श्रीहरिनाम संकीर्तन की गूंज से गुंजायमान हुआ कोटा, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

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कोटा। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर श्रीकृष्ण चैतन्य प्रेम भक्ति संकीर्तन मंडल, कोटा के 69वें वार्षिक उत्सव के तहत शुक्रवार को शहर श्रीहरिनाम संकीर्तन की गूंज से भक्तिमय हो उठा। सैकड़ों कृष्ण भक्त राधे-कृष्ण और चैतन्य महाप्रभु के जयकारों के साथ भक्ति में सराबोर नजर आए।

मंदिर मीडिया प्रभारी रवि कुमार झंवर ने बताया कि श्रीकृष्ण के शुभ प्राकट्य के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक अखंड श्रीहरिनाम संकीर्तन हुआ। इसके पश्चात सायं 5 बजे श्री दण्डवीर हनुमान मंदिर, महावीर नगर तृतीय से विशाल एवं भव्य श्रीहरिनाम संकीर्तन शोभायात्रा निकाली गई, जो महावीर नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः दण्डवीर हनुमान मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।

नारायण दास एवं ललित कृष्ण दास ने बताया कि शोभायात्रा में श्रीकृष्ण चैतन्य प्रेम भक्ति धाम की पताका लिए भक्तों के साथ प्रभु चैतन्य महाप्रभु की आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। डीजे और गाजे-बाजे के साथ भक्त उच्च स्वर में हरिनाम का संकीर्तन करते हुए नृत्य-गान में लीन रहे। भगवन्नाम की गूंज से मार्ग और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो गया।

शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर पुष्पहार, पुष्पवर्षा एवं प्रसाद वितरण कर श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह श्रीठाकुरजी की आरती एवं पूजन किया। शोभायात्रा में चल रहे रथ से दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

शोभायात्रा वर्तमान आचार्य पूज्य श्री हरे कृष्ण दास ब्रह्मचारी जी महाराज के मंगलमय सान्निध्य में संपन्न हुई। भोपाल, सागर, दमोह, खुरई, हर्रई, जबलपुर, विदिशा सहित विभिन्न स्थानों के साथ ही भरतपुर, हाथरस, वृंदावन और दिल्ली से आए भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संध्या आरती के पश्चात भजन-संकीर्तन, बधाई पद गायन एवं धर्म प्रवचन हुए। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक एवं आरती की गई, जिसके बाद सामूहिक श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण प्रसाद वितरित किया गया।

धर्म प्रवचन में पूज्य आचार्य श्री हरे कृष्ण दास ब्रह्मचारी जी महाराज ने श्रीहरिनाम संकीर्तन की महिमा बताते हुए कहा कि वर्तमान युग में कर्म, ज्ञान, ध्यान, यज्ञ, व्रत, तपस्या, दान एवं स्वाध्याय जैसे साधनों के साथ हरिनाम संकीर्तन का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण और संकीर्तन मानव जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम है तथा सभी श्रद्धालुओं से हरिनाम को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

नंदोत्सव एवं श्रीहरिनाम संकीर्तन का आयोजन आज
मीडिया प्रभारी झंवर ने बताया कि 5 सितम्बर को धरणीधर चौराहा स्थित श्री गौर राधा गोविन्द मंदिर, गणेश नगर में नंदोत्सव एवं श्रीहरिनाम संकीर्तन का आयोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा।