कोचिंग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्वस्तिक चौमुखी दीप महायज्ञ अनुष्ठान आज

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  • 525 दीपों की 2100 ज्योतियों से आलोकित होगा स्वस्तिक
  • ​गरुड़ पर सवार गणेश जी की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित
  • 108 निशुल्क जेडी प्लांट का किया जाएगा वितरण

​कोटा। भारत के कोने-कोने से कोटा में आए लाखों कोचिंग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, मानसिक शांति, तीव्र बुद्धि, अपार सफलता और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बुधवार को शाम 6 बजे श्री राधा-कृष्ण मंदिर में ‘स्वस्तिक चौमुखी दीप महायज्ञ अनुष्ठान’ का आयोजन किया जाएगा।

मंदिर समिति ​अध्यक्ष गोविंदनारायण अग्रवाल ने अनुष्ठान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अनुष्ठान में 5 प्रकांड वैदिक विद्वानों व पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण किया जाएगा। मंदिर प्रांगण में 36×36 फीट के विशाल स्वस्तिक चिन्ह पर 525 चौमुखी दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

इन चौमुखी दीपों के प्रज्ज्वलन से निकलने वाली 2100 ज्योतियों की पावन एवं सकारात्मक ऊर्जा विद्यार्थियों के जीवन में चारों दिशाओं से समृद्धि, एकाग्रता, तीव्र बुद्धि और ज्ञान का संचार करेगी।

इसके साथ ही, यह अनुष्ठान विद्यार्थियों को पढ़ाई के तनाव से मुक्ति दिलाएगा, उनके भीतर व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा तथा वायरसों को नष्ट करेगा और कालसर्प दोष का निवारण भी करेगा।

समिति अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल ने बताया कि गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर कोटा कोचिंग छात्रों के कल्याणार्थ मंदिर परिसर में भगवान श्री गणेश की गरुड़ पर सवार अत्यंत दुर्लभ एवं भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।

इस अनूठी प्रतिमा के हाथ में दर्शाए गए त्रिशूल के माध्यम से गणपति महाराज द्वारा विद्यार्थी जीवन में आने वाले तनाव व नकारात्मक वायरसों का संहार करते हुए दर्शाया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पक्षीराज गरुड़ उच्च दृष्टिकोण, दूरदर्शिता और तीव्र गति के प्रतीक हैं। गरुड़ पर विराजमान भगवान गणेश के इस स्वरूप का पूजन करने से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रतिष्ठा, यश, वैभव और निर्धारित लक्ष्यों में विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।

गणेश प्रतिमा का विसर्जन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के साथ 25 सितम्बर को प्रातः 10 बजे राधा कृष्ण मंदिर परिसर में निर्मित ‘पर्यावरण संरक्षण प्रहरी गणेश विसर्जन कुण्ड’ में किया जाएगा।

​108 जेड प्लांट का निशुल्क वितरण
​राधा-कृष्ण मंदिर समिति द्वारा धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। गणेश प्रतिमा विसर्जन के उपरांत बची हुई चरणामृत पवित्र रज से तैयार किए गए 108 गमलों में जेड प्लांट निशुल्क वितरित किए जाएंगे। मान्यताओं के अनुसार, जेडी प्लांट सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। जो वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक है। ​इन पौधों का वितरण नवरात्रा चतुर्थी, 14 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से श्री राधा कृष्ण मन्दिर परिसर, तलवण्डी में पंजीकृत छात्रों को किया जाएगा।