Thursday, June 18, 2026
Home Blog Page 4603

74 अंक गिरकर बंद हुआ सेंसेक्स, CG पावर के शेयर 20 फीसदी गिरे

नई दिल्ली। दिनभर के कारोबार में निवेशकों के मिलेजुले रुख के कारण घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को एक बार फिर गिरावट के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 74 अंकों की गिरावट के साथ 37,328 अंक पर जाकर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 36 अंकों की गिरावट के साथ 11,050 के मनोवैज्ञानिक स्तर से गिरकर 11,017 अंकों पर बंद हुआ। सेंसेक्स में ऑटो, आईटी ओर टेक को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स में सीजी पावर के शेयरों में सबसे ज्यादा 19.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

ये हैं टॉप गेनर
सेंसेक्स में वैंकीज 8.50 फीसदी, एमजीएल 7.95 फीसदी, एमएफएसएल 5.56 फीसदी, कैफे कॉफी डे 5 फीसदी, एनआईआईटी टेक्नोलॉजी 4.96 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में सनफार्मा 2.72 फीसदी, टेक महिंद्रा 2.26 फीसदी, एक्सिस बैंक 1.41 फीसदी, भारती इंफ्राटेल 1.32 फीसदी, टाइटन 1.24 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।

ये हैं टॉप लूजर
सेंसेक्स में सीजी पावर 19.84 फीसदी, एनडीएमसी 11.68 फीसदी, एडिलवेसिस 8.89 फीसदी, नवकार कॉरपोरेशन 7.92 फीसदी, आईनॉक्स विंड 7.92 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में यस बैंक 3.34 फीसदी, ग्रॉसिम 2.56 फीसदी, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 1.69 फीसदी, गेल 1.66 फीसदी, कोल इंडिया 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।

राजस्थान में दूध की खाली थैलियों के भी मिलेंगे दाम, वापस खरीदेगी डेयरी

जयपुर/ भीलवाड़ा। राजस्थान प्रदेश में डेयरी के दूध की जिन खाली थैलियाें काे हम कचरा समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं, अब उन्हीं थैलियाें काे डेयरी पैसा देकर लाेगाें से वापस खरीदेगी। इसके लिए हर डेयरी बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। प्रदेश में राजस्थान काॅ-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) इसकी डीपीआर बना रहा है।

आरसीडीएफ यह प्लानिंग प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से डेयरियाें काे प्लास्टिक से बनी दूध की थैलियाें के निस्तारण के लिए जारी किए नाेटिस के बाद बना रहा है। मंडल की ओर से जारी किए नाेटिस के अनुसार प्रदेश की सभी डेयरियाें काे इसकी डीपीआर बनाकर देनी है कि वे कैसे प्लास्टिक से बनी दूध की थैलियाें का निस्तारण करेंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण हाे।

इसके बाद असरसीडीएफ प्लान बना रहा है कि सभी डेयरी पर बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाकर खाली थैलियाें की एक निश्चित राशि तय करके उपभाेक्ताओं से वापस ली जाए और वहां से थैलियां डेयरी में एकत्रित करके वहां उनका निस्तारण किया जाए।

थैलियाें के निस्तारण की प्लानिंग
थैलियाें के निस्तारण की प्लानिंग बना रहे हैं। पूरे प्रदेश में आरसीडीएफ लेवल पर यह प्लान तैयार किया जा रहा है कि हर डेयरी बूथ पर कलेक्शन सेंटर बनाकर थैलियाें काे उपभाेक्ताओं से कुछ पैसा देकर वापस खरीदा जाए। इसके बाद थैलियाें काे डेयरी मंगाकर उनका निस्तारण किया जाए। –एलके जैन, प्रबंध निदेशक, भीलवाड़ा सरस

चंद्रयान-2 चांद से बस ‘चार कदम’ की दूरी पर, जानिए अब क्या होगा

0

श्रीहरिकोटा। चंद्रयान-2 चांद से अब बस ‘चार कदम’ की दूरी पर है। 22 जुलाई को मिशन पर निकला चंद्रयान-2 मंगलवार को बेहद सटीकता के साथ पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चांद की कक्षा में प्रवेश कर गया। इसरो चीफ के. सिवन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अब चार कक्षाओं को पार कर चंद्रयान 7 सितंबर की रात 1 बजकर 55 मिनट पर चांद की सतह पर लैंड करेगा। .

इसरो चीफ के सिवन ने बताया कि सुबह 9 बजे चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2 । उन्होंने कहा कि इस दौरान 30 मिनट तक उनकी धड़कनें तक रुक गईं थीं। उन्होंने बताया कि अभी चंद्रयान-2 चांद की परिक्रमा कर रहा है।

सिवन ने बताया, ‘हम पूरी तरह से एक्यूरेसी पर काम कर रहे हैं ताकि मिशन चंद्रयान-2 को चांद के दक्षिणी सतह पर उतार सके। 28, 30 अगस्त और 1 सितंबर को चंद्रयान-2 को 18 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से 100/100 किलोमीटर की ऊंचाई तक लाया जाएगा।

2 सितंबर को लैंडर से अलग होगा ऑर्बिटर
2 सिंतबर को लैंडर ऑर्बिटर से अलग होगा। इसरो चीफ ने बताया कि इसके बाद सारा ध्यान लैंडर पर केंद्रित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर को लैंडर की पूरी जांच होगी। सिवन ने इस चरण को बेहद दिलचस्प तरीके से समझाते हुए कहा कि यह कुछ ऐसा ही होगा जैसे कोई दुलहन अपने माता-पिता के घर से विदा लेकर ससुराल में प्रवेश करती है।

‘इसके बाद लैंडर पर होगा ध्यान’
उन्होंने बताया कि इसके बाद लैंडर पर हमारा ध्यान होगा। ताकि यान आसानी से चांद की सतह पर उतर सके। जब हम सबकुछ सही पाएंगे तो चंद्रयान-2 को चांद पर उतराने की प्रक्रिया शुरू होगी।

चांद के दक्षिणी हिस्से में उतरेगा चंद्रयान-2
सिवन ने बताया कि 7 सितंबर की रात में पावर मिशन शुरू होगा और रात 1.55 मिनट पर 27 डिग्री साउथ 22 डिग्री ईस्ट चांद की दक्षिणी सतह पर उतरेगा यान। 3 घंटे 10 मिनट बाद रोवर का सोलर पैनल काम करना शुरू करेगा। 3 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलेगा। 4 घंटे बाद रोवर चांद की सतह पर उतरेगा। सिवने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 7 सिंतबर को देर रात 1.55 चांद की सतह पर उतरेंगे। इसके बाद मिशन के दूसरे काम शुरू किए जाएंगे।

‘चांद की कक्षा में जाने तक रुकी हुई थीं धड़कनें’
सिवन ने चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में प्रवेश करने करने के मुश्किल क्षण को बताते हुए कहा कि जबतक चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में आज नहीं पहुंच गया तबतक 30 मिनट के लिए आज हमारे हृदय की धड़कनें रुकी हुई थीं।

‘लैंडिंग होगा बेहद मुश्किल’
इसरो चीफ ने कहा कि लैंडिंग बड़ा ही खतरनाक होगा। क्योंकि हम ऐसा पहली बार करेंगे। लेकिन हमें उम्मीद है कि हम इसमें सफल होगा। सॉफ्ट लैंडिंग का सक्सेस रेट 37% है। लेकिन हमें भरोसा है कि हम इसमें सफल होंगे। हमने सभी तरह की तैयारी की है। जो भी संभव होगा हम करेंगे।

7 सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा चंद्रयान-2
बता दें कि चंद्रयान-2 के 7 सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा। इसरो चीफ सिवन ने बताया कि चंद्रमा की सतह पर 7 सितंबर 2019 को लैंडर से उतरने से पहले धरती से दो कमांड दिए जाएंगे, ताकि लैंडर की गति और दिशा सुधारी जा सके और वह धीरे से सतह पर उतरे। ऑर्बिटर और लैंडर में फिट कैमरे लैंडिंग जोन का रियल टाइम असेस्मेंट उपलब्ध कराएंगे। लैंडर में नीचे लगा कैमरा सतह को छूने से पहले इसका आकलन करेगा और अगर किसी तरह की बाधा हुई तो उसका पता लगाएगा। सिवन ने बताया कि7 सितंबर को 1.55 AM पर चंद्रयान-2 चांद की सतह पर उतरेगा।

जानें कैसे उतरेगा चंद्रयान-2
धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है। चंद्रयान-2 में लैंडर-विक्रम और रोवर-प्रज्ञान चंद्रमा तक जाएंगे। चांद की सतह पर उतरने के 4 दिन पहले रोवर ‘विक्रम’ उतरने वाली जगह का मुआयना करना शुरू करेगा। लैंडर यान से डिबूस्ट होगा। ‘विक्रम’ सतह के और नजदीक पहुंचेगा। उतरने वाली जगह की स्कैनिंग शुरू हो जाएगी और फिर 6-8 सितंबर के बीच शुरू होगी लैंडिंग की प्रक्रिया।

चांद की सतह पर क्या करेगा यान?
लैंडिंग के बाद 6 पहियो वाला प्रज्ञान रोवर विक्रम लैंडर से अलग हो जाएगा। इस प्रक्रिया में 4 घंटे का समय लगेगा। यह 1 सेमी प्रति सेकंड की गति से बाहर आएगा। 14 दिन यानी 1 लूनर डे के अपने जीवनकाल के दौरान रोवर ‘प्रज्ञान’ चांद की सतह पर 500 मीटर तक चलेगा। यह चांद की सतह की तस्वीरें और वहां मौजूद खनिज की मौजूदगी का पता लगाएगा। इसे विक्रम या ऑर्बिटर के जरिए 15 मिनट में धरती को भेजेगा।

चंद्रयान-2 ने चांद की कक्षा में किया प्रवेश, भारत की बड़ी कामयाबी

0

बेंगलुरु। भारत का महत्वाकांक्षी चंद्र अभियान अपने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर पहुंच गया है। मंगलवार को चंद्रयान-2 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा में प्रवेश कर लिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी है। यह एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव था जिसे चंद्रयान ने पा लिया। इसके बाद कुल 4 ऑर्बिट मेनीवर्स होंगे जिसकी मदद से चंद्रयान-2 चांद की कक्षाएं बदलते हुए उसकी सतह के पास पहुंचेगा।

22 जुलाई को रवाना हुए चंद्रयान-2 की कक्षा में अब तक छह बार बदलाव किया गया है। छठा बदलाव 14 अगस्त को किया गया था। इस बदलाव के जरिए यान को लूनर ट्रांसफर ट्रैजेक्टरी (एलटीटी) पर पहुंचा दिया गया था। एलटीटी वह पथ है, जिस पर बढ़ते हुए यान चांद की कक्षा में प्रवेश करेगा। इस प्रक्रिया को ट्रांस लूनर इंसर्शन (टीएलआई) कहा जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया के बारे में इसरो प्रमुख के सीवान आज 11 बजे मीडिया को जानकारी देंगे।

एलटीटी पर बढ़ते हुए आज जैसे ही चंद्रयान-2 चांद के मुहाने पर पहुंचेगा, तब एक बार फिर लिक्विड इंजन चलाकर इसे चांद की कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद यान को चांद की निकटतम कक्षा तक पहुंचाने के लिए इसके पथ में चार बदलाव और किए जाएंगे।यह भारत का दूसरा चंद्र अभियान है। 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-मार्क 3 की मदद से इसे प्रक्षेपित किया गया था।

चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं- ऑर्बिटर, लैंडर “विक्रम” और रोवर “प्रज्ञान”। ऑर्बिटर करीब सालभर चांद की परिक्रमा करते हुए प्रयोगों को अंजाम देगा। वहीं, लैंडर और रोवर सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव के अनछुए हिस्से पर उतरेंगे। लैंडिंग के साथ ही भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा।

अब तक अमेरिका, रूस और चीन अपना यान चांद पर उतार चुके हैं।2008 में भारत ने ऑर्बिटर मिशन चंद्रयान-1 भेजा था। यान ने करीब 10 महीने चांद की परिक्रमा करते हुए प्रयोगों को अंजाम दिया था। चांद पर पानी की खोज का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है।

SBI बंद करेगा डेबिट कार्ड, योनो से ही डिजिटल पेमेंट और निकलेगा कैश

मुंबई।भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की योजना अगर सफल होती है तो जल्द ही हर जगह दिखने वाले प्लास्टिक डेबिट कार्ड अतीत की बात होंगे। देश का सबसे बड़ा बैंक इसकी जगह पर अधिक डिजिटल भुगतान प्रणाली लाने की दिशा में काम कर रहा है।

स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी योजना डेबिट कार्ड को प्रचलन से बाहर करने की है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि हमें उन्हें समाप्त कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि देश में 90 करोड़ डेबिट कार्ड और तीन करोड़ क्रेडिट कार्ड हैं।

कुमार ने कहा कि डिजिटल समाधान पेश करने वाले उसके ‘योनो’ प्लैटफॉर्म की डेबिट कार्ड मुक्त देश बनाने में अहम भूमिका होगी। कुमार ने कहा कि योनो के जरिए एटीएम मशीनों से नकदी की निकासी या दुकानों से सामान की खरीदी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक पहले ही 68,000 ‘योनो कैशपॉइंट’ की स्थापना कर चुका है और अगले 18 माह में इसे 10 लाख करने की योजना है।

गौरतलब है कि स्टेट बैंक ने इसी साल मार्च में ‘योनो कैश’ सेवा शुरू की है, जो ग्राहकों को बिना डेबिट कार्ड पैसे निकालने की सुविधा देता है। यह बेहद आसान होने के साथ ही सुरक्षित भी है। शुरुआत में यह सुविधा 16,500 एटीएम में उपलब्ध थी, बैंक अपने सभी एटीएम को इस सुविधा के लिए अपग्रेड कर रहा है।

हरे निशान में खुले बाजार, सेंसेक्स 36 अंक सुधर कर 37,430 पर

नई दिल्ली। वैश्विक संकेतों और अर्थव्यवस्था को मंदी से निकालने के प्रयासों के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार 20 अगस्त 2019 को लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 28 अंकों की तेजी के साथ 37,430 अंकों पर खुला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.30 अंकों की बढ़त के साथ 11,055 रुपए पर खुला। सुबह 9.27 बजे 36 अंकों की तेजी के साथ 37,439 अंकों पर और निफ्टी 0.30 अंकों की बढ़त के साथ 11,053 अंकों पर कारोबार कर रहे हैं।

इन शेयरों में तेजी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में एचएफसीएल, जीएनएफसी, हेवल्स, वेंकीज, जम्मू एंड कश्मीर बैंक के शेयरों में तेजी का माहौल है। निफ्टी में सनफार्मा, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, भारती इंफ्राटेल, टाइटन के शेयरों में तेजी का माहौल है।

इन शेयरों में मंदी का माहौल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में सीजीपावर, आईडीबीआई बैंक, वेस्टलाइफ, डीएचएफएल, हटसन के शेयरों में मंदी का माहौल है। निफ्टी में यस बैंक, ग्रॉसिम, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, गेल, कोल इंडिया के शेयरों में मंदी का माहौल है।

Realme 5 और 5 Pro भारत में आज होंगे लॉन्च

नई दिल्ली।चीन की स्मार्टफोन कंपनी रियलमी मंगलवार 20 अगस्त को भारत में अपनी Realme 5 सीरीज से पर्दा उठाने वाली है। नई सीरीज के तहत कंपनी भारत में Realme 5 और Realme 5 Pro स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है। जानें, क्या हो सकते हैं इन दोनों फोन के फीचर्स…

स्पेसिफिकेशन्स :रियलमी अपनी आने वाली इस सीरीज के कई टीजर जारी कर चुकी है। फ्लिपकार्ट की माइक्रोसाइट के जरिए यह फोन पहले ही शोकेस किया जा चुका है। फ्लिपकार्ट के वेबपेज के मुताबिक, रियलमी के नए फोन क्वॉड-कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च होंगे जिसमें प्राइमरी सेंसर लार्ज पिक्सल साइज और लार्ज अपर्चर के साथ आएगा।

इसके साथ ही रियलमी 5 सीरीज में 119 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू के साथ एक अल्ट्रा वाइड सेंसर और एक 4cm माइक्रोस्कोपिक फोकल लेंथ के साथ सुपर मैक्रो सेंसर होगा। इन तीन के अलावा इस कैमरा सेटअप में एक पोर्ट्रेट लेंस भी होगा जो कि इसका चौथा सेंसर होगा। कंपनी की ये सीरीज क्वॉलकम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर से लैस होगी।

कंपनी ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि रियलमी 5 प्रो 48 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरे के साथ आएगा। इसके अलावा फोन में VOOC फ्लैश चार्ज 3.0 होगा, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि महज 30 मिनट में इस हैंडसेट को 55 पर्सेंट तक चार्ज किया जा सकेगा। वहीं, रियलमी 5 में 5,000mAh की बैटरी दी जाएगी। बात की जाए डिजाइन की तो सामने आए टीजर से साफ है कि दोनों फोन ग्रेडियंट कलर के साथ डायमंड-कट डिजाइन में पेश किए जाएंगे।

भारत में क्या हो सकती है कीमत
रियलमी इंडिया के CEO माधव सेठ ने हाल ही में एक ट्वीट में बताया कि भारत में रियलमी 5 की कीमत 10,000 रुपये से कम रखी जाएगी। ट्वीट के मुताबिक, 10 हजार रुपये से कम की रेंज में यह दुनिया का पहला क्वॉड कैमरा स्मार्टफोन होगा। वहीं, रियलमी 5 प्रो एक मिड-रेंज स्मार्टफोन होगा।

ट्रिपल कैमरे के साथ लॉन्च होगा नोकिया 7.2, तस्वीर हुई लीक

नई दिल्ली। फिनलैंड की कंपनी HMD Global ने भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। कंपनी के इस नए स्मार्टफोन Nokia 7.2 की तस्वीरें लीक हुई हैं। इन तस्वीरों में नजर आ रहा स्मार्टफोन ट्रिपल रियर कैमरे के साथ नजर आ रहा है जो एक रिंग डिजाइन में एलईडी फ्लैश के साथ नजर आ रहा है।

लीक हुई तस्वीर में वाटरड्रॉप नॉच फीचर भी स्पॉट किया गया है। कंपनी ने पहले ही ये घोषणा की थी कि वो अपने नए स्मार्टफोन सीरीज को IFA 2019 के आयोजन से एक दिन पहले 5 सितंबर को रिवील करेगी। ऐसे में ये अनुमान लगाया जा सकता है कि इस स्मार्टफोन को 5 सितंबर को लॉन्च किया जा सकता है।

HMD Global के 5 सितंबर को आयोजित होने जा रहे इवेंट में Nokia 7.2 के साथ Nokia 6.2 और Nokia 5.2 भी लॉन्च किए जा सकते हैं। इन दोनों स्मार्टफोन्स को पहले सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि Nokia 7.2 को बाद में सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। Nokia 7.2 के डिजाइन की बात करें तो लीक्ड फोटो में ट्रिपल रियर कैमरे के साथ फिजिकल फिंगरप्रिंट सेंसर देखा जा सकता है।

फोन की बॉडी काफी पतली दी गई है। फोन में LED फ्लैश और ट्रिपल रियर कैमरा सेट अप देखा जा सकता है। फोन के फ्रंट में वाटरड्रॉप नॉच फीचर देखा जा सकता है। फोन में बेजल लेस डिस्प्ले देखा जा सकता है। साथ ही, बॉटम में 3.5 एमएम ऑडियो जैक और USB Type C पोर्ट देखा जा सकता है। पहले लीक हुई जानकारी के मुताबिक, इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 660 चिपसेट प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जा सकता है। फोन में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर दिया जा सकता है। इसके अलावा इसमें एक टेलिफोटो और एक डेप्थ सेंसर देखा जा सकता है।

फिल्म ‘कभी-कभी’ के संगीतकार उमर खय्याम नहीं रहे

मुंबई। प्रसिद्ध संगीतकार उमर खय्याम का इंतकाल हो गया है। 92 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उम्र संबंधी दिक्कतों के चलते वो पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे।

कभी-कभी’ तथा ‘उमराव जान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में यादगार संगीत देने वाले दिग्गज संगीतकार खय्याम को फेफड़ों में संक्रमण के कारण शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। करीबी पारिवारिक मित्र गजल गायक तलत अजीज ने बताया कि खय्याम (92) को रविवार को सुजय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

खय्याम को ‘त्रिशूल’, ‘नूरी’ तथा ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्मों में शानदार संगीत के लिए जाना जाता है। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिल चुका था और वह पद्म भूषण से भी सम्मानित किए जा चुके थे। प्रधानमंत्री मोदी ने खय्याम साहब के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने कई गीतों को अमर बनाया, कला जगत उनका कर्जदार रहेगा।

लता मंगेशकर ने लिखा कि महान संगीतकार और नेक दिल इंसान ख़य्याम साहब आज हमारे बीच नहीं रहे। यह सुनकर मुझे इतना दुख हो रहा है, जो मैं बयां नहीं कर सकती। ख़य्याम साहब के साथ संगीत के एक युग का अंत हुआ। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं।

लता ख़य्याम साहब के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए लिखती हैं- ख़य्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे। वो मेरे लिये अपनी ख़ास पसंद के गाने बनाते थे। उनके साथ काम करते वक़्त बहुत अच्छा लगता था और थोड़ा डर भी लगता था। क्योंकि वो बड़े परफेक्शनिस्ट थे।

उनकी शायरी की समझ बहुत कमाल थी। इसीलिए मीर तकी मीर जैसे महान शायर की शायरी उन्होंने फिल्मों में लायी। ऐसी ना जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। वो गाने, वो रिकॉर्डिंग याद आ रही हैं। ऐसा संगीतकार शायद फिर कभी नहीं होगा। मैं उनको और उनके संगीत को वंदन करती हूं।

सरकार की डायरेक्ट टैक्स कोड लागू करने की तैयारी, आयकर नियमों में होगा बदलाव

0

नई दिल्ली। आयकर नियमों में जल्द ही बड़ा बदलाव हो सकता है। सरकार द्वारा गठित एक कार्यबल ने नए डायरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सोमवार को सौंप दी। इस रिपोर्ट में वर्तमान आयकर कानून को हटाकर नया कानून लागू करने की बात की गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य अखिलेश रंजन इस कार्यबल के अध्यक्ष थे।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि नए प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए सरकार ने एक कार्यबल का गठन किया था। इसके संयोजक अखिलेश रंजन ने वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण को सोमवार को इस पर एक रिपोर्ट सौंप दी।

यह रिपोर्ट 31 मई 2019 को सौंपी जानी थी, लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रिपोर्ट पूरी करने के लिए दो महीने की अतिरिक्त महोलत दी थी। इसके बाद रिपोर्ट सौंपने के लिए सरकार ने फिर से 16 अगस्त 2019 तक का वक्त दे दिया था, क्योंकि कार्यबल के नए सदस्यों ने अपनी राय देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2017 में टैक्स अधिकारियों के एक सालाना सम्मेलन में कहा था कि इनकम टैक्स कानून 1961 काफी पुराना हो चुका है। इसे फिर से लिखे जाने की जरूरत है। कार्यबल को अन्य देशों के प्रचलित कानूनों के अनुरूप नया कानून का मसौदा तैयार करने जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें अन्य देशों की खूबियों को अपनाने और देश की आर्थिक जरूरतों का भी ध्यान रखने के लिए कहा गया था।

कार्यबल को रिपोर्ट सौंपने के लिए पहले छह महीने का समय दिया गया था और समय सीमा 22 मई 2018 रखी गई थी। इसे आगे बढ़ाकर 22 अगस्त कर दिया गया था। अरविंद मोदी के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद अखिलेश रंजन को कार्यबल का अध्यक्ष बनाया गया और रिपोर्ट सौंपने के लिए नई समय सीमा 28 फरवरी 2019 तय की गई। इसे और आगे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया था।