Saturday, July 11, 2026
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गायिका आशा भोसले 92 वर्ष की उम्र में दुनिया से अलविदा, अंतिम संस्कार कल

मुंबई। Singer Asha Bhosle is no more: मशहूर गायिका आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं। 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है। करीब सात दशक तक सिनेमाई दुनिया में अपनी सुरीली आवाज का जादू चलाने वाली गायिका को कल शनिवार को तबीयत खराब होने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका उपचार चल रहा था। दुनियाभर के फैंस दुआएं कर रहे थे। मगर, रविवार को गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया। आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने इस खबर की पुष्टि की है।

बॉलीवुड में पहला गाना 1948 में गाया था
8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) में ‘चला चला नाव वाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था। यहां से शुरू हुआ संगीत और गीतों का सफर पांच दशक से ज्यादा समय तक चला और आशा भोसले देखते-देखते भारतीय संगीत की दिग्गजों में शामिल हो गईं।

आशा भोसले की नेटवर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशा भोसले की अनुमानित कुल संपत्ति 150 से 200 करोड़ रुपये के बीच है। उनकी कमाई का मुख्य जरिया उनका ऐतिहासिक गायन करियर, रॉयल्टी और दशकों से चले आ रहे हिट एल्बम रहे हैं। आशा भोसले ने ना केवल सुरों से जादू बिखेरा बल्कि कारोबार की दुनिया में भी सफल रही हैं। उन्होंने दुनियाभर में Asha’s’ (आशाज) नाम से एक अंतरराष्ट्रीय डाइनिंग ब्रांड शुरू किया है। इसकी शुरुआत साल 2002 में दुबई से हुई थी। आज इसके रेस्तरां दुबई के अलावा कुवैत, बहरीन, अबू धाबी के साथ-साथ ब्रिटेन के बर्मिंघम और मैनचेस्टर जैसे शहरों में भी स्थित हैं। मिडिल ईस्ट और यूके में लगभग 14 आउटलेट संचालित हैं।

कल होगा अंतिम संस्कार
आशा भोसले का अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा। गायिका का पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वही जगह है, जहां उनकी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार हुआ था।

यूएस-ईरान की समझौता वार्ता विफल, शेयर बाजार में सोमवार को आ सकता है भूचाल

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। इसका नकारात्मक असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार भारी गिरावट के साथ खुल सकता है। इस हफ्ते निवेशकों की नजर युद्ध के हालातों के साथ-साथ महंगाई के आंकड़ों और बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी।

अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं, तो सोमवार की सुबह आपके लिए उथल-पुथल भरी हो सकती है। पश्चिम एशिया से आ रही खबरों ने भारतीय बाजार में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। अब विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सीधा असर सोमवार को बाजार खुलते ही देखने को मिल सकता है।

रविवार को ईरान की ओर से आए बयान ने साफ कर दिया कि कूटनीति की राह इतनी आसान नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने बताया कि अमेरिकी पक्ष की अत्यधिक मांगों के कारण बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का रुख कड़ा रहा। उन्होंने कहा कि शांति समझौते में सबसे बड़ी बाधा ईरान का अपना परमाणु कार्यक्रम न छोड़ना है। अमेरिका ने इसे अपना अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव बताया था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया।

बाजार पर ‘गैप डाउन’ ओपनिंग का खतरा
पिछले हफ्ते भारतीय बाजार में जबरदस्त रौनक देखी गई थी। सेंसेक्स 4,230 अंक और निफ्टी करीब 1,337 अंक चढ़कर बंद हुए थे। यह तेजी इस उम्मीद में थी कि युद्ध टल जाएगा और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के नीचे बनी रहेंगी। लेकिन वार्ता विफल होने से अब यह पूरी बढ़त दांव पर है।

शेयर बाजार विशेषज्ञ हरिप्रसाद के अनुसार, निफ्टी इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सोमवार को बाजार एक बड़ी गिरावट के साथ खुल सकता है। जो निवेशक पिछले हफ्ते की तेजी का फायदा उठा रहे थे, उन्हें अब भारी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

इन फैक्टर्स पर भी रहेगी नजर
इस हफ्ते केवल युद्ध का तनाव ही नहीं, बल्कि कई अन्य मोर्चे भी बाजार की दिशा तय करेंगे। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। सोमवार, 13 अप्रैल को खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) और मंगलवार को थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े आएंगे। इसके अलावा, विप्रो, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे भी इसी हफ्ते आने हैं। इतना ही नहीं, ध्यान रहे कि मंगलवार को बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के कारण शेयर बाजार में कारोबार बंद रहेगा।

विदेशी निवेशकों की बेरुखी
बाजार के लिए एक और चिंता की बात विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है। इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 48,213 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। ऐसे में घरेलू निवेशकों के लिए सावधानी बरतना ही समझदारी होगी।

विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से अप्रैल के 10 दिन में 48,213 करोड़ रुपये निकाले

नई दिल्ली। अप्रैल महीने की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। पहले 10 दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने करीब ₹48,213 करोड़ की निकासी कर ली है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

इससे पहले मार्च में भी विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर करीब ₹1.17 लाख करोड़ की निकासी की थी, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो रहा। हालांकि फरवरी में उन्होंने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर था, लेकिन इसके बाद रुख पूरी तरह बदल गया।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक एफपीआई कुल मिलाकर करीब ₹1.8 लाख करोड़ की निकासी कर चुके हैं। केवल अप्रैल में ही 10 तारीख तक कैश मार्केट से ₹48,213 करोड़ बाहर निकल चुके हैं।

बाजार के जानकारों का कहना है कि इस लगातार बिकवाली के पीछे वैश्विक कारण अहम हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च मैनेजर हिमांशु श्रीवास्तव के मुताबिक, मौजूदा हालात में निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम ऊपर गए हैं, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता फिर से बढ़ी है और यही वजह है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि वेस्ट एशिया के संघर्ष से पैदा हुआ ऊर्जा संकट, भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित दबाव और रुपये की लगातार कमजोरी ने एफपीआई को सतर्क बना दिया है। यही वजह है कि वे बाजार में खरीदारी से दूरी बनाए हुए हैं।

विजयकुमार के मुताबिक, इस समय दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजार एफपीआई को ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं क्योंकि वहां कमाई की ग्रोथ भारत के मुकाबले बेहतर रहने की उम्मीद है। वहीं भारत में वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ अनुमान अपेक्षाकृत कमजोर नजर आ रहे हैं।

हालांकि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की खबर आई, लेकिन इससे भी एफपीआई की बिकवाली पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकार जावेद खान ने कहा कि एफपीआई ने इस राहत भरी तेजी को बाजार से निकलने के मौके के तौर पर इस्तेमाल किया। यानी जैसे ही बाजार में थोड़ी मजबूती आई, निवेशकों ने उसे एग्जिट के लिए सही समय माना।

खान के अनुसार, आगे एफपीआई का रुख बदल सकता है लेकिन इसके लिए कुछ अहम शर्तें पूरी होना जरूरी हैं। सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल सप्लाई का भरोसेमंद तरीके से दोबारा शुरू होना जरूरी है।

दूसरा, रुपये में स्थिरता आनी चाहिए। तीसरा, भारत की चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि एफपीआई का रुख तेजी से बदल सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आर्थिक हालात उनके पक्ष में बनें।

सेंसेक्स की शीर्ष 8 कंपनियों की मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ बढ़ी, HDFC Bank आगे

नई दिल्ली। Market Cap: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसका सीधा फायदा देश की बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर पड़ा। टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,13,003.23 करोड़ रुपये बढ़ गया। इस बढ़त में सबसे ज्यादा फायदा एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को हुआ।

बाजार की बात करें तो बीते सप्ताह बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 4,230.7 अंक यानी 5.77 प्रतिशत चढ़ा। वहीं एनएसई निफ्टी में भी 1,337.5 अंक यानी 5.88 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई।

शेयर बाजार में टॉप-10 कंपनियों के समूह में इस हफ्ते मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस को नुकसान झेलना पड़ा। एचडीएफसी बैंक ने इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की। इसका मार्केट कैप 91,282.67 करोड़ रुपये बढ़कर 12,47,478.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यूएशन में भी मजबूत उछाल देखने को मिला। कंपनी का बाजार मूल्य 76,036.36 करोड़ रुपये बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपये हो गया। वहीं बजाज फाइनेंस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और इसका मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपये बढ़कर 5,75,206.47 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

लार्सन एंड टुब्रो के बाजार मूल्यांकन में 47,624.97 करोड़ रुपये की तेजी आई और यह बढ़कर 5,44,736.59 करोड़ रुपये हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप भी 45,873.43 करोड़ रुपये बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपये बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मूल्यांकन 26,303.49 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में भी मजबूती दिखी और यह 21,287.29 करोड़ रुपये बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके उलट इंफोसिस के मार्केट कैप में 3,285.03 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 5,24,124.40 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह Reliance Industries का मूल्यांकन भी 947.28 करोड़ रुपये कम हो गया, हालांकि कंपनी अब भी सबसे ज्यादा वैल्यू वाली घरेलू कंपनी बनी हुई है।

बाजार मूल्यांकन के लिहाज से टॉप कंपनियों की सूची में रिलायंस के बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

बिना समझौते के लौटे ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, क्या फिर छिड़ेगी जंग

इस्लामाबाद। US-Iran War Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही बातचीत खत्म हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो सका।

इसके पहले शनिवार देर रात तक दोनों के बीच 14 घंटे का बातचीत का मैराथन दौर चला था। बैठक में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और लेबनाम में युद्ध को लेकर टकराव रहा। इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान ने की।

अमेरिका की ओर से बातचीत की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी थे। ईरानी डेलीगेशन का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ ने किया। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी डेलीगेशन में हैं। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई में 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ है।

ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने छोड़ा पाकिस्तान
अमेरिका के बाद ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान से चला गया है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी है। रविवार सुबह अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस यह कहते हुए इस्लामाबाद से वापस चले गए कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो पाया है। वेंस ने कहा था कि ईरान ने वॉशिंगनट की मांगों को ठुकरा दिया है। उन्होंने बताया कि सबसे अहम मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा है, जिसे ईरान ने छोड़ने का संकेत नहीं दिया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से रवाना
ईरान के साथ बातचीत टूटने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार को पाकिस्तान से रवाना हो गए। कुछ देर पहले ही उन्होंने पुष्टि की थी कि ईरान के साथ बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया है और हम अमेरिका वापस जा रहे हैं। पाकिस्तानी समयानुसार वेंस सुबह 7:08 बजे ‘एयर फोर्स टू’ में सवार हुए।

ईरान ने हमारी शर्तें मानने से मना किया:जेडी वेंस
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। अमेरिकी दल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह जानकारी दी है। वेंस ने कहा कि हम अमेरिका वापस जा रहे हैं, क्योंकि ईरान ने हमारी शर्तें मानने से मना कर दिया है। वेंस ने कहा कि हम पिछले 21 घंटे से इस काम में लगे हुए हैं और हमने ईरान के साथ कई अहम बातचीत की है। यह अच्छी खबर है।

पाकिस्तान मध्यस्थता जारी रखेगा: डार
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। डार ने कहा कि उन्होंने और पाकिस्तान की आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत कराने की सार्थक कोशिश की। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष क्षेत्र में शांति और समृद्धि हासिल करने के लिए सकारात्मक भावना से बातचीत करना जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वार्ता में आगे भी मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहेगा।

शिक्षा परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन एवं क्रिटिकल थिंकिंग आधारित हो: नितिन विजय

ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई लैब का उद्घाटन

कोटा। मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि आने वाला समय केवल रटने वाली शिक्षा का नहीं, बल्कि “सोचने और बनाने” की क्षमता का है। इसलिए आज की शिक्षा को केवल परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग पर आधारित होना चाहिए।

वे शनिवार को मोशन के रानपुर स्थित ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई, रोबोटिक्स और एडवांस्ड इनोवेशन लैब के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इससे पहले चेयरमैन सुरेंद्र विजय ने पिकलबॉल कोर्ट, म्यूजिक रूम और नृत्य कक्ष का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विश्वास रखते हैं। इसलिए शिक्षा के साथ खेल, संगीत और नृत्य पर भी जोर है। इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय और अन्य डायरेक्टर भी मौजूद थे।

नितिन विजय ने कहा कि ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में अत्याधुनिक लैब्स विकसित की गई हैं, जहां छात्र किताबों से आगे बढ़कर प्रयोग और प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह पहल छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी समझ को शुरुआती स्तर से मजबूत करेगी।

एआई लैब के माध्यम से कक्षा 6 से 10 तक के स्टूडेंट्स को, उनके स्तर के मुताबिक मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित कराया जाएगा। लैब में छात्र ऑटोमेशन और कोडिंग के जरिए अपने खुद के मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार करेंगे।

इसके लिए उनको सेंसर, चिप, कनेक्टर्स के अलावा मेकेनिकल टूल किट उपलब्ध कराए जाएंगे। एडवांस्ड लैब का फोकस इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर होगा, जहां साइंस, मैथ और टेक्नोलॉजी को जोड़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजे जाएंगे।

ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में इन सुविधाओं को केवल उपकरणों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके साथ एक विशेष पाठ्यक्रम और मेंटरशिप मॉडल भी जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को एक्सपर्ट्स के साथ इंटरैक्शन, हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। उद्देश्य यह है कि छात्र केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि क्रिएटर बनें। यहां स्टूडेंट्स को एआई के यूज और मिसयूज से भी परिचित करवाया जाएगा।

नितिन विजय ने स्पष्ट किया कि हमें उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना होगा, ताकि वे ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस तरह की पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन के अनुरूप हैं, जिसमें स्किल बेस्ड और एक्सपेरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया गया है।

इस दौरान स्टूडेंट्स ने ड्रोन और आरसी प्लेन उड़ाए। थ्री-डी प्रिंटर का इस्तेमाल करके दिखाया। ब्लूटूथ और वायफाय से पंखे की स्पीड कम-ज्यादा, लाइट कम-ज्यादा और चालु बन्द करके, रोबोटिक आर्म और रिमोट कार चलकर दिखाई।

होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में युवाओं से आगे का आह्वान: माहेश्वरी

कोटा। एलबीएस कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट द्वारा तलवण्डी स्थित एक होटल में होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण ले रहे सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ साथ नये बैच के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

एलबीएस ग्रुप के चेयरमेन कुलदीप माथुर एवं सीईओ ओमप्रकाश माथुर ने बताया कि कार्यशाला के मुख्य अतिथि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी थे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में माहेश्वरी ने कहा कि वर्तमान समय में होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर विश्व स्तर पर तेजी से उभर रहा है। यह अर्थव्यवस्था एवं रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है।

माहेश्वरी ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर लगातार आगे बढ़ रहा है। यहां होटल, रिसोर्ट एवं पर्यटन से जुड़े 70 से अधिक नए प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं, जिसमें प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ेगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में अपना करियर बनाएं। क्योंकि इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

एलबीएस ग्रुप के चेयरमेन कुलदीप माथुर ने बताया कि हाड़ौती में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं और यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। उनके संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष 200 से 300 विद्यार्थियों को होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाता है, इस प्रशिक्षण में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ कमाई के अवसर भी प्राप्त होते हैं जिन्हें प्रशिक्षण के बाद तुरंत रोजगार के अवसर मिलते हैं।

कार्यक्रम के दौरान कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट में योगदान देने वाले 50 से अधिक विद्यार्थियों को होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की ओर से प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही एलबीएस ग्रुप की ओर से होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष माहेश्वरी को कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के सफल आयोजन के लिए साफा, दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर एलबीएस कालेज से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे विद्यार्थियों एवं नये विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के तहत सोलो डांस, ग्रुप डांस एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। कार्यशाला में रैंप वॉक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें आकाश मेघवाल, राधिका पांचाल, ईश्वर सिंह एवं दिव्यांशी नामा गिरिश महावर को पुरस्कृत किया गया।

कैट वुमन विंग का संवाद 15 को, राजनीति में महिला भागीदारी बढ़ाने पर होगा मंथन

कोटा। नारी सशक्तिकरण, राजनीतिक भागीदारी एवं नेतृत्व विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से कैट वुमन विंग ((Confederation of All India Traders), जिला कोटा द्वारा 15 अप्रैल को झालावाड़ रोड स्थित एक होटल में लोकसभा एवं विधानसभा में महिला प्रतिनिधित्व विषय पर विचार एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष नीलम विजय कर रही हैं, जिनके मार्गदर्शन में महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने एवं उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी हेतु मंच प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी उपस्थिति रहेंगी। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा अपने विचार व्यक्त करेंगी।

इसके साथ ही पूर्व विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल, पूर्व मेयर सुमन श्रृंगी, पूर्व उप मेयर सुनीता व्यास, समाजसेवी सपना अग्रवाल एवं मोटिवेशनल स्पीकर सिफ्टी आहलूवालिया, एडवोकेट कल्पना शर्मा, समाज सेविका रेणु मिश्रा सहित अन्य गणमान्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में दो दर्जन से ज्यादा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों (NGO) एवं महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी रहेगी, जहां महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता एवं नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर व्यापक चर्चा होगी।

आयोजन की तैयारियों को लेकर CAIT केट वुमन विंग जिलाध्यक्ष नीलम विजय के नेतृत्व में शनिवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन की गतिविधियों एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

नीलम विजय ने बताया कि यह संवाद कार्यक्रम महिलाओं को ग्रासरूट स्तर से लेकर उच्च राजनीतिक मंचों तक पहुंचाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा उन्हें सशक्त नेतृत्व के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को न केवल प्रेरित किया जाएगा, बल्कि उन्हें राजनीतिक एवं सामाजिक नेतृत्व में आगे आने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे समाज में उनकी निर्णायक भूमिका और अधिक मजबूत हो सके। बैठक में सचिव भाविका प्रीत, ऋचा गुप्ता, रक्षा नरूका,मिलन सुवालका, आकांक्षा गुप्ता, चित्रांगी अग्रवाल, नंदिनी श्रृंगी , कीर्ति मित्तल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं।

मोनिका बनीं कुन्हाड़ी माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष, कार्यकारिणी का हुआ शपथग्रहण


कोटा। माहेश्वरी महिला मंडल कुन्हाड़ी की नवीन कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को माहेश्वरी समाज कोटा के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।

पदस्थापना अधिकारी पुष्पा सोमानी ने अध्यक्ष मोनिका भराड़िया, सचिव अनिता समदानी, उपाध्यक्ष भारती मूँदड़ा, नेहा तोषनीवाल, कोषाध्यक्ष शुभ्रा समदानी, संगठन मंत्री अनिता जाजू और सह सचिव उमा अटल को शपथ दिलाई।

इसके साथ ही विभिन्न समितियों में रूचि समदानी, अनिता लढ़्ढा, रचना लढ़्ढा, श्वेता समदानी, निर्मला काबरा, संतोष असावा, वन्दना झंवर, इन्द्रा मालू, महिमा लढ़्ढा, चांदनी राठी, रिन्कू, मधु व मीनाक्षी फलोड़, लीना कहालिया, विनीता काल्या, अंकिता पनवाड़, अर्चना माहेश्वरी, गायत्री मूँदड़ा, मन्जू बल्दवा, शालिनी लढ़्ढा, प्रियंका शारदा, ऋतु व अंजलि तोषनीवाल, शाइनी काबरा, ज्योती पनवाड़ एवं पूजा राठी ने भी शपथ ग्रहण की।

मुख्य अतिथि राजेश बिरला ने मातृशक्ति को समाज की धुरी बताते हुए नवीन कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में निवर्तमान अध्यक्ष कल्पना लड्ढा, सचिव अंकिता पनवाड़ सहित प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद अजमेरा, जिला अध्यक्ष सुरेश काबरा, मनीष मूँदड़ा, बृजगोपाल भराड़िया, कुन्ती मूँदड़ा, विनीता लाहोटी, भारती डागा, संतोष तोषनीवाल, सरिता मोहता और अर्चना शारदा आदि भी उपस्थित रहीं ।

बेटियों के लिए छात्रावास निर्माण महात्मा फूले को सच्ची श्रद्धांजलि: स्पीकर बिरला

महात्मा फूले जयंती पर माली-सैनी समाज की बेटियों के छात्रावास का हुआ लोकार्पण

कोटा। महात्मा ज्योतिबा फूले की 200वीं जयंती के अवसर पर कुन्हाड़ी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चम्बल पार माली-सैनी विकास समिति द्वारा निर्मित बालिका छात्रावास भवन का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर बिरला ने कहा कि महात्मा फूले और सावित्रीबाई फूले ने उस दौर में बेटियों की शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में इसके प्रति जागरूकता नहीं थी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को दिशा देने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि बालिका छात्रावास केवल एक भवन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। यहां से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाली बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में अपनी पहचान स्थापित करेंगी। इस अवसर पर माली-सैनी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह समाज सदियों से परिश्रम, ईमानदारी और सादगी का प्रतीक रहा है।

समाज ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि हम शिक्षा को बढ़ावा देंगे, बेटियों को आगे बढ़ाएंगे, और समाज से भेदभाव और अज्ञानता को दूर करेंगे।

बेटियों को मिल रहे उनके अधिकार
बिरला ने कहा कि चाहे शिक्षा हो, खेल हो, विज्ञान हो या प्रशासन बेटियां अपने परिश्रम और प्रतिभा से देश का गौरव बढ़ा रही हैं। आज वे केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राजनीतिक रूप से भी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी सशक्त उपस्थिति बढ़ेगी। यह वही विचारधारा और सोच है, जिसकी नींव वर्षों पहले महात्मा ज्योतिबा फूले और माता सावित्रीबाई फूले ने रखी थी।