Thursday, July 16, 2026
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हाड़ोती क्षेत्र पर्यटन को नई ऊंचाइयां प्रदान करने में सक्षम: पर्यटन सचिव गुप्ता

कोटा महोत्सव को राज्य के पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए: अशोक माहेश्वरी

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान, संरक्षक सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, सचिव रणविजय सिंह एवं कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट के आयोजन में सहयोग के लिए पर्यटन सचिव प्रवीण गुप्ता से भेंट कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया।

इस अवसर पर पर्यटन सचिव के साथ करीब 2 घंटे तक हाड़ोती के पर्यटन विकास पर गहनता से मंथन हुआ। पर्यटन सचिव गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को कहा कि कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट का आयोजन अभूतपूर्व एवं सफल रहा। पहली बार 26 राज्यों से आए करीब 1200 ट्यूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन से जुड़े लोगों ने भाग लेकर एक नया इतिहास रचा।

इस सफल आयोजन के लिए उन्होंने कोटा संभाग के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हाड़ोती में पर्यटन स्थलों की भरमार है। इसके लिए पर्यटन विभाग जनसहभागिता से पूरी तरह सहयोग करने को तत्पर है।

पर्यटन विभाग जिस भी पर्यटन स्थलों में विकास की आवश्यकता है या खामियां है, उन्हें शीघ्र दुरुस्त करने का पूरा प्रयास करेगा। उन्होंने बांरा में पर्यटन का कार्यालय खोला खोलने और कोटा महोत्सव को राज्य के पर्यटन कैलेंडर में शामिल किए जाने का भी भरोसा दिलाया।

उन्होंने अगला कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट जनवरी 2027 में आयोजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर शीघ्र इस पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा किए गए सार्थक प्रयास के सकारात्मक परिणाम भी आने लगे हैं। आने वाले समय में हाड़ोती का पर्यटन एक नई ऊंचाइयां छूएगा ।

इस अवसर पर होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने पर्यटन सचिव से कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार राजस्थान पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से किया जाए। साथ ही देश- विदेश में होने वाले ट्रैवल मार्ट में भी हाड़ोती के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

माहेश्वरी ने कहा कि राज्य के कई संभागों में आयोजित महोत्सव को राज्य के पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया हुआ है, लेकिन कोटा महोत्सव को अभी तक स्थान नहीं मिल पाया है। कोटा महोत्सव को भी पर्यटन कैलेंडर में शामिल कर एक निर्धारित समय में इसे प्रतिवर्ष आयोजित किया जाए।

माहेश्वरी ने कहा कि केंद्रीय पर्यटन विभाग के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों के फेम टूर के माध्यम से वहां के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को हाड़ोती का भ्रमण करवाया जाएगा जिससे निश्चित ही हाड़ोती के पर्यटन विकास को और नई गति मिलेगी।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, काशगंज–मथुरा पैसेंजर ट्रैन गंगापुर सिटी तक बढ़ाई

कोटा। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा एवं त्योहारी सीजन में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 55335/55336 काशगंज–मथुरा पैसेंजर (प्रति दिवस) को 16 मार्च से 31 मार्च तक अस्थायी रूप से गंगापुर सिटी तक विस्तारित किया गया है।

इस निर्णय से कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। इस अस्थायी विस्तार के अंतर्गत यह गाड़ी भरतपुर जंक्शन, बयाना जंक्शन, हिंडौन सिटी, श्री महावीर जी एवं गंगापुर सिटी स्टेशनों पर ठहराव लेगी।

गाड़ी संख्या 55335 काशगंज–गंगापुर सिटी पैसेंजर (अस्थायी विस्तार)
यह गाड़ी काशगंज से प्रतिदिन 11:05 बजे प्रस्थान करेगी। मथुरा जंक्शन पर 14:20/15:30 बजे ठहराव के उपरांत यह भरतपुर जंक्शन (15:53/15:55), बयाना जंक्शन (16:23/16:25), हिंडौन सिटी (16:53/16:55) तथा श्री महावीर जी (17:05/17:07) स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए सायं 18:20 बजे गंगापुर सिटी पहुँचेगी।

गाड़ी संख्या 55336 गंगापुर सिटी–काशगंज पैसेंजर (अस्थायी विस्तार)
वापसी में यह गाड़ी गंगापुर सिटी से प्रतिदिन 19:00 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग में श्री महावीर जी (19:23/19:25), हिंडौन सिटी (19:35/19:37), बयाना जंक्शन (20:03/20:05), भरतपुर जंक्शन (20:38/20:40) तथा मथुरा जंक्शन (22:10/22:15) स्टेशनों पर ठहराव के बाद यह रात्रि 00:30 बजे काशगंज पहुँचेगी।

इस अस्थायी विस्तार से स्थानीय एवं त्योहारी यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा।

नारायण बारेठ स्मृति पुरस्कार की घोषणा, प्रतिवर्ष एक प्रतिभाशाली पत्रकार को मिलेगा

ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब ने श्रद्धांजलि सभा का किया आयोजन

कोटा। जाने माने पत्रकार स्वर्गीय नारायण बारेठ की स्मृति में ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब प्रतिवर्ष एक प्रतिभाशाली पत्रकार को 11 हजार रुपए नगद पुरस्कार राशि भेंट करेगा।

गुमानपुरा स्थित शांति प्रकाश हाल में रविवार को आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में प्रेस क्लब के महासचिव अनिल भारद्वाज ने यह घोषणा की। अध्यक्ष सुनील माथुर ने कहा कि नारायण बारेठ कोटा के ही नहीं अपितु राजस्थान और देश भर के उन गिने चुने पत्रकारों में शुमार थे, ऐसे में उनकी स्मृति को चिर स्थाई बनाने के लिए उनके नाम से यह पुरस्कार प्रारंभ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नारायण जी का पूरा जीवन संघर्षशील रहा। इसके बावजूद वह अपने लक्ष्य से तनिक भी नहीं भटके। भाजपा नेता हनुमान शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नारायण जी उच्च आदर्श वाले एक सच्चे मित्र थे। लोगों की मदद करना उनकी फितरत में था। वे कई आंदोलन के प्रणेता रहे।

सच्चे मायने में नारायण जी एक ईमानदार और आदर्श पत्रकारिता की भूमिका में अंतिम समय तक मशगूल रहे। इस मौके पर उन्होंने एक दो घटनाओं का जिक्र किया जिससे लगता था कि नारायण जी धीर गंभीर व्यक्तित्व के साथ बड़े चपल मन भी थे।

डॉ सुधीर गुप्ता ने उनकी व्यंग्यात्मक और कटाक्ष भरी शैली का वर्णन करते हुए कहा कि नारायण जी हर एक व्यक्ति के लिए आदर्शवादी रहे और पूरा कोटा शहर उन्हें हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखेगा और याद रखेगा।

इस मौके पर भाजपा नेता पंकज मेहता ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बारेठ जी एक उम्दा लेखक, चिंतक और आदर्शवादी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनकी भाषा पर अद्भुत पकड़ थी। उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी समझौता नहीं किया और शुरुआती दौर में तो उन्होंने कोटा की न्यायालय में मुंशी तक का काम किया। वे न कभी झुके ना टूटे और पूरा जीवन स्वाभिमान के साथ जीया। कोटा से उनका लंबा जुड़ाव रहा और उनकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता।

ओम आडवाणी ने नम आंखों से याद करते हुए उन्हें ज्ञान का भंडार और व्यवहार कुशल व्यक्तित्व की उपमा देते हुए कहा कि नारायण जी का आभा मंडल इतना प्रभावशाली था कि जो भी व्यक्ति उनसे एक बार मिल लेता था, उन्हें कभी भूलता नहीं था।

कांग्रेस नेता रविंद्र त्यागी ने कहा कि नारायण जी की एक विशिष्ट पहचान थी और पत्रकारिता में उन्होंने जो मुकाम पाया वहां तक कम ही लोग पहुंच पाते हैं। भाजपा नेता हीरेंद्र शर्मा ने कहा कि नारायण जी बेहद सहज व सरल तरीके से अपना जीवन यापन करते थे, उनसे हमने बहुत कुछ सीखा है। नारायण जी का पूरा जीवन मूल्य व सिद्धांतों पर आधारित रहा जो कि यह दर्शाता है कि आदमी को निरंतर कार्य करते रहना चाहिए।

कांग्रेस नेता अरुण भार्गव ने कहा कि नारायण जी कभी अपने उसूलों से नहीं डिगे, लाख परेशानियां झेली परंतु चट्टान की तरह खड़े रहे। इस मौके पर उन्होंने शरीरदानी, नेत्र दानी श्रीमती अमिता भार्गव एवं आनंद एकेडमी शिक्षण संस्थान की ओर से नारायण जी के सम्मान में प्रतिवर्ष एक शील्ड देने की भी घोषणा की। वरिष्ठ अभिभाषक प्रेम सिंह जी ने भी नारायण बारेठ के साथ बिताए पलों को साझा किया।

श्रद्धांजलि सभा में पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक, किशोर मदनानी, हरि भजन पंजवानी, पत्रकार हेमलता शर्मा, शैलेश पांडे, दिनेश माहेश्वरी, हरि बल्लभ मेघवाल, केडी अब्बासी, समेत ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब के हेमंत शर्मा, बद्री प्रसाद गौतम, हरिमोहन शर्मा, चंद्र प्रकाश शर्मा, हंस पाल यादव, केएल जैन, सुबोध जैन, श्याम रोहिड़ा, शाकिर अली, योगश सिंघल, रुबीना काजी समेत अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महासचिव अनिल भारद्वाज ने किया। श्रद्धांजलि सभा में नारायण जी के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया गया।

FSSAI ने छोटे कारोबारियों के लिए बेसिक रजिस्‍ट्रेशन की टर्नओवर लिमिट बढ़ाई

नई दिल्‍ली। सरकार ने खाने-पीने की दुकान चलाने वाले छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। इसके तहत FSSAI के बेसिक रजिस्‍ट्रेशन के लिए टर्नओवर लिमिट बढ़ा दी गई है। इसे 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

यानी 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले बिजनेस को अब बेसिक रेजिस्‍ट्रेशन लेना होगा। वहीं, पुराने नियमों में यह सीमा 12 लाख रुपये तक हुआ करती थी। इससे छोटे व्यापारियों को कागजी कार्रवाई में बड़ी राहत मिलेगी। 1 अप्रैल 2026 से यह नियम लागू होगा।

इसके अलावा, संशोधित ढांचे के तहत 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए राज्‍य लाइसेंस जरूरी होगा। जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केंद्रीय लाइसेंस लागू आवश्‍यक होगा। इससे लाइसेंसिंग व्यवस्था और अधिक सरल हो जाएगी।

क‍िस तरह के रज‍िस्‍ट्रेशन के ल‍िए कौन सा लाइसेंस?

बिजनेस का प्रकारनया टर्नओवर (रुपये में)
बेसिक रजिस्‍ट्रेशन1.5 करोड़ तक
राज्‍य लाइसेंस1.5 करोड़ से 50 करोड़ तक
सेंट्रल लाइसेंस50 करोड़ से ज्‍यादा

स्‍ट्रीट वेंडर्स को भी बड़ी राहत
स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत नगर निगमों या टाउन वेंडिंग समितियों में पंजीकृत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अब FSSAI में ऑटोमैटिक पंजीकृत माना जाएगा। इसके अलावा पंजीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

इसके साथ ही एक टेक्‍नोलॉजी बेस्‍ड जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली भी लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत निरीक्षण खाद्य उत्पाद की प्रकृति, पूर्व अनुपालन रिकॉर्ड, थर्ड-पार्टी ऑडिट परफॉर्मेंस और निगरानी से प्राप्त जानकारी के आधार पर किए जाएंगे। इससे अनावश्यक निरीक्षण कम होंगे। खाद्य सुरक्षा के ऊंचे मानकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भारत का क्रूड ऑयल टैंकर UAE से सुरक्षित निकला, इसमें भरा है 80800 टन मुरबन

नई दिल्ली। तेल टर्मिनल पर हमले के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह से तेल भरने के बाद भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का एक टैंकर सुरक्षित निकल गया है। सरकार ने रविवार कहा कि वह पश्चिम एशिया में स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और स्थिर ईंधन आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

‘जग लाडकी’ नाम का यह जहाज, जिसमें लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल है, फुजैराह से भारतीय समय के अनुसार 10.30 बजे निकला और इस पर सवार सभी सदस्य सुरक्षित हैं, और अब यह भारत के लिए रवाना हो गया है। ‘जग लाडकी’ चौथा भारतीय ध्वजवाहक जहाज है जो युद्ध क्षेत्र से बिना किसी नुकसान के बाहर निकला है।

तैयारी के उपायों पर केंद्र सरकार ने कहा कि इसके अलावा, सुरक्षित रास्ता भारतीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। होर्मुज स्ट्रेट में पोत परिवहन की दिक्कतों ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है।

सरकार ने कहा, ”14 मार्च, 2026 को, जब भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाडकी फुजैराह सिंगल पॉइंट मूरिंग पर कच्चा तेल भर रहा था, तो तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। जहाज आज (रविवार) 10.30 बजे फुजैराह से लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से भारत के लिए रवाना हुआ।”

दो जहाज पहले ही पार कर चुके हैं
बयान में कहा गया है कि जहाज और उसमें सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। शनिवार को, दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ – लगभग 92,712 टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए। सूचना के अनुसार, शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचेगा, और नंदा देवी 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर लंगर डालेगा।

ये दोनों जहाज़ उन 24 जहाजों में शामिल थे जो इस क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे। पश्चिमी इलाके पर 24 के अलावा, पूर्वी क्षेत्र में चार और जहाज फंसे हुए थे। पूर्वी इलाके में पर चार में से भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग प्रकाश, जो ओमान से अफ्रीका पेट्रोल ले जा रहा था, शुक्रवार को युद्ध प्रभावित इलाके को पार कर गया।

फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे
जग प्रकाश ने ओमान के सोहर बंदरगाह से पेट्रोल लिया था और अब यह तंजानिया के टांगा जा रहा है। यह 21 मार्च को टांगा पहुंचने वाला है
इस इलाके में काम कर रहे भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं, और समुद्री परिचालन पर करीब से नजर रखी जा रही है। अभी, फारस की खाड़ी इलाके के पश्चिम की ओर 22 भारतीय ध्वजवाहक जहाज हैं जिन पर 611 नाविक हैं।

भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी ज़रूरतें आयात से पूरी करता है। ईरान जंग से पहले भारत का आधे से ज़्यादा कच्चा तेल आयात, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85-90 प्रतिशत एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।

पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव का एलान, बंगाल में दो और बाकी में एक फेज में वोटिंग

नई दिल्ली। 5 States Election Date Announced : पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो गई है। पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान होंगे, जबकि तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में सभी सीटों पर एक ही फेज में वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान चार मई को होगा। बंगाल में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि दूसरे फेज में 29 अप्रैल को मतदान होगा।

असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि तमिलनाडु की सभी विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे और कुल विधानसभा सीटें 824 हैं। इन राज्यों में चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग 25 लाख कर्मचारियों की तैनाती करेगा। इस महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था और चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था। आयोग ने इन राज्यों में राजनीतिक दलों, सुरक्षा एजेंसियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया है।

किस राज्य में कब होगा मतदान

  • पश्चिम बंगाल-दो फेज- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल- चार मई रिजल्ट
  • तमिलनाडु- एक फेज- 23 अप्रैल- चार मई रिजल्ट
  • असम- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट
  • केरल- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट
  • पुडुचेरी- एक फेज- 9 अप्रैल- चार मई रिजल्ट

संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधु और विवेक जोशी भी उपस्थित थे। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आयोग प्रत्येक मतदाता का मतदान केंद्र पर स्वागत करने के लिए तैयार है। हम खासकर पहली बार वोट डालने वाले और युवा मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने मताधिकार का उत्साह, आत्म सम्मान और विवेक के साथ प्रयोग कर लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”

17.4 करोड़ वोटर्स डालेंगे वोट
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे। इन सभी राज्यों को मिलाकर कुल 824 विधानसभा सीटें हैं। 2.19 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। सीईसी के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है। उन्होंने मतदाताओं के बारे में ब्योरा देते हुए बताया कि अंतिम सूची के अनुसार असम में लगभग 2.25 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, पुडुचेरी में 9.44 लाख, तमिलनाडु में 5.67 करोड़ मतदाता होंगे। और पश्चिम बंगाल में, 28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में 6.44 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, माननीय न्यायाधीशों के निर्णय के बाद जो भी पूरक सूची आएगी, उसे भी इसमें जोड़ दिया जाएगा।”

किस राज्य में कब खत्म हो रहा कार्यकाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) ने कहा, ”असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदाता। पिछले कुछ दिनों के दौरान, आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव वाले सभी राज्यों का दौरा किया। इन दौरों के दौरान, आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनके सुझाव प्राप्त किए।

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, एसपी, आईजी, डीआईजी और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से भी मुलाकात की। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ भी बैठकें कीं।”

असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल विधानसभा का 23 मई को, तमिलनाडु विधानसभा का 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का सात मई को तथा पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। इन तारीखों से पहले ही यहां नई विधानसभा का गठन होना है।

सैमसंग का यह 5G फोन लॉन्च प्राइस से 5 हजार रुपये सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स

नई दिल्ली। सैमसंग गैलेक्सी M सीरीज का धांसू फोन- Galaxy M56 5G अपनी लॉन्च प्राइस से सस्ता हो गया है। लॉन्च के वक्त फोन के 8जीबी रैम और 256जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 30999 रुपये थी। अब यह फोन अमेजन इंडिया पर 5 हजार रुपये सस्ते में मिल रहा है।

यानी आप इसे 25999 रुपये में खरीद सकते हैं। यह फोन 1299 रुपये तक के कैशबैक के साथ भी आपका हो सकता है। एक्सचेंज ऑफर में यह फोन और सस्ता हो सकता है।

ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

आप इस फोन को आसान नो-कॉस्ट ईएमआई पर भी खरीद सकते हैं। सैमसंग के इस फोन में आपको 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा और 5000mAh की बैटरी मिलेगी। आइए डीटेल में जानते हैं सैमसंग के इस फोन के फीचर्स के बारे में।

फीचर और स्पेसिफिकेशन
कंपनी इस फोन में 6.7 इंच का फुल एचडी+ Super AMOLED Infinity-O HDR डिस्प्ले ऑफर कर रही है। फोन में ऑफर किया जा रहा यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसका पीक ब्राइटनेस लेवल 1200 निट्स तक का है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए आपको फोन में गोरिल्ला ग्लास विक्टस+ भी मिलेगा। फोन 8जीबी LPDDR5x रैम और 256जीबी के UFS 3.1 स्टोरेज के साथ आता है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में कंपनी Exynos 1480 चिपसेट दे रही है।

फोटोग्राफी के लिए आपको इस डिवाइस में एलईडी फ्लैश के साथ तीन कैमरे मिलेंगे। इनमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइ़ड ऐंगल लेंस और एक 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए आपको इस डिवाइस में 12 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा देखने को मिलेगा। फोन में दी गई बैटरी 5000mAh की है, जो 45 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह फोन ऐंड्रॉयड 15 पर बेस्ड OneUI 7 पर काम करता है। कंपनी इस फोन को 6 ओएस अपग्रेड और सिक्योरिटी अपडेट्स भी देगी। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए फोन में आपको इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर देखने को मिलेगा।

कनेक्टिविटी के लिए कंपनी इस फोन में 5G SA / NSA, 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS + GLONASS, USB Type-C और NFC जैसे ऑप्शन दिए गए हैं। फोन के डाइमेंशन 162.0 x 77.3 x 7.2mm हैं। वहीं, इसका वजन 180 ग्राम है। फोन दो कलर ऑप्शन- लाइट ग्रीन और ब्लैक में आता है।

हाई कोर्ट ने जज स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की केजरीवाल की मांग ठुकराई

नई दिल्ली। liquor scam case: दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले में जज बदलने वाली अरविंद केजरीवाल की मांग ठुकरा दी। केजरीवाल ने मामले में सुनवाई कर रहीं जज स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाकर मामले को किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस ने मामले में टिप्पणी भी की।

दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका वर्तमान रोस्टर के अनुसार न्यायमूर्ति शर्मा को सौंपी गई है और प्रशासनिक पक्ष पर आदेश पारित करके इसे स्थानांतरित करने का कोई कारण नहीं पाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यायमूर्ति शर्मा खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करना चाहें तो यह निर्णय उन्हें लेना है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से 13 मार्च को एक पत्र की जानकारी दी गई थी। यह पत्र उन आठ लोगों को भेजा गया था, जिन्होंने मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिनमें केजरीवाल भी शामिल थे। चीफ जस्टिस ने मामले में कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इस याचिका को किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं दिखता।

केजरीवाल के आरोप
दरअसल, 11 मार्च को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि यदि मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा के पास ही रहा तो सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से नहीं हो पाएगी। इससे पहले 27 फरवरी को एक ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था। इसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसकी सुनवाई फिलहाल जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की बेंच में चल रही है।

ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक
9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने मामले में नोटिस जारी किया था और ट्रायल कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश की कुछ टिप्पणियों को गलत बताया और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही को फिलहाल टालने का निर्देश भी दिया।

केजरीवाल ने पत्र में क्या मांग की थी
केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा था कि 9 मार्च के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस गंभीर त्रुटि के आधार पर बिना दूसरी पक्ष की सुनवाई के ऐसा अंतरिम आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की कार्यवाही टालने का निर्देश दिया, जबकि उस समय अदालत में ईडी पक्षकार भी नहीं थी। आप नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह की रिविजन याचिकाओं में पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए चार से पांच सप्ताह का समय दिया जाता है, लेकिन इस मामले में अदालत का रुख जल्दबाजी वाला प्रतीत हुआ, जिससे उन्हें पूर्वाग्रह की आशंका हुई।

सोना ₹1.60 लाख से नीचे आया, क्या अभी और गिरेगा भाव, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

नई दिल्ली। Gold Price: देश में सोने की कीमतों में इन दिनों हल्की नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव और मजबूत डॉलर के बीच भारत में सोना एक बार फिर ₹1.60 लाख से नीचे आ गया है।

शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना मामूली गिरावट के साथ ₹1,58,400 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

वैश्विक बाजार में भी सोने की चाल सुस्त दिखाई दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX पर गोल्ड की कीमत लगभग 5,120 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है।

विश्लेषकों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि आम तौर पर ऐसे हालात में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर और बढ़ते बॉन्ड यील्ड ने गोल्ड की रैली को थाम दिया है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमले पहले से ज्यादा तेज कर दिए हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। इस टकराव का असर ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 4.27% तक पहुंच गई है, जिससे निवेशकों का झुकाव सुरक्षित ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहा है और सोने पर दबाव पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ सत्रों में सोने में हल्का कमजोर रुख बना रह सकता है।

तकनीकी नजरिए से भी फिलहाल सोने में ज्यादा तेजी के संकेत नहीं मिल रहे हैं। हालांकि कीमत अभी भी अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेडर्स फिलहाल ‘सेल ऑन राइज’ यानी कीमत बढ़ने पर बिकवाली की रणनीति अपना सकते हैं।

वहीं Enrich Money के सीईओ पोनमुडी आर का मानना है कि अगर सोना ₹1,58,000 के ऊपर टिकता है तो इसमें फिर से तेजी देखने को मिल सकती है और कीमत ₹1,62,000 से ₹1,65,000 तक जा सकती है।

मजबूत माहौल बनने पर यह ₹1,68,000 से ₹1,70,000 तक भी पहुंच सकता है। लेकिन अगर कीमत ₹1,57,000 के नीचे फिसलती है तो गिरावट तेज हो सकती है और भाव ₹1,55,000 से ₹1,50,000 के सपोर्ट जोन तक जा सकते हैं। इसलिए फिलहाल निवेशकों को बाजार की दिशा पर नजर रखते हुए सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

Jeera Price: एक्सपोर्ट रुकने और आवक बढ़ने से जीरे की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली। Jeera Price: इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में नरमी रही। गुजरात की मंडियों में जीरे की आवक ज़ोरों पर है, वहीं राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक बढ़ने लगी है। अभी एक्सपोर्ट ट्रेड एक्टिविटी भी कम बनी हुई है।

FISSA के हाल ही में जारी डेटा के मुताबिक, इस सीज़न में देश में जीरे का प्रोडक्शन 9.329 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि साल 2025 के लिए प्रोडक्शन का अनुमान 9.793 मिलियन बैग था। हालांकि इस सीज़न में प्रोडक्शन में कमी आई है, लेकिन पिछले साल के काफ़ी कैरीओवर स्टॉक की वजह से कुल उपलब्धता मज़बूत बनी हुई है। इसलिए, कीमतों में कोई तेज़ी नहीं दिख रही है।

FISSA के जारी डेटा के मुताबिक, गुजरात में जीरे का प्रोडक्शन 3.342 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि ट्रेडर्स 2.6 से 2.8 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं। इसी तरह, राजस्थान में, FISSA ने 5.987 मिलियन बैग जीरा प्रोडक्शन का अनुमान जारी किया है, जबकि ट्रेडर्स 4.8 से 5.0 मिलियन बैग के बीच प्रोडक्शन का अनुमान लगा रहे हैं।

जीरे की रोज़ाना आवक
अभी गुजरात के बाजारों में जीरे की रोज़ाना आवक 60,000 से 65,000 बोरी है। ऊंझा मार्केट में आवक 34,000 से 35,000 बैग के आसपास है। इसके मुख्य कारण ये हैं। कम आवक का स्तर उत्पादन में गिरावट और किसानों को कम कीमत मिलने का कारण है। राजस्थान के बाजारों में भी नए जीरे की दैनिक आवक 11,000 से 15,000 के स्तर तक पहुंचने लगी है। मेरटा मार्केट में अभी आवक 3,500 से 4,000 बैग के बीच है।

मंडियों में बढ़ती आवक और स्पॉट मार्केट में कम उठाव के कारण, जीरे की कीमतों में अभी मंदी का दौर चल रहा है। अभी, गुजरात के बाजारों (मंडियों) में, क्वालिटी के आधार पर जीरे की कीमतें 180 से 210 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं, जबकि एक्सपोर्ट कीमत 4,280 प्रति 20 किलोग्राम बताई जा रही है।

राजस्थान के बाजारों में भी, नए सीजन के जीरे की कीमतें 180 से 215 प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि जीरे की कीमतों में अभी कोई तेज़ी आने की संभावना नहीं है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण एक्सपोर्ट रुका हुआ है। हालांकि, सूत्रों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने पर कीमतें ज़रूर बढ़ेंगी, खासकर इसलिए क्योंकि कीमतें पहले ही काफी गिर चुकी हैं। इसके अलावा, किसानों से इन कम कीमतों पर अपनी बिक्री कम करने की उम्मीद है।

निर्यात में कमी
स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (2025-26) के पहले नौ महीनों में जीरे के एक्सपोर्ट की मात्रा में 12 परसेंट की गिरावट आई; वहीं, कम रियलाइजेशन कीमतों की वजह से एक्सपोर्ट से होने वाला रेवेन्यू 26 परसेंट कम हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान कुल 156,671 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे *3,639.51 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला। इसके उलट, अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान, जीरे का एक्सपोर्ट 178,847 टन रहा, जिससे ₹4,909.77 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, कुल 229,881.67 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे ₹6,178.86 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू मिला।