कोटा। नान्ता क्षेत्र की उपेक्षित उजड़े हुए प्राचीन जलाशयों तथा विलुप्त होती अमूल्य जैव विविधता की पुर्नस्थापना के लिए स्थापित किए गए भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक निधि (इंटेक) के नीर नगरी सब ग्रुप द्वारा जवाहर बाई तालाब के तट पर गोठ एवं गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद, जवाहर बाई तालाब का जीर्णोद्धार शीघ्र आरम्भ करवाने एवं भावी कार्ययोजनाओं पर विचार विनिमय हुए। तदुपरांत, राजस्थानी भोजन के साथ साथ झूम कर बरसे मेघ मल्हार ने आगंतुकों के तन-मन को तर-बतर कर दिया।

इंटेक के को कन्वीनर बहादुर सिंह हाड़ा ने जवाहर बाई तालाब के जीर्णोद्धार में हो रहे विलम्ब के लिए खेद व्यक्त करते हुए सरकार से इस कार्य को प्राथमिकता देने की माँग की है। उल्लेखनीय है कि इंटेक के सतत प्रयासों से पिछले बजट में इस तालाब के लिए 8 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है।
गोष्ठी की अध्यक्षता चम्बल संसद के अध्यक्ष केबी नंदवाना ने की। संगोष्ठी में प्राकृतिक विरासत विभाग के प्रभारी बृजेश विजयवर्गीय, वरिष्ठ सदस्य एच जैदी, शिक्षाविद् रमेश विजय, तेजस्वी महेश्वरी और कार्यक्रम के सूत्रधार अनिल शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
अनिल शर्मा ने बताया कि संगीत गुरु प्रमोद व्यास के सानिध्य में गिरिवर गौड़, निषेध सोनी, गरिमा गुप्ता, चित्रा सोनी, मुक्तेश शर्मा, मृत्युंजय शर्मा एवं डॉ. सौरभ शर्मा ने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी।

