सांगोद विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित
कोटा/ सांगोद। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को जिला परिषद सभागार में सांगोद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में ग्रामीण विकास, ढांचागत सुधार और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा की गई।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने खेतों के रास्तों और श्मशान घाटों की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में किसी भी गांव से यह दुखद समाचार नहीं आना चाहिए कि तिरपाल डालकर अंत्येष्टि करनी पड़ रही है।
उन्होंने हर हाल में श्मशान तक सुगम रास्ते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री नागर ने कहा कि श्मशानों में टीन शेड के स्थान पर आरसीसी का मॉडल अपनाया जाए, जिसमें स्लैब और सरिया का उचित उपयोग हो। इसके साथ ही हर गांव में श्मशान की उपलब्धता के लिए व्यापक सर्वे करने, भूमि आवंटित करने और श्मशानों में बाउंड्रीवॉल, ट्यूबवेल या हैंडपंप तथा बेंच व पौधे लगाकर उन्हें ‘मॉडल श्मशान’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘काम को टालने की प्रवृत्ति’ तुरंत बंद की जाए। विकास कार्यों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए उन्होंने तीन-तीन पंचायतों का क्लस्टर बनाकर कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाने और ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही उनके बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इंटरलॉकिंग और सीसी रोड के साथ पत्थर से ‘वी-शेप’ की मजबूत नालियों का निर्माण किया जाए। उन्होंने 60% डैमेज हो चुकी नालियों को तोड़कर दोबारा बनाने और नालियों में पत्थर का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अच्छी नाली के सीसी सड़क पर खर्च किया गया पैसा व्यर्थ चला जाता है।
नई तकनीक का उपयोग और लागत में कमी लाने के निर्देश
बजट और संसाधनों के सही उपयोग पर बल देते हुए मंत्री नागर ने कहा कि कहीं पर भी पत्थर की चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) न बनाई जाए, क्योंकि इसमें चार गुना अधिक लागत आती है और यह जल्दी खराब भी हो जाती है। इसके स्थान पर नई तकनीक का प्रयोग किया जाए। इसी तरह, उन्होंने सामुदायिक केंद्रों को आरसीसी का बनाने के बजाय 17-18 फीट ऊंचे टीन शेड लगाकर विशाल डोम के रूप में तैयार करने की सलाह दी। जिससे लागत कम और उपयोगिता अधिक हो सके।
गोवर्धन परियोजना और अन्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास, पंचायती राज और सीएसआर के कार्यों के साथ-साथ लटूरी में गोवर्धन परियोजना के तहत तैयार गोबर गैस प्लांट पर भी व्यापक चर्चा हुई। इस प्लांट से भविष्य में गैस सिलेंडर भरवाए जाने की कार्ययोजना पर बात की गई। अंत में, मंत्री नागर ने कहा कि सभी विकास कार्यों का पहले व्यापक सर्वे हो, एस्टीमेट के साथ पूरा डेटा उपलब्ध होना चाहिए और प्राथमिकताओं के आधार पर ही प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जाए।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरिता सिंह, सांगोद प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, सुल्तानपुर प्रधान कृष्णा शर्मा, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, मंडल अध्यक्ष सत्यवान नागर और विजय शंकर सैनी समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

