कुलगुरू प्रो. बी.पी. सारस्वत ने युवाओं से दिलाई नशामुक्ति की ऑनलाइन प्रतिज्ञा
जयपुर/कोटा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से नशामुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए गोद लिए गए गांवों को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस और परिणामोन्मुखी पहल करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखते हुए ऐसे तत्वों की पहचान कर प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।
लोकभवन से बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के कुलगुरुओं के साथ संवाद में राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राष्ट्रीय दायित्व है।
उन्होंने अधिक प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष जनजागरूकता अभियान संचालित करने तथा विश्वविद्यालयों की सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों में ‘नशामुक्त गांव’ की अवधारणा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत’ संकल्प का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों से ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat) पोर्टल’ पर अधिकाधिक पंजीकरण सुनिश्चित कराने और आगामी 100 सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बैठक में कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर ऑनलाइन नशामुक्ति प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी तभी सार्थक होगी, जब वे नशामुक्त और जागरूक नागरिक के रूप में समाज का नेतृत्व करेंगे।
प्रो. सारस्वत ने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम, शपथ अभियान तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन होगा।
उन्होंने 2 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री के ‘नशामुक्त युवा से विकसित भारत’ विषयक संबोधन के सीधा प्रसारण से अधिकाधिक युवाओं को जुड़ने का आग्रह किया।

