Thursday, July 23, 2026
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बांग्लादेश के नए पीएम तारिक रहमान के शपथग्रहण में लोकसभा स्पीकर होंगे शामिल

नई दिल्ली। बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भारत बांग्लादेश भेज रहा है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी होंगे। यह समारोह 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा।

यह प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश के गहरे और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारी के कारण नहीं जा पा रहे।

हाल ही में बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारी जीत दर्ज की। तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में लंदन से वापस लौटे थे, अब प्रधानमंत्री पद संभालने जा रहे हैं। उनके पिता जिया उर रहमान बीएनपी के संस्थापक थे और मां खालिदा जिया पूर्व प्रधानमंत्री रही हैं।

2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों में देश छोड़ने वाले रहमान ने चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद पहला था। रहमान ने जीत के बाद राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया और कहा कि वे लोकतंत्र, कानून व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी को तारिक रहमान को फोन पर बधाई दी और उन्हें लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सभी बलिदानों को याद किया। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने 13 देशों के नेताओं को आमंत्रित किया, जिसमें चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मलेशिया जैसे देश शामिल हैं।

भारत की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला दोनों देशों के बीच नई शुरुआत का प्रतीक है। बीएनपी ने हमेशा भारत के साथ संतुलित संबंधों पर जोर दिया है और रहमान ने कहा है कि वे किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता नहीं रखेंगे, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाएंगे।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछे किसानों के हित में 5 आसान सवाल, जानिए क्या

नई दिल्ली। India-Us trade deal:भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जहां एक ओर संसद में इस मुद्दे को जोरशोर से रखा तो वहीं अब उन्होंने इस डील को लेकर सरकार से 5 सवाल पूछे हैं। राहुल ने कहा, यूएस ट्रेड डील के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं।

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने पोस्ट कर पीएम मोदी से 5 सवाल पूछे और सरकार पर हमला भी बोला। राहुल गांधी ने कहा, कि इन मुद्दों पर किसानों को सफाई तो मिलनी ही चाहिए। उन्होंने कहा, यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं।

  1. राहुल ने सवाल किया कि, DDG आयात करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) अमेरिकी मक्का से बना चारा खिलाया जाएगा? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
  2. अगर हम जेनेटिकली मोडिफाइड सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
  3. उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब आप अतिरिक्त उत्पाद और कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
  4. राहुल गांधी ने पीएम मोदी से सवाल किया कि गैर-व्यापार बाधाएं हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, खरीद को कमजोर करने या MSP और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
  5. लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा?

संसद में भी राहुल ने उठाए थे सवाल
राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार डील को लेकर संसद में भी सवाल उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील में सरकार ने किसानों की मेहनत और खून पसीने को बेच दिया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वे दबाव में हैं। उन्होंने सरकार पर संसद में बोलने से रोकने का भी आरोप लगाया।

विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में फरवरी में अब तक 19675 करोड़ का निवेश किया

नई दिल्ली। लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने फरवरी की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी की है। फरवरी के पहले पंद्रह दिनों में एफपीआई ने भारतीय इक्विटी में 19,675 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समझौते, वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और घरेलू स्तर पर स्थिर माहौल ने इस निवेश को गति दी है।

इससे पहले विदेशी निवेशकों ने नवंबर, दिसंबर और जनवरी में लगातार शेयर बाजार से धन निकाला था। जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई थी।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में अब तक एफपीआई कुल मिलाकर 1.66 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 18.9 अरब डॉलर की निकासी कर चुके हैं। यह हाल के वर्षों में विदेशी निवेश के लिहाज से कमजोर दौर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे रुपये में उतार चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका की संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर चिंता और भारतीय शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन प्रमुख कारण रहे।

हालांकि फरवरी में माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है। 13 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने 19,675 करोड़ रुपये की खरीदारी की है।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी आने से ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में स्थिरता आई है, जिससे उभरते बाजारों में निवेश की धारणा मजबूत हुई है। भारत भी इसका लाभार्थी बना है।

उन्होंने कहा कि देश के भीतर स्थिर महंगाई दर, मजबूत आर्थिक संकेतक और कंपनियों के अनुमान के अनुरूप नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकारजावेद खान का मानना है कि भारत अमेरिका ट्रेड डील, वित्तीय प्रोत्साहन वाले केंद्रीय बजट 2026 और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं में कमी ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है। घरेलू ब्याज दरों में स्थिरता भी बाजार के पक्ष में रही है।

फरवरी में अब तक 11 ट्रेडिंग सत्रों में से 7 दिनों में एफपीआई शुद्ध खरीदार रहे, जबकि 4 दिनों में उन्होंने बिकवाली की। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि इस महीने अब तक कुल मिलाकर 1,374 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज हुई है।

इस असंतुलन की बड़ी वजह 13 फरवरी को हुई भारी बिकवाली रही, जब विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में 7,395 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। उसी दिन निफ्टी में 336 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, उस सप्ताह आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। तथाकथित एंथ्रोपिक शॉक के कारण आईटी इंडेक्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में आईटी शेयरों की आक्रामक बिक्री की।

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से छह का Market Cap तीन लाख करोड़ रुपये गिरा

नई दिल्ली। Market cap: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 953.64 अंक या 1.14 प्रतिशत नीचे आया। इससे सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के मार्केट कैप में पिछले सप्ताह तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई।

इन छह कंपनियों का मार्केट कैप गिरा
सबसे ज्यादा नुकसान में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस रहीं। टीसीएस, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलआईसी और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई। वहीं एसबीआई, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत बढ़ गई।

आईटी कंपनियों को पिछले हफ्ते सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का मार्केट कैप 90,198.92 करोड़ रुपये कम होकर 9,74,043.43 करोड़ रुपये रह गया।

इसी तरह इन्फोसिस का मूल्यांकन 70,780.23 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 5,55,287.72 करोड़ रुपये रहा। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 54,627.71 करोड़ रुपये घटकर 13,93,621.92 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का मूल्यांकन 41,883 करोड़ रुपये घटकर 19,21,475.79 करोड़ रुपये रह गया। एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 23,971.74 करोड़ रुपये घटकर 5,46,226.80 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल का मूल्यांकन 19,244.61 करोड़ रुपये घटकर 11,43,044.03 करोड़ रुपये रह गया।

कौन रहा फायदे में?
इस रुख के उलट एसबीआई का मूल्यांकन 1,22,213.38 करोड़ रुपये बढ़कर 11,06,566.44 करोड़ रुपये हो गया। बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 26,414.44 करोड़ रुपये बढ़कर 6,37,244.64 करोड़ रुपये हो गई। लार्सन एंड टुब्रो का मूल्यांकन 14,483.9 करोड़ रुपये बढ़कर 5,74,028.93 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 5,719.95 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,978.77 करोड़ रुपये हो गई।

6GB रैम, 6000mAh बैटरी वाले Vivo के इस फोन पर 9 हजार रुपये का डिस्काउंट

नई दिल्ली। वीवो के फोन Vivo X200 Pro 5G पर 9 हजार रुपये का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है। 16जीबी रैम और 512जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की कीमत 94999 रुपये है।

28 फरवरी तक इस फोन पर 9 हजार रुपये का फ्लैट बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। फोन पर कंपनी 4749 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है। यह फोन 48 हजार रुपये तक के एक्सचेंज बोनस के साथ भी आपका हो सकता है।

ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

आप इस फोन को आकर्षक नो-कॉस्ट ईएमआई पर भी खरीद सकते हैं। वीवो का यह फोन 200 मेगापिक्सल के टेलिफोटो सेंसर और 6000mAh की बैटरी जैसे जबर्दस्त फीचर्स के साथ आता है। आइए डीटेल में जानते हैं वीवो X200 प्रो के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में।

फीचर और स्पेसिफिकेशन्स
कंपनी इस स्मार्ट फोन में 2800 x 1260 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.78 इंच का डिस्प्ले ऑफर कर रही है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह धांसू डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले का पीक ब्राइटनेस लेवल 4500 निट्स तक का है।

फोन 16जीबी की LPDDR5x रैम और 512जीबी के UFS 4.0 इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में आपको डाइमेंसिटी 9400 चिपसेट देखने को मिलेगा। फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर एलईडी फ्लैश के साथ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है।

इसमें 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी सेंसर के साथ एक 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड ऐंगल सेंसर और एक 200 मेगापिक्सल का टेलिफोटो लेंस शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए कंपनी इस फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर कर रही है।

वीवो का यह स्मार्टफोन 6000mAh की बैटरी से लैस है। फोन में ऑफर की जा रही यह बैटरी 90 वॉट की वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन की खास बात है कि यह 30 वॉट की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है।

फोन IP69+IP68 रेटिंग वाले डस्ट और वॉटरप्रूफिंग से लैस है। वीवो का यह फोन टाइटेनियम ग्रे और कॉस्मॉस ब्लैक कलर ऑप्शन में आता है। कनेक्टिविटी के लिए आपको इस फोन में 5G SA/NSA, Wi-Fi 7 802.11 be, ब्लूटूथ 5.4, GPS, Beidou, GLONASS, Galileo, QZSS, NavIC: L5, USB Type-C और एनएफसी जैसे ऑप्शन मिलेंगे।

बांग्लादेश के नए पीएम के शपथग्रहण में भारत को छोड़ 12 देशों को भेजा निमंत्रण

नई दिल्ली। बांग्लादेश के आम चुनवाों में बीएनपी को बड़ी जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री समेत पूरे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है।

इस समारोह का दिलचस्प पहलू यह है कि यह राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है जबकि अभी तक शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होते रहे हैं।

समाचारपत्र ‘प्रोथोम आलो’ और ‘इत्तेफाक’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, समारोह के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाएंगे, जबकि संविधान के अनुसार यह शपथ अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी द्वारा दिलाई जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारिक रहमान को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल थे। उनके संदेश के बाद बीएनपी ने कहा, “बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशिता और प्रगतिशील विकास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

हम आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और अपने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता के मार्गदर्शन में, भारत के साथ रचनात्मक रूप से जुड़कर अपने बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।’

शपथ ग्रहण के दौरान कई चुनौतियां
तारिक रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने नाम न उजागर की शर्त पर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों ने मामलों को थोड़ा जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा, ” पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को शपथ दिलानी होती है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और अज्ञात स्थान पर रह रही हैं, जबकि उपाध्यक्ष जेल में हैं। इन परिस्थितियों में राष्ट्रपति संविधान में तय प्रावधान के अनुसार किसी और को शपथ दिलाने के लिए चुन सकते हैं।” इससे पहले, कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कहा था कि संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे, लेकिन उन्होंने समारोह की तारीख नहीं बताई।

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 13वें संसदीय चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 15 वर्ष से अधिक समय तक शासन करने वालीं शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था, जिसके बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी हुए थे।

इन देशों को भेजा गया है न्योता
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान समेत 13 देशों को न्योता भेजा गया है। इनमें चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। बीएनपी चीफ तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बता दें कि बांग्लादेश ने भारत को न्योता भेजा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ढाका जाना असंभव ही है। 17 तारीख को ही प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पूर्व निर्धारित बैठक होने वाली है। ऐसे में किसी प्रतिनिधि को ढाका भेजा जा सकता है।

पीएम मोदी को निमंत्रण की पुष्टि नहीं
ढाका की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देने की प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में नई दिल्ली को जानकारी दे दी गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

AI समिट से पहले यूएन चीफ ने भारत के लिए कही बड़ी बात, जानिए क्या बोले

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि भारत वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था है और यह एआई शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थान है।

इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष साक्षात्कार में गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (एआई) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो।

यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो ग्लोबल साउथ के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह लोग, धरती और प्रगति के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है।

गुतारेस ने कहा, ‘मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और ‘ग्लोबल साउथ’ के देश भी एआई के लाभ का हिस्सा बनें।’

ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

गुतारेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एआई केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो।

भारत सफल अर्थव्यवस्था
गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है। गुतारेस ने कहा, ‘यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने।

भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से।’

Mustard: नई फसल की आवक शुरू होने से सरसों की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली। राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में नई सरसों की आपूर्ति आरंभ हो गई है जबकि क्रशर्स एवं प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों एवं स्टॉकिस्टों की सक्रियता घट गई है। बिजाई क्षेत्र में 2.80 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से सरसों का उत्पादन कुछ बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

7-13 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान राजस्थान में सरसों के दाम में कुछ तेजी देखी गई मगर हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश में भाव नरम रहा। आगामी सप्ताहों के दौरान सरसों की आवक नियमित रूप से बढ़ती जाएगी।

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए गिरकर 6950 रुपए प्रति क्विटल तथा जयपुर में 200 रुपए घटकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।

इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के मूल्य में गुजरात में 200-250 रुपए प्रति क्विटल, हरियाणा में 50-100 रुपए प्रति क्विटल तथा मध्य प्रदेश में भी 50-100 रुपए प्रति क्विटल की गिरावट देखी गई।

राजस्थान के कोटा में सरसों का भाव 200 रुपए तथा अलवर में 100 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। सरसों का दाम उत्तर प्रदेश के हापुड़ में तो 7450 रुपए प्रति क्विटल पर स्थिर रहा लेकिन आगरा में 100 रुपए प्रति क्विटल नरम पड़ गया।

सरसों तेल
सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में भी आमतौर पर 2-3 रुपए प्रति किलो की नरमी रही। एक्सपेलर का दाम दिल्ली एवं चरखी दादरी में 5-5 रुपए प्रति 10 किलो नरम रहा जबकि मुरैना में 30 रुपए नरम पड़ गया। मुम्बई में इसका भाव 60 रूपए की भारी गिरावट के साथ 1440 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। बीकानेर में भी दाम 1440 रूपए रहा।

सरसों डीओसी
सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में नरमी के असर से सरसों खल तथा डीओसी का भाव घट गया। इसमें घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर देखी गई। आगे सरसों में रुख नरमी का ही लगता है।

भारत-अमरीका ट्रेड डील से सोयाबीन की कीमतें 500 रुपये क्विंटल तक गिरी

नई दिल्ली। India-Us tread deal: अमेरिका के साथ बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट का असर इंडियन सोयाबीन मार्केट पर साफ दिख रहा है, एक हफ्ते के अंदर प्लांट डिलीवरी की कीमतों में 400-500 प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। 7-13 फरवरी के हफ्ते के दौरान, तीन टॉप प्रोड्यूसिंग राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान- में प्लांट डिलीवरी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई।

शुल्क-मुक्त आयात
बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट US से सोयाबीन तेल और DDGS के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की इजाज़त देता है तो इससे घरेलू सोयाबीन तेल और सोयामील ट्रेड पर बहुत बुरा असर पड़ने की संभावना है। यह ध्यान देने वाली बात है कि US प्रोडक्ट्स का इंपोर्ट अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन भारतीय बाज़ार पर इसका असर पहले ही शुरू हो चुका है।

प्लांट डिलेवरी भाव
सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कीमत, जो पहले ₹5800-5900 प्रति क्विंटल के हाई पर पहुंच गई थी, अब गिरकर 5400-5500 प्रति क्विंटल हो गई है। कीमतों में और गिरावट की उम्मीद है, जिससे किसान निराश और हताश हैं।

सोयाबीन रिफाइंड तेल
सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट के कारण, रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतों में भी 2 से 4 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। हल्दिया में कीमत 15 घटकर 1335/1340 प्रति 10 किलोग्राम, कांडला में 25 घटकर 1340, कोटा में 30 घटकर 1380 और मुंबई में 40 घटकर 1360 प्रति 10 किलोग्राम रह गई है। सोयाबीन तेल की कीमतों में गिरावट से मिलर्स की इनकम कम हो गई है। 11 फरवरी को, देश के बाजारों में सोयाबीन के 250,000 बैग आए, हर बैग का वजन 100 किलोग्राम था।

सोयाबीन डीओसी
महाराष्ट्र में सोयाबीन DOC की ट्रेडिंग सुस्त रही और कीमतें तेज़ी से गिरीं। पोल्ट्री और एनिमल फीड इंडस्ट्री की डिमांड कम हुई। हालांकि, अगर कीमतों में नरमी का ट्रेंड जारी रहता है तो सोयाबीन मील की एक्सपोर्ट डिमांड बेहतर हो सकती है।

जिसके हृदय में णमोकार समाया हो, उसका संसार कुछ बिगाड़ नहीं सकता मुनि योगसागर

योगसागर महाराज का तलवंडी में मंगल प्रवेश, अगवानी में जुटे जैन धर्मावलंबी

कोटा। रंग-बिरंगी रंगोलियों, जैन पताकाओं और भव्य स्वागत द्वारों से सजे विहार मार्ग पर गाजे-बाजे के साथ गुरुदेव के जयघोष गूंजते रहे। हर्षोल्लास के इस वातावरण के बीच परम् पूज्य, ज्येष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि योगसागर महाराज ससंघ का तलवंडी में मंगल प्रवेश श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर तलवंडी में हुआ।

महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि इस अवसर पर जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु नाचते-गाते, ढोल-नगाड़ों के साथ गुरुदेव की अगवानी में सम्मिलित हुए। मार्ग में स्थान-स्थान पर पाद-प्रक्षालन कर श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक वंदना की। जुलूस दादाबाडी नसियां जी से होते हुए तलवंडी पहुंचे।

अध्यक्ष अशोक पहाडिया ने बताया कि कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के प्रभावक शिष्य के रूप में गुरुदेव का स्वागत किया गया। विहार मार्ग पर 31 से अधिक तोरण द्वार बनाए गए थे तथा समाजजन जैन ध्वज और गुरुदेव के चित्र-फलक लेकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

तलवंडी जैन मंदिर समिति के राजकुमार लुहाडिया ने बताया कि प्रातः 8 बजे से विहार प्रारंभ हुआ। कॉमर्स कॉलेज मार्ग पर गुरुदेव की अगवानी गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी एवं पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञश्री माताजी के सान्निध्य में हुई। आर्यिका संघ एवं सकल समाज के गणमान्य नागरिकों ने भी सामूहिक वंदना की। कार्याध्यक्ष जे.के. जैन ने बताया कि गुरुदेव को चौका अर्पित करने के लिए समाजजन बड़ी संख्या में उमड़े तथा कार्यक्रम के दौरान 20 से अधिक चौके लगाए गए।

प्रवचन में मुनि योगसागर महाराज ने कहा कि ज्ञान आत्मा का लक्षण है, इसे प्राप्त नहीं किया जाता, बल्कि प्रकट किया जाता है। अपेक्षा ही दुःख का कारण है। जिसके हृदय में णमोकार समाया हो, उसका संसार कुछ बिगाड़ नहीं सकता। उन्होंने भेदभाव और पक्षपात से ऊपर उठकर संयम, भक्ति और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।