मुंबई। Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है। अपने फोरेक्स भंडार में बढ़ोतरी की मुख्य वजह फॉरेन करेंसी एसेट या विदेशी मुद्रा अस्तियों (FCA) में इजाफा होना है। साथ ही सोने का भंडार भी थोड़ा बढ़ा है। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign exchange reserves) बढ़ कर $682.35 billion तक पहुंच गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $6.118 billion की बढ़ोतरी हुई है।
इससे एक सप्ताह पहले भी इसमें $1.080 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ कर $682.354 billion का हो गया है। इससे पहले 27 फरवरी 2026 को अपना भंडार $728.494 billion के ऑल टाइम हाई पर था।
FCA में बढ़ोतरी
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 24 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Asset) में $4.873 billion की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $4.549 billion की बढ़ोतरी हुई थी। अब अपना एफसीए भंडार बढ़ कर $555.929 billion का हो गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व भी बढ़ा
आलोच्य सप्ताह के दौरान सोने के दाम थोड़े चढ़े हैं। इससे रिजर्व बैंक के सोने के भंडार की वैल्यू में $1.308 billion का इजाफा हुआ है। इससे एक सप्ताह पहले तो इसमें $3.480 billion की गिरावट हुई थी। अब अपने सोने के भंडार की वैल्यू बढ़ कर $103.058 billion का हो गया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का था। यह देश के कुल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का करीब 16.7% बैठता है। इसके मूल्य में कमी होती है यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित करता है।

