नई दिल्ली। भारत में सभी पेट्रोल पंपों पर E20 यानी 20 पर्सेंट एथेनॉल मिक्स इंधन की बिक्री शुरू हो चुकी है। इस बीच ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की एक सीक्रेट रिपोर्ट ने पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंता बढ़ा दी है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। इनमें फ्यूल पाइप, गैसकेट, सील और ओ-रिंग्स शामिल हैं।
भारत ने अप्रैल 2025 में ही तय समय से 5 साल पहले पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू कर दिया था। अब रेगुलर पेट्रोल में 20 पर्सेंट एथेनॉल मिलाया जा रहा है। इससे गाड़ियों के इंजन पर असर पड़ने की आशंका है।
BS-VI टर्बोचार्ज्ड इंजन में दिक्कतें
ARAI के टेस्ट में सामने आया है कि अलग-अलग इंजनों पर E20 ईंधन का असर अलग होता है। फोर-व्हीलर इंजन के टेस्ट में एक BS-IV इंजन का प्रदर्शन तो ठीक रहा। लेकिन, एक BS-VI टर्बोचार्ज्ड इंजन ने 265 घंटे की टेस्टिंग के बाद दिक्कतें देना शुरू कर दिया। वहीं, एक कार निर्माता कंपनी के इंजन में 809 घंटे की टेस्टिंग के बाद एग्जॉस्ट वाल्व में ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ देखा गया। इसका मतलब है कि ज्यादा गर्मी और दबाव के कारण इंजन का वाल्व मुड़ या टूट सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे E20 के अलावा दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
टू-व्हीलर्स के माइलेज में गिरावट
टू-व्हीलर्स के मामले में नतीजे काफी बेहतर रहे हैं। तीन बड़ी टू-व्हीलर कंपनियों द्वारा किए गए टेस्ट में इंजनों में कोई खराबी नहीं पाई गई। उनका प्रदर्शन E20 पेट्रोल पर पूरी तरह संतोषजनक रहा। राहत की बात यह है कि इस टेस्ट में गाड़ियों के मेटल वाले हिस्सों पर कोई बुरा असर नहीं देखा गया। साथ ही, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का प्रदूषण भी तय कानूनी सीमा के भीतर ही रहा। गाड़ियों को स्टार्ट करने और चलाने में भी कोई बड़ी समस्या नहीं आई। हालांकि, E10 पेट्रोल के मुकाबले E20 से गाड़ियों के माइलेज में गिरावट दर्ज की गई है।
घटते माइलेज को लेकर भी चिंता
गाड़ी मालिकों की सबसे बड़ी चिंता गाड़ी के टिकाऊपन और घटते माइलेज को लेकर है। साल 2012 से पहले बनी गाड़ियां और अप्रैल 2023 से पहले के कई मॉडल E20 पेट्रोल के लिए सर्टिफाइड नहीं हैं। इंजीनियर्स के अनुसार, एथनॉल सामान्य पेट्रोल की तुलना में नमी को बहुत जल्दी सोखता है। इस वजह से फ्यूल टैंक और पाइप में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर पुरानी गाड़ियों के रबर और प्लास्टिक कंपोनेंट्स इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। सर्दियों के मौसम में गाड़ी स्टार्ट करने में दिक्कत होने की भी आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, कार कंपनियों ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या कहती हैं ऑटो कंपनियां
चिंताओं के बावजूद मारुति सुजुकी, हुंडई, टोयोटा, हीरो मोटोकॉर्प, टीवीएस और बजाज जैसी बड़ी कंपनियों ने E20 पेट्रोल का समर्थन किया है। ऑटो कंपनियों का दावा है कि सालों की लैब टेस्टिंग और जमीनी अनुभवों के बाद ही इसे सुरक्षित घोषित किया गया है। टोयोटा के विक्रम गुलाटी ने कहा कि भारत की टेस्टिंग प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय यूएनईसीई (UNECE) मानकों के अनुरूप है। इस बीच सरकार एथनॉल ब्लेंडिंग के अगले चरण की तैयारी भी कर रही है। सरकार ने भविष्य के लिए E85 और E100 जैसे ईंधनों को भी मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा है।

