सांगोद। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बुधवार को सांगोद क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत आयोजित ग्रामीण चौपालों में भाग लिया। जहाँ ग्रामीणों की अभाव- अभियोग और समस्याओं को सुना गया।
मंत्री नागर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जनसमस्याओं का तत्काल निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल और प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीण चौपालों को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पानी की एक-एक बूंद की कीमत पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों से पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, उनके उचित रखरखाव और वर्षा जल संग्रहण (वाटर हार्वेस्टिंग) को अपनाने की भावुक अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने ग्राम वासियों को गांव को स्वच्छ रखने तथा कीचड़ और गंदगी के स्थायी निस्तारण के वैज्ञानिक उपाय भी सुझाए।
वंदे गंगा अभियान के तहत अपने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर बुधवार को कुराडिया खुर्द, श्यामपुरा और मंडाप गांवों में भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और अपनी स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया।
दौरे के दौरान मगंलवार रात को ऊर्जा मंत्री बोरीना और अमृत कुआं गांव पहुंचे, तो वहां नालियों की सफाई न होने और चारों तरफ कीचड़ फैला देख उनका पारा चढ़ गया।
बोरीना गांव में ग्रामीणों ने नाला चौक होने के कारण बरसाती पानी खेतों में भरने की शिकायत की थी। जिस पर मंत्री स्वयं मौके पर मुआयना करने पहुंच गए। सफाई व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त पाकर उन्होंने विकास अधिकारी को फटकार लगाई।
मंत्री नागर ने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि ठीक आठ दिन बाद इस क्षेत्र का दोबारा दौरा करूँगा। तब तक सारे नाले साफ हो जाने चाहिए और कहीं भी कीचड़ नजर नहीं आना चाहिए।
अगर लापरवाही जारी रही, तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बिना वीडीओ की मूक सहमति के कोई फर्जी बिल पास नहीं हो सकता, इसलिए जवाबदेही तय होगी।
सिस्टम सुधरेगा तभी होगा गांवों का विकास: ऊर्जा मंत्री
अधिकारियों को नसीहत देते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि जब तक सरकारी तंत्र और सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक गांवों की तस्वीर नहीं बदली जा सकती। सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकारियों को पूरी निष्ठा से काम करना होगा। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण की जमीनी हकीकत का भी जायजा लिया।
घटिया निर्माण पर रिकवरी और फर्जी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
चौपाल के दौरान मंत्री नागर ने कहां कि सफाई कार्य या निर्माण में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होने बीडीओ को जॉच और रिकवरी के निर्देश दिए। उन्होंने यदि जांच में घटिया निर्माण पाया गया, तो ठेकेदार से पूरी वसूली की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी ठेकेदार कंपनियां सफाई या विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल उठा रही हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट किया जाए।

