ऊर्जा मंत्री ने जांची ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ की हकीकत,

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कनवास क्षेत्र का दौरा, वैज्ञानिक पद्धति से वाटर रिचार्जिंग पर दिया जोर

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर रविवार को कनवास विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थानीय विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

मंत्री नागर ने मुख्य रूप से ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर चल रहे स्वच्छता अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

उन्होंने बालूहेड़ा, झालरी, हिंगोनिया, कनवास, सावनभादो, जालिमपुरा और मोरूकलां गांवों का धरातल पर निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

ऊर्जा मंत्री नागर ने आमजन के अभाव-अभियोग और स्थानीय समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना तथा उनके त्वरित निस्तारण के लिए मौके पर ही अधिकारियों को पाबंद किया।

​ऊर्जा मंत्री ने स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह अभियान कोई कर्मकांड या सिर्फ फोटो खिंचाने का जरिया नहीं बनना चाहिए, बल्कि धरातल पर इसके वास्तविक और जमीनी बदलाव दिखने चाहिए।

ग्रामीण विकास और स्वच्छता के कार्यों में किसी भी स्तर पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि बेहतर काम करने वाले ग्राम सेवकों को सरकार की ओर से पारितोषिक दिया जाएगा। जबकि अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सीधे चार्जशीट थमाई जाएगी।

​मंत्री हीरालाल नागर ने जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन की तकनीकों को बढ़ावा देने और ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को सुधारने के लिए गांवों में वैज्ञानिक पद्धति से सोखता गड्ढों के निर्माण पर जोर दिया, ताकि व्यर्थ बहने वाले पानी से वाटर रिचार्जिंग प्रभावी ढंग से हो सके।

जल स्रोतों के पुनरुद्धार व संरक्षण को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने पारंपरिक कुओं व बावड़ियों के जीर्णोद्धार पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से अपील की कि वे हर गांव में जाएं और जन भागीदारी के साथ जल स्रोतों पर श्रमदान करें। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

शिकायत पर लाइन मेन को कराया एपीओ
राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है।

कनवास के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने लाइनमैन द्वारा काम के बदले पैसे मांगने और ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने की गंभीर शिकायतें सीधे ऊर्जा मंत्री से कीं। ग्रामीणों की जनसुनवाई के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नागर ने मौके पर ही आरोपी कार्मिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।

ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के तुरंत बाद जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सांगोद कार्यालय द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। सहायक अभियंता कनवास कार्यालय में तैनात लाइनमैन-द्वितीय जगदीश गहलोत को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है।

इसके साथ ही उन्हें कनवास कार्यालय से कार्यमुक्त करके सहायक अभियंता सांगोद कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें कोई जॉइनिंग टाइम नहीं मिलेगा।

ऊर्जा मंत्री नागर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता को परेशान करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।