कोटा। Dashalakshana Mahaparva: कुन्हाड़ी स्थित अतिशयकारी चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में 16 से 25 सितंबर तक दशलक्षण महापर्व का आयोजन विवर्धनसागर महाराज एवं प्रवर्तक मुनि विश्वनायक सागर महाराज के सानिध्य में किया जाएगा।
मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा व मंत्री पंकज खटोड ने बताया कि मंदिर समिति के अनुसार प्रतिदिन प्रातः 5 बजे ध्यान, 6:30 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 8:30 बजे दशलक्षण विधान पूजन और 9 बजे प्रवचन होंगे। दोपहर 2 बजे तत्वार्थ सूत्र वाचन एवं व्याख्या होगी।
शाम को प्रतिक्रमण, भक्तामर पाठ, आचार्य वंदना और संगीतमय आरती होगी। रात्रि 8 बजे स्वाध्याय एवं प्रश्नमंच आयोजित होगा। 19 सितंबर को भगवान पुष्पदंतजी निर्वाण लाडू तथा 25 सितंबर को भगवान वासुपूज्यजी को निर्वाण लाडू चढ़ाए जाएंगे। अध्यक्ष राजेंद्र गोधा, महामंत्री पंकज खटोड़ एवं कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला ने समाजजनों से आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया है।
दशलक्षण महापर्व आत्मशुद्धि का अवसर
मंगलवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक मुनि विश्वनायक सागर महाराज ने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और धर्म साधना का अवसर है। श्रद्धालुओं को उत्तम क्षमा सहित दस धर्मों का पालन करते हुए जीवन में अहिंसा, सद्भाव और आत्मसंयम अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ आध्यात्मिक संस्कार भी दिए जाने चाहिए। किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुंचाना जैन धर्म की मूल भावना है।

