7580 मेगावाट क्षमता की इकाईयों से 7171 मेगावाट का उत्पादन: ऊर्जा मन्त्री नागर
कोटा/ सांगोद। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों की कोयला आधारित कुल क्षमता 7580 मेगावाट क्षमता की 23 इकाईयों से 2 जून 2026 को रात्रि 10 बजे अब तक का उच्चतम 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन करते हुए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की हैं।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा कार्य संभालते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऊर्जा पर फोकस किया गया।
इसमें विद्युत उत्पादन निगम ने भी पूर्व में इकाइयों के अंतर्गत चली आ रही तकनीकी खामियों को दूर करते हुए इकाइयों का चरणबद्ध तरीके से उचित रखरखाव करने से उत्पादन निगम के गठन के बाद से अब तक का सर्वश्रेष्ठ 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया।
ऊर्जा मन्त्री हीरालाल नागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उत्पादन निगम के सीएमडी, अभियन्ताओं एवं समस्त कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होनेे बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों ने 7580 मेगावाट क्षमता की सभी 23 थर्मल इकाइयों से 7171 मेगावाट का उच्चतम विद्युत उत्पादन दर्ज किया है, जो कि पूर्व में 31 जनवरी 2025 को कोल आधारित इकाइयों द्वारा किये गए 6833 मेगावाट उत्पादन से अधिक है।
पूर्व में 22 इकाइयों से उपलब्ध 7330 मेगावाट कुल उत्पादन क्षमता का 93.22 प्रतिशत यूटिलाइजेशन किया गया था। जबकि 2 जून को कोल आधारित इकाइयों द्वारा 7580 मेगावाट कुल उत्पादन क्षमता का 94.60 प्रतिशत यूटिलाइजेशन रहा जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ है।
राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होने बताया कि 2 जून 2026 को ही सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह की सभी 8 इकाइयों कुल क्षमता 2820 मेगावाट द्वारा भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ 2790 मेगावाट उत्पादन किया गया है।
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशन में कार्य करते हुए बेहतर रखरखाव, कुशल वार्षिक अनुरक्षण तथा श्रेष्ठ संचालन के कारण विद्युत उत्पादन ने यह शानदार सफलता हासिल की है।

