नई दिल्ली। एनसीडीईएक्स पर शुक्रवार को धनिया वायदा में पिछले सत्र की गिरावट के बाद फिर से तेजी देखने को मिली, जबकि हल्दी और जीरा वायदा में अल्पकालिक मुनाफावसूली के कारण कमजोरी रही।
अगस्त डिलीवरी का सबसे सक्रिय धनिया वायदा अनुबंध 15,516 रुपये प्रति 100 किलोग्राम पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 1.2% अधिक था। गुरुवार को यह अनुबंध 15,700 रुपये प्रति 100 किलोग्राम के रिकॉर्ड इंट्राडे स्तर तक पहुंचा था, लेकिन मुनाफावसूली के कारण फिसल गया था।
प्रमुख मंडियों में धनिया की आवक साप्ताहिक आधार पर 35% घटकर 1,845 टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,822 टन थी। कम आवक और सीमित उपलब्धता के कारण बाजार को समर्थन मिल रहा है। उद्योगों की अच्छी मांग और निर्यात पूछताछ बढ़ने की उम्मीद भी कीमतों को मजबूती दे रही है।
एक्सचेंज द्वारा मान्यता प्राप्त गोदामों में स्टॉक बढ़ा है, लेकिन खुले बाजार में उपलब्धता अभी भी सीमित है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी से भारतीय धनिया वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो रहा है, जिससे निर्यात मांग बढ़ सकती है। अगले कुछ दिनों में एनसीडीईएक्स पर धनिया का भाव 13,850 से 15,660 रुपये प्रति 100 किलोग्राम के दायरे में रह सकता है।
Turmeric Future : हल्दी वायदा में बढ़ी हुई आवक के कारण दबाव देखा गया। वर्तमान में कटाई का चरम सीजन चल रहा है और किसान तेजी से स्टॉक बेच रहे हैं, जिससे दैनिक आवक तत्काल मांग से अधिक हो गई है।
कुछ क्षेत्रों से गांठों में सड़न (राइजोम रॉट) और गुणवत्ता में गिरावट की खबरें भी आई हैं, जिसके कारण किसानों को कम कीमत पर बिक्री करनी पड़ रही है।
समग्र आपूर्ति की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। पिछले सीजन का कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक काफी कम है और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश से खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे बाजार को दीर्घकालिक समर्थन मिल रहा है।
अगस्त हल्दी वायदा 17,498 रुपये प्रति 100 किलोग्राम पर कारोबार करता देखा गया, जो पिछले बंद भाव से 0.3% कमजोर था। अगले सप्ताह इसके 16,300 से 17,600 रुपये प्रति 100 किलोग्राम के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
Cumin Future: एनसीडीईएक्स पर जीरा वायदा में भी शुक्रवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। कटाई के बाद का पीक सीजन समाप्त होने के साथ घरेलू मांग कुछ कमजोर हुई है और मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिला। हालांकि किसान और स्टॉकिस्ट धीरे-धीरे माल बेच रहे हैं, जिससे हाजिर बाजार में उपलब्धता नियंत्रित बनी हुई है और कीमतों को आधार मिल रहा है।
घरेलू मसाला उद्योग फिलहाल आवश्यकता के अनुसार ही खरीदारी कर रहा है और बड़े पैमाने पर स्टॉक नहीं बना रहा, जिससे तत्काल मांग सीमित बनी हुई है। जुलाई जीरा वायदा 20,445 रुपये प्रति 100 किलोग्राम पर कारोबार करता देखा गया, जो पिछले बंद भाव से 0.2% कमजोर था। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में इसका कारोबार 19,700 से 20,800 रुपये प्रति 100 किलोग्राम के दायरे में रह सकता है।

