चीनी, तेल और दालों के बाद अब डिटर्जेंट साबुन व सर्फ की कीमतें भी बढ़ी

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नई दिल्ली। दाल, तेल और चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के बाद अब घर की सफाई का खर्च भी बढ़ने लगा है। केमिकल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर डिटर्जेंट वाले साबुन और सर्फ की कीमतों पर दिखने लगा है।

कंपनियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि बाजार में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों का घरेलू बजट और बिगड़ सकता है। कारोबारियों का दावा है कि साबुन और सर्फ की कीमत में प्रति किलो करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

केमिकल मर्चेंट्स असोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार गोयल ने बताया कि जब से पश्चिम एशिया में तनाव शुरू हुआ, तब से केमिकल के रेट में थोड़ा-थोड़ा उछाल आने लगा है। पिछले कुछ महीनों में केमिकल के रेट में करीब 30 से 50 प्रतिशत का उछाल आया है।

सुशील का कहना है कि डिटर्जेंट उद्योग में इस्तेमाल होने वाली एसिड स्लरी के दाम में बड़ा उछाल आया है। इसकी कीमत करीब 120 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। डिटर्जेंट बनाने में यह प्रमुख कच्चे माल में शामिल है।

गंधक आधारित केमिकल्स जैसे बाई सल्फाइट 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। बाई सल्फाइट का इस्तेमाल अनेकों सफाई करने और सफेदी लाने वाले केमिकल्स के निर्माण में होता है।

उन्होंने बताया कि तांबे के भाव बढ़ने का असर भी अनेकों केमिकल पर पड़ा है। नीला थोथा 150 रुपये से बढ़कर 400 रुपये तक पहुंच गया है । केमिकल्स के लगातार बढ़ रहे रेट का असर अब डिटर्जेंट से जुड़े साबुन और सर्फ पर पड़ने लगा है।

कारोबारी प्रवीण गोयल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से डिटर्जेंट की कीमत में उछाल आया है। उन्होंने बताया कि एक ब्रेडेड कंपनी के सर्फ के 7 किलो पैकेट की कीमत 880 रुपये थी, लेकिन अब उसकी कीमत 930 रुपये हो गई है।

इसके अलावा कपड़े की धुलाई में इस्तेमाल होने वाले एक ब्रैंडेड साबुन के चार सेट वाले एक पैकेज की कीमत पहले 125 रुपये थी, लेकिन अब उसकी कीमत 155 हो गई है। साथ ही, लिक्विड युक्त सर्फ के एक लीटर की कीमत पहले 149 रुपये थी, अब 159 हो गई है।