किस पर लागू होगा किराए पर जीएसटी, एक्सपर्ट से जानिए

89

कोटा। GST on rent: जीएसटी काउंसिल (GST Council) की सिफारिशों के बाद 13 जुलाई को जारी नोटिफिकेशन में किराए पर जीएसटी लागू हो गया है। हालांकि किराए पर टैक्स कुछ खास परिस्थितियों में ही लगेगा। अगर आप नौकरी करते हैं और आपने कोई फ्लैट किराए पर ले रखा है तो आपको किराए पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। जानते हैं कि जीएसटी के तहत रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (reverse charge mechanism) में किराए पर किसे टैक्स देना होगा..

जीएसटी काउंसिल के अनुसार 18 जुलाई से लागू नए नियमों के तहत अगर कोई अनरजिस्टर्ड पर्सन (नौकरीपेशा आदमी या छोटा कारोबारी) अपना फ्लैट जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड पर्सन (उदाहरण के लिए कोई कंपनी) को किराए पर देता है तो जीएसटी लगेगा। रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत किराएदार को किराए पर 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। साथ ही उसे इसके अनुपालन से संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होगी।

टैक्स रूल्स के तहत पर्सन का मतलब केवल इंडिविजुअल नहीं है बल्कि यह एक विस्तृत टर्म है और इसमें कंपनियों के साथ-साथ सभी लीगल एंटिटीज शामिल हैं। सैलरी पाने वाले लोगों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ती है। साथ ही सभी बिजनसमैन, प्रोफेशनल्स और बिजनस एंटिटीज को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।

इनको कराना होगा रजिस्ट्रेशन
अगर किसी सर्विस प्रोवाइडर का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये है तो उसे रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। गुड्स सप्लायर्स के लिए यह सीमा 40 लाख रुपये है। लेकिन कई मामलों में इससे कम टर्नओवर वाले लोगों ने भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया है। इसकी वजह यह है कि इससे उनके क्लाइंट या कस्टमर सप्लाई चेन में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं।

ऐसे समझें
कोई बिजनस कंसल्टैंट जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड है। उसने किसी अनरजिस्टर्ड पर्सन से अपने और अपने परिवार के लिए फ्लैट किराए पर लिया है। सीए मिलिंद विजयवर्गीय के मुताबिक अगर बिजनस कंसल्टैंट अपने आईटीआर में किराए का क्लेम नहीं करता है तो रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म लागू नहीं होगा। वर्क फ्रॉम होम के कारण इसमें भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। विजयवर्गीय ने कहा कि अगर कोई प्रोफेशनल या गिग वर्कर जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड है और सोल प्रोपाइटर के तौर पर अपनी सेवाएं देता है तो उसे अपने नाम पर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी किराए पर नहीं लेनी चाहिए। इससे उसे भविष्य में किसी तरह के विवाद से बचने में मदद मिलेगी। अगर किराएदार जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड नहीं है तो रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म लागू नहीं होगा।