Thursday, June 18, 2026
Home Blog Page 4604

रेरा के माध्यम से सरकार बिल्डर्स पर कसेगी शिकंजा

0

नई दिल्ली। सरकार रेरा के कई प्रावधानों को संशोधित कर उनको और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। ये बात सोमवार को नारेडको की 15वीं नेशनल कन्वेंशन के दौरान रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट के बारे में संबोधन करते हुए आवास और शहरी मामले मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कही।

रेरा के संबंध में कई नई जानकारियां देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार रेरा के जिन प्रावधानों में संशोधन करने की दिशा में काम कर रही है, उनसे सभी हित-धारकों को लाभ होगा, जिनमें डेवलपर्स से लेकर घर के खरीदार तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आवास और शहरी मामले मंत्रालय ने रेरा पर कई क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजन किया था, जिसमें उनके साथ-साथ मंत्री, आवास और शहरी मामले मंत्रालय भी शामिल हुए थे।

उन्होंने बताया, ‘हमें इन कार्यशालाओं में काफी उपयोगी जानकारी मिली। इन जानकारियों और विचारों के आधार पर, हमने महसूस किया है कि रेरा एक्ट में कई बदलाव लाने की आवश्यकता है। हम जल्द ही कानून में संबंधित जरूरी संशोधन करेंगे। हम इसको लेकर फिर से विचार-विमर्श शुरू करेंगे और इसे और प्रभावी बनाने के लिए जहां भी आवश्यक होगा, कानून में बदलाव करेंगे।’

उन्होंने कहा कि जब हमने क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित कीं, तो हमने देखा कि कुछ रेरा प्राधिकरण सक्रिय हैं, कुछ काफी अधिक सक्रिय हैं और कुछ में अधिक काम नहीं हो रहा है। इसलिए, हमने क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न रेरा अधिकारियों के बीच बातचीत को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हर राज्य महाराष्ट्र के रेरा प्राधिकरण महारेरा द्वारा किए जा रहे अच्छे काम से सीख सकता है। क्षेत्रीय मंचों को कई स्थानों पर स्थापित किया गया है और कई स्थानों पर पारस्परिक परामर्श बैठकें आयोजित की गई हैं।

रेंटल हाउसिंग पर कानून बनाने के लिए मांगे सुझाव
उन्होंने रेंटल हाउसिंग को लेकर सरकार की विचार प्रक्रिया के बारे में भी समझाया। केंद्र रेंटल हाउसिंग यानि किराए के आवास पर राज्यों के लिए एक कानूनी ढांचा बना रहा है। मंत्रालय ने इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए हैं जो इसे कैबिनेट की मंजूरी और राज्यों में प्रसारित करके लागू करेंगे। अब तक अधिकांश किराएदारी कानून किराएदार के पक्ष में हैं, मालिक के पक्ष में नहीं। जिसके कारण कई लोग अपने घर को किराए पर देने से हिचकते हैं।

रियल एस्टेट के लिए फायदेमंद होगा नया रेंटल हाउसिंग कानून
एक अनुमान के अनुसार, देश में लाखों घर खाली हैं, लेकिन किराए पर नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे घर एक बोझ बनते जा रहे हैं क्योंकि इसके रखरखाव पर भी काफी लागत आती है। अब तक ज्यादातर घरों को बिना किसी लीज एग्रीमेंट के किराए पर लिया जाता है और जहां एग्रीमेंट होता है, वह रजिस्टर्ड नहीं होता है।

इसलिए अब जब सभी रेंट डीड को नए किरायेदारी कानून के तहत पंजीकृत किया जाएगा, तो यह अधिक पारदर्शिता, सहजता और स्पष्टता लाएगा। उन्होंने अंत में कहा कि कई लोगों ने कई घर बनाए हैं, लेकिन उन्हें किराए पर नहीं दिया है। लेकिन एक बार जब उन्हें नए किराएदारी कानून के माध्यम से कानूनी ढांचागत सुरक्षा मिल जाती है, तो व्यापार के कई नए अवसर उनके सामने आएंगे। यह रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

व्यक्ति को सिद्धांत ही निर्विकल्प बनाता है: आर्यिका सौम्यनन्दिनी

कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी संघ के पावन वर्षायोग के अवसर पर सोमवार को माताजी ने प्रवचन करते हुए कहा कि कर्म ही है जो हमारे पैरों को मजबूत बनाता है। हम हिमालय की चोटी पर चढ़कर अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं। हमें करणानुयोग को समझना अति आवश्यक है।

आज की युवा पीढ़ी धर्म से विमुख नहीं, बल्कि दूसरी जगह अभिमुख है। आज युवाओं से ही धर्म चल रहा है, आज युवा साधु ही जैन धर्म का रथ चला रहे हैं। साधु जैन धर्म को एक नया संकेत देते हैं। जिससे कई लोगों को एक प्रेरणा मिलती है कि वास्तव में अगर जैनत्व का धारण करना है तो वह युवा अवस्था में ही करना चाहिए। क्योंकि युवा अवस्था में शरीर की सभी इंद्रियां चलायमान होती हैं। हम कईं घंटों तक स्थिर बैठ सकते हैं।

आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी ने कहा कर्म यहां फल दिखा रहे, सुख- दुःख वेदन चखा रहे, चारों गति में घुमा रहे, ज्ञान कर्म समझ आएगा तभी मुक्ति दिलवाएगा। कर्मों को जानो जो गुण दिलवाएगा। सिद्धांत को समझना ही अंतिम लक्ष्य है, सिद्धांत के आगे सब परास्त हो जाते हैं। सिद्धांत के आगे सब कुछ फीका है, सिद्धांत बहुत ही ऊपर की चीज है।

व्यक्ति को सिद्धांत ही निर्विकल्प बनाता है। सारे विकल्पों से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को सिद्धांत को समझना पड़ेगा, तभी हम संसार के भ्रमण को समझ सकते हैं। सिद्धांत को समझते ही प्रत्येक व्यक्ति के सारे विकल्प स्वतः ही निर्विकल्प हो जाते हैं। माताजी ने कहा कि व्यक्ति को ज्ञान ऊपर ले जाने वाला है, आनंद को बढ़ाने वाला है। स्वभाव की ओर ले जाने वाला है निज स्वभाव के दिग्दर्शन कराने वाला है।

इस दौरान आर्यिका सौम्यनन्दिनी माताजी के सान्निध्य में अभिषेक, पूजा, प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें स्वस्ति मंगल पाठ तथा परमर्षि स्वस्ति मंगल पाठ, नवदेवता पूजन के बारे में जानकारी दी गई।

कोटा मंडी: आवक की कमी से गेहूं और लहसुन तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को 8000 बोरी का कारोबार हुआ। लहसुन की आवक 2500 कट्टे की रही। लिवाली निकलने से गेहूं 25 रुपये प्रति क्विंटल तेज बोला गया। आवक की कमी से लहसुन 500 ऊँचा बिका।

गेहूं लस्टर 1900 से 1961 गेहूं मिल क्वालिटी 1775 से 1971एवरेज 1850 से 2000 लोकवान 1850 से 2000 पीडी 1850 से 2000 गेहूं टुकडी 1900 से 2051 मक्का 1900 से 2100 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगंधा 2400 से 2600 पूसा 1 2500 से 2601 पूसा 4 (1121) 3000 से 3200 धान लाजवाब (1509 ) 2800 से 3005 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3200 से 3671
सरसों 3400 से 3651अलसी 4000 से 4501तिल्ली 7000 से 9000रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2800 से 4100 कलौजी 8500 से 10000 धनिया बादामी 5000 से 5200 ईगल 5400 से 5601 रंगदार 5800 से 6100 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 2000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

मूंग 5100 से 5400 उड़द 2000 से 4400 चना 3600 से 4000 चना काबुली 3500 से 4300 चना पेप्सी 3800 से 4000 चना मौसमी 3000 से 4050 मसूर 3800 से 4400रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3750 रुपये प्रति क्विंटल।

एलन समाधान सेशन में बताए मल्टीपल कॅरियर के ऑप्शन्स

कोटा। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा विद्यार्थियों का कॅरियर संवारने का हर संभव प्रयास किया जाता है। कॅरियर से जुड़ी हर समस्या का समाधान देने की कोशिश की जाती है। इसी के तहत विद्यार्थियों को मल्टीपल कॅरियर ऑप्शन्स के बारे में जानकारी देने के लिए कॅरियर काउंसलिंग सेमिनार ‘समाधान‘ का आयोजन किया जा रहा है।

समाधान सेशन में अब तक 18 हजार से अधिक स्टूडेंट्स एवं पेरेन्ट्स भाग ले चुके हैं। इन्द्रविहार स्थित एलन समर्थ कैम्पस के सद्भाव परिसर में हुए इस सेशन में इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स ने साइंस के अलावा अन्य क्षेत्रों में कॅरियर के बारे में जानकारी ली। 18 अगस्त रविवार को दो सत्र हुए। पहला सत्र सुबह 11 से 1.30 तथा दूसरा सत्र 5.15 से 7.45 बजे तक हुआ। तेज बारिश के बावजूद सत्र में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स व पेरेन्ट्स उपस्थित रहे।

सेमिनार में एलन के कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा ने स्टूडेंट्स को कॅरियर ऑप्शन्स के बारे में बताया। उन्होंने साइंस मैथ्स स्टूडेंट्स के लिए इंजीनियरिंग के साथ-साथ रिसर्च, सांख्यिकी, फैशन टेक्नोलॉजी, सीए, लॉ, आर्किटेक्चर, बेसिक मैथेमेटिक्स, मास कम्यूनिकेशन, सैन्य सेवा, डिजाइन, रेलवे के क्षेत्रों में रोजगार और संभावनाओं के बारे में जानकारियां दी।

आहूजा ने विद्यार्थियों को काउंसलिंग, कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया, प्लेसमेंट्स, फीस, कॉलेज ब्रांचेज आदि विशेष पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही यह भी बताया कि किस विषय के लिए कहां-कहां, कब-कब आवेदन किया जा सकता है, कौनसे कॉलेजों में प्रवेश लिया जा सकता है। जिन विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षाओं में रैंक पीछे आती है, उन सभी विद्यार्थियों के लिए उनकी रैंक्स के अनुसार क्या सबसे बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकता है, इस बारे में भी अमित आहूजा ने बताया। अगला कॅरियर काउंसलिंग सेमिनार 1 सितम्बर को दो सत्रों में होगा।

काउंसलिंग की जानकारी देते हुए आहूजा ने बताया कि जेईई-मेन, जेईई-एडवांस्ड में रैंक के आधार पर कॉलेज च्वाइस भरने, पीछे की रैंक होने पर देश में अन्य संस्थान जहां पीछे की रैंक से भी प्रवेश लिया जा सकता है और बेहतर पढ़ाई कर अच्छा कॅरियर बनाया जा सकता है। इन सभी के बारे में विस्तार से बताया।

इंदौर किराना बाजार: खोपरा गोला एवं बूरा के भाव गिरे

इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में सोमवार को खोपरा गोला दो रुपये प्रति किलोग्राम एवं खोपरा बूरा के भाव में 50 रुपये प्रति 15 किलोग्राम की कमी (शनिवार की तुलना में) दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में सोमवार को 16 गाड़ी शक्कर की आवक हुई।

शक्कर-गोला शक्कर 3430 से 3470 रुपये प्रति क्विंटल।खोपरा गोला 163 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम।खोपरा बूरा 2250 से 3350 रुपये प्रति 15 किलोग्राम। हल्दी हल्दी खड़ी सांगली 130 से 132, निजामाबाद 90 से 100, पिसी 140 से 155 रुपये प्रति किलोग्राम।

साबूदाना साबूदाना 6000 से 7600, पैकिंग में 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल।आटा-मैदागेहूं आटा 1200 से 1210, मैदा 1260 से 1270, रवा 1270 से 1280, चना बेसन 2950 से 2975 तथा बटला बेसन 2750 से 2775 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर बाजार: कपास्या खली और कपास्या तेल में गिरावट

इंदौर। स्थानीय खाद्य तेल बाजार में सोमवार को सोयाबीन रिफाइंड तेल पांच रुपये, पाम तेल दो रुपये और कपास्या तेल के भाव में छह रुपये प्रति 10 किलोग्राम की (शनिवार की तुलना में) कमी दर्ज की गई। पशु आहार कपास्या खली के भाव 10 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए।

तिलहनसरसों 3650 से 3700रायडा 3450 से 3500सोयाबीन 3600 से 3650टोली (महुआ गोही) 2700 से 2750 रुपये प्रति क्विंटल।तेल मूूंगफली तेल इंदौर 1090 से 1100, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 752 से 755, सोयाबीन साल्वेंट 720 से 725, पाम तेल 657 से 658 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

पशु आहार कपास्या खली इंदौर 2050, देवास 2050, उज्जैन 2050, खंडवा 2030, बुरहानपुर 2030, अकोला 3300 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी।कपास्या तेल कपास्या तेल इंदौर 750 से 752, महाराष्ट्र 753 से 755 रुपये तथा गुजरात 758 से 760 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।

इंदौर अनाज मंडी: कमजोर उठाव से चना दाल 50 रुपये टूटी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को चना कांटा 25 रुपये, मसूर 25 रुपये और उड़द के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल (शनिवार की तुलना में) की कमी हुई। दालों में मूंग दाल 100 रुपये एवं मूंग मोगर के भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी लिए रहे। कमजोर उठाव से चना दाल में 50 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में सोमवार को 2000 बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4275 से 4300, चना (देसी) 4150 से 4200, डबल डॉलर 4800 से 5200, मसूर 4125 से 4150, हल्की 3850 से 3900, मूंग 5800 से 6100, हल्की 5200 से 5500, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5300 से 5500, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5900 से 6000, उड़द 5000 से 5100, हल्की 4000 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6950 से 7150, तुअर दाल फूल 7350 से 7550, तुअर दाल बोल्ड 7750 से 7950, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5500 से 5700, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5350 से 5450मूंग दाल 7500 से 7700, मूंग मोगर 8100 से 8300 उड़द दाल 7000 से 7200, उड़द मोगर 7000 से 7200 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1870 से 1900, गेहूं 147- 1950 से 2200, गेहूं लोकवन 1950 से 2250, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 2000 से 2100, ज्वार संकर 2150 से 2200, ज्वार देसी 2500 से 2800, मक्का पीली 2150 से 2200, मक्का गजर 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

कमजोर वैश्विक रुख से सोना सस्ता, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली/ कोटा । ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज सोने के भाव में 100 रुपये की गिरावट आई, जिससे इसका भाव 38,570 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। एसोसिएशन के अनुसार, कमजोर वैश्विक रुख और ज्वैलर्स की लिवाली घटने से भाव में यह गिरावट देखी गई है।

गौरतलब है कि शनिवार को सोना सर्वकालिक उच्चतम स्तर 38,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। वहीं, चांदी में भी आज 50 रुपये की गिरावट आई, जिससे इसका भाव 45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। कारोबारियों के अनुसार औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों द्वारा लिवाली कम होने से भाव में यह गिरावट देखी गई है।

वैश्विक स्तर की बात करें, तो आज न्यूयॉर्क में सोना गिरावट के साथ 1,499 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। उधर चांदी भी आज गिरावट के साथ 17.00 डॉलर प्रति औंस पर रही है।ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आज 99.9 फीसद शुद्धता वाला सोना 100 रुपये की गिरावट के साथ 38,570 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना भी 100 रुपये की ही गिरावट के साथ 38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

उधर चांदी की बात करें, तो चांदी के भाव में आज सोमवार को 50 रुपये की गिरावट आई, जिससे इसका भाव 45,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं, साप्ताहिक डिलिवरी वाली चांदी में 289 रुपये की गिरावट दर्ज हुई और इसका भाव 43,535 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। उधर चांदी के सिक्कों की लिवाली कीमत 91,000 रुपये प्रति सैकड़ा और बिकवाली कीमत 92,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रही।

कोटा सर्राफा
चांदी 42700 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 36700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 42800 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 36880 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 43000 रुपये प्रति तोला।

हरे निशान में बंद हुए बाजार, सेंसेक्स 52 अंकों की बढ़त के साथ 37,402 पर

नई दिल्ली। वैश्विक संकेतों और सरकारी प्रयासों के बाद निवेशकों में बने सकारात्मक माहौल की बदौलत भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार 19 अगस्त को बढ़त के साथ हरे निशान में बंद रहने में कामयाब रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52 अंकों की बढ़त के साथ 37402 अंकों पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 6 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 11,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से गिरकर 11,053 अंकों पर बंद हुआ। कई दिनों बाद बने सकारात्मक माहौल की बदौलत दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स 37700 अंकों के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर 37,716 अंकों पर कारोबार कर रहा था।

यह तेजी को बरकरार नहीं रख सका और बिकवाली के कारण 342 अंक गिरकर 37402 अंकों पर बंद हुआ। इसी प्रकार से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी कारोबारी दिवस में 11,144 अंकों के आंकड़ा पार किया लेकिन यह भी 91 अंक गिरकर 11,053 अंकों पर बंद हुआ।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में फोर्ज मोटर्स 15.97 फीसदी, आई़डीबीआई बैंक 12.27 फीसदी, शंकरा बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड 8.86 फीसदी, डीएचएफएल 6.86 फीसदी, बलरामपुर चीनी मिल्स 6.51 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में सनफार्मा 2.72 फीसदी, टेक महिंद्रा 2.26 फीसदी, एक्सिस बैंक 1.41 फीसदी, भारती इंफ्राटेल 1.32 फीसदी, टाइटन 1.24 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में वोडाफोन-आइडिया 7.13 फीसदी, आइनॉक्स विंड 6.32 फीसदी, रिलायंस कैपिटल 5.48 फीसदी, बायोकॉन 5.09 फीसदी, आरकॉम 4.84 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में यस बैंक 3.34 फीसदी, ग्रॉसिम 2.56 फीसदी, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 1.69 फीसदी, गेल 1.66 फीसदी, कोल इंडिया 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

रेपो दर के आधार पर कर्ज दें सभी बैंक, आरबीआई के निर्देश

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि सभी बैंकों को अपनी जमा व कर्ज की ब्याज दर रेपो दर के आधार पर निर्धारित करनी चाहिए। इससे आरबीआई की मुख्य ब्याज दर में होने वाली कटौतियों को लाभ जल्दी ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकेगा।

आरबीआई जिस दर पर वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि का कर्ज देता है, उसे रेपो दर कहते हैं। हाल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई बैंकों ने अपनी जमा और कर्ज की ब्याज दर को रेपो दर से लिंक कर दिया है।

एसबीआइ व अन्य छह सरकारी बैंकों की ब्याज दर रेपो दर से हो चुकी है लिंक एसबीआई ने अपनी जमा और कर्ज दर को मई में ओर होम लोन की दर को जुलाई में रेपो दर से जोड़ दिया है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक और केनरा बैंक सहित छह अन्य सरकारी बैंकों ने भी पिछले सप्ताह अपनी ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ दिया। बैंकों की खराब वित्तीय हालत को देखते हुए आरबीआई हालांकि उन पर अपनी दरों को रेपो दर से जोड़ने के लिए दबाव नहीं बनाने की नीति पर चल रहा है।

जल्द कदम उठाएगा आरबीआई
उद्योग संघ फिक्की द्वारा आयोजित सालाना बैंकिंग सम्मेलन में दास ने कहा कि बाहरी बेंचमार्क को अपनाने की प्रक्रिया में तेजी आनी चाहिए। मेरे खयाल से रेपो दर या किसी बाहरी बेंचमार्क के साथ नए लोन को औपचारिक रूप से जोड़ देने का समय आ गया है। हम इस पर गौर कर रहे हैं और एक नियामक के रूप में जल्द ही जरूरी कदम उठाएंगे। हम अभी तक इसे टाल रहे थे, क्योंकि हम देखना चाहते थे कि बाजार किस तरह से इसे अपनाता है। बैंक अपनी दरों को रेपो दर या किसी बाहरी बेंचमार्क से जोड़ रहे हैं। यह प्रक्रिया तेज होनी चाहिए।

जल्द कदम उठाएगा आरबीआई
उद्योग संघ फिक्की द्वारा आयोजित सालाना बैंकिंग सम्मेलन दास ने कहा कि बाहरी बेंचमार्क को अपनाने की प्रक्रिया में तेजी आनी चाहिए। मेरे खयाल से रेपो दर या किसी बाहरी बेंचमार्क के साथ नए लोन को औपचारिक रूप से जोड़ देने का समय आ गया है। हम इस पर गौर कर रहे हैं और एक नियामक के रूप में जल्द ही जरूरी कदम उठाएंगे। हम अभी तक इसे टाल रहे थे, क्योंकि हम देखना चाहते थे कि बाजार किस तरह से इसे अपनाता है। बैंक अपनी दरों को रेपो दर या किसी बाहरी बेंचमार्क से जोड़ रहे हैं। यह प्रक्रिया तेज होनी चाहिए।

बैंक सरकार से नहीं, बल्कि बाजार से पूंजी जुटाने में हों सक्षम
दास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता के लिए आज विकास दर में आ रही गिरावट और सुस्ती के संकेत सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि भुगतान, कर्ज और विदेशी बाजारों से आज वित्तीय जोखिम पैदा होने की सर्वाधिक आशंका है। सरकारी बैंकों में कॉरपोरेट गवर्नेंस में क्रांतिकारी सुधार की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मापदंड यह है कि बैंक सरकार से नहीं, बल्कि बाजार से पूंजी जुटा पाने में कितना सक्षम है।