जैव ईंधन के लिए मांग बढ़ने से वैश्विक बाजार में सोयाबीन का भाव मजबूत रहने के आसार

0
11

मुम्बई। क्रूड खनिज तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों का वैश्विक कारोबार प्रभावित होने तथा भाव ऊंचा रहने से अनेक देशों में जैव ईंधन निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है जिससे सोयातेल एवं सोयाबीन की मांग बढ़ती जा रही है।

वैसे शानदार वैश्विक उत्पादन के कारण इसके दाम में सीमित बढ़ोत्तरी हुई है। सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ब्राजील में इस वर्ष सोयाबीन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।

एक अग्रणी विश्लेषक फर्म ने वर्ष 2026 के लिए सोयाबीन का औसत वायदा मूल्य 11.58 डॉलर प्रति बुशेल रहने की संभावना व्यक्त की है जबकि पहले 11.30 डॉलर प्रति बुशेल रहने का अनुमान लगाया था। फर्म के अनुसार ईरान अमरीका के बीच लम्बे समय से जारी तनाव एवं युद्ध के कारण क्रूड खनिज तेल का भाव तेज हो गया जिससे जैव ईंधन की मांग बढ़ने लगी।

वर्ष 2027 के लिए विश्लेषक फर्म ने सोयाबीन का औसत वैश्विक बाजार भाव 11.43 डॉलर प्रति बुशेल रह जाने का अनुमान लगाया है क्योंकि पश्चिम एशिया में संकट समाप्त हो जाने की संभावना है जिससे खनिज तेल का अंतर्राष्ट्रीय कारोबार पुनः पटरी पर वापस लौट सकता है।

वैसे सोयाबीन का यह अनुमानित मूल्य स्तर भी काफी ऊंचा है। यदि अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार आता है और चीन अमरीकी सोयाबीन का आयात तेजी से बढ़ाने पर सहमत हो जाता है तो इस महत्वपूर्ण तिलहन की कीमतों को अच्छा समर्थन मिल सकता है।

अमरीका में अगले महीने से सोयाबीन की नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना है जबकि ब्राजील में इसकी बिजाई आरंभ हो जाएगी। चीन के आयातक ब्राजील से विशाल मात्रा में सोयाबीन मंगा रहे है और अमरीका से इसकी बहुत कम कर रहे हैं। इससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।