कॉम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप नेचुरल गैस (PNG) महंगी हो सकती है। दरअसल, प्राकृतिक गैस की कीमतों में 18 फीसदी तक की बढ़त की उम्मीद है। इससे देश में पाइप से आपूर्ति होने वाली रसोई (PNG) और CNG की कीमतों में बढ़त हो सकती है। इस बढ़त से मैन्युफैक्चरिंग, ट्रैवल, एनर्जी सेक्टर पर असर पड़ सकता है। गैस की कीमत बढ़ने से थोक मूल्य आधारित (WPI) महंगाई भी बढ़ सकती है।

बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
अप्रैल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने की आशंका है। दरअसल, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों में इसमें कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स की राय है कि देश की सरकारी तेल कंपनियां डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा सकती हैं।

महंगा हाे सकता है हवाई सफर
आने वाले दिनों में एयर टिकट में बढ़ोतरी होने की संभावना है। सरकार की एक समिति ने हवाई सफर करने वाले यात्रियों से पहले के मुकाबले अधिक पैसेंजर सर्विस फीस (PSF) लेने की सिफारिश की है। अगर यह सिफारिश लागू होती है तो आपकी जेब पर।

कोरोनरी स्टेंट की कीमत में होगा इजाफा
दिल के मरीजों के उपयोग में आने वाले कोरोनरी स्टेंट की कीमत में 1 अप्रैल से इजाफा हो सकता है। दरअसल, पिछले साल की कीमत सिर्फ मार्च 2019 तक ही मान्य हैं। हालांकि कीमतों में बढ़त मामूली होने की उम्‍मीद है। कोरोनरी स्टेंट एक तरह का ट्यूब होता है जिसे हृदय रोग के उपचार के दौरान हृदय में खून का प्रवाह करने वाली नलिकाओं में लगाया जाता है। ये धमनी-शिराओं को खुला रखते हैं।

Sunday को भी खुली रहेगी इन बैंकों की ब्रांच, RBI का आदेश

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से मंगलवार को कहा गया कि सरकारी लेनदेन करने वाली सभी बैंकों की ब्रांच इस रविवार यानी 31 मार्च को खुली रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने इस बारे में संबंधित बैंकों को निर्देश जारी कर दिया है। चालू वित्त वर्ष का आखिरी दिन 31 मार्च है और इस दिन रविवार है। ऐसे में सरकारी लेनदेन वाली बैंक शाखाओं को खुला रखने का आदेश दिया गया है।

रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर कहा, ‘भारत सरकार ने कहा है कि सरकारी प्राप्तियों और भुगतान के लिये 31 मार्च 2019 को उसके सभी पे एंड अकाउंट कार्यालय खुले रहेंगे। इस लिहाज से सभी एजेंसी बैंकों को सलाह दी जाती है कि सरकारी व्यवसाय करने वाली उनकी सभी शाखाओं को रविवार 31 मार्च 2019 को खुला रखा जाये।’

इलेक्ट्रिक वाहनों को रफ्तार देने के लिए मिशन गठित, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली।सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय परिवर्तनकारी गतिशीलता एवं बैट्री भंडारण मिशन’ का गठन कर दिया है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इसे अंतरमंत्रालयी संचालन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

मिशन को संचालन समिति के फैसलों तथा अनुशंसा को लागू करने, परिवहन तथा ऊर्जा भंडारण के लिए टिकाऊ रणनीति का प्रस्ताव करने और अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है।

मिशन बैट्रियों के विनिर्माण, इलेक्ट्रो रसायन, बैट्री खराब होने के बाद उनके निपटान आदि को ध्यान में रखते हुये ‘चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम’ भी बनायेगा। पीएम मोदी की अध्यक्षता में 7 मार्च को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस मिशन के गठन को मंजूरी दी गयी थी।

ये होंगे सदस्य
नीति आयोग की अधिसूचना के अनुसार, इस संचालन समिति में अध्यक्ष के अलावा सात सदस्य होंगे। सभी सदस्य पदेन होंगे। इन सदस्यों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारी उद्योग विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा औद्योगिक संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव शामिल हैं। औद्योगिक मानक ब्यूरो के महानिदेशक भी इसके सदस्य होंगे।

मैन्यूलिटी रेस में इंजीनियरिंग छात्रों ने दिखाई वाहनों की पावर

कोटा। इंफी लीग मोटर स्पोर्ट्स की ओर से राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में आयोजित अरावली टेरीन व्हीकल चैंपियनशिप का पहला दिन एडवेंचर व एक्साइटमेंट से भरा रहा। कैंपस में बनाया गया करीब 700 मीटर का रेसिंग ट्रैक देश के सबसे मुश्किल ट्रैक में गिना जाता है। यहां की बाधाओं को पार करने के लिए रेसर की समझदारी व स्किल्स के साथ-साथ गाड़ियों की पावर भी काम आई।

हालांकि ट्रैक इतना मुश्किल था कि शाम तक एक भी वाहन ट्रैक को पूरा नहीं कर पाया था। पहले दिन मैन्यूलिटी रेस हुई। ट्रैक पर बनाए गए वाटर प्वाइंट और सेंटर प्वाइंट पर बने टेबल टॉप को पूरा करना रेसर्स व उनकी टीम के लिए चुनौती बनी।

RTU के प्रो. एनपी कौशिक, कंट्रोलर ऑफ़ एग्जामिनेशन प्रो. एके द्विवेदी, डिप्टी रजिस्ट्रार एग्जाम डॉ. नीरज जैन सहित अन्य ट्रैक पर पहुंचकर टीमों का हौसला बढ़ाया। आयोजक चंद्रेश शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन भी मैन्यूलिटी रेस के साथ सस्पेंशन की टेस्टिंग के लिए रेस होगी।

शुरू से लेकर अंत तक बाधाएं ही बाधाएं : स्टार्ट प्वाइंट से कुछ दूरी पर ही पत्थरों पर गाड़ियों को टर्न लेना है। लेन से बाहर जाते ही टीम के प्वाइंट कट हो जाते हैं। इसके बाद घुमावदार मोड़ पर वाटर प्वाइंट है। डिक्लाइन वाटर प्वाइंट में गाड़ियों को निकलने में समय लगता है। इसके बाद पत्थरों व मिट्टी से होते हुए गाड़ियों को गुजरना होता है।

सेंटर प्वाइंट पर टेबल टॉप है। यहां पर करीब 90 डिग्री का गड्ढा है, जिसकी ऊंचाई करीब पांच फीट है। इसके पार करने के बाद लगातार स्पीड ब्रेकर है। फिनिशिंग प्वाइंट से कुछ दूर पहले 360 डिग्री में गाड़ियों को टर्न करवाना है।

फिनिशिंग प्वाइंट से ठीक पहले फिर से वाटर प्वाइंट से गुजरना होता है। रेसर के साथ उसके दो टीम मेंबर ही गाड़ी बंद होने व ट्रैक से भटक जाने पर उसकी मदद कर सकते हैं। चौथी बार में गलती होने पर ही टीम को रेस से बाहर कर देने का भी नियम है।

आज पूरे करने होंगे बचे हुए चैलेंज
मैन्यूलिटी रेस के साथ ही गुरुवार को गाड़ियों की ताकत का परखा जाएगा। इसमें ट्रैक्टर को गाड़ियों के जरिए खींचा जाएगा। दूसरे दिन भी मैन्यूलिटी रेस में वाटर प्वाइंट व टेबल टॉप को पार करना भी चैलेंज रहेगा। पहले दिन काफी गाड़ियों के ब्रेकडाउन हुए हैं। दूसरे दिन ब्रेकडाउन से बचना और रेस को समय पर पूरा करना रेसर्स के सामने बड़ा चैलेंज रहेगा।