Saturday, July 11, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हठधर्मिता से क्रूड ऑयल फिर 104 डॉलर प्रति बैरल के पार

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नाकाम होने के बाद यूएस नेवी होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की तैयारी कर रही है। इससे ईरान अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इस कारण आज कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल आई है।

ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में करीब आठ प्रतिशत बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत सात प्रतिशत बढ़कर 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

जबकि अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड में 8.61 फीसदी तेजी आई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि निकट भविष्य में तेल और गैस की कीमत घट सकती है या इसमें तेजी आ सकती है।

ब्रेंट क्रूड अभी 6.72 फीसदी की तेजी के साथ 101.6 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड 7.92 फीसदी उछलकर 104.2 डॉलर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में इसमें गिरावट आई थी। शुक्रवार को ब्रेंट 0.75 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ था जबकि डब्ल्यूटीआई में 1.33 फीसदी गिरावट आई थी।

ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत नाकाम होने के बाद रविवार को कहा कि यूएस नेवी होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी शुरू करेगी। इससे दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर भी खतरे में पड़ गया है। ट्रंप ने कहा कि मिडटर्म इलेक्शन से पहले तेल और गैस की कीमत कम हो सकती है या फिर थोड़ी बढ़ भी सकती है। अमेरिका में नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन होने हैं।

जानकारों का कहना है कि ऑयल मार्केट सीजफायर से पहले वाली स्थिति में पहुंच चुका है। बस इतना अंतर है कि अब अमेरिका ईरान के तेल एक्सपोर्ट को बंद करने जा रहा है। ईरान रोजाना 2 मिलियन बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा था।

इससे दुनिया में तेल की सप्लाई और टाइट हो जाएगी। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवाजाही बंद होने के कारण खाड़ी देश अपना तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं। इसे दुनिया का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है।

क्रशिंग एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमजोर मांग से सोयाबीन की कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली। 4-10 अप्रैल के समाप्त हुए सप्ताह में क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स की खरीदारी की रफ़्तार धीमी होने से, देश के टॉप तीन प्रोड्यूसिंग राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी की कीमतें थोड़ी नरम हुईं; फिर भी, वे सरकार के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से ऊपर रहीं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि मंडियों (थोक बाज़ारों) में कम आवक और लगातार ऊँची कीमतों के कारण, सेंट्रल एजेंसी नैफेड रेगुलर तौर पर अपना सोयाबीन स्टॉक बेच रही है।

प्लांट डिलीवरी भाव: समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान, मध्य प्रदेश में सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कीमतें 5,625-5,750 रुपये प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 5,700-5,800 रुपये प्रति क्विंटल और राजस्थान में 5,550-6,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गईं।

सोया रिफाइंड तेल: रिफाइंड सोया तेल की कीमतों में भी 3 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। महाराष्ट्र में मिलों में ज़्यादा गिरावट देखी गई। इसी तरह, कोटा और हल्दिया में सोयाबीन तेल की कीमतें 30 रुपये गिरकर क्रमशः 1,560 और 1,510 रुपये प्रति 10किलो पर आ गईं; कांडला में, कीमतें 40 रुपये गिरकर 1,535 रुपये प्रति 10 किलो पर आ गईं; और मुंबई में, वे 70 रुपये गिरकर 1,500 रुपये प्रति 10 किलो पर पहुँच गईं।

संघर्ष विराम: ग्लोबल मार्केट से मंदी की खबरों की वजह से भी कीमतों में नरमी आई। अमेरिका और ईरान के बीच टेम्पररी सीज़फ़ायर की घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मार्केट पर साइकोलॉजिकल असर पड़ रहा है।

आवक: नेशनल लेवल पर, 4 अप्रैल को मंडियों में सोयाबीन की आवक 125,000 बैग थी; 6 अप्रैल को 180,000 बैग के पीक पर पहुंचने के बाद, 8 अप्रैल को आवक घटकर 170,000 बैग रह गई। सोया मील में ट्रेडिंग एक्टिविटी सुस्त रही, जिससे कीमत ₹500 से 1,300 प्रति टन तक गिर गई।

Mustard Price: ऊंची कीमतों पर समर्थन नहीं मिलने से सरसों में गिरावट

नई दिल्ली। Mustard weekly Report: रबी सीजन का सबसे खास तिलहन सरसों के होलसेल मार्केट में दाम पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ऊंचे और बढ़ते हुए देखे गए थे। वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की मजबूत डिमांड और मजबूत कीमतों की वजह से, ट्रेडर्स और ऑयल मिलर्स एक्टिवली फसल खरीद रहे थे। हालांकि, 4-10 अप्रैल के हफ्ते के दौरान, सभी बड़े मार्केट में दामों में 100 से 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट देखी गई।

42% कंडीशन सरसों: इस दौरान, 42% तेल वाली सरसों की कीमत दिल्ली और जयपुर दोनों में 150 रुपये गिरकर क्रम से 6,850 रुपये प्रति क्विंटल और 7,250 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई। इसी तरह, अलग-अलग मार्केट में एवरेज क्वालिटी वाली सरसों की कीमत भी गिरी। डीसा में 150 रुपये, सिरसा में 300 रुपये, मुरैना-पोरसा में 225 रुपये, ग्वालियर में 200 रुपये, भरतपुर और अलवर में 200 रुपये और कोटा में 500 रुपये प्रति क्विंटल।

उत्तर प्रदेश में, हापुड़ में सरसों की कीमतों में 75 रुपये प्रति क्विंटल और आगरा में 100 रुपये प्रति क्विंटल की नरमी आई। कोलकाता में भी 50 रुपये की मामूली नरमी देखी गई। कुछ मार्केट में, कम क्वालिटी वाली सरसों की किस्मों की कीमतें सरकार के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से नीचे चली गई हैं।

सरसों का तेल: सरसों के बीज की कीमतों में नरमी के बाद, ‘एक्सपेलर’ और ‘कच्ची घानी’ सरसों तेल दोनों के रेट भी कम हो गए। दिल्ली में, एक्सपेलर तेल की कीमत 10% कम होकर 1,470 रुपये रुपये प्रति 10 किलो पर आ गई। मुंबई में, यह 55 रुपये घटकर 1,465 रुपये प्रति 10 किलो पर आ गया, जबकि भरतपुर में, यह 20% घटकर 1,460 रुपये प्रति 10 किलो पर आ गया।

आवक: नेशनल लेवल पर, सरसों की रोज़ाना आवक 900,000 से 1.15 मिलियन बैग (हर बैग का वज़न 50 kg) के बीच दर्ज की गई। सप्लाई की इस भारी बढ़ोतरी ने कीमतों पर नीचे की ओर दबाव और बढ़ा दिया।

कोटा में 30 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा संविधान पार्क, शिलान्यास आज

कोटा। Constitution Park: अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर कोटा में सोमवार को संविधान पार्क का शिलान्यास किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला श्रीनाथपुरम में इस पार्क का शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम सायं 5 बजे टीवीएस सर्किल के पास आयोजित होगा।

कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से इस संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा। पार्क के केंद्र में भारत रत्न भीमराव अम्बेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

पार्क में एक विशेष “संविधान कालरेखा पथ” विकसित किया जाएगा, जिसमें वर्ष 1946 से 1950 तक की संवैधानिक यात्रा को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर एक अत्याधुनिक म्यूजियम का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसमें संविधान निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

सनातन धर्म मंदिर समिति कोटा की नवीन कार्यकारणी का हुआ शपथ ग्रहण

कोटा। सनातन धर्म मंदिर सेवा समिति शास्त्री नगर, दादाबाड़ी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को मंदिर परिसर स्थित सत्संग सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला तथा समिति अध्यक्ष किशन लाल काबरा द्वारा राधा-कृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। सरंक्षक नंद किशोर काल्या ने मंच संचालन किया।

अध्यक्ष किशन लाल काबरा ने पुरुषोत्तम पंचोली को महासचिव एवं शिव नन्द शर्मा को कोषाध्यक्ष सहित 44 सदस्यीय कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके पश्चात सत्र  2026-27 एवं 2027-28 के लिए के पदाधिकारियों की घोषणा की गई, जिसमें एस.एल. कुमावत एवं नन्द किशोर काळ्या को संरक्षक, रघुवीर सिंह मेहरा व सुधा रानी शर्मा को उपाध्यक्ष, प्रमोद कुमार भण्डारी को सह सचिव, गोपाल काबरा एवं उमा शंकर मूंदड़ा को सह मंत्री तथा गोपाल लाल मूंदड़ा को सह कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया।

इसी प्रकार राम स्वरूप चतुर्वेदी एवं उषा शर्मा को संगठन प्रचार मंत्री, ओम प्रकाश झंवर एवं नरेंद्र कुमार को मंत्री नियुक्त किया गया। कार्यकारिणी सदस्यों में सत्यनारायण माहेश्वरी, घनश्याम सोनी, चंद्रभान शर्मा, कुंती गौतम, सत्यनारायण गुप्ता एवं ओम प्रकाश शर्मा शामिल हैं, जबकि हरि शंकर न्याति एवं ललित कुमार गोयल को सहवारित सदस्य चुना गया।

मुख्य अतिथि राजेश बिरला ने अपने उद्बोधन में कहा कि दादाबाड़ी क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों के लिए मंदिर में भागवत कथा, नानी बाई का मायरा, हनुमान जयंती एवं निर्जला एकादशी जैसे धार्मिक आयोजन नियमित किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी समय में मंदिर के मुख्य द्वार (सिंहद्वार) का निर्माण कराया जाएगा तथा तीन स्थायी प्याऊ भी प्रारंभ किए जाएंगे।

इस अवसर पर महेशचंद अजमेरा, श्यामलाल गुप्ता, सुरेशचंद काबरा, बिठ्ठलदास मूंदड़ा, राधेश्याम शादरा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि किशन लाल काबरा के नेतृत्व में समिति धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा देगी।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को रोकेगी यूएस नेवी, डोनाल्ड ट्रंप का आदेश

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद किया जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को तत्काल रोकने आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में यातायत की पूरी तरह से नाकेबंदी की जाएगी।

ट्रंप का यह आदेश इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की सीजफायर समझौते पर बातचीत फेल होने के बाद आई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अलावा ज्यादातर बिंदुओं पर सहमति बन गई थी।

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम को कहा है कि अमेरिकी नेवी तत्काल प्रभाव से अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या उससे बाहर निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू करेगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल लगाने की चर्चा है। ऐसे में इसे ईरान को जहाजों से फीस लेने से रोकने के कदम की तरह देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का ब्लॉकेड तुरंत प्रभावी होगा। दुनिया में सबसे बेहतरीन यूनाइटेड स्टेट्स की नेवी को मैंने यह निर्देश दिया है कि वह अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में ऐसे हर जहाज को खोजे और रोके, जिसने ईरान को कोई फीस दी हो। ऐसे जहाज को खुले समुद्र में सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के एक बड़े हिस्से की एनर्जी सप्लाई के लिए अहम समुद्री रूट है। अमेरिका औरइजरायल के28 फरवरी को किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री गलियारों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को काफी परेशान किया है। ट्रंप ने बार-बार इस मुद्दे पर बयान दिए हैं और ईरान को धमकियां भी दी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के ताजा गुस्से की वजह ईरान का होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने का फैसला है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार को बताया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन 10 जहाजों को गुजरने की अनुमति देने का फैसला लिया है। इसके लिए ईरान एक जहाज से दो मिलियन डॉलर की फीस लेगा।

ईरान की योजना है कि होर्मुज स्ट्रेट जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर सुपरटैंकर से ली जाने वाली फीस 20 लाख डॉलर रखी जाए। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल कई देशों के जहाजों की ओर से होर्मुज से गुजरने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संपर्क किया गया है। इस पर ट्रंप भड़क गए हैं।

होर्मुज स्ट्रेट चर्चा में क्यों
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का महत्वपूर्ण समुद्री रूट और रणनीतिक तेल चोकपॉइंट है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इससे दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का तकरीबन 25 फीसदी और एलएनजी का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत अहमियतरखता है।

ईरान के करीब होने की वजह से इस परआसानी से कंट्रोल कर सकता है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ऐसा किया है। 28 फरवरी के बाद से ईरान ने इस समुद्री रूट को बाधित किया है। इसके चलते दुनिया के बड़े हिस्से, खासतौर से दक्षिण एशियाई देशों में तेल और गैस का संकट साफ देखा जा रहा है।

जेईई-मेन 2026 अप्रैल सेशन के चार प्रश्नों पर आपत्ति, एक में बोनस अंक की मांग

कोटा। एनटीए द्वारा आयोजित जेईई-मेन अप्रैल सेशन के प्रश्नपत्र, आंसर की और रिकॉर्डेड रेस्पोंस शनिवार देर रात को जारी कर दिए गए। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को आपत्तियां लगाने का भी अवसर दे दिया गया। स्टूडेंट्स ने अपने रिकॉर्डेड रेस्पोंस और आंसर का मिलान किया।

स्टूडेंट्स की कई सवालों पर आपत्तियां भी रही। इन सवालों के जवाबों को लेकर स्टूडेंट्स ने एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट्स से चर्चा की और उसके बाद चार सवालों के जवाब सामने आए जिसमें एनटीए और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट्स व स्टूडेंट्स की राय भिन्न थी।

एलन कोटा के प्रेसिडेंट विनोद कुमावत ने बताया कि स्टूडेंट्स और एलन एक्सपर्ट्स के अध्ययन के बाद जेईई मेन अप्रैल सेशन की परीक्षाओं में चार सवालों के जवाब ऐसे थे जिनके एलन के जवाब कुछ और थे और एनटीए द्वारा जारी की गई आंसर की में जवाब कुछ और दिए गए हैं।

चार में से एक प्रश्न में बोनस अंक देने की मांग की गई है। कुमावत ने बताया कि एलन एक्सपर्ट्स द्वारा पेपर्स का अध्ययन कर आंसर की तैयार की जा चुकी है और स्टूडेंट्स अपने आंसर का मिलान कर सकते हैं। एनटीए की ओर से जारी नोटिस के अनुसार विद्यार्थी 13 अप्रैल को रात 11.50 बजे तक आंसर की को चैलेन्ज कर सकता है।

इन प्रश्नों में आपत्तियां
जेईई मेन अप्रैल सेशन परीक्षा में 2 अप्रैल को शाम की पारी में कैमिस्ट्री के पेपर में काॅर्डिनेशन टाॅपिक से संबधित प्रश्न में आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसी प्रकार 5 अप्रैल को शाम की पारी में मैथ्स के पेपर में डिफरेन्शियल इक्वेशन टाॅपिक से संबंधित प्रश्न में आपत्ति दर्ज कराने के साथ ही इसमें बोनस अंक की मांग की गई है। जबकि 6 अप्रैल को सुबह की पारी में फिजिक्स के पेपर में थर्मोडाइनेमिक्स टाॅपिक एवं कैमिस्ट्री के पेपर में हाइड्रोकाॅर्बन टाॅपिक से संबंधित प्रश्न में आपत्तियां दर्ज कराई है।

एलन शिक्षा संबल की प्रवेश परीक्षा में चयनित छात्रों को मिलेगी नीट की निशुल्क कोचिंग

कोटा। Allen Shiksha Sambal Entrance Exam: एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट एवं एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एलन शिक्षा संबल कार्यक्रम की पहली प्रवेश परीक्षा रविवार को आयोजित की गई। इस वर्ष यह परीक्षा दो बार ली जा रही है।

न्यास के सदस्य नवीन माहेश्वरी ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने का दूसरा अवसर 10 मई को मिलेगा। जो विद्यार्थी किसी कारण से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके वो दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल होकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। परीक्षा में वर्ष 2025 व 2026 में 12वीं पास करने वाले विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं।

परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर चयनित 126 विद्यार्थियों को एलन कोटा में नीट-2027 की निशुल्क तैयारी के साथ एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से निशुल्क आवास व भोजन की सुविधा दी जाएगी। इस कार्यक्रम के तीसरे वर्ष के लिए यह परीक्षा है।

माहेश्वरी ने बताया कि सरकारी स्कूलों के हिन्दी माध्यम के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 2024 में यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। यह परीक्षा उत्तर भारत के प्रमुख हिन्दी भाषी राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड एवं उत्तराखंड के कोटा सहित 77 शहरों में आयोजित की गई।

परीक्षा में सफल रहने वाले विद्यार्थियों को कोटा वरीयता क्रम में 81 छात्राएं एवं 45 छात्रों को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी, वहीं एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास द्वारा विद्यार्थियों के लिए निशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था की जाएगी।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे: शिक्षा मंत्री दिलावर

‘प्रवेशोत्सव’ अभियान के पोस्टर का विमोचन

कोटा। राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा (696 आर) कोटा-बारां द्वारा अभियान के रूप में संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना और नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करना है। इसी कड़ी में रविवार को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रवेशोत्सव अभियान के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने शिक्षा सहकारी, स्काउट-गाइड और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

शिक्षा सहकारी के अध्यक्ष स्काउट गाइड जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत कोटा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में पीईईओ स्तर तक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवेशोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का एक जनआंदोलन है, जिसमें हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उपाध्यक्ष महेंद्र नागर एवं मंत्री जमनालाल गुर्जर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अभिभावकों को बच्चों के नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

डायरेक्टर गायत्री मीणा एवं दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत उत्सव के रूप में किया जाएगा, वहीं नामांकन बढ़ाने के लिए घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। इसके साथ ही स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेट्स की मदद से रैलियां, जागरूकता कार्यक्रम और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बने।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश गुप्ता, ज्वाइंट डायरेक्टर आशा मंडावत, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्ण जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा, सीबीईओ गायत्री मीणा, स्नेहलता शर्मा, डायरेक्टर गायत्री मीणा, दिनेश कुमार मीणा, सीओ स्काउट बृज सुंदर मीणा, जिला उप प्रधान विजय माहेश्वरी, डॉ. मुकेश मोहन दाधीच, एनसीसी अधिकारी देवेंद्र गौतम, मनराज गुर्जर, सूरज दारोकर, मदन मोहन सिंह, पुरुषोत्तम मालव, सारिका सक्सेना सहित बड़ी संख्या में स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे।

Cumin Price: मई में चीन और बांग्लादेश की खरीदारी से जीरे में तेजी का अनुमान

नई दिल्ली। Cumin Price: इस हफ़्ते जीरे की कीमतें कम रहीं। हालांकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस सीज़न में घरेलू जीरे का प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले कम है, लेकिन प्रोडक्शन सेंटर्स में अच्छी आवक और एक्सपोर्टर्स की कम डिमांड की वजह से स्पॉट मार्केट में कीमतें 4-5 रुपये प्रति किलोग्राम कम थीं। सूत्रों का कहना है कि अभी कीमतों में कोई बड़ी तेज़ी की उम्मीद नहीं है, क्योंकि इस हफ़्ते राजस्थान के मार्केट में नए जीरे की आवक ज़ोरों पर होने की उम्मीद है। गुजरात के मार्केट में भी आवक अच्छी हो रही है। आवक कम होने पर कीमतों में सुधार होना तय है।

गुजरात और राजस्थान जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में इस साल 11.18 लाख हेक्टेयर में जीरा बोया गया, जबकि पिछले साल 11.71 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। बुआई के बाद मौसम भी फसल के लिए खराब रहा। इसलिए, इस सीजन में घरेलू जीरा प्रोडक्शन 88 से 90 लाख बैग के बीच रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 97 से 98 लाख बैग का प्रोडक्शन हुआ था। ट्रेड अनुमान बताते हैं कि गुजरात में जीरा प्रोडक्शन 32 से 35 लाख बैग के आसपास रहेगा, जबकि राजस्थान में यह 52 से 55 लाख बैग के आसपास रहने की उम्मीद है।

अभी, नए जीरे की रोज़ाना आवक 80,000 से 85,000 बैग है, जो इसका मुख्य उत्पादक राज्य गुजरात है, जिसमें अकेले ऊंझा मार्केट में 45,000 से 50,000 बैग की आवक होती है। वहीं, राजस्थान के मार्केट में रोज़ाना की एवरेज आवक 50,000 से 55,000 बैग चल रही है। राजस्थान के एक बड़े मार्केट मेरटा में अभी आवक 18,000 से 20,000 बैग है। आवक में देरी के कारण, इस साल अप्रैल महीने में राजस्थान के मार्केट में इनकमिंग सप्लाई का दबाव बना रहने की उम्मीद है।

कमज़ोर डिमांड और बढ़ती आवक के कारण, इस हफ़्ते जीरे की कीमतों में 4-5 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई। गुजरात के बाज़ारों में, क्वालिटी के आधार पर जीरे की कीमतें अभी 185 से 220 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बताई जा रही हैं। राजस्थान के बाज़ारों में औसत क्वालिटी वाले जीरे की कीमत 190-225 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। अभी, जीरे की एक्सपोर्ट कीमत 4,250 रुपये प्रति 20 किलोग्राम बताई जा रही है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीरे की मौजूदा कीमतों में ज़्यादा गिरावट की उम्मीद कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आने वाले दिनों में मार्केट में जीरे की रोज़ाना आवक कम होने की उम्मीद है। इसके उलट, अप्रैल और मई के महीनों में चीन और बांग्लादेश की खरीदारी बढ़ने का अनुमान है। इसलिए, आने वाले समय में जीरे की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।

निर्यात: मौजूदा सीज़न (2025-26) के दौरान, जीरे के एक्सपोर्ट में 15 परसेंट की गिरावट आई है; इसके अलावा, कम एक्सपोर्ट रियलाइज़ेशन के कारण रेवेन्यू में 28 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है। स्पाइसेस बोर्ड द्वारा जारी डेटा के अनुसार, मौजूदा सीज़न (अप्रैल 2025 जनवरी 2026) के पहले 10 महीनों के दौरान कुल 166,878 टन जीरे का एक्सपोर्ट हुआ, जिससे 3,885.33 रुपये करोड़ का रेवेन्यू मिला।

इसकी तुलना में, पिछले साल इसी समय के दौरान, जीरे का एक्सपोर्ट 197,050 टन था, जिससे 5,386.32 रुपये करोड़ का रेवेन्यू मिला था। साल 2024-25 में, कुल जीरे का एक्सपोर्ट 229,881 टन था। जीरे के एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड साल 2020-21 में बना था, जब शिपमेंट 298,423 टन तक पहुंच गया था।