नई दिल्ली। PM Modi at the Bloomberg Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम 2026 को संबोधित करते हुए 21वीं सदी में हो रहे बड़े बदलावों, तकनीक की भूमिका और भारत की अर्थव्यवस्था पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तकनीक का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। पावर यानी ताकत का मकसद दूसरों को सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि ताकत किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल लोगों के फायदे के लिए कैसे किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन आज ताकत के प्रमुख स्रोत बन गए हैं। इनका इस्तेमाल करोड़ों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने में होना चाहिए। ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम का आयोजन पहली बार भारत में हो रहा है। यह फोरम दुनिया के प्रमुख विचारकों, कारोबारियों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाता है। यहां वैश्विक अर्थव्यवस्था और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की जाती है।
21वीं सदी में हो रहा बड़ा बदलाव
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया बड़े बदलावों से गुजर रही है। ऐसे समय में नए विचारों और नए समाधानों की जरूरत है। ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम जैसे मंच दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के विशेषज्ञों को साथ लाकर नए विचारों को जन्म देने में मदद करते हैं।
तकनीक का फायदा सभी तक पहुंचे
प्रधानमंत्री ने तकनीक को आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाने पर जोर दिया। उनका संदेश है कि तकनीकी प्रगति का लाभ केवल कुछ लोगों या वर्गों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका फायदा सभी तक पहुंचना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने ‘पावर टू एम्पावर’ के विचार को समझाते हुए कहा कि दुनिया को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। उन्होंने नियंत्रण के बजाय सक्षम बनाने, प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और केवल अपनी सफलता के बजाय दूसरों को सफल बनाने को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि ताकत का उद्देश्य दूसरों पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना होना चाहिए। इसी तरह, प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग और अपनी उपलब्धियों के साथ दूसरों की सफलता में योगदान देने की भावना भी जरूरी है।
IMF ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को माना अहम
पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के हवाले से भारतीय अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। आईएमएफ ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था का लोहा माना है। आईएमएफ के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 में देश की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी के पार रहेगी।
भारत की परंपरा में भी है इस सोच का महत्व
पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान, धन और ताकत का इस्तेमाल बड़े उद्देश्य के लिए करना भारत के लिए कोई नई बात नहीं है। भारत की हजारों साल पुरानी परंपरा में इनके सही इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति रखने वाले व्यक्ति या संस्था उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से करते हैं, यह सबसे महत्वपूर्ण है। ताकत की असली कीमत उसके उद्देश्य से तय होती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने अपनी शासन व्यवस्था और काम करने के तरीकों में इस सोच को अपनाने की कोशिश की है।

