स्काउट गाइड के ग्रीष्मकालीन शिविरों में हुनर एवं आत्मविश्वास का संगम

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कोटा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण के तत्वावधान में संचालित ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविरों में बालक बालिकाओं के साथ मातृशक्ति विभिन्न उपयोगी विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य को संवारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

शिविरों का उद्देश्य ग्रीष्मावकाश के समय का सदुपयोग करते हुए प्रतिभागियों को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। स्थानीय संघ के सचिव प्रकाश जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष तीन अलग-अलग स्थानों पर कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इनमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आवासन मंडल केशवपुरा में राम विलास रैगर, महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रोझड़ी में मुकेश जांगिड़ तथा अनंतपुरा अकैडमी, अनंतपुरा में असलम खान के निर्देशन एवं देखरेख में प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि इन तीनों शिविरों में प्रशिक्षणार्थी नियमित रूप से भाग लेकर विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ महिला वर्ग भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभा रही है।

शिविरों में मेहंदी कला, नृत्य, ढोलक वादन, कंप्यूटर शिक्षा, इंग्लिश स्पोकन, ब्यूटीशियन, ड्राइंग एंड पेंटिंग तथा सिलाई सहित अनेक रोजगारोन्मुखी एवं रचनात्मक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रकाश जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी जीवन में सफलता के लिए आवश्यक हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए स्थानीय संघ द्वारा ऐसे प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

ताकि प्रशिक्षणार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप किसी न किसी कौशल में दक्षता प्राप्त कर सकें। इससे उनमें आत्मविश्वास का विकास होने के साथ-साथ भविष्य में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

शिविरों में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मेहंदी एवं ब्यूटीशियन प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आधुनिक डिजाइन और सौंदर्य सेवाओं की जानकारी दी जा रही है, जबकि कंप्यूटर एवं इंग्लिश स्पोकन कक्षाओं में विद्यार्थियों को तकनीकी और संचार कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

वहीं नृत्य, ढोलक तथा ड्राइंग एंड पेंटिंग जैसी विधाओं के माध्यम से उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारा जा रहा है। सिलाई प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न परिधानों की कटिंग एवं सिलाई का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है।

शिविर में भाग लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि अवकाश के दौरान इस प्रकार का प्रशिक्षण उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। कई प्रतिभागियों ने भविष्य में इन कौशलों को स्वरोजगार के रूप में अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की।

स्थानीय संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शिविरों का आयोजन 17 मई से 16 जून तक किया जा रहा है। इस अवधि में प्रशिक्षण के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक , प्रेरक एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रकाश जायसवाल ने बताया कि शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए 13 जून से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षणार्थी अपनी सीखी हुई कला एवं कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

मेहंदी, नृत्य, चित्रकला, सिलाई, इंग्लिश स्पोकन सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

स्काउट गाइड द्वारा आयोजित ये कौशल विकास शिविर न केवल प्रशिक्षणार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।

स्थानीय संघ का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 13 जून से शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं को लेकर प्रशिक्षणार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और सभी प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हुए हैं।