अयोध्या के राममंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चंदा चोरी का आरोप

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नई दिल्ली। Badrinath dham Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के चारधामों में प्रमुख तीर्थस्थल और विश्वविख्यात बदरीनाथ धाम में चंदा चोरी (चढ़ावा चोरी) के आरोप सामने आए हैं।

एक धार्मिक संगठन भैरव सेना ने मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव पर ही चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूत्रों के अनुसार भैरव सेना के आरोपों के बाद बीकेटीसी प्रबंधन ने मामले की गुपचुप जांच शुरू कर दी है। दरअसल, बीकेटीसी का विवादों से पुराना नाता रहा है। हाल के दिनों में एक के बाद एक लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने आरोपों के बाद निजी सहायक समेत सभी ड्यूटी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा हैं। उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष ने निजी सचिव से यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि वे धाम में एक कर्मचारी से अतिरिक्त कुछ नहीं हैं।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति(बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि चढावे में चोरी के मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए गए हैं।

यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई सोने की प्लेटों का रंग उतरना, पदाधिकारी का अपनी ही पत्नी को कर्मचारी बनाना और दान के लिए क्यूआर कोड लगवाना समेत कई विवाद शामिल हैं।

द्विवेदी ने यह साफ किया कि जिस व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वो गलत है। संबंधित कर्मचारी बीकेटीसी का नियमित सरकारी कर्मचारी है। वैयक्तिक सहायक के रूप में पूर्व में भी मंदिर समिति के तीन अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है। यदि आरोप सही पाये जाते है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर के मामले के सामने आने के बाद ही बीकेटीसी भी सतर्क हो गई थी। अध्यक्ष द्विवेदी ने बताया कि इस मामले के बाद मंदिर परिसर में हाई रेज्योल्यूशन के कैमरे लगा दिए गए हैं। इनमें पूरे परिसर की साफ रिकार्डिंग होती है। उसमें किसी का भी छिपना मुमकिन नहीं होगा।

सूत्रों के अनुसार भैरव सेना के आरोपों के बाद बीकेटीसी प्रबंधन ने मामले की गुपचुप जांच शुरू कर दी थी। बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव बताए जा रहे व्यक्ति की भूमिका को देखा जा रहा था। लेकिन सीसीटीवी की फुटेज को जूम करने पर तस्वीर साफ साफ नजर नहीं आ रही है। इस वजह से अभी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का विवादों से पुराना नाता रहा है। हाल के दिनों में एक के बाद एक लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे बीकेटीसी की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे को लेकर उठे ताजा सवालों के बीच बीकेटीसी के सामने विश्वसनीयता बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हुई है। कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में कहीं न कहीं निगरानी और पारदर्शिता को लेकर स्थिति साफ करने की जरूरत है, ताकि लोगों की आस्था और विश्वास को ठेस नहीं पहुंचे।

यह रहे हैं प्रमुख विवाद

  1. गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई सोने की प्लेटों का रंग उतरना
  2. मंदिर परिसर में दान के लिए क्यूआर कोड लगाए जाने
  3. बीकेटीसी के बजट को वीआईपी मेहमाननवाजी पर खर्च करना
  4. बीकेटीसी के पदाधिकारी के अपनी ही पत्नी को कर्मचारी नियुक्त करना
  5. बीकेटीसी के मंदिरों में वीआईपी के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था

सूत्रों के अनुसार मंदिर समिति के भीतर से ही भैरव सेना संगठन को यह खबर दी गई कि पिछले कुछ समय से दान गिनती में गड़बड़ी हो रही है। जैसे ही सीसीटीवी में कुछ आपत्तिजनक दिखाई दिया, यह सूचना भैरव सेना तक पहुंच गई। इसके तत्काल बाद ही बीकेटीसी सीईओ को ज्ञापन भेज दिया।

सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब तक किसी भी आरोप की विधिवत जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार के अपुष्ट अथवा भ्रामक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतें, ताकि पवित्र धाम की गरिमा एवं छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।