नई दिल्ली। Stock Market This Week : स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह अमेरिका-ईरान संबंधों से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा से तय होंगे।
एक्सपर्ट्स ने यह राय जताई है। इसके अलावा प्रमुख आर्थिक आंकड़ों की घोषणा, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां तथा रुपये-डॉलर की विनिमय दर पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमख अजित मिश्रा ने कहा कि बाजार भागीदारों की नजर अमेरिका-ईरान की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। ये दोनों कारक मुद्रास्फीति की अपेक्षाओं, रुपये की स्थिरता और विदेशी निवेश प्रवाह को सीधे प्रभावित करते हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार को मई माह का अंतिम एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (पीएमआई) आंकड़ा जारी होगा, जबकि बुधवार को सेवा क्षेत्र और समग्र पीएमआई के आंकड़े आएंगे। इनसे मांग, कारोबारी गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक मजबूती का संकेत मिलेगा।
मिश्रा के अनुसार, सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटना शुक्रवार को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का निर्णय होगा। निवेशक ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और नकदी प्रबंधन को लेकर केंद्रीय बैंक के रुख पर विशेष ध्यान देंगे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर तथा विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी अर्थव्यवस्था की गति और बाहरी क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने में मदद करेंगे।
पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 639.61 अंक यानी 0.84 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी 171.55 अंक यानी 0.72 प्रतिशत टूटा था।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड मीणा ने कहा कि घरेलू स्तर पर आरबीआई की नीतिगत बैठक सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। बढ़ती महंगाई और मुद्रा बाजार की परिस्थितियों के बीच निवेशक केंद्रीय बैंक के संकेतों का बारीकी से विश्लेषण करेंगे।
उन्होंने कहा कि एक जून को मई माह के वाहन क्षेत्र के बिक्री आंकड़े भी आएंगे। इससे इस क्षेत्र की उपभोक्ता मांग की स्थिति का अंदाजा लगेगा।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, निकट अवधि में भारतीय शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से आरबीआई के नीतिगत निर्णय और जीडीपी आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
वहीं पीएमआई और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती तस्वीर पेश करेंगे।

