बैंक बल्क डिपॉजिट पर तय कर सकेंगे अलग ब्याज दरें, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

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नई दिल्ली। Interest Rates on Bulk Deposits: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को थोक (बल्क) जमा की दरें तय करने में ज्यादा छूट दी है। इसके तहत बैंक लिक्विडिटी कवरेज अनुपात (एलसीआर) ढांचे के अंतर्गत ऐसे जमा की लिक्विडिटी के आधार पर अलग-अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं।

हालांकि आरबीआई ने जमा की दरें तय करने में एकरूपता के व्यापक सिद्धांत को बनाए रखा है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि थोक जमा समेत सभी तरह के जमा पर मिलने वाली ब्याज दरें सभी बैंक की शाखाओं और ग्राहकों के लिए एक जैसी होनी चाहिए। साथ ही बैंक अपनी किसी भी शाखा में एक ही तारीख को होने वाली जमा के लिए ब्याज में कोई भेदभाव नहीं कर सकते।

आरबीआई ने कहा, ‘बैंकों को एलसीआर ढांचे के तहत जमा या बिना गारंटी वाले थोक फंडिंग पर लागू अलग-अलग दर को ध्यान में रखते हुए थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दरें रखने की छूट होगी।’ यह छूट घरेलू रुपये वाले थोक जमा और अनिवासी भारतीयों से रुपये वाले जमा, दोनों के लिए उपलब्ध होगी। इस कदम से थोक जमा (बड़ी जमा राशि) के लिए मूल्य निर्धारण ढांचे में बदलाव आया है। अब बैंक ऐसी जमा राशियों पर ब्याज दर तय करते समय एलसीआर ढांचे के तहत लागू रन ऑफ रेट पर विचार कर सकते हैं।

रन ऑफ रेट वह प्रतिशत है जिसके तहत संकट या दबाव की स्थिति में अगले 30 दिन के भीतर बैंक से जमा राशि की निकासी या नकदी के बाहर निकलने का अनुमान लगाया जाता है। आरबीआई ने कहा, ‘थोक जमा समेत सभी तरह की जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दरें सभी शाखाओं और सभी ग्राहकों के लिए एक जैसी होंगी। साथ ही, एक ही तारीख को किसी भी शाखा में स्वीकार की गई समान राशि की जमा में ब्याज के मामले में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।’

ब्याज दर तय करने की आजादी के साथ-साथ आरबीआई ने थोक जमा दरों के बारे में जानकारी देने के नियम भी लागू किए हैं। बैंकों को हर कार्यदिवस को सुबह 10 बजे अपनी वेबसाइट पर थोक जमा पर मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी देनी होगी।

इसके अलावा थोक जमा समेत सभी तरह की जमा राशियों पर दिए जाने वाले ब्याज की दरें, बैंक की वेबसाइट पर पहले से बताई गई ब्याज दरों की सूची के अनुसार ही होनी चाहिए। संशोधित ढांचा 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा।

आरबीआई के ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक ने सोमवार को कहा था कि उसके बोर्ड ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों प्रबंध निदेशक व सीईओ शशिधर जगदीशन, मुख्य वित्त अधिकारी श्रीनिवासन वैद्यनाथन और समूह प्रमुख (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा को चेतावनी पत्र जारी किए हैं और प्रत्येक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

यह कार्रवाई बैंक द्वारा 2017 और 2021 में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम से जमा राशि जुटाने के लिए किए गए समझौतों की, स्वतंत्र निदेशकों की एक विशेष अनुशासनात्मक समिति द्वारा की गई आंतरिक समीक्षा के बाद की गई।