सुपर स्पेशियलिटी गैस्ट्रो चिकित्सा सुविधा अब ईथॉस हॉस्पिटल कोटा में
कोटा। हाड़ौती क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया अध्याय जुड़ गया जब स्वामी विवेकानंद नगर स्थित ईथॉस हॉस्पिटल में शनिवार को अत्याधुनिक ERCP (Endoscopic Retrograde Cholangiopancreatography) Suite का उद्घाटन पूर्व मंत्री एवं विधायक शांति धारीवाल ने किया। इस अवसर पर निदेशक प्रदीप दाधीच, जितेन्द्र गोयल, हर्ष दाधीच, डॉ. संदीप गोयल एवं रुपेश माथुर आदि मौजूद रहे।
इस अत्याधुनिक सुविधा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पित्त नली (Bile Duct) एवं अग्नाशय (Pancreas) के कैंसर को पहली स्टेज में ही पहचानने में सक्षम है। इससे उपचार सबसे अधिक प्रभावी होता है और रोगी के जीवन को बचाने की संभावना सर्वाधिक होती है।
पहली स्टेज में कैंसर की पहचान
वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल शनिवार को पत्रकारों को बताया कि ERCP तकनीक के साथ 4K हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप और NBI (Narrow Band Imaging) तकनीक का संयोजन इसे असाधारण बनाता है। NBI तकनीक रक्त वाहिकाओं के पैटर्न का विश्लेषण कर यह संकेत देती है कि कोई ऊतक (Tissue) सामान्य है अथवा कैंसर की दिशा में बढ़ रहा है। यह जानकारी कई बार बायोप्सी से पहले ही मिल जाती है।

उन्होंने बताया कि 4K स्कोप की छवियाँ इतनी सूक्ष्म और स्पष्ट होती हैं कि आँत की दीवार पर मिलीमीटर से भी छोटे बदलाव आसानी से दिखाई दे जाते हैं, जो पुराने उपकरणों की पहुँच से परे थे। इससे प्रारंभिक अवस्था में घातक रोगों की पहचान संभव हो पाती है।
बिना मेजर ऑपरेशन के जटिल उपचार
ERCP तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि बिना बड़े चीरे के एंडोस्कोपी के माध्यम से पथरी, ब्लॉकेज, स्टेंटिंग एवं ट्यूमर जैसी जटिल समस्याओं का सफलतापूर्वक उपचार किया जा सकता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र रिकवरी का लाभ मिलता है तथा अस्पताल से छुट्टी भी कम समय में मिल जाती है।
निदेशक प्रदीप दाधीच ने बताया की ईथॉस की इस ERCP Suite में Capsule Endoscopy की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसमें मरीज को एक विटामिन की गोली के आकार का सूक्ष्म कैमरायुक्त कैप्सूल निगलना होता है, जो पूरे पाचन तंत्र की यात्रा में 50,000 से अधिक तस्वीरें रिकॉर्ड करता है। इस तकनीक से छोटी आँत तक की विस्तृत जाँच बिना किसी तकलीफ के संभव हो पाती है।
कोटा को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल की थी ज़रूरत
उद्घाटन के अवसर पर पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि तेज़ी से विस्तार हो रहे कोटा शहर को दीर्घकाल से एक सुपर स्पेशियलिटी मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल की आवश्यकता थी। ईथॉस हॉस्पिटल इस आवश्यकता को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाएं न केवल उपचार की दृष्टि से, बल्कि नागरिकों की आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।
हॉस्पिटल के निदेशक जितेन्द्र गोयल ने बताया कि इस सुविधा के आरंभ होने से कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा। पहले इन क्षेत्रों के गंभीर रोगियों को महानगरों तक पहुँचने में जो बहुमूल्य समय नष्ट होता था, उससे उनके जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता था।
मरीज की सुविधा सर्वोपरि
सीईओ हर्ष दाधीच ने बताया कि ईथॉस में पूरी ERCP Suite केवल गैस्ट्रो प्रक्रियाओं के लिए समर्पित है, जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित एंडोस्कोपी नर्सें एवं टेक्नीशियन चौबीसों घंटे तत्पर रहते हैं। प्रत्येक प्रक्रिया Conscious Sedation के साथ की जाती है, जिससे मरीज को प्रक्रिया के दौरान कोई कष्ट का अनुभव नहीं होता

