Thursday, July 16, 2026
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भारत में लॉन्च हुए नई फेरारी सिर्फ 2.3 सेकंड में पकड़ लेगी 100kmph की स्पीड

नई दिल्ली। फेरारी ने भारतीय बाजार में अपनी नई फ्लैगशिप 849 टेस्टारोसा (849 Testarossa) कार को लॉन्च कर दिया है। सितंबर 2025 में दुनियाभर में पेश की गई टेस्टारोसा, पुरानी SF90 स्ट्राडाले (Stradale) को रिप्लेस करेगी।

फेरारी ने अपनी इस नई कार की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.37 करोड़ रुपए रखी है। यह कीमत बिना किसी एक्स्ट्रा ऑप्शन के है। कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। जबकि डिलीवरी 2026 की दूसरी छमाही (H2) में शुरू होने की उम्मीद है।

849 टेस्टारोसा का लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो (Lamborghini Revuelto) से सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। इस कार का नाम फेरारी की मशहूर “टेस्ला रोसा” विरासत से लिया गया है। यह शब्द पहली बार 1956 में फेरारी 500 TR के साथ इस्तेमाल किया गया था।

यह नाम फेरारी के हाई-परफॉर्मेंस रेसिंग इंजनों पर लगे खास रेड कलर के ‘कैम कवर’ को दर्शाता था। यह एक ऐसा डिजाइन था जो जल्द ही इस ब्रांड की मोटरस्पोर्ट विरासत का सिंबल बन गया।

849 टेस्टारोसा का बाहरी डिजाइन पूरी तरह से नया है, जो 1970 के दशक की स्पोर्ट्स प्रोटोटाइप रेसिंग कारों और मशहूर फेरारी 512 S से इंस्पायर्ड है। कार के अगले हिस्से में पूरी चौड़ाई में फैली हुई लाइटिंग ग्राफrक दी गई है। यह डिजाइन फेरारी F80 और फेरारी 12Cilindri में देखे गए डिजाइन जैसा ही है। कार के साइड प्रोफाइल को बड़े एलॉय व्हील्स, ब्लैक कलर की रूफ लाइन और A-पिलर्स, और डोर के पीछे बॉडीवर्क में बने एयर इंटेक्स से और भी अट्रैक्ट बनाया गया है।

एक्सटीरियर और इंटीरियर
कार के पिछले हिस्से में 849 टेस्टारोसा में एक अनोखा ‘ट्विन-टेल’ आर्किटेक्चर दिया गया है। इसमें दो अलग-अलग विंग सेक्शन हैं, जो कार के कुल ‘डाउनफोर्स’ का लगभग 10% हिस्सा जनरेट करते हैं। यह फेरारी SF90 स्ट्राडाले में देखे गए पारंपरिक डिजाइन की जगह लेता है। 849 टेस्टारोसा के पिछले हिस्से में दिखने वाले अन्य खास डिजाइन एलिमेंट में ऊपर की ओर लगा हुआ ‘डुअल-एग्जॉस्ट’ सेटअप, पतली LED टेललैंप्स और एक बड़ा ‘डिफ्यूजर’ शामिल हैं।

फेरारी 849 टेस्टारोसा का इंटीरियर पूरी तरह से ड्राइवर पर फोकस्ड है। केबिन में एक ऊंचा ‘सेंटर कंसोल’ दिया गया है, यह एक ‘ब्रिज’ की तरह काम करता है और दोनों स्पोर्ट्स सीटों को एक-दूसरे से अलग करता है।

इसके अलावा, एक और खास बात यह है कि मुख्य डैशबोर्ड पर कोई भी ‘इन्फोटेनमेंट टचस्क्रीन’ नहीं दी गई है। एक बड़ा 16-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले ड्राइवर को सभी जरूरी जानकारी देता है, जबकि एक पतली 9-इंच की स्क्रीन पैसेंजर्स के लिए रखी गई है। फेरारी ने थ्री-स्पोक वाले, फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग व्हील में कई फिजिकल कंट्रोल भी दिए हैं, ताकि जरूरी फंक्शन तक जल्दी पहुंचा जा सके।

टेस्टारोसा का परफॉर्मेंस
हाई परफॉर्मेंस और नए कम्पोनेंट जोड़ने के बावजूद जिनसे आम तौर पर वजन 20Kg से ज्यादा बढ़ जाता है, फेरारी ने इसका ड्राई वजन 1,570Kg पर ही बनाए रखा है, जो फेरारी SF90 स्ट्राडाले के बराबर है। यह वजन कम करने के कई उपायों से मुमकिन हो पाया, जिनमें 35% हल्के रोड स्प्रिंग और रेसिंग इंजन से ली गई एडवांस्ड मशीनिंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

फेरारी 849 टेस्टारोसा में वही प्लग-इन हाइब्रिड पावरट्रेन है जो SF90 स्ट्राडाले में है। इसमें 4.0-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन के साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर का सेटअप है। ये दो आगे वाले एक्सल पर और एक इंजन और गियरबॉक्स के बीच पीछे की तरफ है। हालांकि, इंजन को काफी अपग्रेड किया गया है ताकि यह 830 bhp की पावर दे सके, जो पिछले मॉडल के मुकाबले आउटपुट में 50 bhp की बड़ी बढ़ोतरी है। इसका कुल मिलाकर आउटपुट 1050 bhp है।

ट्रांसमिशन के लिए 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया है, जो सभी चारों पहियों तक पावर पहुंचाता है। परफॉर्मेंस की बात करें तो, फेरारी 849 टेस्टारोसा 330 kmph की टॉप स्पीड तक पहुंच सकती है। ये सिर्फ 2.3 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। फेरारी का दावा है कि टेस्टारोसा की 7.45kWh की बैटरी 16 से 25 km तक की पूरी तरह से इलेक्ट्रिक रेंज दे सकती है।

NEET MDS 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली। NEET MDS 2026: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने NEET MDS 2026 के लिए आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार इस राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in या natboard.edu.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह परीक्षा देश भर के विभिन्न डेंटल कॉलेजों में मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) कोर्सेज में एडमिशन के लिए एकमात्र जरिया है।

महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा
एनबीईएमएस द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, उम्मीदवारों को आवेदन के लिए सीमित समय दिया गया है।

  • रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 14 मार्च 2026 (दोपहर 3:00 बजे से)
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मार्च 2026 (रात 11:55 बजे तक)
  • करेक्शन विंडो (सुधार का मौका): 4 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026
  • एडमिट कार्ड जारी होने की तिथि: 29 अप्रैल 2026
  • परीक्षा की तिथि: 2 मई 2026 (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक)
  • परिणाम की घोषणा: 2 जून 2026 (संभावित)

पात्रता मानदंड
आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी योग्यता सुनिश्चित करनी होगी:

  • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) की डिग्री होनी चाहिए।
  • रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का राज्य दंत चिकित्सा परिषद या DCI के पास स्थायी या प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।
  • इंटर्नशिप: सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि उम्मीदवार की 12 महीने की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप 31 मई 2026 को या उससे पहले पूरी हो जानी चाहिए।

आवेदन शुल्क और परीक्षा का पैटर्न

  • आवेदन शुल्क: सामान्य (General), ओबीसी (OBC) और ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के लिए शुल्क 3,500 रुपये है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwD) श्रेणी के लिए शुल्क 2,500 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • परीक्षा पैटर्न: यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी, जिसमें कुल 240 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र को दो भागों (पार्ट A और पार्ट B) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

  1. आधिकारिक वेबसाइट nbe.edu.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘NEET MDS 2026’ के टैब पर क्लिक करें।
  3. New Registration’ लिंक पर जाकर अपनी जानकारी भरें और लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करें।
  4. आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और इंटर्नशिप की जानकारी दर्ज करें।
  5. निर्धारित प्रारूप में फोटो, सिग्नेचर और अंगूठे का निशान अपलोड करें।
  6. परीक्षा शहर का चयन करें और ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें।
  7. भविष्य के लिए ‘Confirmation Page’ का प्रिंटआउट जरूर लें।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रम की स्थिति में केवल आधिकारिक सूचना बुलेटिन को ही आधार मानें।

पश्चिमी बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों का ऐलान आज

कोलकाता। चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी सहित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर सकता है। यह तिथि पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची के विरुद्ध अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि के साथ मेल खाती है। यह 28 फरवरी को प्रकाशित हुई थी और जिसमें 6.4 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।

असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अंतिम मतदाता सूची के विरुद्ध अपील दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। संकेत मिल रहे हैं कि आगामी चुनाव 2021 की तुलना में कम चरणों में होंगे, जब पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में, असम में तीन चरणों में और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव हुए थे।

कम समय में चुनाव कराने के लिए, चुनाव आयोग केंद्रीय बलों की तैनाती में भारी वृद्धि कर सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल में। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कुल संख्या 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए तैनात 1,500 कंपनियों (लगभग 1.4 लाख कर्मियों) से अधिक हो सकती है। पश्चिम बंगाल में लगभग 500 कंपनियां (45,000 कर्मी) पहले से ही अग्रिम तैनाती पर हैं।

केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही चरणों में वोटिंग
पश्चिम बंगाल और असम में चरणों में मतदान होने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान हो सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है, इसलिए राज्य में मतदान अप्रैल से मई के आरंभ तक चलने की संभावना है।

चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में लगभग 60 लाख ‘संदिग्ध’ मतदाता मामलों का निपटारा भी जारी रखेगा, जिनका निपटारा कलकत्ता हाई कोर्ट के नियुक्त न्यायिक अधिकारी कर रहे हैं। न्यायाधिकरणों के समक्ष आगे अपील की जा सकती है। कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार, स्वीकृत मामलों को शामिल करते हुए पूरक मतदाता सूचियां प्रकाशित की जाएंगी।

इस बीच, राज्य सरकार द्वारा आवश्यक वरिष्ठता वाले अधिकारियों को उपलब्ध कराने की सहमति के बाद, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के सभी 294 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति हेतु अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग विशेष पर्यवेक्षकों और सीएपीएफ नोडल अधिकारियों के माध्यम से सीएपीएफ और राज्य पुलिस कर्मियों की तैनाती और यादृच्छिक चयन की बारीकी से निगरानी करेगा।

कोटा ट्रैवल मार्ट से हाड़ौती को राष्ट्रीय पयर्टन मानचित्र पर नई पहचान मिली: दीया कुमारी

अगला कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 6 से 10 जनवरी 2027 तक किये जाने का प्रस्ताव

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान सचिव रणविजय सिंह, संरक्षक सुरेन्द्र सिंह शाहपुरा, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं मुख्य सलाहकार अनील मूंदड़ा सहित एक प्रतिनिधिमण्डल ने शनिवार को जयपुर में उप मुख्यमन्त्री दीया कुमारी से भेंटकर कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के सफल आयोजन में सहयोग के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मानित भी किया गया।

उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा इस आयोजन के लिए किए गये बेहतरीन प्रयासो से सराहा। यह आयोजन हाड़ौती के पयर्टन विकास को नई दिशा प्रदान कर राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने सभी पदाधिकारियो से आग्रह किया कि इस तरह के प्रयास निरन्तर जारी रखने होंगे।

इस अवसर पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने उप मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला का हार्दिक आभार प्रकट किया।

माहेश्वरी ने कहा कि ट्रैवल मार्ट के बाद भी उनके द्वारा निरन्तर 26 राज्यों से आए टयूर ओपरेटरो से निरन्तर सम्पर्क साधा जा रहा है। उसी के परिणामस्वरूप कई पयर्टको के दल हाड़ोती भ्रमण पर आए। गत वर्ष की तरह इस बार भी फरवरी में कोटा महोत्सव जैसा भव्य आयोजन किया गया, जो बेहद सफल रहा।

उन्होंने उप मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अगले वर्ष भी 6 से 10 जनवरी 2027 कोटा कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए होटल फेडरेशन द्वारा अभी से तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। 4 दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य कोटा के साथ साथ बूंदी, बारां एवं झालावाड़ में भी एक एक दिवसीय इस आयोजन में भागीदारी रखें। ताकि ट्यूर ओपरेटर्स उन क्षेत्रो का भी अवलोकन कर सके।

इस अवसर पर होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं उनमी टीम ने इस कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट को जो नयी ऊंचाईयां प्रदान की है, उसकी कल्पना भी उनको नहीं थी। निश्चित ही कोटा हाड़ौती ट्रेवल मार्ट की गूँज राष्ट्रीय स्तर पर पयर्टन सेक्टर में हुई है।

उन्होंने कहा कि होटल फेडरेशन हर वर्ष ट्रैवल मार्ट हाड़ोती में आयोजन करने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी से अगले वर्ष जनवरी 2027 में कोटा मे ट्रैवल मार्ट के आयोजन के प्रस्ताव को मंजूरी देने का आग्रह किया।

कोटा विश्वविद्यालय में काले एवं डॉ. पामिल के संगीत के सुरों में बही राष्ट्रभक्ति की धारा

वंदे मातरम्’ राष्ट्रभावना का शाश्वत प्रतीक: कुलगुरु सारस्वत

कोटा। शास्त्रीय संगीत की मधुर लय, सुरों की गूंज और शब्दों में रची-बसी राष्ट्रभक्ति की भावधारा ने शनिवार को कोटा विश्वविद्यालय परिसर को देशप्रेम के रंग में रंग दिया। विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ एवं संगीत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शताब्दी स्वर–वंदे मातरम्’ कार्यक्रम में देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं के हृदय में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।

विश्वविद्यालय परिसर स्थित फार्मेसी विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की गंभीरता और देशभक्ति के ओजस्वी भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वर, लय और भावों की समन्वित प्रस्तुति ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम के रस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ संघ प्रचारक राजेन्द्र द्विवेदी रहे, जबकि अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने की।

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ पंडित गौतम काले (इंदौर) एवं उनके समूह तथा डॉ. पामिल मोदी एवं उनके दल ने शास्त्रीय शैली में देशभक्ति गीतों की प्रभावी प्रस्तुति दी। सुरों की मधुरता और भावों की गहनता ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति के माध्यम से “वसुंधरा परिवार हमारा…”, “पूज्य मां की अर्चना का…”, “ले चले हम राष्ट्र नौका…”, “हम करें राष्ट्र आराधन…”, “मन समर्पित तन समर्पित…” जैसे गीतों ने राष्ट्रप्रेम, समर्पण और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा के भाव को सजीव कर दिया।

मुख्य अतिथि राजेन्द्र द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में संघ के शताब्दी सफर का उल्लेख करते हुए राष्ट्र को सर्वोपरि रखने की भावना पर बल दिया। कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवपूर्ण परंपरा, राष्ट्रभक्ति और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को संगीत के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष तथा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस प्रकार के आयोजन मातृभूमि को नमन करने के साथ ही युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि स्वरांजलि के माध्यम से प्रस्तुत गीतों में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, उनके राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावनाओं को सुरों और शब्दों के माध्यम से सजीव किया गया।

इस अवसर पर संघ के सहकार्यवाहक श्याम नागर, डॉ. सुशील कुमार शर्मा, आयोजन समिति के सचिव संतोष कुमार मीणा, सह संयोजक डॉ. विक्रांत शर्मा, प्रो. रीना दाधीच, प्रो.एम.एल. साहू, प्रो. रंजन माहेश्वरी, प्रो. भवानी, प्रो. विजय सिंह, आयोजन समिति के सचिव संतोष कुमार मीणा, सह संयोजक डॉ. विक्रांत शर्मा, सरिता सौलंकी, डॉ. चमन तिवारी, संघ के बाबूलाल भाट, राधेश्याम वशिष्ठ, ओम त्रिपाठी,प्रमोद राठौड़ सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

प्लांटों की डिमांड से सोयाबीन की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली। देश के टॉप तीन प्रोड्यूसिंग राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान -की बड़ी मार्केट (मंडियों) में सोयाबीन की सप्लाई नॉर्मल तरीके से हो रही है। इसलिए, क्रशर और प्रोसेसर की डिमांड के हिसाब से कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

फरवरी के आखिरी हफ्ते और मार्च के पहले हफ्ते में सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन 7-13 मार्च के हफ्ते में कीमतों में सिर्फ थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया।

मौजूदा 2025-26 सीज़न के लिए सोयाबीन का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) ₹5,328 प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके उलट, मध्य प्रदेश में मौजूदा प्लांट डिलीवरी प्राइस ₹5,450-₹5,550 प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में ₹5,550-₹5,650 प्रति क्विंटल और राजस्थान में ₹5,425-₹5,450 प्रति क्विंटल बताए जा रहे हैं।

रिफाइंड सोया तेल: सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से, रिफाइंड सोया तेल के रेट में भी थोड़ी रिकवरी देखी गई। इस सेगमेंट में 55 प्रति 10 किलोग्राम तक की बढ़ोतरी देखी गई। इस हफ़्ते, कोटा और मुंबई दोनों में रिफाइंड सोया तेल की कीमतें ₹50 प्रति 10 kg बढ़कर क्रमशः 1,440 और 1,400 प्रति 10 kg पर पहुँच गईं। इसी तरह, कांडला और हल्दिया में कीमतें *45 प्रति 10 kg बढ़कर क्रमशः *1,390 और 1,415 प्रति 10 kg पर पहुँच गईं।

सोयाबीन की आवक: नेशनल लेवल पर, सोयाबीन की रोज़ाना की एवरेज आवक लगभग 200,000 बैग (हर बैग का वज़न 100 kg) रिकॉर्ड की गई।

सोया डीओसी: हालांकि, सोया DOC (डी-ऑइल केक) की घरेलू और एक्सपोर्ट डिमांड कमजोर रही, जिससे इसकी कीमतों में आम तौर पर ₹500 से 1,500 प्रति टन की गिरावट आई। महाराष्ट्र के एक प्लांट में इसकी कीमत 4,000 से 45,000 प्रति टन तक गिर गई।

सरकारी स्कूलों के छात्रों को नीट की निशुल्क कोचिंग के लिए प्रवेश परीक्षा 12 अप्रैल को

कोटा। Allen Advertisement News: एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास एवं एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एलन शिक्षा संबल कार्यक्रम के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाओं की तिथियां जारी कर दी गई है।

न्यास के सदस्य नवीन माहेश्वरी ने बताया कि सरकारी स्कूलों के हिन्दी माध्यम की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया था। अब नीट-2027 की तैयारी के लिए एडमिशन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें कुछ बदलाव किए गए हैं।

इस वर्ष की प्रवेश परीक्षाओं दो बार ली जाएगी जिसकी तिथियां 12 अप्रैल और 10 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि 2025 में 12वीं पास कर चुके विद्यार्थी भी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

पहले 12वीं पास करने वाले वर्तमान वर्ष के विद्यार्थी ही योग्य होते थे। अब 2025 और 2026 में 12वीं पास करने वाले विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इच्छुक विद्यार्थी https://lnmpnyas.org पर आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के तहत उत्तर भारत के हिन्दी भाषी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों के चयनित 126 विद्यार्थियों को नीट-यूजी के लिए निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ निशुल्क आवास व भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें 81 छात्राएं एवं 45 छात्र शामिल हैं।

योजना के तहत एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की ओर से कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की एक साल के लिए निशुल्क कोचिंग (100 प्रतिशत स्कॉलरशिप) दी जा रही है। वहीं एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से इन विद्यार्थियों के निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।

शिक्षा संबल योजना के तहत मध्य भारत के राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड राज्यों के हिन्दी माध्यम के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

Kota Mandi: नई फसल की आवक के प्रेशर से कोटा मंडी में गेहूं और धनिया मंदा बिका

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को नई फसल की आवक के प्रेशर से गेहूं मिल क्वालिटी 70 रुपये और धनिया 200 रुपये मंदा बिका। लहसुन का भाव 500 रुपये टूट गया। मिलर्स की लिवाली से उड़द 200 रुपये उछल गया।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2170 से 2421, गेहूं नया 2150 से 2591, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1600, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3200 से 3950, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4250, धान (पूसा-1) 3600 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4100, धान दागी 1500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5500, सरसों 5800 से 6600, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 4000 से 5200, मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8400, चना देशी पुराना 4700 से 5101, चना मौसमी 4700 से 5000, चना पेप्सी 4800 से 5051, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4800 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3000 से 11500, मैथी नयी 5300 से 5700, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 9500 से 10800, धनिया नया गीला 7500 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल।

Haldia Terminal: पीएम मोदी ने APSEZ के हल्दिया टर्मिनल को लॉन्‍च किया

नई दिल्‍ली। Haldia Terminal Launched: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हल्दिया बल्क टर्मिनल (HBT) का शुभारंभ कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। 4 MMTPA की सालाना क्षमता के साथ इसे ड्राई बल्क कार्गो को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह टर्मिनल हुगली नदी पर भारत की पहली पूरी तरह से ऑटोमेटेड बल्क सुविधा है। इसका सीधा रेल संपर्क है। यह भारत के पूर्वी समुद्री गलियारे के जरिये बल्क कार्गो की आवाजाही के लिए स्‍ट्रक्‍चरल अपग्रेड है।

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, ‘हल्दिया बल्क टर्मिनल एक अगली पीढ़ी की सुविधा है। यह हुगली में पूर्ण मशीनीकरण और सीधे रेल निकासी की सुविधा लाती है। इससे भारत के पूर्वी समुद्र तट पर एफिशिएंसी के लिए एक नया स्‍टैंडर्ड सेट होता है।’

अश्विनी गुप्‍ता के अनुसार, जेट्टी डंपिंग को खत्म करके उन्‍नत ऑटोमेटेड प्रणालियों के जरिये कार्गो के नुकसान को कम कर हम स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक टिकाऊ संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं।

यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की इंडस्ट्रियल सप्‍लाई चेन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आधुनिक मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे के जरिये लॉजिस्टिक्स कॉस्‍ट को घटाने के प्रधानमंत्री मोदी के नजरिये का भी समर्थन करेगा।

कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (HDC) के भीतर स्थित इस टर्मिनल को HDC बल्क टर्मिनल लिमिटेड ने विकसित किया है। डिजाइन, बिल्‍ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल के जरिये 30 साल की रियायत के तहत ऐसा किया गया है। इसे इसकी निर्माण अवधि के भीतर ही पूरा करके सौंप दिया गया है। इसका काम 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था। आज यह चालू होने के लिए तैयार है।

हुगली नदी के पश्चिमी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित यह टर्मिनल आयातित कोयले और विभिन्न प्रकार की ड्राई बल्क वस्तुओं को संभालने के लिए है।

भारत के ड्राई बल्क आयात का लगभग 60% हिस्सा पूर्वी तट से आता है। इसमें कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर शामिल हैं। इससे हल्दिया पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के स्‍टील, एल्यूमीनियम और बिजली उद्योगों के लिए सबसे कुशल और सीधा समुद्री प्रवेश बंदरगाह बन जाता है। इस क्षमता बढ़ोतरी से इन उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत और टर्नअराउंड समय में काफी कमी आएगी।

टर्म‍िनल की खास बातें

खासियतविवरण
लगी हुई क्षमता4 MMTPA
कार्गो का प्रकारसूखा थोक माल (कोयला और अन्य थोक वस्तुएं)
ड्राफ्ट8.5 मीटर
बर्थ1 (बर्थ की लंबाई: 193 मीटर; सबसे दूर के मूरिंग पॉइंट: 337 मीटर)
मोबाइल हार्बर क्रेन2
स्टैकर-कम-रिक्लेमर2
रेलवे वैगन लोडिंग सिस्टम1 यूनिट (2,000 T क्षमता)
डेडिकेटेड रेल लाइन1.54 किमी
कन्वेयर सिस्टम2.10 किमी
कंसेशन पीरियड30 साल

Soya Meal: भारत से सोयामील का निर्यात 50 प्रतिशत घटने का अनुमान: सोपा

इंदौर। माल की सीमित उपलब्धता एवं गैर प्रतिस्पर्धी कीमत के कारण 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत से सोयामील के निर्यात में करीब 50 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आने की संभावना है।

सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार भारत से 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में 20.23 लाख टन सोयामील का शानदार निर्यात हुआ था जो 2025-26 में घटकर 10 लाख टन पर अटक सकता है।

सोपा की रिपोर्ट के अनुसार सोयामील का घरेलू उत्पादन गत सीजन के 89.56 लाख टन से घटकर चालू सीजन में 86.49 लाख टन रह जाने की संभावना है।

इसका पिछला बकाया स्टॉक भी 1.33 लाख टन की तुलना में महज 68 हजार टन मौजूद था जिससे इसकी कुल उपलब्धता 90.91 लाख टन से घटकर 81.17 लाख टन रह जाने का अनुमान है। इसमें से 70 लाख टन सोया मील की घरेलू खपत होगी और 1.17 लाख टन का स्टॉक बच जाएगा।