नई दिल्ली। भारत में सेना के बाद रेलवे ही सबसे बड़ा नियोक्ता या एम्पलॉयर है। रेलवे बोर्ड ने अपने 10 लाख से भी ज्यादा कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने Rail Service (Extraordinary Pension) Rules, 2026 को अधिसूचति कर दिया है। यह रेल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम 1993 का स्थान लेगा। हम बता रहे हैं इस योजना के बारे में।
क्या हुआ है फैसला
रेलवे बोर्ड ने रेल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम, 2026 का गजट नोटिफिकेशन किया है। यह रूल रेल कर्मचारियों, रेलवे के पेंशनर्स और Family Pension लेने वालों के लाभ से संबंधित मुख्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। यदि रेलवे के किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत हो जाती है या किसी दुर्घटना में वे दिव्यांग हो जाते हैं तो उसका पेंशन कैसे निर्धारित होगा, इस बारे में है यह। यह नियम नेशनल पेंशन सिस्टम या NPS का लाभ ले रहे हैं कर्मचारियों पर भी लागू होगा, लेकिन NPS rules 2025 की कुछ शर्तों के दायरे में।
नए नियम में चार श्रेणियां
रेलवे के नए पेंशन नियमों के तहत, मृत्यु और दिव्यांगता को चार श्रेणियों में बांटा गया है: A, B, C, और D। इनमें से B और D श्रेणी के तहत आने वाले मामलों को Extraordinary pension या असाधारण पेंशन का लाभ मिलेगा। यदि फेमिली पेंशन की बात करें तो नए नियम में भी रेल कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार के योग्य सदस्य को पेंशन मिलेगा। परिवार को कितना पेंशन मिलेगा, यह श्रेणी पर निर्भर करेगा।
किस श्रेणी में कितना पेंशन
जहां तक फेमिली पेंशन का सवाल है, रेलवे कर्मचारी की मृत्यु के बाद, श्रेणी B के तहत आने वाले पात्र परिवार सदस्य कर्मचारी के वेतन का 60% पेंशन के रूप में प्राप्त करेंगे। वहीं C और D श्रेणियों के तहत आने वाले सदस्य 100% वेतन प्राप्त करेंगे।
ऐसे मिलेगा लाभ
रेलवे के नए पेंशन नियम से वैसे मामलों में पर्याप्त सुरक्षा मिलने की बात की जा रही है जिनमें दिव्यांगता के प्रतिशत के निर्धारण के लिए मेडिकल बोर्ड में अपील की जाती है। साथ ही सेवा काल में होने वाली बीमारियों से मौत, डिलेड पेंशन पेमेंट और अटेंडेंट अलाउंस आदि के निर्धारण में भी लाभदायक बताया जा रहा है।
इस योजना की मुख्य विशेषताएं
- नए नियम कहते हैं कि पेंशन लाभ उन मामलों में लागू होंगे जहां किसी रेल कर्मचारी सेवा-संबंधित परिस्थितियों के कारण दिव्यांग हो गया है।
- सेवा अवधि के दौरान किसी रेल कर्मचारी की यदि मौत हो जाती है तो उनका परिवार असाधारण परिवार पेंशन पाने के लिए पात्र हो जाता है।
- यदि कर्मचारी दिव्यांग हो जाता है लेकिन सेवा में बनाए रखा गया है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
- कर्मचारी ने एनपीएस को चुना है लेकिन उसने 2025 NPS नियमों के तहत संबंधित लाभ लेने का विकल्प चुना है।
- गजट नोटिफिकेशन यह भी बताता है कि नवीनतम नियमों के तहत विकलांगता पेंशन या परिवार पेंशन स्वीकृत करने के लिए कोई आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यह जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है कि वह मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच करें।
दिव्यांगता पेंशन के दो भाग
- सर्विस एलीमेंट: कर्मचारी के लिए सर्विस एलीमेंट उसके वेतन का 50% या औसत वेतन के बराबर होगा, जो भी अधिक हो।
- दिव्यांगता या डिसेबिलिटी एलीमेंट: सी और डी श्रेणी में देखें तो 100% दिव्यांगता वाले कर्मचारी के लिए, डिसेबिलिटी एलीमेंट वेतन या औसत वेतन का 30% होगा, जो भी अधिक हो। इसका मतलब है कि 100% दिव्यांगता वाले कर्मचारी की पेंशन संरचना 50% सर्विस एलीमेंट और 30% डिसेबिलिटी एलीमेंट से बनेगी।

