नई दिल्ली। Russian sunflower oil: भारत आने वाले रूसी सूरजमुखी तेल (सनफ्लावर ऑयल) की एक खेप रद्द कर दी गई है। साथ ही अन्य खेपों में देरी हुई है। इंडस्ट्री के एक अधिकारी और ट्रेड से जुड़े सूत्रों के हवाले से रायटर्स ने यह जानकारी दी है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ब्लैक सी (काला सागर) के बंदरगाहों पर हमलों के कारण भारत के सबसे बड़े सप्लायर से होने वाले एक्सपोर्ट में रुकावट आई है।
ट्रेड बॉडी ‘इंटरनेशनल सनफ्लावर ऑयल एसोसिएशन’ के प्रेसिडेंट संदीप बजोरिया ने रॉयटर्स को बताया कि भारत आने वाली 20,000 टन रूसी सूरजमुखी तेल की खेप ‘रद्द’ हो गई। कारण है कि सप्लायर ब्लैक सी इलाके में बंदरगाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के चलते इसे डिलीवर नहीं कर सका।
सूरजमुखी तेल के व्यापार में ऐसी खेपों का रद्द होना (वॉशआउट) बहुत कम होता है। कई सालों से ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। ट्रेड सूत्रों ने बताया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण भारत आने वाले लगभग 60,000 टन सूरजमुखी तेल की खेप में भी देरी हुई है। इससे भारतीय खरीदार त्योहारों के मौसम से पहले पाम ऑयल की खरीद बढ़ा रहे हैं।
सप्लायर कर रहे जुगाड़
सूत्रों ने बताया कि रूसी विक्रेता अब सेंट पीटर्सबर्ग और उस्त-लुगा जैसे बाल्टिक सागर के बंदरगाहों से सूरजमुखी तेल भेजने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि ब्लैक सी से शिपमेंट भेजना मुश्किल हो गया है।

