नई दिल्ली। Inflation Rate: खाद्य पदार्थों और ईंधन के दाम बढ़ने से अगस्त में खुदरा और थोक मुद्रास्फीति दोनों में इजाफा हुआ है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गई है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मध्यम अवधि के लक्ष्य 4 फीसदी से ऊपर बनी हुई है।
खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में 4.45 फीसदी थी। इस बीच, थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति भी अगस्त में बढ़कर 9.92 फीसदी हो गई जो जुलाई में 9.78 फीसदी थी। थोक मुद्रास्फीति का यह 20 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है।
जनवरी से लागू 2024 आधार वर्ष वाली नई श्रृंखला के बाद से अगस्त की खुदरा मुद्रास्फीति का यह आंकड़ा अब तक सबसे अधिक है। अगले महीने की शुरुआत में जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक होगी, तब नीतिगत ब्याज दरों पर फैसला करने में सीपीआई का यह बढ़ा हुआ स्तर एक प्रमुख कारक साबित होगा।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 5.23 फीसदी और और शहरी क्षेत्रों में 4.31 फीसदी रही। अगस्त में खुदरा खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 5.95 फीसदी रही। प्याज की महंगाई दर जुलाई के 22.54 प्रतिशत की तुलना में अगस्त में उछलकर 48.27 फीसदी पर पहुंच गई।
अगस्त में थोक खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 7.05 फीसदी हो गई, जो जुलाई में 6.65 फीसदी थी। विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़कर 8.37 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। ईंधन और बिजली में थोक मुद्रास्फीति अगस्त में बढ़कर 22.93 फीसदी पहुंच गई।

