नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की कोशिशों में प्रगति की खबरों के बाद बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी WTI क्रूड दोनों करीब तीन हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गए।
ब्रेंट क्रूड लगभग 5 फीसदी टूटकर 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क 13 जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे। मौजूदा कारोबार में ब्रेंट करीब 78.31 डॉलर और WTI 74.42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान और ओमान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी कहा कि एक-दो दिनों में इस संबंध में समझौता हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो क्षेत्र में तेल की सप्लाई सामान्य होने लगेगी और बाजार में सप्लाई को लेकर बनी चिंता कम होगी।
हालांकि ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं कर रहा है। उसका कहना है कि बातचीत ओमान के जरिए हो रही है और जहाजों की आवाजाही के लिए नए तंत्र पर चर्चा सकारात्मक रही है। उधर कतर भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत तय नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और एलएनजी (LNG) की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई थी। इसके चलते वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ा और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था।
अभी भी बना हुआ है खतरा
हालांकि बातचीत में प्रगति की खबर आई है, लेकिन बाजार पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। पिछले कुछ महीनों में कई बार बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जगी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। इसके अलावा लाल सागर और यमन के आसपास भी जहाजों पर हमलों का खतरा बना हुआ है। मंगलवार को यमन के पास एक भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला हुआ, हालांकि उसमें सवार सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

